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Hindi Sex Stories – anjali Ki Dusri Jaberdast Suhagraat

प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में मेरठ का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 23 है और में पिछले पांच सालों से लगातार कामुकता डॉट कॉम की सेक्सी कहानियाँ पढ़ रहा हूँ जो कि बहुत मजेदार होती है, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़ा आता है। मेरे लंड का साईज़ 6 इंच है, जो कि मोटा भी है और किसी को भी संतुष्ट करने के लिए बहुत है।

दोस्तों कुछ समय पहले मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती थी और उनका नाम अंजली था। जब उन्हें मैंने पहली बार देखा तो में तब से ही बस उनके सेक्सी जिस्म के बारे में ही सोचता था। पहली नज़र में ही वो मेरी आँखो में समा गई और तब से ही में मन ही मन उन्हें चोदने की बात सोचता था। फिर धीरे धीरे उनका परिवार हमारे परिवार के बहुत करीब आ गया और हमारे बीच बहुत सारी बातें होने लगी थी। वो भी हमारे घर आने जाने लगी थी और में भी कोई अच्छा बहाना बनाकर उनके घर पर चला जाता था और उनसे बहुत बातें किया करता था और इस तरह हम बहुत ही कम समय में एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये और फिर अपनी छुपी हुई बातें भी एक दूसरे से करने लगे थे। फिर उसके साथ में अब हम सेक्स की बातें भी करने लगे थे। फिर एक दिन उन्होंने मुझसे बातों ही बातों में अपनी सुहागरात के बारे में भी सब कुछ बताया, उन्होंने क्या क्या किया, कितनी बार चुदाई की।

दोस्तों वो चुदाई की बहुत प्यासी थी और वो बात उन्होंने मुझे कुछ दिनों बाद में खुद बताई, क्योंकि वो अपने पति के साथ हर दिन सेक्स किया करती थी। फिर कुछ दिनों बाद उसका पति कुछ दिन के लिए किसी जरूरी काम के सिलसिले में शहर से बाहर चला गया तो वो और ज्यादा मेरे करीब होने लगी। वो कभी मुझे अजीब से इशारे करती, जो मुझे भी अब थोड़े थोड़े समझ में आने लगे थे, लेकिन में अपनी तरफ से पूरा पक्का करना चाहता था, ताकि बाद में कोई आपत्ति ना हो जाए। अब मेरे मोबाईल पर उनके कुछ ज्यादा ही गंदे गंदे मैसेज आने लगे थे तो में भी उन्हें वैसे ही मैसेज करने लगा था और फिर हर रात को फोन पर हमारी बातें होने लगी और कुछ सेक्सी बातें भी हमारे बीच होती थी। फिर ऐसे ही दो दिन निकल गये, बस हमारी फोन पर बात होती और हम दोनों सेक्सी मैसेज भेजकर एक दूसरे को अपने मन की बात बताते थे, लेकिन पहले हम दोनों में से कोई भी शुरुआत नहीं करना चाहता ना तो में उनसे बोल सकता था कि में आपको प्यार देना चाहता हूँ और ना ही वो मुझसे सेक्स के लिए बोल सकती थी। हमारी बात दोनों तरफ से ही एकदम अधूरी थी और दोनों ही सेक्स के प्यासे थे, लेकिन एक दूसरे से कहने से बहुत डरते थे और में सोचता था कि वो कभी कुछ गलत ना मान ले और वो भी मेरे बारे में यही सोचती थी। एक दिन में उसके घर पर चला गया, तब वो घर पर एकदम अकेली थी और हम ऐसे ही बातें कर रहे तो हमारी यह बात सेक्स पर जा पहुंची और वो बातें करते करते थोड़ी उदास हो गई। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ भाभी? तब उसने मुझे सब कुछ बताया, क्योंकि तब तक हम सभी तरह की बातें एक दूसरे से करने लगे थे और तब मैंने उसे बताया कि में आपसे बहुत प्यार करता हूँ और आपको वो सब सुख दे सकता हूँ जो आपको चाहिए, हम दोनों एक दूसरे की ज़रूरत पूरी कर सकते है, लेकिन अगर आप चाहो तो? दोस्तों वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर तुरंत मान गई और फिर उसने मुझसे कहा कि तुम इस बात को बिल्कुल गुप्त रखना। फिर मैंने उनसे कहा कि आपके साथ साथ इस काम में भी शामिल हूँ और अगर बाहर किसी को पता चल गया तो हम दोनों की ही बहुत बदनामी होगी, इसलिए यह बात हमेशा हम दोनों के बीच में रहेगी और किसी तीसरे को कानो कान खबर नहीं होगी। फिर उन्होंने मुझे रात को अपने घर पर आने को कहा और मैंने भी ठीक है कहा और फिर मैंने उन्हें एक स्मूच किया और वहां से निकल गया और अब में अपने घर पर पहुंचकर बहुत बेसब्री से रात होने का इंतजार करने लगा था। मेरा एक एक मिनट एक दिन की तरह कट रहा था और रात को करीब 11 बजे उनका मेरे पास फोन आया। उसने मुझसे कहा कि तुम आ जाओ मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया है और में तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ।

फिर में बहुत खुश होकर तुरंत अपनी छत से उनकी छत पर चला गया। उसके बाद मैंने दरवाजे को हल्का सा धक्का दे दिया, उन्होंने अपना ऊपर का दरवाजा ऐसे ही अटकाया हुआ था, जिसकी वजह से मेरा हाथ लगते ही वो खुल गया और में अंदर चला गया। फिर में सीधा उनके बेडरूम में जा पहुंचा, जहाँ पर पहुंचकर मैंने देखा कि वो मेकअप करके बिल्कुल दुल्हन की तरह सजी हुई थी। फिर मैंने उससे पूछा कि यह सब क्यों? तब उन्होंने मुझसे कहा कि यह सब मैंने सिर्फ तुम्हारे लिए ही किया है। मैंने तुम्हें अपनी सुहागरात के बारे में पहले ही सब कुछ बता दिया था और उसी दिन मैंने मन ही मन सोच लिया था कि में अपनी दूसरी सुहागरात तुम्हारे साथ ही मनाउंगी और अपनी चूत को तुम्हारे लंड से चुदवाकर शांत करूंगी। दोस्तों में तो उनके मुहं से ऐसे शब्द सुनकर बहुत चकित हो गया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भाभी कभी मुझे यह सब शब्द भी कहेगी, लेकिन अब में वो सब सुनकर बहुत खुश हुआ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर हम एक दूसरे पर टूट पड़े। हम सबसे पहले किस करने लगे, जिसकी वजह से वो बहुत गरम होकर जोश में आ गई थी और थोड़ी देर किस करने के बाद मैंने उससे कहा कि आज तो हम इतने मज़े करेंगे कि तुम मुझे हमेशा याद रखोगी और में तुम्हें अपने बच्चे की माँ बनाऊंगा। फिर वो भी मुस्कुराते हुए मुझसे हाँ कहते हुए मेरे बच्चे की माँ बनने के लिए तैयार थी। उसके बाद मैंने उनके एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए और उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए, जिसकी वजह से हम दोनों ही बिल्कुल नंगे हो गये थे। अब में उनके सेक्सी जिस्म के हर एक हिस्से को चूसने लगा था और जब में धीरे धीरे चूमता हुआ उनकी चूत पर पहुंचा तो मैंने महसूस किया कि उनकी चूत पूरी गीली थी और अब मुझे बड़ा मज़ा आया और चूत को थोड़ी देर चाटने चूसने के बाद वो झड़ गई और में चूत रस को पीने लगा और फिर में दोबारा स्मूच करने लगा। करीब दस मिनट के बाद अब उनकी बारी थी तो उन्होंने तुरंत मेरा लंड पकड़ा और बड़े ही प्यार से अपने हाथ में लेकर आगे पीछे करने लगी और फिर उन्होंने लंड को अपने मुहं में ले लिया, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। में उस मज़े को शब्दों में नहीं बता सकता और कुछ देर बाद में उनके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरा सारा वीर्य पी गयी। मैंने फिर से उनके बूब्स चूसना शुरू कर दिया और धीरे धीरे काटने लगा और ऐसा करने से हम दोनों को ही बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन दोस्तों हमें भी पता नहीं था कि हम क्या कर रहे है? उतनी ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया तो उन्होंने मुझसे कहा कि अब ज्यादा देर मत करो प्लीज अब मेरी प्यास को बुझा दो जल्दी से अंदर डाल दो। फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर पर रख दिया और धीरे से धक्का देकर अंदर डालने लगा, तभी उनके मुहं से चीखने की आवाज़ निकल गई, अउउउहह आहहहहा उईईईईईई प्लीज थोड़ा और धीरे धीरे करो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है उफ्फ्फ्फफ् धीरे आहहहह, इसलिए मैंने धीरे धीरे धक्के दिए।

दोस्तों उनके कहने पर पहले तो मैंने अपनी स्पीड को बहुत कम रखा, लेकिन जब मुझे उनका दर्द कम होता हुआ महसूस हुआ तो में अपने धक्को को बढ़ाने लगा और अब में लगातार जोरदार धक्के देकर चुदाई करने लगा था और अब वो भी अपनी चूतड़ को उठाने लगी थी और मेरे साथ साथ अपनी चुदाई के पूरे पूरे मज़े लेने लगी थी। दोस्तों हमारी यह चुदाई करीब बीस मिनट तक चली और में उनके अंदर ही झड़ गया, लेकिन फिर भी में कुछ सेकिंड रुककर हल्के हल्के धक्के देता रहा और मैंने अपनी एक एक बूंद को उनकी चूत में डाल दिया, उनके चेहरे से मुझे उनकी संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी। दोस्तों उस रात को मैंने उन्हें चार बार चोदा और हर बार अपना पूरा वीर्य उनकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और ऐसे ही उन्हें तब तक उनका पति नहीं आया जब तक कभी रात को तो कभी दिन में चोदता रहा और उसके बाद भी मैंने उन्हें बहुत बार चोदा और उनकी चूत के बहुत मज़े लिए और अब वो मेरे बच्चे की माँ है, माँ बनने के बाद उनके बूब्स से दूध भी बहुत आने लगा है, इसलिए में अब जब भी मुझे कोई अच्छा मौका मिलता है तो उनके घर पर चला जाता हूँ और उनके बूब्स को अपने मुहं में लेकर उनका गरम गरम दूध पीता हूँ ।।

धन्यवाद …

Bhabhi Ne Jaberdasti Apni Chut Chatwaye

प्रेषक : सुरेश
हैलो, मैं सुरेश। मेरी उम्र २० वर्ष है। आपके लिये मै एक ऐसे स्टोरी लेकर आया हूँ जिसे पढकर आपका मन चोदने और चुदवाने का करने लगेगा। मेरे घर में चार भाई है और मेरे पिताजी है माँ का देहांत तब ही हो गया था जब मेरी उम्र ९ साल की थी। मेरे दो भाई मुंबई में सॉफ्टवेर इन्जिनेअर है जबकि सबसे बड़ा भाई हमारे
साथ ही जालंधर में रहता है। मेरे भाई की शादी हुई तो मैं बड़ा खुश हुआ कि जो माँ का प्यार माँ से नहीं मिला वह भाभी से मिल जायेगा। शादी के बाद भाभी हमारे साथ ही रहने लगी हम गाँव के सबसे बड़े परिवार से ह। पिताजी का धयान रखने के लिए नौकर तो था पर नौकर और घर के सदस्य में रात दिन का अंतर था। भाभी भी मुझसे मजाक किया करती।एक दिन की बात है मैं बाथरूम में नहाने जा रहा था तो मेने भाभी से मेरी अंडरवियर और बनियान मांगी। भाभी बोली कि देवर जी आप नहाना तो शुरू करो मैं ढूँढकर लाती हूँ मैंने कहा ठीक है जब मैं नहा लिया और मैं केवल एक पतला सा टॉवेल लपेटकर खडा था तभी भाभी आई और बोली कि लो अपने अंडरवियर लो यह कहकर वो दरवाजे के बहार खड़ी होकर दूर से अपना हाथ दिखा रही मेने भाभी से अंडरवियर लेने के लिए जैसे ही दरवाजा खोला भाभी ने दरवाजे में जोर से धक्का दिया और मेरे बाथरूम में घुस आई और मेरी कमर पर गुदगुदी करने लगी।

इस मजाक में वह हो ही गया जिसका मुझे डर था मेरा टॉवेल खुल गया और भाभी के हाथ में मेरा लिंग आ गया इसी बीच मैं शर्म के मारे बाथरूम से नंगा बाहर निकल कर भाग गया क्यूंकि उस समय घर पर मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं था इस बात पर मैं भाभी से इतना नाराज़ हुआ कि पूरा दिन बोला नहीं। पर शाम को वह मुझसे बोली कि सुरेश तुम मुझसे नाराज़ हो क्या तो मेने अपनी नाराजगी तोड़ते हुए न कहा दिया। अगले दिन जब मैं पढ़ाई कर रहा था तभी भाभी मुझसे बोली कि सुरेश मैं नहाने जा रही हूँ तुम कल की बात का बदला लेने की कोशिश मत करना, तो मैं बोला नहीं भाभी मैं तो उस बात को कबका भूल चूका हूँ।

तभी नहाते हुए भाभी बोली कि सुरेश मुझे एक साबुन लाकर दो मेरा साबुन खत्म हो गया है मैं बोला अभी तो मैं दुकान जाकर साबुन नहीं ला सकता। भाभी बोली कि दुकान से लाने को थोड़े ही कह रही हूँ, मेरे ड्रोर में रखा वहीं से ला दो। जैसे मैं साबुन लेकर आया तो भाभी दरवाजे में से मुह निकालकर झांक रही थी तो जैसे ही मैंने जैसे ही हाथ बढाया तो भाभी ने साबुन लेने के बहाने मेरा हाथ पकड़ कर खींच लिया और मैं बाथरूम में गिरने लगा तो भाभी ने हाथ पकड़कर मुझे संभाला तभी मेरा हाथ उनकी चूत पर पड़ गया। मैंने देखा कि भाभी बिलकुल नंगी खड़ी थी और उनके बूब्स बहुत बड़े थे और उनके निप्पल गुलाबी रंग के थे और उनकी चूत पर बहुत बड़े बाल थे और उन बालो के कारण चूत भी ठीक से नहीं दिख रही थी।

तभी मुझे अपन पेंट में कुछ रेंगने का अनुभव हुआ मैंने देखा जब तक तो भाभी मेरे पूरे कपडे (पेंट, अंडरवियर) दोनों उतार चुकी थी्। मैं भाभी के सामने बिलकुल निवस्त्र खडा था और भाभी मेरे लंड को बड़े मजे से चूस रही थी तभी भाभी ने नीचे लेट कर पोसिशन ६९ में आ गयी और अब वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनकी न चाह कर भी उनकी बालो वाली चूत चाट रहा था थोडी देर बाद वह उठी और मुझसे अपना ७’ लंबा लंड मेरी चूत में डालने को कहने लगी

मैंने जैसे ही अपना लंड भाभी की चूत पर रख कर जोर से धक्का दिया वह भाभी की चूत में न जाकर वहां से फिसलकर पीछे की और सरक गया फिर भाभी बोली जानू ऐसे नहीं और फिर वह साबुन उठाकर अपने हाथ पर लगाकर मेरे लंड पर रगड़ने लगी फिर उसके बाद उन्होंने उतना ही साबुन अपनी चूत पर लगा दिया और फिर बोलीं कि जान अब धक्का दो जैसे ही मैंने जोर से एक धक्का दिया वह चिल्ला पड़ी आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईईइह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फिर मैंने एक और झटका देकर पूरा लंड भाभी की चूत में समां दिया और अब उनका और मेरा शरीर आपस में रगड़ने लगे उस दिन भाभी ने मुझे जिन्दगी मैं पहली बार सेक्स करना सिखाया

लेकिन उस सेक्स के बाद मुझे उस गलती पर बड़ा पछतावा हुआ और मैंने भाभी के कितना भी उकसाने पर ये गलती न दोहराने का संकल्प लिया। एक दिन जब मैं बाज़ार सामान लेने गया तो मुझे रास्ते जाकर ध्यान आया कि मैं पैसे लाना तो भूल गया हूँ। जैसे ही मैं घर पैसे लेने वापस आया तो देखा कि भाभी एक नौकर के साथ चिपकी हुई थी मुझे देख कर वह दूर हट गयी और फिर नौकर मुझे देख कर चला गया तभी मैंने भाभी से पूंछा तो वह कहने लगी कि तुम्हारे भैया तो बस काम के कारण बाहर ही रहते है उन्हें तो मुझे संतुष्ट करने का तो उन्हें कोई ख्याल नहीं रहता और तुम भी मेरे साथ एक बार सेक्स करके ही रह गए अब तुम ही बताओ ऐसे में मैं क्या करूं

वह बोली तुम्हे तो मेरे साथ …….. ऐतराज़ है मै बोला ऐतराज नहीं है मैं इस काम को पाप समझता हूँ वह बोली कि तुम मुझे इस तरह खु्श करो कि तुमसे पाप भी न हो और मुझे मजा भी आ जाये। मैं बोला क्या सच में ऐसा हो सकता हैं वह बोली कि हाँ क्यूँ नहीं तो मैंने कह दिया ठीक है वो मुझे कमरे मैं ले गयी और मेरे होठ चूमने लगी तो मैंने मना किया तो वह बोली कि मैं तुमसे तुम्हारा लंड अपनी चूत में डालने को तो नहीं कह रही हूँ फ़िर उन्होंने मेरे पूरे कपडे उतार दिए फिर अपने कपडे भी उतार कर बैठ गयी और मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगी तभी मेरी नज़र उनकी चूत पर गयी आज वह बड़ी सुंदर और चिकनी दिख रही थी अब मुझसे नहीं रहा गया और मैं अपना संकल्प भूलकर पोसिशन ६९ में आकर भाभी की चूत चाटने लगा।

फिर भाभी ने मुझे उठाकर मेरा मुंह अपने बूब्स पर रख दिया फिर मैंने दोनों स्तनों से नीचोड़ नीचोड़ कर स्तनपान किया और कुछ देर बाद भाभी की दोनों टांगें विपरीत दिशा में करके उनकी चूत पर लंड फेरने लगा भाभी के मुह से आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊउह्ह्ह्ह्ह ईईईह्ह्ह्ह्ह्ह निकल पड़ा तभी मैंने भाभी की चूत पर एक जोर से झटका मारा तो भाभी और तेज़ और तेज़ कह कर मेरा साथ देने लगी मेरा जोश यह सुनकर दुगना हो गया फिर भाभी और मैं एक साथ स्खलित हो गए उस दिन मुझे पहली बार से भी ज्यादा आनंद आया अब भाभी और मैं जब भी हमें मौका मिलता है तब यह खेल खेलते है।

धन्यवाद

Sasurji Ka Mota Garam Lund Chut Ke Andar

मेरा नाम  अनुराधा है और मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ. मेरी उम्र 24 साल है. यह बात एक साल पहले की है मेरी शादी को 28  महीने हो चुके थे पर अभी तक कोई बच्चा नहीं है. मेरे पति एक कंपनी में काम करते हैं और वे काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाते रहते हैं. मेरी सास नहीं हैं केवल घर में मेरे ससुर हैं वो फ़ौज़ से रिटाइर हुए हैं. बच्चा ना होने से हमारे घर का माहोल सदा सूना ही रहता है हमने चेकअप भी कराया है. रिपोर्ट में मेरे पति में कमी आई है लेकिन मेरे पति यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि उनमें कोई कमी है. वो कहते हैं समय आने पर बच्चा हो जाएगा. लेकिन मैं और मेरे ससुर चिंतित रहते हैं. मेरे ससुर तो कई बार मुझसे पोते की ज़िद कर चुके हैं और कह चुके हैं की मुझे पोता हर हाल में चाहिए. इस समस्या का समाधान करने की मैने एक प्लॅनिंग की. मैने सोचा क्यों न मुझे अपने ससुर से ही बच्चा पैदा करवाना चाहिए. इसके लिए मैं मौके की तलाश में रहने लगी.
एक दिन मेरे पति काम के सिलसिले में दो दिन के लिए बाहर गये. मैं इसी मौके की तलाश में थी. जबसे मेरी शादी हुई है तबसे मैं देख रही हूँ की मेरे ससुर अक्सर मुझे गन्दी निगाहों से घूरते रहते हैं मैं शरमा कर सर नीचे कर लेती हूँ. मैने उनकी नज़रों में हवस देखी है. उस दिन मैं रसोई में रात का खाना बना रही थी ससुरजी अपने कमरे में थे. तभी मैं दर्द का बहाना बना कर चिल्लाने लगी. ससुरजी दौड़े- दौड़े आए और बोले क्या हुआ बहू. मैं बोली पिताजी कमर में मोच आ गयी है अब क्या होगा. वो बोले चिंता की कोई बात नहीं बहू मैं हूँ ना. मैं बोली पिताजी खड़ा नहीं हुआ जा रहा है. वो बोले मैं तुम्हे कमरे में ले चलता हूँ. ऐसा कहकर उन्होने मुझे कमर से पकड़ा और मुझे बेडरूम की तरफ ले कर चलने लगे. उनके हाथों के स्पर्श से मैं उतेज़ित होने लगी. चलते-चलते मेरा हाथ उनके पायजामे में लंड से छू गया मैंने हड़बड़ा कर हाथ हटा लिया. उनकी होठों पर हल्की सी मुस्कान आ गयी. मैं समझ गयी की उन्हे भी यह अच्छा लगा.
उन्होने मुझे बेड पर लिटा दिया और बोले मैं डॉक्टर को बुलाता हूँ. मैं बोली पिताजी मेरी अलमारी में तेल की शीशी रखी है यदि आपको कोई ऐतराज न हो तो आप मेरी कमर पे लगा दीजिए मुझे उससे आराम हो जाएगा. वो बोले क्यों नहीं मैं अभी लगता हूँ. ऐसा कहकर वो तेल की शीशी ले आए.
वो बोले बहू तुम पेट के बाल लेट जाओ मैं तेल लगा देता हूँ. मैं पेट के बाल लेट गयी. मैं बोली पिताजी मेरी साड़ी उतार दीजिए नहीं तो इसमे तेल लग जाएगा. वो ये सुनकर हड़बड़ा गये और बोले तुम ही उतार लो बहू. मैं बोली मुझसे हिला नहीं जा रहा है आप ही खोल दीजिए ना. वो अपना हाथ मेरी कमर पर लाए और साड़ी खोलने लगे मैं पेट के बल उचक गयी जिससे साडी आराम से निकल जाए. अब मैं केवल पेटिकोट और ब्लाउज़ में थी. मैने कहा पिताजी मेरे ब्लाउज़ के हुक खोल कर तेल लगाइए ना. उन्होने ब्लाऊज़ के हुक खोले और तेल लगाने लगे. उनके हाथों के स्पर्श से मैं उत्तेजित हो गयी तभी मेरी नज़र उनके पाइज़ामे पर पड़ी मैने देखा की उनका लंड खड़ा हो गया है वो किसी तरह उसे शांत कर रहे थे मैं यह देख कर मुस्कराने लगी. मैं बोली पिताजी पायज़ामा उतार दीजिए नहीं तो तेल लग जाएगा. वो बोले हाँ बहू तुम ठीक कहती हो ऐसा कहकर उन्होने पायज़ामा उतार दिया अब वो सिर्फ़ नेकर में थे.
वो मेरी कमर पर तेल लगाते हुए बोले बहू पूरी कमर पर नहीं लग रहा है मैं बोली मेरी ब्रा के हुक खोल दीजिए उन्होने काँपते हुए हाथो से मेरी ब्रा के हुक खोल दिए मैने ब्रा को अलग कर दिया. अब उनका हाथ मेरी चुचियों तक जाने लगा उनके स्पर्श से मैं उत्तेजित हो गयी और बोली पिताजी थोड़ा और नीचे तक लगाइए ना. वो बोले नीचे पेटिकोट है हाथ नही जा रहा है. ऐसा सुनकर मैने पेटिकोट कन नाडा खोल दिया और बोली की अब जितनी इच्छा हो पेटिकोट नीचे कर लीजिए. ऐसा सुनकर वो खुश हो गये और मेरा पेटिकोट घुटनों तक नीचे कर दिया. अब मैं उनके सामने पेंटी में थी. मुझे शर्म भी आ रही थी. अब वो मालिश करते-करते अपने हाथ को मेरी पेंटी के अंदर डाल देते और मेरे चूतड़ो को मलने लगते. मेरी चूत गीली हो गयी.
अब वो धीरे-धीरे मेरे पेटिकोट को नीचे करते गये और फिर उन्होने उसे निकल दिया मैने कुछ नहीं कहा. अब वो मेरी टांगो पर भी तेल लगाने लगे. अब उनके हाथ मेरी गांड तक जाने लगे. और पता नहीं कब उन्होने अपना नेकर उतार दिया उनका लंड मेरे चूतडो को छूने लगा. फिर उन्होने मेरी पेंटी भी उतार दी और मेरे उपर लेट कर बोले बस बहू अब और नहीं सहा जाता अब तो अपनी चूत दे दो. मैं बोली पिताजी चूत मरवाने के लिए ही तो ये सब नाटक किया है. वो बोले सच मैने कहा हां .ऐसा कहकर उन्होने मुझे पलट कर सीधा कर दिया. अब मेरी चूत उनके सामने और उनका लंड मेरे सामने था. वो मेरी चूत को देख कर बोले ऐसी मस्त चूत मैने पहले कभी नहीं देखी. क्या मस्त माल है फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे.  आप यह कहानी सेक्स समाचार डॉट कॉम पर पढ़ रहे है .  मेरी सिसकियाँ निकलने लगी. फिर मैं उठकर उनका लंड मुँह में भर कर चूसने लगी. वो मेरे चुचे दबाने लगे. मैं उत्तेजित हो कर बोली ससुर जी अब देर ना करो लोहा गरम है ठोक दो मेरी चूत अपने लंड से.
उन्होने मुझे सीधा लिटाया और मेरी टाँगे फैला दी अब अपने लंड को मेरी चूत के मुँह पर लाकर ज़ोर का धक्का मारा की लंड का सूपड़ा अंदर चूत को चीरता हुआ घुस गया. मैं दर्द से बिलबिला पड़ी मैं चीखने लगाई हाय मरी…..फट गयी मेरी उह……छोड़ो आह…… ससुर जी कहाँ रुकने वाले थे उन्होने धक्का मारना चालू रखा थोड़ी देर में सारा लंड अंदर घुस गया. मैं बोली आपने फाड़ डाली इतना मोटा लंड है जैसे किसी सांड़ का हो. वो बोले बहू तेरी चूत भी बड़ी टाईट है मेरा लंड फँसा हुआ है फिर उन्होने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए अब मुझे मज़ा आने लगा मैं बोली फाड़ डालो मेरे बलम मेरी चूत आह…. उई…. आईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आहह……………मारो मेरी चूत फाड़ डालो अपने लंड से मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनूँगी वो बोले क्या चूत है ओह……आह…..उह…….वो बोले ऐसी चूत तो तेरी सास की भी नहीं थी मुझे पता होता की मेरी बहू की ऐसी मस्त चूत होगी तो तुझे ब्याह के पहले ही न ले आता. मैं बोली मुझे पता होता की मेरे ससुर का सांड जैसा लंड है तो मैं आपसे ही शादी करती. कमरे मै  च….. खच….. पच…… फ़चफ़च……….. फ़चाफ़च…..की आवाज़ें गूंजने लगी. वो बोले अब तो तेरी ही चूत मारा करूँगा बहू बोल मरवाएगी ना. मैं बोली अब तो मैं आपकी हूँ जब चाहो मुझे चोद लिया करो बालम. थोड़ी देर बाद ससुर ने अपना वीर्य मेरी चूत में डाल दिया और मुझे पेट से कर दिया.
अब वो मेरी गाँड पर तेल लगाने लगे मेरी ना नुकर के बाद भी उन्होने अपना लंड मेरी गाँड में डाल कर मेरी गाँड भी मारी. मुझे भी गाँड मरवाने में बड़ा मज़ा आया. अब तो हर रोज़ चोदम-चुदाई का खेल खेलते है. अब मैं अपने ससुर ही चुद्ती हूँ. 9 महीने बाद मैने एक लड़के को जन्म दिया मेरे पति खुश है की वो बाप बन गये लेकिन मैं ही जानती हूँ कि यह बच्चा तो मेरे ससुर का है.
आशा है आपको मेरी सच्ची कहानी पसंद आएगी. रिप्लाई जरुर करे …
धन्यवाद …

Papa Ne Maussi Ko Jaberdasti Choda – Hindi Sex Stories

प्रेषक : अदिति ..

हेल्लो दोस्तों.. मेरा नाम अदिति है और मेरी उम्र 26 साल है और अब कहानी की शुरुआत करती हूँ। बात अब से 6 साल पहले की है.. जब मेरी मम्मी हॉस्पिटल में भर्ती थी.. उनको बेबी होने वाला था तो घर में काम करने के लिए मौसी को बुलवा लिया था और उनकी उम्र तब 34 साल के करीब थी.. वो मोटी और गोरी थी और वो घर का काम आते ही निपटाने लगी। एक दिन यूँ ही बीत गया और अगले दिन वो काम निपटाकर रात में सोने के लिए मेरे बगल आकर लेट गई। मेरे पीछे पापा और आगे मौसी लेटी थी.. में हमेशा से किनारे की तरफ़ सोती थी। मैंने मौसी से कहा कि आप बीच में आ जाओ.. में किनारे मे सोती हूँ वरना में सो नहीं पाऊँगी। मौसी मान गई.. मौसी थोड़ी मोटी है तो उन्हे सोने के लिए ज़्यादा जगह चाहिये होती है.. शायद इस कारण वो पापा के करीब तक पहुँच गई थी।

फिर मौसी कुछ देर तो लेटी रही । फिर वो उठकर गई और 5 मिनिट बाद वापस आई तो उन्होनें मम्मी की मेक्सी पहन रखी थी.. वो साड़ी बदल कर आई थी और वो अपनी जगह में लेट गई तो में लगभग सोने वाली थी.. तभी मुझे मौसी की हल्की सी आवाज़ सुनाई दी.. वो कह रही थी कि हटिये थोड़ा हाथ हटाइये। मैंने चुपके से देखा तो पापा का हाथ उनकी कमर में रखा तो पापा ने हाथ हटा लिया। थोड़ी देर बाद वो फिर बोली ये सब क्या है जीजाजी.. आप क्या कर रहे हो। बार बार की आवाजों से मेरी नींद गायब हो गई थी.. में भी ध्यान से देखने लगी कि क्या हो रहा है।

कुछ ही देर मे पापा ने अपनी टांग आगे करके मौसी को फंसा लिया और मौसी कसमसाने लगी.. वो कुछ बोलने के लिए पापा की तरफ मुड़ी तो पापा जैसे इसी के इंतजार में थे। उनके मुड़ते ही पापा ने उनको चूम लिया.. मौसी उनको खुद से दूर हटाने लगी लेकिन पापा ने मजबूती से पकड़ रखा था। पापा ने मेक्सी को ऊपर किया तो मौसी ने उनके हाथ को पकड़ लिया। पापा बोले रेणु तुम जानती हो 2 महीने हो गये.. तुम्हारी दीदी ने करने नहीं दिया तो तुम थोड़ा सा कर लेने दो। फिर तुम्हे भी तो उनकी कमी लग रही होगी.. मौसी बोली नहीं जीजाजी ये ग़लत है तो पापा बोले कुछ ग़लत नहीं है.. हमें अपनी ज़रूरत पूरी करना है.. हम लोगों को फिर कौन सा रोज रोज करना है। मौसी बोली नहीं, आप समझो.. तो पापा बोले में समझ रहा हूँ.. तभी तो कह रहा हूँ और इतना कहकर वो मौसी के उपर चड़ गये और उनको चूमने लगे तो मौसी अपना मुँह यहाँ वहां करने लगी और वो चुप हो गई और पापा ने उनको चूमना जारी रखा।

अचानक से मौसी पापा के साथ किस करने लगी। पापा ने मेक्सी को पूरा पलट दिया और उनकी पेंटी को उतार दिया.. मौसी नीचे से नंगी हो चुकी थी। पापा ने उनकी चूत को हाथ से सहलाया तो वो उनका हाथ पकड़ने लगी। पापा बोले हाथ हटा, हाथ हटा रेणु.. तुम्हारी चूत कितनी मोटी है तो मौसी बोली कि आपका लंड भी तो कितना बड़ा है तो पापा ने पूछा कि तुम्हे किसने बताया तो मौसी बोली.. दीदी ने बहुत पहले बताया था कि उनका काफ़ी बड़ा है। में तो झेल नहीं पाती.. ऊपर से काफ़ी देर तक करते है। पापा हँसे और बोले कि ओह तो ये बात है.. वैसे रेणु तूने पीछे से किया है तो मौसी बोली मतलब.. तो पापा ने कहा कि तुमने गांड मरवाई है। मौसी बोली हाँ वो अक्सर गांड चोदते है। तो पापा बोले तब तो मजा आ जायेगा.. में भी गांड मारूंगा। मौसी कुछ नहीं बोली और पापा ने उनकी चूत मे मुँह लगाकर चाटना चालू किया तो मौसी ने उनको अपनी जाँघो मे लपेट लिया और कुछ देर तक चूमने के बाद पापा ने उनकी चूत मे उँगलियाँ डाल दी और हिलाने लगे.. मौसी आ आ आ करने लगी। पापा उठे और उनको पलट दिया। कूल्हो को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे और बोले कि रेणु तुम्हारे कूल्हे कितने जबरदस्त है और उनके कूल्हो को बीच से खोलकर पापा उनकी गांड को चाटने लगे। दोस्तों ये कहानी आप Indiansex.host पर पड़ रहे है।

मौसी बोली ये क्या कर रहे हो आप? उन्होंने कभी यहाँ ऐसे नहीं चूमा.. बस सीधे डाला है। पापा हा उ हा उ स स स कहते रहे और उपर से हटे और उनके मुँह के पास आकर अपना लंड निकाल कर बोले.. चूसो इसे। मौसी बोली कि अरे ये इतना बड़ा है तो दीदी कैसे लेती होगी.. पापा बोले सब ले लेती है.. तुम ज़रा मुँह में तो लो.. फिर वो बोली नहीं.. मुझे ये पसंद नहीं। पापा ने कहा प्लीज थोड़ा सा लो ना.. ऊपर से किस ही कर लो तो मौसी किस करने लगी.. बीच मे एक बार तो वो चूसने ही लगी थी। फिर पापा ने गद्दे के नीचे से कन्डोम निकाला और पहनने लगे और मौसी की टांगो के बीच मे जाकर उनकी चूत मे लंड रगड़ने लगे.. मौसी कुछ नहीं बोल रही थी।

अचानक पापा ने लंड डाला तो वो आईईईई करने लगी। पापा ने कहा इतना ठीक है या और अंदर करूँ और मौसी बोली थोड़ा और अंदर कर लो.. पूरा नहीं ले पाऊँगी.. उनकी तो आखे बंद थी। लाईट जलने के कारण सब साफ दिख रहा था। उन लोगों को यह अहसास ही नहीं था कि में वहां लेटी हूँ और उनको देख रही हूँ। कुछ देर बाद पापा ने पूछा थोड़ा और डालूं तो वो बोली हाँ डाल दो तो पापा ने कहा कि अब नहीं क्योंकि तुम तो पूरा ले गई। मौसी चौंक गई और नीचे की तरफ देखने लगी.. पूरा लंड अंदर देखकर वो शरमा गई और मुँह मोड़ लिया तो पापा ने चोदना चालू कर दिया। तप तप तप च्प च्प च्प की आवाज़ आने लगी। मस्त चुदाई हो रही थी.. मौसी को मज़ा आने लगा तो वो हा हा हा हा हा और करो कहने लगी। पापा दनादन चोद रहे थे.. मौसी भी उपर उठ उठकर चुदवा रही थी। पापा ने अपना लंड निकाला और मौसी को पलट दिया। उनके मोटे मोटे कूल्हो को खोलकर बीच में थूक दिया.. तभी मौसी बोली कि बहुत बड़ा है आराम से करना तो पापा बोले लंड कितना भी बड़ा हो रानी.. गांड में उसकी जगह बन जाती है।

पापा ने गांड मे लंड सटाया.. फिर हटा लिया फिर सटाया और दबाते चले गये। मौसी के कूल्हे बड़े बड़े थे तो पूरा लंड अंदर नहीं जा पा रहा था.. पापा ने उनको पकड़ा और थोड़ा ऊपर किया तो मौसी बिल्कुल खरगोश जैसी बन गई। फिर पापा ने इस बार ढंग से लंड लगाया और धक्का मारा। मौसी ने अपना सर उपर की तरफ किया और ज़ोर से आईई बोली.. अगले ही पल एक और जोरदार झटका दिया और पापा ने पूरा लंड उनकी गांड मे पेल दिया। पापा ने उनको चोदना जारी रखा.. वो आह आह आह आह सी उंह मुहमहूमहूँ कहने लगी.. अब बस पापा कहाँ सुनने वाले थे और वो उनकी साली जो ठहरी। पापा बोले.. चोदने दो मज़ा आ रहा है साली और जल्दी जल्दी गांड चोदने लगे। मौसी उूउउ उउउ नहीं नहीं नहीं नहीं.. अब नहीं कहती रही लेकिन पापा ने उनकी हालत खराब कर दी.. फिर पापा ने अचानक से गांड से लंड निकाला और चूत में डालकर बहुत तेज़ी से चोदने लगे।

कुछ ही देर में वो मौसी से ज़ोर से लिपट गये और ये देखकर लग रहा था कि मानो वो कोई पति पत्नी हो। थोड़ी देर यूँ ही लिपटे रहने के बाद वो अलग हो गये। मौसी ने टावल से अपने शरीर को पोछा और मेक्सी ढंग से पहन ली और पापा ने भी अपने कपड़े पहन लिए और लेट गये। मौसी से चिपक कर बोले कि रेणु मज़ा आ गया। तो मौसी बोली कि मज़ा तो मुझे भी आ गया। दोनों फिर लिपट गये और फिर पापा ने लाइट ऑफ कर दी। कुछ देर शांति रही और में सो गई ।।

धन्यवाद …

Sex Stories – दोस्त की वर्जिन बहन की चूत चुदाई फ्लैट में

मेरे दोस्त विपिन की बहन तानी मेरी फेसबुक फ्रेंड थी और मेरी कविताओं से बड़ी ही प्रभावित थी, होने को तो तानी मुझसे पांच बरस छोटी थी लेकिन वो अब कॉलेज की क्वीन थी और दिखने में इतनी क्यूट की कोई भी तानी पर मर मिटे. लेकिन तानी तो मुझ पर मर मिटी थी, दरअसल वो स्कूल टाइम से ही मेरी फेसबुक फ्रेंड बन गयी थी और मेरे लिखे शेर और कवितायेँ उसको काफी पसंद आते थे और जाने कब तानी के दिल में मैं घर कर गया. मुझे भी इसका बी=पता तब चला जब तानी के घर में मेरी बात हो रही थी और विपिन नए बताया की मेरे लिए एक लड़की का रिश्ता आया है जो एक्स मिस चंडीगढ़ रह चुकी है. तानी नए मुझे फेस बुक पर मेसेज कर के कहा “आप शादी कर रहे हो” तो मैंने भी मज़ाक में कह दिया “तुम कहो तो ना करू” उसका जवाब आया “मैं कह रही हूँ प्लीज़ मत करो ना”. हालाँकि मुझे ये सब विपिन को बता देना चाहिए था लेकिन जितनी उनकी फैमिली नामचीन और रईस थी उतनी ही पुराने ख्यालों की भी थी सो कहीं तानी को कोई शर्मिंदगी ना उठानी पड़े इसलिए मैं चुप रहा.

अगले ही दिन तानी का कॉल आया और वो बोली “डिम्पी मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ” मैं हैरान क्यूंकि जिस लड़की नए मुझे आप से नीचे नहीं पुकारा वो आज मेरा नाम ले रही थी और तू तडाके से बात कर रही थी, मैंने कहा “तानी तू भूल रही है तू किस से बात कर रही है” तो तानी नए कहा “मैं जानती हूँ तुम मेरी जान हो और मेरे ही रहोगे और हाँ चुपचाप मिलने आजाना और मेरे घर वालों या किसी को भी कुछ मत बताना”. मैं थोड़ी देर सोचता रहा और मैंने तानी को फ़ोन कर के कहा तेरे कॉलेज के बाहर हूँ आजा” तानी आई और उसने मुझे अपनी बाइक वहीँ पार्क करने को कहा और मुझे पानी कार में बिठा कर ले गयी. वो हाईवे पर जा रही थी और मेरी गांड फट के गुडगाँव हुई जा रही थी, मैं कहा “तानी कहाँ जा रहे हैं” तो बोली “बैठे रहो आज हम अकेले हैं और खुश हैं” फिर उसने जगजीत सिंह की ग़ज़लें लगा दी जो मेरी भी फेवरेट थीं.

तानी नए गाड़ी को कच्चे में उतार दिया जहाँ उसके पापा नए फ्लैट्स बना रहे थे, वहां पहुँच कर उसने चोव्किदर को गाड़ी की चाबी दी और कहा “सैंपल वाला फ्लैट रेडी है साहब को दिखाना है” चोकीदार ने मुस्कुरा कर दरवाज़ा खोल दिया और तानी मुझे सैंपल फ्लैट में ले गयी. ये फ्लैट पूरी तरह साफ़ सुथरा सजा धजा था और हर सामान ऐसे करीने से लगा हुआ था जैसे यहाँ आ कर बस रहना शुरू कर दो. तानी नए मुझे ड्राइंग रूम में बिठाया और बात शुरू की “देखो डिम्पी मैं बचपन से सिर्फ तुम्ही से प्यार करती हूँ और तुम्हारे बिना मर जाउंगी” मैंने  समझाया पर उसने मेरी एक ना सुनी और मुझ पर कूद पड़ी मैंने उसे हटाने की कोशिश भी की लेकिन तानी की खुशबु और उसके जिस्म की छुं से मैं पगला गया था और उसका साथ देने लगा.

तानी मुझे ड्राइंग रूम से बेडरूम में ले गयी और बोली “आज मैं तुम्हे अपना बना कर ही मानूंगी और तुम उस मिस एक्स चंडीगढ़ को भूल जाओगे”. बेडरूम में जा कर तानी और वाइल्ड हो गयी और उसने मेरे शरीर को ऐसे चूमना शुरू किया जैसे मैंने कोई स्वर्ग से उतरा हूँ, मैं भी तानी की रौ में बह गया और उसके कपडे उतारने लगा. उसका वो दुधिया जिस्म वो कमाल की मुस्कान और वो सेक्सी आवाज़जो तभी निकलती थी जब वो मूड में होती थी सब कितना मदहोश कर देने वाला था. तानी के कपडे उरने के बाद उसका चाँद जैसा बदन मेरे आगोश में था और वो हुस्न की मलिका मेरे जिस्म से खेलने को आतुर थी, मैंने तानी के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होठों को चूमा और खूब चूसा और तानी भी मेरे होठों और जीभ को चूस रही थी. उसका ये सेक्सी रूप देखने लायक था.

हम दोनों बेड पर पड़े एक दुसरे के जिस्म से ऐसे खेल रहे थे जैसे ये सेक्स ना हो कर बचपन का कोई खेल हो, तानी नए मेरे लंड को सहला सहला कर इतना तो होश में ला ही दिया था कि मैं उसकी चूत को धन्य कर सकूँ लेकिन वो नहीं मानी और उसने अपने मुंह में मेरा लंड ले कर उसकी वो चुसाई की जो आज तक किसी ने भी नहीं की थी. मैंने तानी को सीधा लिटाया और उसकी टांगों को चौड़ी कर के उसकी चूत जिस पर एक भी बाल नहीं था घुसा दिया तो तानी की चीख निकल गई और वो बोली “देखो डिम्पी मैं कहा था ना मैं तुम्हारे लिए ही सब कुछ संभाल रखा है, अब आज इस चमन को तुम्ही गुलज़ार  करोगे” वो बिलकुल मेरी कविताओं वाली भाषा में बात कर रही थी. मैंने तानी को वो जमकर चोदा की उसकी चूत में से खून निकल आया लेकिन उसने कहा “डरो नहीं मैं सब चेंज करवा दूंगी और किसी को कुछ नहीं पता लगेगा” तानी खून निकलने के बावजूद बस चुदे जा रही थी और अंततः झड़ भी गयी हालाँकि मैं उसे फिर भी चोदना जारी रखा क्यूंकि ऐसी कमाल की चूत मिले और आप उसे अधूरे में छोड़ दो ये कहाँ का इन्साफ है.

तानी ने जमकर मेरा लंड लिया और फिर मेरे झड़ने तक एक और बार झड़ी और फिर मुझसे लिपट कर सो गयी, शाम होने पर उसने मुझसे फिर प्रणय निवेदन किया जिसे मैंने स्वीकार भी किया और उस से वादा किया की मैं उसी से शादी करूँगा और फिर से हमने चुदाई मचाई. इस घटना के लगभग छह महीनों तक तानी को मैंने अलग अलग जगहों पर अलग अलग तरीकों से चोदा और एक दिन जब उसके पिता नए उसकी सगाई उस से बिना पूछे कहीं और कर दी तो तानी ने अपननी नसें भी काट लीं लेकिन उसके पिता नहीं माने. उन्होंने मुझे सम्जहय और तानी की शादी कहीं और कर दी, शादी के बाद तानी ने मेरा मुंह देखना भी बंद कर दिया था लेकिन कुछेक महीनों बाद वो वापस चुदने आई और इस बार तो पहले से भी ज्यादा हॉर्नी तरीके से चुदी  और बोली “जब तक ममेरी जान में जान है मैं तुम्हारी ही रहूंगी फिर भले किसी की भी बीवी रहूँ और तुम भी मेरे ही रहना भले तुम्हारी भी शादी हो जाए”.

मौसी की चूत की सील तोड़ी

दोस्तों मेरा नाम राज है और में अहमदाबाद गुजरात का रहने वाला हूँ और मेरे परिवार में मम्मी, पापा और मेरी एक एक बहन है जिसकी अब शादी हो गयी है और वो अब अपने ससुराल चली गई है. दोस्तों मेरी उम्र 27 है और में अपने पापा के साथ उनके बिजनेस में उनका हाथ बंटाता हूँ. दोस्तों मुझे बचपन से ही सेक्स करना बहुत अच्छा लगता था. दोस्तों एक दिन में शाम को अपने घर पर आया तो मुझे मेरी मम्मी ने बताया कि तुम्हारी रचना मौसी आई हुई है और वो अब करीब एक तक हमारे घर पर ही रहेगी.

मैंने अपनी मौसी को हैल्लो कहा और फिर हम सबने एक साथ में बैठकर खाना खाया. उनसे बात करने के बाद हमारी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई और वो अब हर रोज़ रात को देर तक टी.वी. देखती और गपशप करती और फिर ऐसे ही करीब बीस दिन निकल गये. दोस्तों मेरी मौसी दिखने में ज़्यादा गोरी नहीं थी, लेकिन उनका बदन बहुत हॉट, फिगर सेक्सी और उसकी हाईट 5.3 और बूब्स थोड़े ठीक ठाक थे और बहुत आकर्षक लगते थे, मौसी की उम्र करीब 31 थी और वो अब तक कुंवारी थी, वो बारिश का मौसम था. (more…)

अंकल के साथ जबरदस्त हनीमून

हैल्लो दोस्तों, अंकल ने उस रात ट्रेन में हुई हमारी पहली मुलाकात में ही मुझे चार बार चोदा और हम दोनों ने बहुत मज़े लेकर उस पूरी रात अपनी सुहागरात मनाई फिर जब हम सुबह स्टेशन पहुँचे तो अंकल ने पहले से ही फोन करके हमारे लिए एक बहुत अच्छा सा होटल बुक कर लिया था. हमारे स्टेशन पर पहुंचते ही हमें होटल से एक गाड़ी लेने आई थी और हम थोड़ी देर में उस होटल में पहुँच गये और अंकल ने हमारे लिए एक हनिमून स्वीट रूम बुक कराया था. फिर जैसे ही हम होटल के रूम में पहुँचे तो अंकल ने रूम को तुरंत अंदर से बंद कर लिया और अब वो मुझे पीछे से पकड़कर मेरे बूब्स को अपने दोनों हाथों से ज़ोर ज़ोर से दबाकर निचोड़ने लगे और फिर मुझसे कहने लगे. (more…)

भाई से चुदाई खेत में

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शिखा है, में कॉलेज की छात्रा हूँ और पिछले महीने ही 19 साल की हुई हूँ। मुझे सेक्स के बारे में काफ़ी जानकारी है और मैंने पहले 4-5 बार सेक्स कर रखा है, मेरा फिगर 34-28-36 है और आप लोग समझ ही गये होंगे कि में कैसी दिखती हूँ, मेरी गांड एकदम गोल है और बूब्स भी एकदम टाईट है। हम यू.पी. के एक गावं में रहते है, मेरे पापा गावं के ज़मीदार है और खेती करते है। मेरे भाई की उम्र 20 साल है और वो Ist ईयर में ग्रेजुयेशन कर रहा है, वो देखने में काफ़ी स्मार्ट है और उसकी हाईट 5 फुट 7 इंच है। (more…)

चूत के दीवाने मौसाजी

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम पूजा है और मेरी उम्र 29 साल है और में जॉब करती हूँ। में आपको अपने साथ हुई एक सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ। मेरी हाईट 5 फीट 3 इंच है और मेरा साईज 34-28-40 है। ये बात तब की है जब में 19 साल की थी.. मेरे घर में मेरे मौसा जी और मौसी हमारे साथ में ही रहते थे। मौसा जी की उम्र उस वक्त 35 साल की होगी.. वो दिखने में बहुत सीधे लगते थे.. लेकिन उनकी असलियत मेरे ही सामने खुली। में उस समय जवानी की दहलीज पर थी.. मेरे बूब्स धीरे-धीरे बड़े हुए जा रहे थे और मेरे कपड़े छोटे होते जा रहे थे। हमारी स्कूल की ड्रेस एक नीली स्कर्ट और सफ़ेद शर्ट थी। शर्ट के अंदर ब्रा पहनने की मेरी आदत नहीं थी.. तो मेरे बूब्स का उभार साफ़ नजर आता था। कई बार मम्मी ने मुझे टोका भी था कि अंदर कुछ पहना कर लेकिन मैंने कुछ ध्यान नहीं दिया। (more…)

पापा की लाड़ली बेटी रूपा

हेलो मेरा नाम रूपा है और मेरी ऐज २१ इयर्स है. मेरी फिगर ३६सी – २८ – ३५ है और मैं अभी अनमैरिड हु. मैं आज आपको अपनी फर्स्ट सेक्स की स्टोरी बताने जा रही हु. मैं एक फ्लैट में रहती हु. जिसमे ४ बेडरूम और १ ड्राइंगरूम है. १ रूम मेरा है और १ मेरे भाई का और १ मदर – फादर का है और एक गेस्ट रूम है. जब मैं ११थ स्टैण्डर्ड में थी, तब से मैं पोर्न मूवी देखती थी और पोर्न मूवी देखते हुए मास्टरबेट भी करती थी.

मैं कई बार अपनी चूत में ऊँगली डाल कर झडती थी और कभी गाजर, ककड़ी और मुली या बेलन डाल कर अपनी वासना को शांत करती थी. लेकिन इस से मेरी भूख और भी बढ़ने लग जाती थी. मैं १२थ स्टैण्डर्ड में थी, तब मेरी नानी की तबियत बहुत ख़राब हो गयी और इस वजह से मेरी माँ उनके वहां कुछ दिनों के लिए रहने गयी. मेरा भाई इंजीनियरिंग में पड़ता था. इसलिए वो पुणे हॉस्टल में रहता था और मैं और मेरे पापा घर अकेले रह गये थे. मेरी माँ के जाने के बाद, दूसरी रात मैंने सारा काम ख़तम कर दिया और गाजर – मुली को अपने कमरे में ले गयी. (more…)