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Hot Aunty Ki chudai Uncle Ke Samne

प्रेषक : हर्ष पाटिल …

हैल्लो दोस्तों, में हर्ष पाटिल आज बहुत दिनों के बाद आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपनी एक नयी सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ, जो हाल ही में मेरे साथ घटीत हुई है, लेकिन कहानी को शुरू करने से पहले में जो नये पाठक है, उनके लिए अपना परिचय दे देता हूँ। दोस्तों मेरा नाम हर्ष है और में मुंबई में रहता हूँ, मेरी उम्र 24 साल है और में दिखने में एकदम ठीकठाक हूँ और आप लोगों की तरह में भी पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता है। मैंने अब बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और अपनी घटना को लिखकर आप लोगों तक भेजा भी है और आज में अपनी एक ऐसी ही जोश भरी घटना बताने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर आप लोगों को बहुत मज़ा आएगा।

दोस्तों एक दिन में शाम को अपने ऑफिस से अपने घर के लिए बस से निकला और वो सभी के ऑफिस छूटने का वक़्त था। फिर मैंने देखा कि उस समय उस बस में भी बहुत भीड़ थी और मेरे आगे की तरफ एक आंटी खड़ी हुई थी, वो दिखने में अच्छी थी और उनकी उम्र कोई 42 साल के आसपास की होगी, लेकिन मैंने पहले इतना गौर नहीं किया था। अब में उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया था और बस में ज़्यादा भीड़ होने की वजह से ना चाहते हुए भी मेरा हाथ बार बार उनके हाथों को छू रहा था और उनके गोरे हाथों के मुलायम स्पर्श से मुझे अब कुछ कुछ होने लगा था। फिर मैंने एक बार उन्हें अब गौर से देखा, उनकी हाईट कुछ 5.2 इंच थी और उनका गोरा बदन, बूब्स भी दिखने में एकदम ठीकठाक थे, मतलब 34 के होंगे और उनकी गांड थोड़ी सी बाहर निकली हुई थी। अब मेरे मन में भी उनके बारे में लगाव शुरू हो गया था और अब में भी जानबूझ कर बार बार अपना हाथ उनसे छू रहा था, लेकिन वो भी मुझसे कुछ भी नहीं बोल रही थी और अब में थोड़ी हिम्मत करके धीरे धीरे उनकी कमर पर अपनी उंगली को घुमा रहा था, लेकिन वो फिर भी मुझसे कुछ नहीं कह रही थी। फिर वो तो बस अपने आगे वाले आदमी से बात कर रही थी और मुझे पहले लगा कि वो कोई और है, थोड़ी देर बाद बस में अब बहुत भीड़ बढ़ गई और फिर अब में बिल्कुल बिंदास होकर धीरे धीरे उनकी गांड पर हाथ फेर रहा था और सिर्फ़ एक बार उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, लेकिन फिर भी कुछ भी नहीं कहा।

फिर वो जिस जगह पर खड़ी हुई थी, थोड़ी देर बाद वहां की सवारी उतर जाने से वो सीट खाली हो गयी और वो तुरंत उस जगह पर बैठ गई। अब में बार बार उन्हें छूने का कोई ना कोई मौका ढूँढ रहा था और मेरी इस हरकत पर उस आदमी ने भी गौर किया, अब वो भी मुझे लगातार घूर रहा था और हल्की हल्की स्माईल दे रहा था, जिसकी वजह से मुझे अब थोड़ा सा डर भी लग रहा था। उसके थोड़ी देर बाद मेरा भी स्टॉप आ गया और में अब उतरने लगा था, तभी मेरे पीछे वो आंटी भी आ गई और वो अंकल भी उनके पीछे पीछे थे और फिर में बस से नीचे उतरकर स्टॉप पर रुक गया, यह देखने के लिए कि वो लोग कहाँ जाते है और थोड़ी देर बाद वो दोनों बात करते करते आगे चले गये, तब मुझे एहसास हो गया कि वो उनके पति ही थे। फिर में भी उन दोनों के पीछे पीछे जाने लगा और फिर थोड़ी देर चलने के बाद पता नहीं कैसे अंकल एकदम से अचानक से नीचे गिर गये और अब में उनके पीछे था, इसलिए में उनको संभालने के लिए भागकर उनके पास गया और फिर मैंने उनसे पूछा।

में : क्या हुआ अंकल आपको कहीं चोट तो नहीं आई?

अंकल : अरे नहीं नहीं बेटा, पता नहीं मेरा पैर एकदम से कैसे फिसल गया और उस वजह से में गिर गया, लेकिन अब मुझे मोच आ गई है, आह्ह्ह्हह्ह मुझे अब बहुत दर्द हो रहा है उफफ्फ्फ्फ़।

में : हाँ मुझे वो सब नजर आ रहा है।

फिर वो धीरे धीरे उठकर खड़े हुए और चलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनसे चला भी नहीं जा रहा था और तभी एक साईड से मैंने उनको सहारा दे दिया और फिर वो धीरे धीरे चलने लगे और तभी आंटी ने मुझसे कहा।

आंटी : चलो अब हम सीधे घर ही चलते है।

में : हाँ अंकल यही बिल्कुल ठीक रहेगा, अब आप घर पर जाकर थोड़ा अपने पैर की मलम पट्टी करो, तब यह थोड़ा ठीक हो जाएगा।

फिर मैंने उनसे इतनी बात कहते हुए अपनी बात को खत्म करके एक ऑटो वाले को आवाज देकर रुकवा लिया और फिर उन दोनों को मैंने उस ऑटो में बैठा दिया, लेकिन तभी वो अंकल मुझसे कहने लगे कि प्लीज तुम भी चलो ना हमारे साथ मुझे अपना सहारा देकर मेरे घर तक छोड़ देना। फिर मैंने भी कुछ देर मन ही मन सोचा कि चलो इसी बहाने से मुझे आंटी के ज्यादा करीब रहने का मौका भी मिल जाएगा और में भी झट से उस ऑटो में बैठ गया। अब ऑटो में सबसे पहले में बैठा बीच में आंटी और फिर अंकल बैठे हुए थे और में भी जानबूझ कर आंटी से थोड़ा ज्यादा चिपक चिपककर बैठा और आंटी भी मंद मंद मुस्कुरा रही थी। फिर हम लोग कुछ ही देर में उनके घर पर पहुँच गये और तब मैंने देखा कि वो दूसरी मंजिल पर रहते थे। फिर में और आंटी अंकल को अपने कंधे का सहारा देकर उनके घर तक लेकर चले आए और वहां पर पहुंचते ही उन्होंने मुझसे कहा।

आंटी : चलो अब अंदर बैठो बेटा, में तुम्हारे लिए अभी चाय बनाकर लाती हूँ।

में : अरे आंटी नहीं रहने दो, में अब अपने घर के लिए निकलता हूँ और में फिर कभी आ जाऊंगा, अभी तो आप अंकल जी को थोड़ा मालिश कर दो, उनका पैर ठीक हो जाएगा, शायद उनको बहुत दर्द हो रहा होगा।

अंकल : अरे बेटा तुम बैठो ना थोड़ी देर चाय पीकर चले जाना, मेरा पैर ठीक हो जाएगा।

फिर उसके बाद में बैठ गया और आंटी अंदर किचन में हमारे लिए चाय बनाने चली गई। अब में और अंकल बातें करने लगे थे और अब मुझे थोड़ी प्यास लगी थी, इसलिए मैंने वहां पर एक जग रखा हुआ देखा तो मैंने उसे पीने के लिए उठा लिया, लेकिन फिर देखा कि उसमें पानी नहीं था, तब अंकल ने मुझसे कहा।

अंकल : तुम अंदर किचन में चले जाओ, वहां पर तुम्हारी आंटी होगी और वो तुम्हें पानी दे देगी, जाओ ना।

अब में भी वहां से उनके कहने पर तुरंत उठा और उनके किचन में चला गया और वहां पर जाकर मैंने देखा कि उनकी किचन थोड़ी छोटी सी थी और जब में अंदर गया, तब आंटी चाय बना रही थी और उनकी पीठ मेरी तरफ थी, में धीरे से उनके पीछे गया और मैंने उनके बालों की खुशबू को एक पल के लिए सूंघ लिया और तभी मेरा लंड खड़ा हो गया था और आंटी की गांड को छू गया और तभी मैंने आंटी से कहा।

में : आंटी मुझे पीने के लिए थोड़ा पानी चाहिए था।

अब आंटी ने बस अपनी गर्दन घुमाई और मुझसे उन्होंने फ्रीज से लेने के लिए बोल दिया तो मैंने भी बिना अपने लंड को हिलाए वैसे ही हाथ को आगे की तरफ बढ़ाकर फ्रीज से एक बोतल को बाहर निकाल लिया और अब में पानी पीने लगा था। आंटी अपने मुहं को आगे की तरफ करके मंद मंद मुस्कुरा रही थी, क्योंकि मेरा तना हुआ लंड अब उनकी गांड को धीरे धीरे चूम रहा था। अब मेरा लंड आंटी की गांड की दरार में बिल्कुल फिट हो गया था और मैंने धीरे से उसको आगे की तरफ धक्का दे दिया और मेरी इस हरकत पर आंटी ने भी गौर किया, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा, लेकिन तभी बाहर से अंकल की आवाज़ आ गई।

अंकल : अरे सरला ज़रा हर्ष के हाथों से मेरे लिए भी पानी भेज देना।

आंटी : जी हाँ, अभी भेजती हूँ।

में अभी भी आंटी के पीछे खड़ा हुआ था। फिर आंटी ने पलटकर मुझसे बहुत प्यार से कहा।

आंटी : जाओ बेटा तुम्हारे अंकल को प्यास लगी है, तुम उन्हें यह पानी दे दो और में चाय लेकर अभी आती हूँ।

फिर में भी उनके कहने पर पानी का बोतल लेकर बाहर आ गया और अंकल के साथ बैठ गया और फिर आंटी हमारे लिए चाय लेकर आ गई और हम लोगों एक साथ बैठकर चाय पीने लगे थे और फिर उन्होंने मुझसे मेरे घर वालों के बारे में पूछा और हमारे बीच थोड़ी इधर उधर की बातें भी हुई और में कुछ देर बाद अपने घर के लिए निकलने लगा। फिर में उसके बाद उठकर जाने लगा और आंटी मुझे दरवाजे तक छोड़ने बाहर आई। तभी मैंने थोड़ी हिम्मत करके आंटी का हाथ अपने हाथों में लेकर उनसे कहा।

में : आंटी में बिल्कुल सच कह रहा हूँ, में आपको बहुत पसंद करता हूँ, आप बहुत सुंदर हो।

फिर इतना कहकर मैंने तुरंत उनका हाथ चूम लिया, आंटी भी मेरी यह बात सुनकर शरमा गयी और अब उन्होंने हंसकर अपनी गर्दन को नीचे करके मुझसे कहा।

आंटी : चल तू मुझसे मजाक करता है, में कहाँ इतनी सुंदर हूँ।

दोस्तों में अब उनके और भी करीब आ गया और मैंने उनकी आँखों में आँखे डालकर कहा।

में : नहीं में बिल्कुल सच कह रहा हूँ कि आप बहुत सुंदर हो।

दोस्तों मैंने अपना एक हाथ उनके पीछे ले जाकर उनके कुल्हे के ऊपर रख दिया और अब में उनको अपनी तरफ खींचकर तुरंत उन्हें किस करने लगा। पहले आंटी ने मुझे दिखाने के लिए थोड़ा सा नाटक किया और फिर वो भी मेरा साथ देने लगी, करीब पांच मिनट के किस के बाद मैंने आंटी को छोड़ दिया, अब आंटी मेरी तरफ धीरे से मुस्कुराई और में उनको बाय बोलकर चला गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों फिर दो दिन के बाद में अंकल को सुबह सुबह देखने उनके हालचाल पूछने के लिए उनके घर पर गया था कि उनका पैर कैसा है? दोस्तों यह तो सिर्फ़ एक बहाना था, में असल में वहां पर आंटी से मिलने गया था और जब में वहां पर गया तो अंकल ने दरवाजा खोला।

अंकल : अरे हर्ष बेटा तुम, आओ आओ अंदर आओ।

में : हाँ अंकल अब कैसा है आपका पैर का दर्द?

फिर में और अंकल सोफे पर बैठकर बातें करने लगे। फिर मैंने उनसे पूछा कि आंटी कहाँ है? तब अंकल मुझसे बोले कि वो अभी अभी नहाने गयी है, तुम तो बेठो वो अभी कुछ देर में आती ही होगी। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर हम लोग इधर उधर की बातें कर रहे थे तो अंकल मुझसे बोले।

अंकल : तुम बैठो में तुम्हारे लिए पानी लेकर अभी आता हूँ।

में : अरे नहीं नहीं अंकल में खुद ले लूँगा, मेरे लिए आप मत तकलीफ़ उठाओ।

दोस्तों उनसे यह बात कहकर में उठकर किचन की तरफ जाने लगा। तभी मैंने देखा कि आंटी बाथरूम से बाहर निकली, वो उस समय सिर्फ़ टावल लपेटकर सीधा उनके बेडरूम में घुस गयी और यह मैंने देख लिया, अंकल अभी भी टी.वी. देख रहे थे। फिर में वहां से उठकर सीधा उनके बेडरूम की तरफ चला गया और मैंने देखा कि वो दरवाजा पहले से ही थोड़ा सा खुला हुआ था और आंटी पूरी नंगी होकर अपने बालों को साफ कर रही थी और उनकी पीठ दरवाजे की तरफ थी। अब में धीरे से उनकी तरफ चला गया और मैंने धीरे से आंटी को पीछे से हाथ डालकर पकड़ लिया और अब में उनकी गोरी गर्दन को चूमने लगा था और आंटी भी अपनी आँखे बंद करके मुझसे बोलने लगी।

आंटी : ओह्ह्ह्ह, आज यह क्या हो गया है तुम्हें जो इतने दिनों बाद अपनी बीवी पर इतना प्यार आ रहा है?

दोस्तों में उनके मुहं से वो बात सुनकर थोड़ा चकित हो गया था, क्योंकि आंटी को लग रहा था यह सब काम उनके साथ अंकल कर रहे है और फिर मैंने भी मन ही मन सोचा कि चलो आज थोड़ा इसी बात का फ़ायदा उठाया जाए और अब में धीरे धीरे आंटी के बूब्स को भी दबा रहा था और उनकी गर्दन को भी चूम रहा था, आंटी अब गरम होकर जोश में आकर धीरे धीरे मोन कर रही थी।

आंटी : आअहह्ह्ह्ह उहहह्ह्ह्ह तुम्हें यह क्या हो गया है?

अब मेरा हाथ आंटी के पूरे बदन पर घूम रहा था, में आप सभी को क्या बताऊँ कि सच में मुझे कितना मज़ा आ रहा था? मैंने आंटी की पूरी पीठ को चाट चाटकर गीली कर डाली थी और अब आंटी भी मेरे लंड को पकड़ने के लिए अपना एक हाथ पीछे कर रही थी, लेकिन तभी मैंने उनको सीधा किया और तब भी उनकी आँखे बंद थी और मैंने उनके होंठो पर अपने होंठ रखकर में उन्हें चूसने लगा था, उम्माआ आआहह्ह्ह्ह मुझे अब थोड़ा डर भी लग रहा था, क्योंकि अंकल कभी भी अंदर आ सकते थे और फिर आंटी ने आँखे खोली और देखा तो उनके सामने में था। दोस्तों में सच कहूँ तो उस समय आंटी का वो एकदम लाल पसीने से भीगा हुआ चेहरा देखने लायक था, क्योंकि वो मुझे अपने बदन से लपटे हुए देखकर बहुत हैरान थी और तब उन्होंने मुझसे कहा।

आंटी : हर्ष तुम?

फिर मैंने हंसकर उनको एक चुम्मी ले ली और में वहां से तुरंत बाहर आ गया और अब में बहुत मज़े से अंकल के साथ बैठकर टी.वी. देख रहा था।

अंकल : अरे तुमने इतनी देर कैसे लगा दी?

में : हाँ वो में थोड़ी देर आंटी से बात कर रहा था।

फिर आंटी कुछ देर बाद वहां पर हम सभी के लिए चाय लेकर आ गई, उन्होंने उस समय सिर्फ़ एक मेक्सी पहनी हुई थी और उसके अंदर कुछ भी नहीं पहना था, यह मुझे साफ साफ दिख रहा था और फिर आंटी आकर सीधा मेरे और अंकल के बीच में बैठ गयी।

अंकल : क्या बात है आज तुम इतनी देर तक नहाई, क्यों तुमने बहुत देर लगा दी?

आंटी : अरे कुछ नहीं बस ऐसे ही समय लग गया।

अंकल : वैसे आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो।

फिर उन्होंने थोड़ा आगे बढ़कर आंटी के गाल पर मेरे सामने ही उन्हें एक किस कर दिया।

आंटी : क्या आप भी हर्ष के सामने ही चालू हो गये?

अंकल : अरे तो क्या हुआ उससे वो भी अब बड़ा हो गया और पूछ लो कि आज तुम कैसी लग रही हो, क्यों हर्ष?

में : हाँ आंटी, अंकल बिल्कुल सच कह रहे है, आज आप बहुत सुंदर लग रही हो।

आंटी : ऊहह तुम्हें बहुत बहुत धन्यवाद मुझे लगा कि कहीं तुम भी अंकल की तरह मुझे चूमोगे।

फिर आंटी हंसने लगी, अब में थोड़ा सा भ्रमीत हो गया और अब मैंने मन ही मन सोचा कि चलो एक बार हिम्मत करके देखते है।

में : अच्छा यह बात है तो यह लो महहाअ।

दोस्तों मैंने आंटी के गाल पर किस किया और यह देखकर अंकल हंसने लगे और कहने लगे।

अंकल : देखा मैंने कहा था ना कि तुम आज बहुत सुंदर लग रही हो, क्यों हर्ष?

में : हाँ अंकल सच में आंटी आज बहुत सुंदर लग रही है।

फिर यह कहने के बाद अंकल को भी जोश आ गया और वो आंटी के कंधे पर रखकर सीधा उनके होंठो को चूमने लगे। पहले तो आंटी ने थोड़ा सा नाटक किया, शायद उस समय में वहां पर था इसलिए, लेकिन फिर मैंने देखा कि वो भी अब अंकल का साथ दे रही थी। वाह दोस्तों सच में क्या सीन था, मेरा तो यह सब देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो गया था, लेकिन में चुपचाप सब कुछ देख रहा था। फिर कुछ पांच मिनट बाद वो दोनों अलग हुए और मेरी तरफ देखने लगे।

अंकल : क्यों हर्ष कैसा लगा?

में : वाह एकदम मस्त था अंकल मज़ा आ गया।

अंकल : अरे अभी कहाँ अभी तो और भी मज़े लेना बाकी है।

में : क्या मतलब में आपकी बातों का मतलब नहीं समझा?

फिर अंकल वहां से उठकर मेरे बाजू में आकर बैठ गये और उन दोनों के बीच में अब भी में बैठा हुआ था।

अंकल : हर्ष हुन्न्न्न मुझे सब पता है, तुमने जब से आंटी को देखा है, तब से तुम उसे चाहने लगे हो और तभी से हम दोनों ने यह सब नाटक किया था।

दोस्तों में तो उनके मुहं से यह बात सुनकर एकदम से डर गया था कि अब मेरे साथ क्या होगा, इसलिए में सिर्फ़ नीचे सर करके बैठा था।

अंकल : अरे तुम घबराओ मत, क्योंकि मुझे भी अपनी बीवी को मज़े करवाने थे।

फिर आंटी ने अपना एक हाथ मेरे कंधे पर रखा और फिर वो मुझसे कहने लगी।

आंटी : मुझे तो तुम उस दिन ही पसंद आ गय थे, जब मैंने तुम्हें बस में पहली बार देखा था और तुम उस दिन मुझसे चिपककर मेरे साथ वो हरकते करके मन ही मन बहुत खुश हो रहे थे और में भी जानबूझ कर तुम्हारा पूरा साथ दे रही और तब से ही हम दोनों ने यह सब प्लान बना लिया था।

दोस्तों उन्होंने मेरा चेहरा अपनी तरफ किया और मुझे स्मूच करने लगी। पहले मैंने उनका साथ नहीं दिया। फिर उन्होंने एक बार छोड़कर मेरी आँखो में देखा और फिर चालू हो गयी, उस टाईम में भी उनका पूरा साथ दे रहा था और हम दोनों करीब पांच मिनट तक स्मूच कर रहे थे और फिर मैंने देखा कि अंकल ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए थे और वो आंटी की दूसरी तरफ बैठे हुए थे।

अंकल : आअहह मज़ा आ गया सरला, तुम्हें ऐसे हर्ष को चूमते देखकर में पागल हो चुका हूँ, अब हम सभी और भी बहुत मज़े करेंगे और इसके साथ मज़े करके तुम इसके साथ साथ मुझे भी खुश कर दो, वाह मज़ा आ गया।

आंटी : ऑश आप भी ना यह क्या कह रहे हो?

अंकल : अरे हर्ष तुम भी तैयार हो जाओ, चलो आज हम दोनों तुम्हारी आंटी को बहुत मज़े करवाते है।

आंटी : आओ हर्ष में तुम्हारे कपड़े उतार देती हूँ।

अब में और आंटी दोनों खड़े हो गए थे, तभी आंटी मेरी टी-शर्ट और पेंट को उतारने लगी थी, लेकिन तभी अंकल ने पीछे से आकर तुरंत आंटी की मेक्सी को उतार दिया और वो सोफे पर बैठकर आंटी की गांड को चाटने लगे थे और अब हम तीनो एक दूसरे के सामने पूरे नंगे थे।

आंटी : आआहह ऑश।

अब में और एक दूसरे को पूरे जोश में आकर आंटी स्मूच कर रहे थे और में साथ साथ उनके बूब्स को भी दबा रहा था और अंकल पीछे से लगातार उनकी गांड को चाट रहे थे, जिसकी वजह से आंटी अब सिसकियाँ लेने लगी थी। वो उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह वाह मज़ा आ गया कह रही थी। दोस्तों वो क्या मस्त नज़ारा था, फिर 5 से 10 मिनट बाद अंकल ने आंटी को थोड़ा और झुका दिया और उन्होंने आंटी के पीछे से अपना लंड अंदर डाल दिया, क्योंकि दोस्तों शायद अब अंकल को कंट्रोल नहीं हो रहा था। तब मैंने भी सही मौका देखकर आंटी के मुहं में अपना लंड डाल दिया। अब आंटी मेरा लंड लोलीपोप की तरह बहुत मज़े लेकर चूस रही थी और अंकल पीछे से उनकी चूत में लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहे थे।

अंकल : आहह सरला सच में आज बहुत मज़ा आ रहा है, आहहह ओहह्ह्ह।

दोस्तों कुछ देर लंड को बहुत अच्छी तरह से चूसने के बाद आंटी ने मेरा लंड अपने मुहं से बाहर निकाल दिया और तब उन्होंने मुझे कहा।

आंटी : आअहह्ह्ह हाँ जी सच में बहुत मज़ा आ रहा है, आपने पहले कभी इतनी दमदार चुदाई नहीं की थी, अहहहहह और ज़ोर से चोदो अहहहहह।

फिर वो एक बार फिर से मेरा लंड मुहं में लेकर चूसने लगी थी। फिर 10 मिनट बाद अंकल झड़ गये और वो सोफे पर बैठकर हांफने लगे, अब आंटी भी खड़ी हो गई और वो मुझे अपनी बाहों में लेकर मुझे चूमते हुए बोली।

आंटी : लो इनका तो पूरा काम हो गया, अब तुम मुझे आराम से चोदना और जैसा चाहे वैसे चोदना।

में : हाँ मेरी जान अब तो में ही तुम्हे चोदूंगा।

फिर में भी उनको किस करने लगा और उनका एक पैर सोफे पर रखकर आगे से उनकी चूत में अपना लंड ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर अंदर घुसाने लगा और लंड फिसलता हुआ अंदर जाने लगा, क्योंकि उनकी चूत में पहले से ही बहुत पानी निकल रहा था, जिसकी वजह से चूत बिल्कुल चिकनी हो चुकी थी। अब लंड के पूरा अंदर जाते ही में जोरदार धक्के देने लगा और मेरे हर एक धक्के से वो पूरी हिलने लगती।

आंटी : आअहह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ हर्ष थोड़ा धीरे धीरे चोदो ना, में क्या कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ, आईईईई।

में : ऊह्ह्ह आंटी आपकी चूत ही इतनी गरम, सेक्सी है कि में अपने आपको रोक नहीं पा रहा हूँ, में क्या करूं आप ही मुझे बताए?

आह्ह्ह आहहहाः ऊहहह उसके बाद मैंने आंटी को सोफे पर लेटा दिया और अब में उन्हें मिशनरी पोज़ में चोदने  लगा था और 25 से 30 मिनट की चुदाई के बाद आंटी दो बार और में एक बार झड़ चुका था। मैंने अपना पूरा वीर्य उनकी चूत की गहराईयों में डाल दिया और हम तीनों भी ऐसे ही थोड़ी देर थककर लेटे रहे। उसके बाद आंटी ने हमे खाना बनाकर दिया और हम सभी ने एक साथ बैठकर खाना खाया। उसके बाद एक बार फिर से हमारी चुदाई का खेल चला। मैंने उनको बहुत जमकर चोदा और चुदाई खत्म होने के बाद में अपने कपड़े पहनकर घर आ गया, लेकिन अब जब भी हमे कोई अच्छा मौका मिलता तो हम तीनों मिलकर चुदाई करते है और बहुत मज़े लेते है ।।

धन्यवाद …

Yoga Teacher Ki chudai Class Me Aasan Ke Sath

हेलो दोस्तो, मैं करण आज आपको एक न्यू स्टोरी सुनता हूँ , ये कहानी मेरी ज़िंदगी की बहुत ही ख़ास कहानी है, आपको जरूर मजा आएगा, मुझे थोड़ा हिंदी लिखने में कठिनाई होती है अगर गलती हो तो समझ लेना थोड़ा, शब्द में क्या रखा है, मेरी वासना की भाव को फील करना, मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे नया नया हु, पर कुछ मेरे साथ योग बाली मैडम के साथ बिता की मुझे भी लगा की आपको मैं अपनी कहानी सुनउँ. अब मैं बिना देर किये सीधे कहानी पे आता हु, मुझे पता है नहीं तो आप गालियां दोगे.

अभी कुछ दीनो से हुमारे यहा योगा का बड़ा चर्चा चल रहा है तो मेरे घर के पास ही एक योगा सेंटर खुला बिल्कुल नया मैं एक दिन इन्क्वारी लेने गया तो देखा एक बहुत ही मस्त भाभी आगे करीब 24-25 की होगी सब कुछ उनका फिट आंड फाइन शारीर देख कर मुझे लगा की मैं भी ज्वाइन करुंग. देखने मैं बहुत सुंदर नही पर उनका साफ़ रंग था काली या सावली नही कहेंगे लेकिन बॉडी बिल्कुल शेप मैं योगा टीचर थी तो बॉडी शेप मैं होगा ही एक दम 36.24.36 रीबॉक का ट्रैक सूट पहने हुए थी तो मैने वह पर दाखिला करवा लिया ले लिया बोली की आप कल सुबह 5 बजे वाला बॅच ज्वाइन कर लो अभी 4लोग है उसमे. तो मैने सोचा कहा भीड़ मैं मज़ा नही आएगा तो मैने बोला नो मैडम मुझे ये टाइम सूट नही करेगा ७ बजे वाला अगर हो तो ….

मैडम ने कुछ सोचा फिर बोली ठीक है पर आपको अभी अकेले ही सीखना होगा क्यू की भी उस टाइम पे कोई और नही है तो मैने हां बोला मैं तो यही चाहता था मन की एक मुराद तो पूरी हो गयी मैं मान ही मान खुश था तब वो बोली अरी हाँ आपके पास टाइट ट्रॅक तो है ना वो ले आना जीन्स मैं योगा नही होगा तो मैने बोला कोई नई मैडम मैं आज ही ले लूँगा और अगले दिन टाइम से चला गया मैडम सामने ही थी मैने प्रणाम किया हाथ जोड़ कर उसने भी रिप्लाइ किया आज तो और भी हॉट लग रही थी डीप नेक वाली टी शर्ट ट्रॅक पैंट एक दम टाइट मैडम बोली के योगा रूम अंदर है मैं उनके पीछे पीछे चल दिया बोली की चेंज रूम साथ वेल कमरे मैं है चेंज कर लो मैं तुरंत गया और चेंगे करके आ गया योगा रूम मैं बड़ा ही अजीब लग रहा था टाइट पैंट मैं फिर मैडम मेरे सामने बैठ गया मैं भी बैठा था और पहले कुछ योग के बारे मैं बताने लगी

फिर ध्यान लगाने को बोला अब उसने एक छोटा सा योग आसान बताया और मैं जान बुझ कर नही करने का नाटक करने लगा अब वो मेरे पास आई बोली कभी किया नही तुमने इसलिए एसा हो रहा है और मुझे बताने लगी ट्रेन करने लगी जब वो नीचे झुकती उसकी चूचियाँ साफ़ दिखाई देते ब्रा के साथ मेरा खड़ा हो गया और टाइट पैंट होने के करण सफ़फ़ दिखने लगा मैडम ने भी नोटीस कर लिया लेकिन क्या कर सकते थे

फिर मैडम एक दो छोटे योगा करवा कर बोली आज ये घर मैं करना और तुम्हारा ध्यान भटकता है सो कृपया फोकस करो योग पर सिर्फ. मैने सॉरी बोला और कपड़े चेंज करके बाहर आ गया नेक्स्ट दिन सेम टाइम फिर गया मैडम आज सारी मैं थी हॉट बूम लग रही थी खुला पेट श कयामत लग रही थी मैं चेंगे करके ढयन लगा रहा था मैडम भी मेरे साथ ध्यान लगा रही थी फिर मैडम ने बोला की कल वाली करके बताऊँ.

तो मैने कर के बता दिया बोली गुड आज कुछ और करते है लेट जाओ रिलॅक्स हो कर मैं लेट गया हटो को दोनो तरफ करो इधर करो उधर करो बता रही थी फिर मैने कोई ग़लती कर दी और सयद मैडम चाह रही की मैं ग़लती करू वो मेरे पास आई और झुक बोली ध्यान से करो सर को सामने और कुछ कुछ बता रही थी तभी उनका सारी का पल्ला मेरे अप्पर गिर गया और बूब के दर्शन हो गये मैं तो बस चूचियाँ को ही देखे जा रहा था कुछ वो भी मुझे ही देखती रह गयी

फिर सॉरी बोल कर सारी ठीक कर ली मैं वैसे ही लेते मैडम को बोला एक बात बोलू बुरा तो नही मनोगी बोली क्या बोलो मैने बोला आप बहुत ही सुंदर हो और मैं आपसे योग नही शिखा पाओगे. बोली क्यू क्या हुवा मैने कहा आप जो भी बोलती बताती हो मुझे कुछ नही सुनाई देता मैं सिर्फ़ आपके बारे मैं ही सोचता रहता हो और कल भी आज आपने मेरी हालत तो देख ली है तो उसने कहा हाँ

वो तो है पता है मैं यहा अकेली रहती हूँ दो तीन महीने मैं मेरे पति आते है बाहर काम करते है कल तुम्हारा देख कर मुझे रात भर नींद नही आई क्या करू मैं अभी जवान हूँ मेरा भी मन करता है सेक्स का तुम एक काम करो मैं तुम्हारी फ़ीस माफ़ कर देती हूँ और तुम मुझे खुश रखो मैं उनका हाथ पकड़ कर खिच लिया आपने ऊपर वो मेरे ऊपर आ गयी मैं उन्हे चूमने लगा किस करने लगा वो भी साथ दे रही थी आभी स्लो स्लो चल रहा था फिर सूँछ होने लगा मूह घुमा घुमा कर हर तरफ से सूँछ कर रही थी पूरा खिलाड़ी थी भाई आब मैं उनके आइज़ पे बरी बरी चुंबन देने लगा सर पकड़ कर तब वो बोली की अंदर चलो बेडरूम मैं वो वही रहती भी थी आपना ऑफीस अंडर से लॉक करके आ गयी बैडरूम मैं आते ही हम

फिर से स्टार्ट हो गये एक दूसरे से लिपट कर चुंबन करने लगे जब जिसे मौका मिलता और जहा मिलता चूम लेते मेरा हाथ आब सारी ऊपर से ही उनकी नितंभो को सहला रही थी और कभी पीठ को भी वो पागलो की तरह से चूम रही थी और चुंबन ले दे रही थी गर्दन मैं उसके आस पास सभी जगह कानो को मैं चूम कर दाँतों से काट रहा था वो आहह ह आह करण बहुत बाड़िया करो मुझे पूरा जकड़ लो करण ज़रा भी कुछ ना रहे करण प्ल्ज़ और टाइट पाकड़ो एर भी पास ना हो आज आह ह ऑश ईीई बहुत बाड़िया कर रहे हो बहुत बाड़िया करण जल्दी करो और आपने एक लेग को उठा कर मेरे लेग्स मैं मसलने लगी

आब मैं उसे गोद मैं उठा कर किश कर रहा था और ब बेड मैं लिटा दिया और वो उल्टा होकर लेट गयी सर को नीचे कर ली छिपा लिया फेस आपना मैं आप पीठ जो मेरे सामने था पीठ को चूमने लगा और उसके दोनो हाथो को आपने हाथो के साथ उपर कर दिया और चूम रहा था आब मैं उसके हॅंड्ज़ चूमता क्या लगभग छत ता हुवा गले तक आ गया और पीछे से ब्लाउज की हुक खोल दिया पाँच हुक थी जैसे ही हुक खोला ब्रा की हुक सामने थी मैने ब्रा की हुक के आस पास किस करते हुए ब्रा भी खोल दिया पूरा सपाट सेक्सी पीठ मेरे सामने आब बताने ज़रूरत नही मैने क्या किया होगा

फिर मैं नीचे लेग को चूमते हुए सारी को उपर उठता गया चूमता गया आब मैडम को सीधा लिटा दिया और उपर के सारे कपड़े हटा दिया पूरी चूचियाँ की दरशन हो गयी दोनो चूचियाँ को प्यार करने लगा दबाने लेगा आब एक लेफ्ट वाली बूब को मूह मैं लेकर चूष्ने लगा और दूसरे को दबाने लगा जीभ से निपल को गोल गोल चाटने लगा और मैडम आह हह ह एस दो इट एस करण खा जाऊ कतो ना और ज़ोर से करो चूसो आहह आ अब करण दूसरे को करो प्ल्ज़ मैं आब दूसरे मैं आ गया एस करण कारूऊ अहह ह्म करो करण बहुत बाड़िया तुम सेक्स का डॉक्टर हो करो मैं भी तुम्हारा लंड कहा है दो न मुझे इधर आह प्लीज, मुझे खुश कर दो ना करण प्लीज,

वो पागलो की तरह कर रही थी मैं भी भूखा शेर की तरह चूचियाँ से खेल रहा था आब मैने नीचे आते हुए चूमते किस करते पेट से गुज़रता हुवा नाभि पे आपनी जीव घुसेड दी मीन्स डाल दिया और नाभि को सक करते लगा जीव से गहरी नाभि को छोड़ रहा था वो मेरे बाल खिच रही थी और छटपटा रही थी मूह से बकबक किए जा रही थी आअहह ह उईईइ प्लज़्ज़्ज़ करण आआब डाअल दो आपना लंड प्ल्ज़ करणऔर मत तडपाऊ आअहह उम्म्म ह एट्सेटरा आब मैं उनकी पेंटी सारी सब उतार दी आब वो बिल्कुल न्यूड थी मैने भी आपना उतार दिया सब कुछ आब मेरा लंड उसके सामने था वो उठ कर बैठ गयी और मेरे लंड को बड़े प्यार से चूमा और बोली बनाने बाले ने क्या खूबसूरत चीज़ बनाया एसके बिना सब कुछ बेकार है राज और मूह मैं ले लिया और कई तरह से लंड चूसा मयझे बताना भी नही पड़ा और वो खुद ही चूस रही थी चाट रही थी, किस सब कुछ कर रही थी

फिर वो बोली जान आब तुम मेरे मुंह को चूत समझ के चोदो जितनी ज़ोर से कर सकते वो करो मैं तुम्हारे लंड को गले तक महसूस करना चाहती हूँ ये बोल कर लंड को मूह मैं ले लिया और आगे पीछे करने लगी मैं भी अब उनका सर पकड़ कर मूह को चोदने लगा और वो मूह के जीव से लंड को कभी प्रेस कर कभी उपर उठती और कई तरीके कर रही थी मैं भी वाइल्ड हो गया था डीप थोरट फक कर रहा था थोड़ी देर बाद

जब उसी तकलीफ़ होने लगी तो उसने लंड बाहर कर दिया बोली जान आब बस आब चूत की बरी है देखो क्या हालत हो गयी है चूत की कुछ करो चूत का तो मैं उसी लेता कर उसके दोनो लेग्स के बीच लेट गया और पैरो को फैला कर जीभ से चूत के चारो तरफ चाटने लगा आब चूत को फैला कर जीव डाल दिया एक दम आग के जैसा गर्म चूत मैं जब जीव जाता है तो बहुत ही मज़ा आता है मैं चूत के दाने को उपर नीचे गोल गोल जीव से ह्युमेन लगा वो अब चूत को उपर उठा दी जैसे कोई योगा का आसान हो चूत खुल कर कर बिल्कुल मेरे मूह के सामने आ गयी मुझे बस जीव लगा कर चाटना था थोड़ी देर बाद मैने एक एक करके दो उंगलियो को चूत मैं डाल कर अंदर बाहर करने लगा और दाने को चाटने लगा वो आअहह आह ऑश राज हो गया करण आब डाल दो करण मैं दो बार झड़ चुकी हूँ करण प्ल्ज़ आअहह आह श श फक मे करण फक मे

मैने भी देखा ये सही टाइम है चूत मैं प्रवेश करने का अब वो एक और आशण की पोज़ मैं गयी एक बड़ी ही सेक्सी आशण ये उस पोज़ का नाम है इस्मै डॉगी स्टाइल के जैसा ही होता है लेकिन लेग्स थोड़ा फैला होता है और सर बिल्कुल नीचे इस्मै चूत पूरा खुल जाता है और बाहर की तरफ आ जाता है जिससे लंड पूरी गहराई मैं आसानी से चला जाई आब मैने देर ना करते हुए ढेरे से लंड पेल दिया और कमर पकड़ कर आग्गे पीछे करने लगा मेरे लंड बहुत ही आसानी से चूत की गलियो गुज़रता जा रहा था चूत की कोमल हड्डिया लंड को और बेताब कर रही थी मैं कभी ज़ोर से पेलने लगता कभी आराम से अंदर बाहर करता कभी पूरा लंड बाहर खींच खींच कर पेलता तो कभी तोड़ा बाहर करके पेलता थोड़ी देर बाद उसने पोज़ चेंगे कर लिया इस बार धनूर आशण मैं गयी इस्मै साइड होकर खड़ी हो गयी और एक पैर उठा कर मेरे कंधे मैं रखा और एक हाथ को सामने दीवार मैं और मेरा लंड ठीक चूत के सामने था मैने लंड डाल दिया और पेलने लगा लेकिनवो तोड़ा अनबॅलेन्स लग रही थी छोड़ी मैं तो मैने उसके चूचियाँ को हाथ बड़ा कर पकड़ लिया और पेलने लगा वो च्चिलाने लगी आहह करण फक मे फुक्कककक करण फाड़ दो चूत को करण आज से मैं तुम्हारी हूँ करण तुम्हारा सारा खर्चा आज से मैं दूँगी करण फुक्क मि बहुत बाड़िया करण आहह ह फिर काफ़ी देर बाद मैने उसे गोद मैं उठा कर बेड मैं लेता दिया और बहुत ही सेक्सी स्टाइल मैं चोदने लगा चूचियाँ को दोनो हाथों से दबाने लगा चूष्ने लगा और वो बोले जा रही थी करो और ज़ोर और ज़ोर से झटके मारो करण करीब दस मिनट के बाद मैं झड़ने वाला था बोला जान कहा निकालु बोली रूको मुझे निकलना है माल और मैं लेट गया

वो मेरे ऊपर आ गई और मूह मैं ले कर लंड को चूष्ने लगी उपर नीचे करने लगी काफ़ी सेक्सी लग रही थी और वो स्पीड से करने लगी मैं छूटने वाला था सरीर में अंगड़ाइयां आने लगे वो और फास्ट करने लगी और्र मेरा माल निकल गया उसने सारा माल पी लिया, दोस्तों यहाँ से शुरआत हुआ थे मेरे और योग बाली मैडम के साथ मेरा सेक्स सम्बन्ध अब तो मैं रोज रोज सेक्स करता हु, एक से एक पोज में.

Bhabhi Ne Kitchen Me Chodana Sikhaya – Sabse Sexy Stories

हैल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम हर्ष है और मेरी उम्र 24 साल है और में दिल्ली में रहता हूँ. में इस साईड की कहानियाँ रोजाना पड़ता रहता हूँ और मुझे इसकी सारी कहानियाँ पसंद है. ये कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी की है, जो कि बहुत ही हॉट है. में दिल्ली में किराये के रूम पर रहता हूँ, मेरे पड़ोस में एक बहुत ही हॉट भाभी रहती है और जिनका नाम शबाना है. अब में आपको शबाना के बारे में बता दूँ कि शबाना एक हाऊसवाईफ है और उसके दो बच्चे है, उनके पति के बिज़नेस था जिसकी वजह से वो ज्यादातर बाहर ही रहते थे.

शबाना भाभी दिखने में तो सावंली थी, लेकिन उनका फिगर बहुत ही मस्त था. में उन्हें जब भी देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता और उसे चोदने का दिल करता था. वो मेरे बिल्कुल पड़ोस के फ्लेट में रहती थी, जब में नया-नया उस रूम में शिफ्ट हुआ था तो उन्होंने मेरे बारे में पूछा था. फिर मैंने उन्हें अपने बारे में बता दिया था, लेकिन मैंने उनके बारे में उस टाईम नहीं पूछा था. मुझे उनके बारे में बाद में पता चला कि उनके पति बाहर रहते है. फिर धीरे-धीरे मैंने उनसे बात करना शुरू किया और ऐसे हमारी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई, वो कभी-कभी मेरे रूम पर आ जाती थी और हम काफ़ी देर तक बातें करते रहते थे.

फिर एक दिन मैंने देखा कि शबाना भाभी अपने पति से फोन पर बात कर रही थी और कह रही थी कि तुम्हें गये हुए कितने दिन हो गये है और अब तुम्हें आना ही होगा, मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है. ये सुनते ही मुझे पता लग गया कि शबाना भाभी लंड की प्यासी है तो में शबाना भाभी को चोदने की प्लानिंग करने लगा. फिर मैंने सोचते-सोचते एक प्लान बनाया और अगले दिन जब शबाना भाभी मेरे रूम पर आई तो मैंने उनसे कहा कि शबाना भाभी में होटल का खाना खाकर परेशान हो गया हूँ और आप प्लीज मुझे खाना बनाना सिखा दीजिए तो उन्होंने कहा कि ज़रूर में तुम्हें खाना बनाना सिखा दूंगी. फिर अगले दिन में खाना बनाने का सामान ले आया और भाभी से कहा कि मुझे खाना बनाना सिखा दीजिए. मेरे फ्लेट में एक छोटा सा किचन था तो उसमें एक ही आदमी खाना बना सकता था और उस टाईम उस किचन में हम दो लोग थे. अब आप समझ ही गये होंगे कि हम कितने करीब करीब होंगे. फिर खाना बनाते टाईम मेरा हाथ कभी-कभी शबाना भाभी की गांड से टच हो जाता था तो मैंने उन्हें सॉरी बोल दिया करता था और वो मुझे एक स्वीट सी स्माईल दे दिया करती थी.

फिर में अपने आपको शबाना भाभी के इतने करीब पाकर काफ़ी गर्म हो रहा था और इसी बीच शबाना भाभी का हाथ मेरे लंड से लग गया जो कि उनको अपने इतने पास सोचकर पहले से ही खड़ा था और उन्होंने मेरी तरफ देखा और एक सेक्सी स्माईल दी और कहा कि तू तो काफ़ी बड़ा हो गया है. ये सुनकर मैंने भी शबाना भाभी को स्माईल पास कर दी. फिर मैंने महसूस किया कि शबाना भाभी के हाथ मेरे लंड पर लगने से शबाना भाभी भी उत्तेजित हो गई है और फिर मैंने सोचा कि शबाना भाभी को फंसाने का ये ही सही मौका है.

शबाना भाभी खाना बना रही थी और मुझे बताती जा रही थी कि खाना ऐसे बनता है, वो मुझे खाना बनाते टाईम कूकर में कुछ दिखाने लगी तो में उनके पीछे से जाकर चिपक कर खड़ा हो गया, जिससे मेरा लंड उनकी गांड से महसूस होने लगा और में उनकी गांड पर अपना लंड का दबाव डालते हुए कुकर में देखने लगा, जिससे शबाना भाभी के मुँह से सिसकारी निकल गई ईईइसस्स. फिर मैंने सिसकारी सुनकर शबाना भाभी से पूछा कि भाभी क्या हुआ? फिर वो बोली कि कुछ नहीं. फिर ऐसे ही कुछ देर खड़ा रहने के बाद में हट गया.

फिर मैंने देखा कि मेरे हटने से शबाना भाभी थोड़ी दुखी हो गई. मेरा लंड मेरा पजामा फाड़कर बाहर आने को बेताब था, लेकिन अभी टाईम सही नहीं था तो इसलिए मैंने थोड़ा कंट्रोल किया और अपने हाथ से लंड को ठीक करने लगा तो ठीक करते हुए भाभी ने भी देखा और पूछा कि क्या हुआ? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं भाभी.

भाभी समझ गई कि में भी गर्म हो गया हूँ और में भी समझ गया था कि भाभी भी गर्म हो गई है. फिर थोड़े टाईम के बाद भाभी ने मुझे फिर से कूकर में कुछ दिखाया तो में भाभी से पहले से भी ज्यादा चिपक कर खड़ा हो गया तो भाभी के मुँह से फिर से सिसकारी निकली ईईइसस्स्सस्स और उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली और मज़े लेने लगी. फिर मैंने भी अपने लंड का सारा दबाव उनकी गांड पर डाल दिया और अब भाभी से कंट्रोल नहीं हुआ तो भाभी अपना एक हाथ पीछे ले गई और मेरे लंड को हाथ से पकड़कर दबाने लगी और इस बार मेरे मुँह से आआहह की सिसकारी निकली.

फिर मैंने अपने दोनों हाथ शबाना भाभी के बूब्स पर रख दिए और धीरे-धीरे दबाने लगा. ऐसे ही कुछ देर रहने के बाद में शबाना भाभी के लिप पर किस करने लगा और शबाना भाभी भी मेरा साथ देने लगी. फिर हम ऐसे ही एक दूसरे को किस करते रहे और में उनके बूब्स दबाता रहा और वो मेरा लंड सहलाती रही और फिर 10 मिनट के बाद में उनसे अलग हुआ और उन्हें गोद में उठाकर बेड पर ले गया और रूम का दरवाजा अन्दर से लॉक कर दिया.

फिर में शबाना भाभी के पास आया और उन्हें किस करने लगा और उनसे कहा कि आई लव यू शबाना भाभी तो उन्होंने भी आई लव यू टू कहा. फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी में तो जिस दिन से यहाँ पर आया था तो बस आपको चोदने के बारे में ही सोचता रहता था. फिर भाभी बोली कि में भी तुझसे कब से चुदवाना चाहती थी, लेकिन में कह नहीं पाई.

फिर मैंने कहा कि भाभी आप फ्रिक ना करो और आज में आपको चोदकर खुश कर दूँगा. फिर भाभी ने कहा कि हाँ हर्ष आज मुझे दिल खोलकर चोदना, आज मेरी सारी प्यास बुझा दो हर्ष, में बहुत दिन से प्यासी हूँ हर्ष. फिर मैंने भाभी के कपड़े उतार कर उन्हें पूरा नंगा कर दिया. फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी अब आप मुझे नंगा करो. फिर भाभी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी और कहा कि आज तो बहुत ही मज़ा आने वाला है हर्ष.

फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं भाभी. फिर भाभी मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे में सातवें आसमान पर हूँ, वो मेरा लंड लॉलीपोप की तरह चूस रही थी और में उनके दोनों बूब्स दबा रहा था और मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी, आआअहह आआहह उउउह्ह्ह्हह्हह्ह्ह और ज़ोर से भाभी आअहह आआअहह. फिर मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और उनके बालों को पीछे से पकड़ा और लंड को चूत पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड फच की आवाज़ करके एक ही बार में भाभी की चूत में चला गया तो भाभी के मुँह से उउउइईई की आवाज निकली और जिसे सुनकर मुझे बहुत मज़ा आया.

फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत से निकाला और फिर से उनकी चूत पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का दिया, इस बार भाभी को भी मज़ा आया और उनके मुँह से आआहह की आवाज़ निकली. फिर में ऐसे ही ज़ोरदार धक्के लगाता रहा और पूरे रूम में आअहह आआहह आआहह और पुउऊउचुकक पुउऊउचुकक की आवाज गूंजने लगी. फिर 15-20 ऐसे ही ज़ोरदार धक्के लगाने के बाद मैंने भाभी से कहा कि मेरा माल निकलने वाला है तो भाभी ने कहा कि माल मेरे मुँह में ही निकालना. फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत से निकाल कर भाभी के मुँह में दे दिया और अपना सारा माल उनके मुँह में निकाल दिया. फिर भाभी मेरा सारा माल पी गई. फिर मैंने ऐसे ही भाभी को 1 महीने तक चोदा और फिर मैंने अपना फ्लेट चेंज कर दिया.

Hindi Sex Stories – anjali Ki Dusri Jaberdast Suhagraat

प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में मेरठ का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 23 है और में पिछले पांच सालों से लगातार कामुकता डॉट कॉम की सेक्सी कहानियाँ पढ़ रहा हूँ जो कि बहुत मजेदार होती है, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़ा आता है। मेरे लंड का साईज़ 6 इंच है, जो कि मोटा भी है और किसी को भी संतुष्ट करने के लिए बहुत है।

दोस्तों कुछ समय पहले मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती थी और उनका नाम अंजली था। जब उन्हें मैंने पहली बार देखा तो में तब से ही बस उनके सेक्सी जिस्म के बारे में ही सोचता था। पहली नज़र में ही वो मेरी आँखो में समा गई और तब से ही में मन ही मन उन्हें चोदने की बात सोचता था। फिर धीरे धीरे उनका परिवार हमारे परिवार के बहुत करीब आ गया और हमारे बीच बहुत सारी बातें होने लगी थी। वो भी हमारे घर आने जाने लगी थी और में भी कोई अच्छा बहाना बनाकर उनके घर पर चला जाता था और उनसे बहुत बातें किया करता था और इस तरह हम बहुत ही कम समय में एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये और फिर अपनी छुपी हुई बातें भी एक दूसरे से करने लगे थे। फिर उसके साथ में अब हम सेक्स की बातें भी करने लगे थे। फिर एक दिन उन्होंने मुझसे बातों ही बातों में अपनी सुहागरात के बारे में भी सब कुछ बताया, उन्होंने क्या क्या किया, कितनी बार चुदाई की।

दोस्तों वो चुदाई की बहुत प्यासी थी और वो बात उन्होंने मुझे कुछ दिनों बाद में खुद बताई, क्योंकि वो अपने पति के साथ हर दिन सेक्स किया करती थी। फिर कुछ दिनों बाद उसका पति कुछ दिन के लिए किसी जरूरी काम के सिलसिले में शहर से बाहर चला गया तो वो और ज्यादा मेरे करीब होने लगी। वो कभी मुझे अजीब से इशारे करती, जो मुझे भी अब थोड़े थोड़े समझ में आने लगे थे, लेकिन में अपनी तरफ से पूरा पक्का करना चाहता था, ताकि बाद में कोई आपत्ति ना हो जाए। अब मेरे मोबाईल पर उनके कुछ ज्यादा ही गंदे गंदे मैसेज आने लगे थे तो में भी उन्हें वैसे ही मैसेज करने लगा था और फिर हर रात को फोन पर हमारी बातें होने लगी और कुछ सेक्सी बातें भी हमारे बीच होती थी। फिर ऐसे ही दो दिन निकल गये, बस हमारी फोन पर बात होती और हम दोनों सेक्सी मैसेज भेजकर एक दूसरे को अपने मन की बात बताते थे, लेकिन पहले हम दोनों में से कोई भी शुरुआत नहीं करना चाहता ना तो में उनसे बोल सकता था कि में आपको प्यार देना चाहता हूँ और ना ही वो मुझसे सेक्स के लिए बोल सकती थी। हमारी बात दोनों तरफ से ही एकदम अधूरी थी और दोनों ही सेक्स के प्यासे थे, लेकिन एक दूसरे से कहने से बहुत डरते थे और में सोचता था कि वो कभी कुछ गलत ना मान ले और वो भी मेरे बारे में यही सोचती थी। एक दिन में उसके घर पर चला गया, तब वो घर पर एकदम अकेली थी और हम ऐसे ही बातें कर रहे तो हमारी यह बात सेक्स पर जा पहुंची और वो बातें करते करते थोड़ी उदास हो गई। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ भाभी? तब उसने मुझे सब कुछ बताया, क्योंकि तब तक हम सभी तरह की बातें एक दूसरे से करने लगे थे और तब मैंने उसे बताया कि में आपसे बहुत प्यार करता हूँ और आपको वो सब सुख दे सकता हूँ जो आपको चाहिए, हम दोनों एक दूसरे की ज़रूरत पूरी कर सकते है, लेकिन अगर आप चाहो तो? दोस्तों वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर तुरंत मान गई और फिर उसने मुझसे कहा कि तुम इस बात को बिल्कुल गुप्त रखना। फिर मैंने उनसे कहा कि आपके साथ साथ इस काम में भी शामिल हूँ और अगर बाहर किसी को पता चल गया तो हम दोनों की ही बहुत बदनामी होगी, इसलिए यह बात हमेशा हम दोनों के बीच में रहेगी और किसी तीसरे को कानो कान खबर नहीं होगी। फिर उन्होंने मुझे रात को अपने घर पर आने को कहा और मैंने भी ठीक है कहा और फिर मैंने उन्हें एक स्मूच किया और वहां से निकल गया और अब में अपने घर पर पहुंचकर बहुत बेसब्री से रात होने का इंतजार करने लगा था। मेरा एक एक मिनट एक दिन की तरह कट रहा था और रात को करीब 11 बजे उनका मेरे पास फोन आया। उसने मुझसे कहा कि तुम आ जाओ मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया है और में तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ।

फिर में बहुत खुश होकर तुरंत अपनी छत से उनकी छत पर चला गया। उसके बाद मैंने दरवाजे को हल्का सा धक्का दे दिया, उन्होंने अपना ऊपर का दरवाजा ऐसे ही अटकाया हुआ था, जिसकी वजह से मेरा हाथ लगते ही वो खुल गया और में अंदर चला गया। फिर में सीधा उनके बेडरूम में जा पहुंचा, जहाँ पर पहुंचकर मैंने देखा कि वो मेकअप करके बिल्कुल दुल्हन की तरह सजी हुई थी। फिर मैंने उससे पूछा कि यह सब क्यों? तब उन्होंने मुझसे कहा कि यह सब मैंने सिर्फ तुम्हारे लिए ही किया है। मैंने तुम्हें अपनी सुहागरात के बारे में पहले ही सब कुछ बता दिया था और उसी दिन मैंने मन ही मन सोच लिया था कि में अपनी दूसरी सुहागरात तुम्हारे साथ ही मनाउंगी और अपनी चूत को तुम्हारे लंड से चुदवाकर शांत करूंगी। दोस्तों में तो उनके मुहं से ऐसे शब्द सुनकर बहुत चकित हो गया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भाभी कभी मुझे यह सब शब्द भी कहेगी, लेकिन अब में वो सब सुनकर बहुत खुश हुआ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर हम एक दूसरे पर टूट पड़े। हम सबसे पहले किस करने लगे, जिसकी वजह से वो बहुत गरम होकर जोश में आ गई थी और थोड़ी देर किस करने के बाद मैंने उससे कहा कि आज तो हम इतने मज़े करेंगे कि तुम मुझे हमेशा याद रखोगी और में तुम्हें अपने बच्चे की माँ बनाऊंगा। फिर वो भी मुस्कुराते हुए मुझसे हाँ कहते हुए मेरे बच्चे की माँ बनने के लिए तैयार थी। उसके बाद मैंने उनके एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए और उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए, जिसकी वजह से हम दोनों ही बिल्कुल नंगे हो गये थे। अब में उनके सेक्सी जिस्म के हर एक हिस्से को चूसने लगा था और जब में धीरे धीरे चूमता हुआ उनकी चूत पर पहुंचा तो मैंने महसूस किया कि उनकी चूत पूरी गीली थी और अब मुझे बड़ा मज़ा आया और चूत को थोड़ी देर चाटने चूसने के बाद वो झड़ गई और में चूत रस को पीने लगा और फिर में दोबारा स्मूच करने लगा। करीब दस मिनट के बाद अब उनकी बारी थी तो उन्होंने तुरंत मेरा लंड पकड़ा और बड़े ही प्यार से अपने हाथ में लेकर आगे पीछे करने लगी और फिर उन्होंने लंड को अपने मुहं में ले लिया, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। में उस मज़े को शब्दों में नहीं बता सकता और कुछ देर बाद में उनके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरा सारा वीर्य पी गयी। मैंने फिर से उनके बूब्स चूसना शुरू कर दिया और धीरे धीरे काटने लगा और ऐसा करने से हम दोनों को ही बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन दोस्तों हमें भी पता नहीं था कि हम क्या कर रहे है? उतनी ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया तो उन्होंने मुझसे कहा कि अब ज्यादा देर मत करो प्लीज अब मेरी प्यास को बुझा दो जल्दी से अंदर डाल दो। फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर पर रख दिया और धीरे से धक्का देकर अंदर डालने लगा, तभी उनके मुहं से चीखने की आवाज़ निकल गई, अउउउहह आहहहहा उईईईईईई प्लीज थोड़ा और धीरे धीरे करो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है उफ्फ्फ्फफ् धीरे आहहहह, इसलिए मैंने धीरे धीरे धक्के दिए।

दोस्तों उनके कहने पर पहले तो मैंने अपनी स्पीड को बहुत कम रखा, लेकिन जब मुझे उनका दर्द कम होता हुआ महसूस हुआ तो में अपने धक्को को बढ़ाने लगा और अब में लगातार जोरदार धक्के देकर चुदाई करने लगा था और अब वो भी अपनी चूतड़ को उठाने लगी थी और मेरे साथ साथ अपनी चुदाई के पूरे पूरे मज़े लेने लगी थी। दोस्तों हमारी यह चुदाई करीब बीस मिनट तक चली और में उनके अंदर ही झड़ गया, लेकिन फिर भी में कुछ सेकिंड रुककर हल्के हल्के धक्के देता रहा और मैंने अपनी एक एक बूंद को उनकी चूत में डाल दिया, उनके चेहरे से मुझे उनकी संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी। दोस्तों उस रात को मैंने उन्हें चार बार चोदा और हर बार अपना पूरा वीर्य उनकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और ऐसे ही उन्हें तब तक उनका पति नहीं आया जब तक कभी रात को तो कभी दिन में चोदता रहा और उसके बाद भी मैंने उन्हें बहुत बार चोदा और उनकी चूत के बहुत मज़े लिए और अब वो मेरे बच्चे की माँ है, माँ बनने के बाद उनके बूब्स से दूध भी बहुत आने लगा है, इसलिए में अब जब भी मुझे कोई अच्छा मौका मिलता है तो उनके घर पर चला जाता हूँ और उनके बूब्स को अपने मुहं में लेकर उनका गरम गरम दूध पीता हूँ ।।

धन्यवाद …

Bhabhi Ne Jaberdasti Apni Chut Chatwaye

प्रेषक : सुरेश
हैलो, मैं सुरेश। मेरी उम्र २० वर्ष है। आपके लिये मै एक ऐसे स्टोरी लेकर आया हूँ जिसे पढकर आपका मन चोदने और चुदवाने का करने लगेगा। मेरे घर में चार भाई है और मेरे पिताजी है माँ का देहांत तब ही हो गया था जब मेरी उम्र ९ साल की थी। मेरे दो भाई मुंबई में सॉफ्टवेर इन्जिनेअर है जबकि सबसे बड़ा भाई हमारे
साथ ही जालंधर में रहता है। मेरे भाई की शादी हुई तो मैं बड़ा खुश हुआ कि जो माँ का प्यार माँ से नहीं मिला वह भाभी से मिल जायेगा। शादी के बाद भाभी हमारे साथ ही रहने लगी हम गाँव के सबसे बड़े परिवार से ह। पिताजी का धयान रखने के लिए नौकर तो था पर नौकर और घर के सदस्य में रात दिन का अंतर था। भाभी भी मुझसे मजाक किया करती।एक दिन की बात है मैं बाथरूम में नहाने जा रहा था तो मेने भाभी से मेरी अंडरवियर और बनियान मांगी। भाभी बोली कि देवर जी आप नहाना तो शुरू करो मैं ढूँढकर लाती हूँ मैंने कहा ठीक है जब मैं नहा लिया और मैं केवल एक पतला सा टॉवेल लपेटकर खडा था तभी भाभी आई और बोली कि लो अपने अंडरवियर लो यह कहकर वो दरवाजे के बहार खड़ी होकर दूर से अपना हाथ दिखा रही मेने भाभी से अंडरवियर लेने के लिए जैसे ही दरवाजा खोला भाभी ने दरवाजे में जोर से धक्का दिया और मेरे बाथरूम में घुस आई और मेरी कमर पर गुदगुदी करने लगी।

इस मजाक में वह हो ही गया जिसका मुझे डर था मेरा टॉवेल खुल गया और भाभी के हाथ में मेरा लिंग आ गया इसी बीच मैं शर्म के मारे बाथरूम से नंगा बाहर निकल कर भाग गया क्यूंकि उस समय घर पर मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं था इस बात पर मैं भाभी से इतना नाराज़ हुआ कि पूरा दिन बोला नहीं। पर शाम को वह मुझसे बोली कि सुरेश तुम मुझसे नाराज़ हो क्या तो मेने अपनी नाराजगी तोड़ते हुए न कहा दिया। अगले दिन जब मैं पढ़ाई कर रहा था तभी भाभी मुझसे बोली कि सुरेश मैं नहाने जा रही हूँ तुम कल की बात का बदला लेने की कोशिश मत करना, तो मैं बोला नहीं भाभी मैं तो उस बात को कबका भूल चूका हूँ।

तभी नहाते हुए भाभी बोली कि सुरेश मुझे एक साबुन लाकर दो मेरा साबुन खत्म हो गया है मैं बोला अभी तो मैं दुकान जाकर साबुन नहीं ला सकता। भाभी बोली कि दुकान से लाने को थोड़े ही कह रही हूँ, मेरे ड्रोर में रखा वहीं से ला दो। जैसे मैं साबुन लेकर आया तो भाभी दरवाजे में से मुह निकालकर झांक रही थी तो जैसे ही मैंने जैसे ही हाथ बढाया तो भाभी ने साबुन लेने के बहाने मेरा हाथ पकड़ कर खींच लिया और मैं बाथरूम में गिरने लगा तो भाभी ने हाथ पकड़कर मुझे संभाला तभी मेरा हाथ उनकी चूत पर पड़ गया। मैंने देखा कि भाभी बिलकुल नंगी खड़ी थी और उनके बूब्स बहुत बड़े थे और उनके निप्पल गुलाबी रंग के थे और उनकी चूत पर बहुत बड़े बाल थे और उन बालो के कारण चूत भी ठीक से नहीं दिख रही थी।

तभी मुझे अपन पेंट में कुछ रेंगने का अनुभव हुआ मैंने देखा जब तक तो भाभी मेरे पूरे कपडे (पेंट, अंडरवियर) दोनों उतार चुकी थी्। मैं भाभी के सामने बिलकुल निवस्त्र खडा था और भाभी मेरे लंड को बड़े मजे से चूस रही थी तभी भाभी ने नीचे लेट कर पोसिशन ६९ में आ गयी और अब वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनकी न चाह कर भी उनकी बालो वाली चूत चाट रहा था थोडी देर बाद वह उठी और मुझसे अपना ७’ लंबा लंड मेरी चूत में डालने को कहने लगी

मैंने जैसे ही अपना लंड भाभी की चूत पर रख कर जोर से धक्का दिया वह भाभी की चूत में न जाकर वहां से फिसलकर पीछे की और सरक गया फिर भाभी बोली जानू ऐसे नहीं और फिर वह साबुन उठाकर अपने हाथ पर लगाकर मेरे लंड पर रगड़ने लगी फिर उसके बाद उन्होंने उतना ही साबुन अपनी चूत पर लगा दिया और फिर बोलीं कि जान अब धक्का दो जैसे ही मैंने जोर से एक धक्का दिया वह चिल्ला पड़ी आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईईइह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फिर मैंने एक और झटका देकर पूरा लंड भाभी की चूत में समां दिया और अब उनका और मेरा शरीर आपस में रगड़ने लगे उस दिन भाभी ने मुझे जिन्दगी मैं पहली बार सेक्स करना सिखाया

लेकिन उस सेक्स के बाद मुझे उस गलती पर बड़ा पछतावा हुआ और मैंने भाभी के कितना भी उकसाने पर ये गलती न दोहराने का संकल्प लिया। एक दिन जब मैं बाज़ार सामान लेने गया तो मुझे रास्ते जाकर ध्यान आया कि मैं पैसे लाना तो भूल गया हूँ। जैसे ही मैं घर पैसे लेने वापस आया तो देखा कि भाभी एक नौकर के साथ चिपकी हुई थी मुझे देख कर वह दूर हट गयी और फिर नौकर मुझे देख कर चला गया तभी मैंने भाभी से पूंछा तो वह कहने लगी कि तुम्हारे भैया तो बस काम के कारण बाहर ही रहते है उन्हें तो मुझे संतुष्ट करने का तो उन्हें कोई ख्याल नहीं रहता और तुम भी मेरे साथ एक बार सेक्स करके ही रह गए अब तुम ही बताओ ऐसे में मैं क्या करूं

वह बोली तुम्हे तो मेरे साथ …….. ऐतराज़ है मै बोला ऐतराज नहीं है मैं इस काम को पाप समझता हूँ वह बोली कि तुम मुझे इस तरह खु्श करो कि तुमसे पाप भी न हो और मुझे मजा भी आ जाये। मैं बोला क्या सच में ऐसा हो सकता हैं वह बोली कि हाँ क्यूँ नहीं तो मैंने कह दिया ठीक है वो मुझे कमरे मैं ले गयी और मेरे होठ चूमने लगी तो मैंने मना किया तो वह बोली कि मैं तुमसे तुम्हारा लंड अपनी चूत में डालने को तो नहीं कह रही हूँ फ़िर उन्होंने मेरे पूरे कपडे उतार दिए फिर अपने कपडे भी उतार कर बैठ गयी और मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगी तभी मेरी नज़र उनकी चूत पर गयी आज वह बड़ी सुंदर और चिकनी दिख रही थी अब मुझसे नहीं रहा गया और मैं अपना संकल्प भूलकर पोसिशन ६९ में आकर भाभी की चूत चाटने लगा।

फिर भाभी ने मुझे उठाकर मेरा मुंह अपने बूब्स पर रख दिया फिर मैंने दोनों स्तनों से नीचोड़ नीचोड़ कर स्तनपान किया और कुछ देर बाद भाभी की दोनों टांगें विपरीत दिशा में करके उनकी चूत पर लंड फेरने लगा भाभी के मुह से आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊउह्ह्ह्ह्ह ईईईह्ह्ह्ह्ह्ह निकल पड़ा तभी मैंने भाभी की चूत पर एक जोर से झटका मारा तो भाभी और तेज़ और तेज़ कह कर मेरा साथ देने लगी मेरा जोश यह सुनकर दुगना हो गया फिर भाभी और मैं एक साथ स्खलित हो गए उस दिन मुझे पहली बार से भी ज्यादा आनंद आया अब भाभी और मैं जब भी हमें मौका मिलता है तब यह खेल खेलते है।

धन्यवाद

Sasurji Ka Mota Garam Lund Chut Ke Andar

मेरा नाम  अनुराधा है और मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ. मेरी उम्र 24 साल है. यह बात एक साल पहले की है मेरी शादी को 28  महीने हो चुके थे पर अभी तक कोई बच्चा नहीं है. मेरे पति एक कंपनी में काम करते हैं और वे काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाते रहते हैं. मेरी सास नहीं हैं केवल घर में मेरे ससुर हैं वो फ़ौज़ से रिटाइर हुए हैं. बच्चा ना होने से हमारे घर का माहोल सदा सूना ही रहता है हमने चेकअप भी कराया है. रिपोर्ट में मेरे पति में कमी आई है लेकिन मेरे पति यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि उनमें कोई कमी है. वो कहते हैं समय आने पर बच्चा हो जाएगा. लेकिन मैं और मेरे ससुर चिंतित रहते हैं. मेरे ससुर तो कई बार मुझसे पोते की ज़िद कर चुके हैं और कह चुके हैं की मुझे पोता हर हाल में चाहिए. इस समस्या का समाधान करने की मैने एक प्लॅनिंग की. मैने सोचा क्यों न मुझे अपने ससुर से ही बच्चा पैदा करवाना चाहिए. इसके लिए मैं मौके की तलाश में रहने लगी.
एक दिन मेरे पति काम के सिलसिले में दो दिन के लिए बाहर गये. मैं इसी मौके की तलाश में थी. जबसे मेरी शादी हुई है तबसे मैं देख रही हूँ की मेरे ससुर अक्सर मुझे गन्दी निगाहों से घूरते रहते हैं मैं शरमा कर सर नीचे कर लेती हूँ. मैने उनकी नज़रों में हवस देखी है. उस दिन मैं रसोई में रात का खाना बना रही थी ससुरजी अपने कमरे में थे. तभी मैं दर्द का बहाना बना कर चिल्लाने लगी. ससुरजी दौड़े- दौड़े आए और बोले क्या हुआ बहू. मैं बोली पिताजी कमर में मोच आ गयी है अब क्या होगा. वो बोले चिंता की कोई बात नहीं बहू मैं हूँ ना. मैं बोली पिताजी खड़ा नहीं हुआ जा रहा है. वो बोले मैं तुम्हे कमरे में ले चलता हूँ. ऐसा कहकर उन्होने मुझे कमर से पकड़ा और मुझे बेडरूम की तरफ ले कर चलने लगे. उनके हाथों के स्पर्श से मैं उतेज़ित होने लगी. चलते-चलते मेरा हाथ उनके पायजामे में लंड से छू गया मैंने हड़बड़ा कर हाथ हटा लिया. उनकी होठों पर हल्की सी मुस्कान आ गयी. मैं समझ गयी की उन्हे भी यह अच्छा लगा.
उन्होने मुझे बेड पर लिटा दिया और बोले मैं डॉक्टर को बुलाता हूँ. मैं बोली पिताजी मेरी अलमारी में तेल की शीशी रखी है यदि आपको कोई ऐतराज न हो तो आप मेरी कमर पे लगा दीजिए मुझे उससे आराम हो जाएगा. वो बोले क्यों नहीं मैं अभी लगता हूँ. ऐसा कहकर वो तेल की शीशी ले आए.
वो बोले बहू तुम पेट के बाल लेट जाओ मैं तेल लगा देता हूँ. मैं पेट के बाल लेट गयी. मैं बोली पिताजी मेरी साड़ी उतार दीजिए नहीं तो इसमे तेल लग जाएगा. वो ये सुनकर हड़बड़ा गये और बोले तुम ही उतार लो बहू. मैं बोली मुझसे हिला नहीं जा रहा है आप ही खोल दीजिए ना. वो अपना हाथ मेरी कमर पर लाए और साड़ी खोलने लगे मैं पेट के बल उचक गयी जिससे साडी आराम से निकल जाए. अब मैं केवल पेटिकोट और ब्लाउज़ में थी. मैने कहा पिताजी मेरे ब्लाउज़ के हुक खोल कर तेल लगाइए ना. उन्होने ब्लाऊज़ के हुक खोले और तेल लगाने लगे. उनके हाथों के स्पर्श से मैं उत्तेजित हो गयी तभी मेरी नज़र उनके पाइज़ामे पर पड़ी मैने देखा की उनका लंड खड़ा हो गया है वो किसी तरह उसे शांत कर रहे थे मैं यह देख कर मुस्कराने लगी. मैं बोली पिताजी पायज़ामा उतार दीजिए नहीं तो तेल लग जाएगा. वो बोले हाँ बहू तुम ठीक कहती हो ऐसा कहकर उन्होने पायज़ामा उतार दिया अब वो सिर्फ़ नेकर में थे.
वो मेरी कमर पर तेल लगाते हुए बोले बहू पूरी कमर पर नहीं लग रहा है मैं बोली मेरी ब्रा के हुक खोल दीजिए उन्होने काँपते हुए हाथो से मेरी ब्रा के हुक खोल दिए मैने ब्रा को अलग कर दिया. अब उनका हाथ मेरी चुचियों तक जाने लगा उनके स्पर्श से मैं उत्तेजित हो गयी और बोली पिताजी थोड़ा और नीचे तक लगाइए ना. वो बोले नीचे पेटिकोट है हाथ नही जा रहा है. ऐसा सुनकर मैने पेटिकोट कन नाडा खोल दिया और बोली की अब जितनी इच्छा हो पेटिकोट नीचे कर लीजिए. ऐसा सुनकर वो खुश हो गये और मेरा पेटिकोट घुटनों तक नीचे कर दिया. अब मैं उनके सामने पेंटी में थी. मुझे शर्म भी आ रही थी. अब वो मालिश करते-करते अपने हाथ को मेरी पेंटी के अंदर डाल देते और मेरे चूतड़ो को मलने लगते. मेरी चूत गीली हो गयी.
अब वो धीरे-धीरे मेरे पेटिकोट को नीचे करते गये और फिर उन्होने उसे निकल दिया मैने कुछ नहीं कहा. अब वो मेरी टांगो पर भी तेल लगाने लगे. अब उनके हाथ मेरी गांड तक जाने लगे. और पता नहीं कब उन्होने अपना नेकर उतार दिया उनका लंड मेरे चूतडो को छूने लगा. फिर उन्होने मेरी पेंटी भी उतार दी और मेरे उपर लेट कर बोले बस बहू अब और नहीं सहा जाता अब तो अपनी चूत दे दो. मैं बोली पिताजी चूत मरवाने के लिए ही तो ये सब नाटक किया है. वो बोले सच मैने कहा हां .ऐसा कहकर उन्होने मुझे पलट कर सीधा कर दिया. अब मेरी चूत उनके सामने और उनका लंड मेरे सामने था. वो मेरी चूत को देख कर बोले ऐसी मस्त चूत मैने पहले कभी नहीं देखी. क्या मस्त माल है फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे.  आप यह कहानी सेक्स समाचार डॉट कॉम पर पढ़ रहे है .  मेरी सिसकियाँ निकलने लगी. फिर मैं उठकर उनका लंड मुँह में भर कर चूसने लगी. वो मेरे चुचे दबाने लगे. मैं उत्तेजित हो कर बोली ससुर जी अब देर ना करो लोहा गरम है ठोक दो मेरी चूत अपने लंड से.
उन्होने मुझे सीधा लिटाया और मेरी टाँगे फैला दी अब अपने लंड को मेरी चूत के मुँह पर लाकर ज़ोर का धक्का मारा की लंड का सूपड़ा अंदर चूत को चीरता हुआ घुस गया. मैं दर्द से बिलबिला पड़ी मैं चीखने लगाई हाय मरी…..फट गयी मेरी उह……छोड़ो आह…… ससुर जी कहाँ रुकने वाले थे उन्होने धक्का मारना चालू रखा थोड़ी देर में सारा लंड अंदर घुस गया. मैं बोली आपने फाड़ डाली इतना मोटा लंड है जैसे किसी सांड़ का हो. वो बोले बहू तेरी चूत भी बड़ी टाईट है मेरा लंड फँसा हुआ है फिर उन्होने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए अब मुझे मज़ा आने लगा मैं बोली फाड़ डालो मेरे बलम मेरी चूत आह…. उई…. आईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आहह……………मारो मेरी चूत फाड़ डालो अपने लंड से मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनूँगी वो बोले क्या चूत है ओह……आह…..उह…….वो बोले ऐसी चूत तो तेरी सास की भी नहीं थी मुझे पता होता की मेरी बहू की ऐसी मस्त चूत होगी तो तुझे ब्याह के पहले ही न ले आता. मैं बोली मुझे पता होता की मेरे ससुर का सांड जैसा लंड है तो मैं आपसे ही शादी करती. कमरे मै  च….. खच….. पच…… फ़चफ़च……….. फ़चाफ़च…..की आवाज़ें गूंजने लगी. वो बोले अब तो तेरी ही चूत मारा करूँगा बहू बोल मरवाएगी ना. मैं बोली अब तो मैं आपकी हूँ जब चाहो मुझे चोद लिया करो बालम. थोड़ी देर बाद ससुर ने अपना वीर्य मेरी चूत में डाल दिया और मुझे पेट से कर दिया.
अब वो मेरी गाँड पर तेल लगाने लगे मेरी ना नुकर के बाद भी उन्होने अपना लंड मेरी गाँड में डाल कर मेरी गाँड भी मारी. मुझे भी गाँड मरवाने में बड़ा मज़ा आया. अब तो हर रोज़ चोदम-चुदाई का खेल खेलते है. अब मैं अपने ससुर ही चुद्ती हूँ. 9 महीने बाद मैने एक लड़के को जन्म दिया मेरे पति खुश है की वो बाप बन गये लेकिन मैं ही जानती हूँ कि यह बच्चा तो मेरे ससुर का है.
आशा है आपको मेरी सच्ची कहानी पसंद आएगी. रिप्लाई जरुर करे …
धन्यवाद …

Hindi Sex Stories – Desi Kamwali Ki Masti Chudai Hall Me

हेलो फ्रेंड, मेरा नाम अभिनव है और मैं बीएससी ३ इयर का स्टूडेंट हु. ये कहानी उस टाइम की है, जब मैं सिविल की प्रिप्रेशन कर रहा था. तब मेरी उम्र २१ साल की थी. मैं और मेरा दोस्त शेलेन्द्र जो अभी बीटेक फाइनल इयर में है. हम दोनों एक फ्लैट में साथ में रहते थे और घर के लिए हम लोगो ने एक नौकरानी को रखा हुआ था. उसका नाम लीला था. वो लगभग २७ – २८ साल की होगी और थोड़ी सी सांवली थी; लेकिन उसका फिगर लाजवाब था. मैं और शालू तो उसको काम करते वक्त कभी बूब्स, तो कभी उसकी गांड देखा करते थे. उसका एक ७-८ साल का बच्चा भी था. मैं तो उसके नाम की और उसको देख – देख कर कई बार मुठ भी लगा लिया करता था. हम दोनों ने शर्त लगायी थी, कि जो भी इसे पहले चोदेगा; वो पार्टी देगा. उस दिन के बाद तो, हम दोनों ही उसको चोदने का मौका ढूंढने लगे थे. शालू जब भी कॉलेज जाता था, तो मैं लीला को चोदने के प्लान बनाने लगता.

एक दिन, जब शालू फ्लैट पर नहीं था, तब मैंने अपने चड्डी- बनियान कहीं छुपा दिए. ताकि वो लीला को ना मिले और मैं बाथरूम में नहाने गया. मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए. मैं नहा लिया और फिर लीला को आवाज लगायी, कि मेरे कपड़े लेके आ और उसने काफी देर बाद जवाब दिया, साहब मुझे मिल नहीं रहे है. आप ले लेना. ये तो सिर्फ मुझे पता था, कि वो मैंने कहीं छुपा दिए है. मैंने टॉवल लपेटा और वेट करने लगा, कि लीला किचन से कब बाहर आये, पौछा लगाने के लिए. जैसे ही वो बाहर आई, तो मैं बाहर आ गया और जैसे ही मैं उसके पास पंहुचा, मैंने जान- बुझकर अपना टॉवल नीचे गिरा दिया. मैं उसके सामने पूरा नंगा खड़ा था और मेरा लंड लटका हुआ बाहर आ गया था और उसने मेरी तरफ देखा और झट वापस गर्दन नीचे झुका ली. मैं नौटंकी करता हुआ, अन्दर चले गया और चलो तरकीब काम तो आई. उसने अब मुझे नंगा तो देख लिया था.

अब मुझे दूसरा प्लान बनाना था और आज ही उसे चोदना था. मैं अपने बेड पर बैठ गया और पेपर पढने लगा. थोड़ी देर बाद, लीला आई और मुझसे बोली – साहब, आपने अभी तक कपडे नहीं पहने. मैंने कहा – मिले नहीं है, तो पहनुगा क्या? अब जो अभी- अभी धोये है, वो जब सुख जायेंगे. तब पहन लूँगा. फिर मैं अपनी टाँगे और घुटने इस तरह से मोड़कर बैठ गया, कि मेरा टॉवल थोडा सा खुला रहे और मेरा लंड उसको दिखने लगे. किया तो मैंने ये जानबुझकर था. लेकिन, मैं इस बात से अनजान बन रहा था. मैं उसको बराबर देख रहा था, वो थोड़ी- थोड़ी देर में नज़र बचाकर मेरे लौड़े को देख रही थी. शायद उसको भी मज़ा आने लगा था. देखने में तो मैं ठीक ही था. मैंने उसको कहा, जाओ खाना बना लो. मुझे भूख लग रही है. वो किचन में चली गयी और मैं बेड पर लेट गया और सोने की एक्टिंग करने लगा. मैंने अपने टॉवल को अब अपने ऊपर से हटा दिया और मैं अब बिस्तर पर नंगा लेटा हुआ था. १० मिनट बाद, लीला खाना लेकर आई, तो मैं उसको अपनी आधी खुली आँखों से देख रहा था.

उसने मुझे बेड पर नंगा लेटे हुए देखा. तो उसकी आँखे बड़ी हो गयी और उसने चुपचाप थाली टेबल पर रखी, ताकि शोर ना हो और वहीँ खड़े होकर काफी देर तक मेरे लंड को घूरती रही. फिर वो वहीँ कमरे में खड़े- खड़े मेरे लंड को देखते हुए, अपने बूब्स दबाने लगी और साड़ी के ऊपर से ही अपनी चूत की खुजली मिटाने लगी. मेरा लंड अब पूरा तन्न कर खड़ा हो चूका था. उसने मुझे जगाया नहीं. पर उसने गेट बजाया. मैं आँख नहीं खोली. उसने ये मेरी नीद को चेक करने के लिए किया था. अब उसे यकीं हो गया, कि मैं बहुत गहरी नीद में हु. फिर, वो मेरे पास आई और उसने मेरे पुरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और एक दो बार हिलाकर छोड़ दिया. ऐसा करके वो अपनी हवस को शांत कर रही थी. मैं ये सब आधी खुली हुई आँखों से देख रहा था. पर वो फिर किचन में चली गयी और जोर से चिल्लाकर बोली – साहब, आपके कपड़े सुख गये है पहन लो. मैं बेड से उठा और अब मुझे पता लग ही गया था, कि लीला को चोदने में अब कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.

मैंनेटॉवल को साइड में रखा और नंगा ही किचन में चले गया और उसके पीछे से बोला – क्या बनाया है आज खाने में? उसने पीछे मुड़कर मुझे देखा, तो मैं नंगा ही खड़ा था. उसने अपने दोनों हाथो से अपनी आँखे बंद कर ली. तो मैंने उसे पकड़ के अपने दोनों हाथो से उसके चुतड दबा दिए. वो बोली – साहब, आप ये क्या कर रहे हो? तो मैंने कुछ नहीं कहा और चुपचाप अपना काम करता रहा. वो ये सब चुपचाप देखती रही. मैंने स्टोव बंद कर दिया और कहा – तुझे कुछ करना है, तो कर ले. अभी टाइम है. पर वो चुपचाप ही खड़ी रही. मैं किचन से बाहर आकर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा, अभी तक मैं नंगा ही था. मैंने लीला को कहा – खाना यहीं ले आ. वो खाना लेकर आ गयी. मैं नंगा ही बैठकर खाने लगा.

अब मैंने सोच लिया था, कि जब तक लीला को चोद नहीं लूँगा. तब तक कपड़े नहीं पहनुगा. मैंने लीला को बुलाया और कहा – आज टीवी देख ले, अगर काम ख़तम हो गया हो तो. वो आ गयी और मैंने उसे अपने पास ही सोफे पर बैठा लिया. मैंने उससे कहा – अब हिला दो मेरा और वो हस्ते हुए बोली – साहब, आप मानोगे नहीं और फिर उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी. मैंने उससे कहा – आज तू मेरा दूसरी बार हिला रही है, तो वो बोली साहब कैसे? मैंने कहा – जब मैं सो रहा था, तब भी तूने ही हिलाया था. उसने कोई सवाल नहीं किया और बस मुस्कुरा दी और मैंने कहा कुछ और भी तो कर ना. वो समझ गयी और उसने मेरा लंड उसके मुह में ले लिया और बढ़िया तरीके से चूसने लग गयी. जब वो घोड़ी बनी हुई थी, तब मैंने उसके घाघरे को ऊपर कर दिया और उसकी चूत और गांड में ऊँगली डालने लगा. अब उसकी चूत गीली हो चुकी थी और टपक रही थी. मैंने उसको जमीन पर लिटा दिया और साड़ी को साइड में करके उसके ब्लाउज को खोलने लगा. उसके बूब्स बहुत बड़े थे और उसके निप्पल भूरे रंग के थे.

बूब्स मोटे, चिकने गोरे भरे हुए, एकदम शेप में थे. फिर मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया. अब हम दोनों जमीन पर नंगे लेटे हुए थे और मैंने अपने लंड को देर ना करते हुए, उसकी फूली चूत में घुसा दिया. उसकी चूत अभी भी थोड़ी टाइट थी. शायद उसका पति उसे चोदता नहीं था. मैंने उसको चोद- चोदकर अपना वीर्य उसकी चूत के अन्दर ही छोड़ दिया. मैंने उस से कहा – चल अब घोड़ी बन जा. अब तेरी गांड मारनी है. पर उसने कहा – साहब नहीं. मैंने आज तक ऐसा नहीं किया. मैंने कहा – तो आज कर ले. उसने कहा – ठीक है. मैं अन्दर जाकर बॉडी लोशन लेकर आया और डाल दिया, उसकी गांड के अन्दर. फिर मैं अपने लंड को उसकी गांड में जबरदस्ती घुसेड़ने लगा. वैसे तो मेरा लंड एक ही झटके ने जाता नहीं था, लेकिन उसकी गांड में मेरा लंड एक ही बार में चले गया. वो जोर से चिल्लाई, आआहहहह … मार डाला आज तो.

मैंने कहा – गांड ऐसे ही मरती है लीला जानू और उसकी गांड का गोरेगांव बना दिया और वीर्य उसकी मुह में डाल दिया. लीला की चुदाई करके मैं नहाने चले गया. उसने भी स्नान किया और १/२ घंटे बाद शालू भी रूम पर आ गया. उसे शाम को पार्टी देनी थी. उसी शाम को शालू ने भी लीला को चोद लिया. उसके बाद हम दोनों ने लीला को बहुत चोदा, लेकिन जब लीला की मर्ज़ी होती थी तब ही.

Hindi Sex Kahani – Rekha Ki Gili Chut Chatkar Chudai

प्रेषक : रेयांश …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रेयांश है और में भी आप सभी लोगो की तरह कामुकता डॉट कॉम का बहुत समय से पाठक हूँ और एक दिन मैंने सोचा कि क्यों ना में भी अपनी एक सच्ची घटना आप सभी को बताऊँ, क्योंकि मुझे इस साईट से अच्छी जगह कोई नहीं मिली अपनी बात आप तक पहुँचने के लिए और दोस्तों यह बात तब की है जब में 12th क्लास में पढ़ता था और उस समय मेरे साथ एक लड़की पड़ती थी। उसका नाम रेखा था, उसको में मन ही मन बहुत पसंद किया करता था। दोस्तों वो दिखने में बहुत सुंदर, उसका वो गोरा, गदराया हुआ बदन मुझे क्या हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करता था। तो एक दिन जब हम अपनी क्लास से बाहर निकल रहे थे तभी बहुत ज़ोर से बारिश होने लगी और में अपनी बाईक से अपने घर पर जा रहा था। तो मैंने रेखा से कहा कि चलो में तुम्हे तुम्हारे घर पर छोड़ देता हूँ और अब थोड़ा ना नकुर करने के बाद वो मान गई और रास्ते में हम अपनी क्लास की बातें करते रहे।

फिर उस रात मैंने उसको एक मैसेज किया कि मुझे तुमसे कुछ बात करनी है, तो उसने मुझे कॉल करने को कहा और फिर मैंने उसे फोन करके अपनी दोस्ती के बारे में कहा तो उसके कुछ दिन बाद हमारी दोस्ती कब प्यार में बदल गई हमें पता ही नहीं चला और अब हम एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे थे। धीरे धीरे हमने सेक्स चेट भी चालू कर दिया, लेकिन मैंने उसे किस से ज्यादा कुछ नहीं किया। एक दिन हम फिल्म देखने चले गये तो तभी फिल्म में एक सेक्सी सीन आ गया और उसे देखकर में बहुत हॉट हो गया। मैंने उससे कहा कि मुझे किस करना है। तो उसने मेरे होंठो पर अपने होंठो लेकर समूच करना शुरू कर दिया और फिर मैंने उसकी जीभ को चूसना चालू किया और वहां पर मैंने पहली बार उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से दबाया। अब वो भी बहुत गर्म हो गई थी। उसने मुझसे कहा कि प्लीज अब इन्हे कैसे भी करके चूसो दबाओ। अब मैंने उसके कहने पर इधर उधर देखकर उसके सूट को थोड़ा ऊपर कर दिया क्योंकि वो फिल्म थोड़ी सेक्सी थी तो वहां पर ज्यादा लोग भी नहीं थे।

फिर मैंने उसके बूब्स को दबाना चूसना शुरू किया, वाह क्या मस्त मुलायम थे उफ़फ्फ़ वो उसके छोटे छोटे बूब्स, उसके ऊपर छोटी सी किशमिश जैसी निप्पल। में अब उन्हे ज़ोर से चूस रहा था और उसके मुहं से अब मोन की आवाज़ आ रही थी आअहह उह्ह्ह्हह्ह हाँ रेयांश और ज़ोर से चूसो खा जाओ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी जान आईईईईईई खा जाओ और ज़ोर चूसो, दबाकर पी जाओ मेरे दोनों बूब्स को अह्ह्ह्ह आईईईई। फिर कुछ देर के बाद मैंने उससे कहा कि तुम भी अब मेरा लंड चूसो। उसने पहले तो मुझसे साफ मना कर दिया, लेकिन फिर मेरे कहने पर वो मान गई। उसने मेरा 6.5 इंच का लंड मेरी पेंट से बाहर निकाला जो अब तक पेंट में तम्बू बनकर खड़ा था और फिर वो नीचे बैठकर चूसने लगी। में तो जन्नत में था दोस्तों उसने मुझे सातवें आसमान पर पहुंचा दिया था। मेरे लंड का सुपड़ा वो अपने मुहं में पूरा अंदर तक ले गई थी और उसे लोलीपोप की तरह चूस रही थी। तभी कुछ देर के बाद मेरा वीर्य उसके मुहं में ही निकल गया और उसने वहीं पर उल्टी कर दी। फिर मैंने थोड़ी देर उसके बूब्स दबाए और फिर कपड़े ठीक करके हम अपने घर पर चल दिए। दोस्तों वो मेरा पहला सेक्स अनुभव था, लेकिन उस दिन मैंने उसकी चूत को नहीं देखा था, लेकिन फिर कुछ दिन बाद मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने उसे अपने स्कूल से बिना बताए मेरे घर पर बुला लिया। वो उस समय स्कर्ट और शर्ट में थी और फिर मैंने उसे किस करते करते उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए और फिर उसकी ब्रा को भी खोल दिया और फिर मैंने 15 मिनट तक उसके छोटे छोटे रसीले बूब्स को दबाया। दोस्तों मुझे तो उस दिन मज़ा ही आ गया। फिर मैंने हाथ को नीचे बढ़ाते हुए उसकी स्कर्ट को उतार दिया और फिर पेंटी को भी। उसने मुझसे कहा कि प्लीज पहले कंडोम लगा लेना, तभी आगे कुछ करना।

फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है और फिर में उसे अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया और उसे बिल्कुल सीधा लेटा दिया और फिर मैंने उसके माथे पर किस किया और उसके बाद उसके गुलाबी गुलाबी होंठो को चूसा। फिर गर्दन को चूमा और फिर ऐसे ही बूब्स और फिर मैंने उसकी चूत के पास आकर उसकी जाघों पर किस किया, लेकिन अब उसकी चूत की खुशबू मुझे बिल्कुल पागल बना रही थी। मैंने जल्दी से उसकी जाघों को एक दूसरे से अलग करके देखा तो उसकी वो छोटी सी गुलाबी चूत मेरी आखों के सामने थी। मैंने अब बिल्कुल भी देर ना करते हुए उसकी चूत में अपनी जीभ को लगा दिया और फिर चूसने लगा। दोस्तों मुझे इसमें बहुत मज़ा आ रहा है और वो अब सिसकियाँ ले रही थी आहहहा उम्म्महाअ उम्म्म्ममम उम्म्म आह्ह्ह्ह रेयांश प्लीज आईईईईइ थोड़ा और ज़ोर से चूसो। हाँ तुम आज खा जाओ आह्ह्ह्हह्ह रेयांश। दोस्तों उसके मुहं से निकलती हुई सिसकियों की आवाज अब मुझे एकदम दिवाना बना रही थी। मैंने उसकी बहुत देर तक अपनी जीभ से चुदाई की और फिर कुछ देर बाद हम दोनों ने 69 में आकर दोनों की प्यास बुझाई। उसने कुछ देर बाद अपनी चूत का पानी मेरे मुहं में डाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसके कुछ देर बाद मैंने अपना 6.5 इंच का लंड उसकी चूत के छेद पर लगा दिया। में अब धीरे धीरे लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा, लेकिन वो अब गरम होने के साथ साथ बहुत डर भी रही थी क्योंकि मैंने उसके कहने के बाद भी अपने लंड पर कंडोम नहीं लगाया था। उसने मुझसे कहा कि प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करना मुझे बहुत दर्द होगा क्योंकि तुम्हारा यह बहुत लम्बा और बहुत मोटा भी है। तो मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। में बहुत धीरे करूंगा जिससे तुम्हे ज्यादा दर्द नहीं होगा, लेकिन थोड़ा जरुर होगा। उसे तुम्हे सहन करना होगा, तुम्हारा वो दर्द ही आगे जाकर तुम्हारा मज़ा बन जाएगा। अब मैंने उठकर तेल लाकर थोड़ा सा तेल उसकी चूत पर डाला और अपने लंड पर भी लगाया। फिर लंड को चूत पर रखकर धीरे से धक्का दिया। तभी अह्ह्ह्हह आईईईईईई उसके मुहं से एक ज़ोर की चीख निकल गई। मेरा सुपाड़ा चूत के अंदर था। अब हम दोनों एक हो गये थे और उसकी चूत की सील टूट गई थी। वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी थी और वो अपने दर्द से करहा रही थी। फिर मैंने कुछ देर रुककर एक और ज़ोर का धक्का दिया और साथ ही साथ उसको किस करता रहा और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेती रही और चीखती चिल्लाती रही आह्ह्ह्ह्ह्ह् आईईईइईई, लेकिन मैंने लगातार धक्के मारने चालू किए। मैंने उसको करीब 15 मिनट तक चोदा और उसकी चूत में अपना गरम गरम लावा छोड़ दिया। दोस्तों यह चुदाई मेरा पहला सेक्स अनुभव था और कुछ समय बाद हम एक दूसरे के शरीर से खेलते रहे और फिर कुछ देर बाद मेरा लंड दोबारा से खड़ा होने लगा। मैंने रेखा को कहा कि फ्रिज से चॉकलेट निकालकर लाओ। वो उठकर चली गई और चॉकलेट लेकर आ गई। फिर मैंने रेखा की चूत पर चॉकलेट लगाई और थोड़ी मेरे लंड पर फिर हम एक दूसरे को चाटते गये। उसने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा और में उसकी चूत के दाने को बस खाए जा रहा था और वो कह रही थी वाह आह्ह्ह्हह उम्म्म उईईईई माँ मर गई रेयांश उफफ्फ्फ्फ़।

फिर मैंने उसे उठाया और कुतिया बनाया। उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और फिर एक ज़ोर से धक्का दिया और फिर मैंने उसे बीस मिनट तक लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदा। रेखा मेरी चुदाई करने की स्पीड से बहुत मस्त हो गई थी और उस चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत को बहुत चाटा और उसने मेरे लंड की प्यास बुझाई। हम एक दूसरे के लिए पागल हो गये थे और में उसके बूब्स बस खा जाना चाहता था। मैंने उसके बूब्स पर दोबारा चॉकलेट लगाई और उसके बूब्स को चूसने लगा। वाह दोस्तों मज़ा आ गया और वो मेरे सर को अपने बूब्स पर दबा रही थी और आवाजें कर रही थी उम्म्म्म उम्मम्म उह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से दबाव उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह। में अब उसके सीधे बूब्स को दबाने लगा और दूसरे बूब्स को चूसने लगा अह्ह्ह्हह उम्म्म रेयांश हाँ खा जाओ इनको आहहह मेरी जान। फिर मैंने दोबारा उसकी चूत चाटी और उसकी गांड भी चाटी। फिर मैंने उसको अपने ऊपर आने को कहा और फिर दोबारा मैंने उसकी चूत को चोदा। पूरे आधे घंटे तक हमने मज़ा किया। फिर मैंने उस दिन उसकी गांड भी मारी और चूत को भी चोदा ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Kahani – Dost Ki Nri Gori Bhabhi Ki Chudai Story

दोस्तों मुझे मेरी पिछली कहानी के लिए आप सभी के ढेर सारे मैल मिले जिसके लिए आप सभी लोगों को बहुत बहुत धन्यवाद और अब में आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपने 6 इंच के लंड से मेरी अमेरिका वाली भाभी की चुदाई करके उनकी प्यास बुझाई? और अब में आप लोगों का ज्यादा समय खराब ना करते हुए सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह तब की बात है जब मेरे घर में शादी का माहौल था क्योंकि उस समय मेरी दीदी की शादी थी और हम लोग उसकी तैयारियां कर रहे थे। हमने हमारे सभी मिलने वाले रिश्तेदारों को शादी में बुलाया था। में घर में अकेला हूँ तो इसलिए मुझसे ही सारी तैयारियां करनी थी और उस समय तक घर का सभी काम करीब करीब खत्म हो चुका था और अब एक के बाद एक हमारे रिश्तेदार आ रहे थे और घर में उस समय बहुत ख़ुशी का माहौल था। तभी एक फोन आया जिससे मेरी माँ ने बात की। उधर से मेरे भैया की आवाज थी और वो मेरी माँ से बोल रहे थे कि वो वहां से हमारे घर के लिए निकल रहे है।

फिर माँ ने भैया से बात करने के बाद मुझसे बोला कि कल भाई फ्लाइट से आ जायेंगे और तुझे उन्हे सुबह जल्दी उठकर एयरपोर्ट लेने जाना है तो मैंने भी कहा कि हाँ ठीक है और दूसरे दिन सुबह में उठकर एयरपोर्ट चला गया और वहां पर पहुंचकर मैंने देखा कि तब तक भाई और भाभी आ गये थे। हम लोग मिले और गाड़ी की तरफ चल दिए। मैंने देखा कि मेरी भाभी तो उस समय जीन्स और टॉप में थी और वो क्या मस्त माल लग रही थी? उनकी हाइट करीब 5.6 थी और फिगर का आकार करीब 30-32-36 था और उनका रंग दूध जैसा सफेद था वो दिखने में एकदम अँग्रेज़ लग रही थी और में तो उनको देखकर पागल ही हो गया जिसकी वजह से मेरा 6 इंच का पप्पू पेंट में तनकर खड़ा हो गया।

फिर हम लोग घर पर पहुंचे। वहां पर भैया भाभी की खूब खातिरदारी हुई और भाभी को मैंने उनका रूम दिखा दिया और वो मुझे सेक्सी नजर से देख रही थी। मेरा लंड पेंट में अब तम्बू बना खड़ा हुआ था जिसको शायद उन्होंने भी देख लिया और फिर एक सेक्सी आअहह भरी और फिर वो रूम में पहुंचकर अपने कपड़े बदलने लगी और में वापस चला आया। दोस्तों भाभी जब नीचे उतरकर आई तो वो एक मस्त हॉट मेक्सी टाइप कपड़े पहने हुई थी, वाह क्या मस्त माल लग रही थी, एकदम गहरे गले की मेक्सी में उनके बूब्स आधे से ज्यादा बाहर दिख रहे थे और में लगातार घूर घूरकर उनकी उभरी हुई गोरी गोरी छाती को देखे जा रहा था। तभी उन्होंने मुझे एक शरारती स्माइल दी और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बहुत अच्छे दिखते हो। फिर मैंने भी उनसे कह दिया कि तुम भी बहुत मस्त माल हो भाभी और हम दोनों हंस पड़े। फिर भाभी मुझसे बोली कि मुझे अपना घर तो दिखाओ क्या क्या कहाँ है? तो में उनको पूरा घर दिखाने लगा और वो मुझसे बार बार जानबूझ कर चिपक रही थी और बहुत हंस हंसकर मुझसे बातें कर रही थी, लेकिन दोस्तों अब मुझे उसके बाद शॉपिंग के लिए शहर जाना था और यह बात मैंने उनसे कही तो भाभी मुझसे बोली कि चलो में भी तुम्हारे साथ चलती हूँ और मुझे भी कुछ सामान लेना है और फिर हम दोनों गाड़ी से बाजार की तरफ चल दिए और कुछ देर चलने के बाद रास्ते में भाभी ने मुझसे पूछा कि आपकी क्या कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने कहा कि नहीं तो भाभी ने कहा कि फिर तुम इसको कैसे अपने काबू में करते हो? और वो मुझसे यह बात कहकर हंस पड़ी। फिर मैंने उससे बोला कि जब से मैंने आपको देखा है इसके ऊपर मेरा कंट्रोल ही नहीं होता, वो थोड़ा मुस्कुराते हुए मुझसे बोली कि अच्छा तो यह बात है, यह मुझे बड़ा भूखा लगता है लाओ इसे में आज शांत ही किए देती हूँ और उन्होंने अपना एक हाथ मेरी पेंट पर रख दिया और पेंट की चैन खोलकर मेरे लंड को पकड़ लिया और बोली कि वाह तुम्हारा बेबी कितना बड़ा है। दोस्तों वो बहुत खुश लग रही और वो अब मेरे लंड को सहलाने लगी जिसकी वजह से उनके मुलायम गोरे हाथों का स्पर्श पाकर मेरा लंड बहुत ही कम समय में तनकर खड़ा हो गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसके बाद वो नीचे झुककर मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी। कसम से दोस्तों में तो एकदम पागल हो गया था और मेरी गाड़ी अपना रास्ता भटकने लगी थी कि तभी मैंने उनको रोक दिया और अपने एक बहुत अच्छे दोस्त को तुरंत फोन कर दिया, वो थोड़ी ही दूरी पर रहता था और वो उस समय अपनी नौकरी पर गया हुआ था और मैंने उससे उसके रूम की चाबी ली और उसके रूम पर चला गया और अब भाभी झट से सब कुछ समझ चुकी थी कि अब उनके साथ क्या क्या होने वाला है? फिर मैंने देर ना करते हुए अंदर से दरवाजा बंद किया और भाभी को अपनी बाँहो में भर लिया और वो मुझे किस करने लगी, वो एकदम फ्रेंच तरीके से मुझे किस कर रही थी और में तो एकदम पागल हुआ जा रहा था और मन ही मन भगवान को बहुत बहुत धन्यवाद दे रहा था, क्योंकि अमेरिका का माल वो भी आज मेरे हाथ में जो आ गया था। फिर बीस मिनट तक लगातार किस करने के बाद वो एकदम गरम हो चुकी थी और फिर वो ज्यादा देर ना करते हुए मेरे सारे कपड़े खोलने लगी और में अब बस अंडरवियर में रह गया था। वो मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगी और जीभ से चाटने लगी। फिर उन्होंने मेरी अंडरवियर को नीचे करके लंड देखा तो वो एकदम से डर गई और उनके मुहं से निकला वाह कहाँ से लाए हो तुम इतना बड़ा लंड? तुम्हारे भाई का तो इससे आधा भी नहीं है और वो अब बहुत खुश होकर मेरे लंड को हिलाने लगी और फिर मुहं में लेकर चूसने लगी जिसकी वजह से मेरे मुहं से सिसकियाँ निकल गई आआहह उफफ्फ्फ्फ़  भाभी हाँ थोड़ा और ज़ोर से चूसो हाँ आप इसे पूरा मुहं में लो और अब वो लंड को अपने गले तक ले जाने लगी और ज़ोर ज़ोर से लोलीपोप की तरह चूसने लगी। वो बिल्कुल एक पॉर्न फिल्म की रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी और करीब 15 मिनट लंड को चूसने के बाद मुझे लगा कि में अब झड़ ना जाऊँ इसलिए मैंने जल्दी से उन्हे बेड पर लेटा लिया और उनके सारे कपड़े खोल दिए। दोस्तों उनका क्या मस्त फिगर था? पूरा गोरा बदन और नशीली आँखे। में किसी भूखे शेर की तरह उनके बूब्स और होंठो चूसने लगा और हमने जोश में आकर सक करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ ले रही थी और लगातार कुछ बड़बड़ा रही थी हाँ और ज़ोर से अभी सक करो मुझे ऊऊहह्ह्ह्ह वाह मज़ा आ गयाउफ्फ्फ्फ़ अभी आह्ह्ह्ह। फिर हम दोनों 69 पोज़िशन में हो गये और अब में उनकी चूत में एक उंगली करने लगा और अपनी जीभ को डालने लगा। जिसकी वजह से वो पागल हुई जा रही थी और मेरे 15 मिनट चूसने के बीच वो दो बार झड़ चुकी थी। फिर बोली कि अभी प्लीज अब तुम मुझे जमकर चोद दो और मेरी आग को शांत कर दो, मेरी चूत बहुत प्यासी है प्लीज और उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया और मैंने एक जोरदार धक्का दे दिया। मेरा आधा लंड अब उनकी चूत में जा चुका था और वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई ऊऊईईईई माँ मर  गई आह्ह्ह्ह। दोस्तों अब तक हम दोनों पूरे गरम हो चुके थे और वो कमरा भी पूरा गरम था। फिर मैंने एक धक्का और दे दिया तो उनकी चूत में मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया वो ज़ोर से चिल्लाने लगी उफफ्फ्फ्फ़ आऐईईईइ प्लीज बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है और अब उनकी आँखों से आंसू बाहर निकलने लगे थे।

फिर में पांच मिनट रुका और फिर मैंने दोबारा चुदाई शुरू की तो वो अब भी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी हाँ चोदो मुझे और ज़ोर से ऊईईईई मेरी जान ऊओफ़्फ़्फ़्फ़ तुम मेरे पति हो, प्लीज ज़ोर से चोदो मुझे और में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदाई करने लगा और वो मुझे अपनी और खींच रही थी और किस कर रही थी। फिर मैंने उसको उठाया और घोड़ी बनने को कहा। वो उस समय कांप रही थी और एक बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने उसके पीछे से चूत में अपना लंड डाल दिया और वो चिल्लाने लगी और में उसे लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा मैंने उसे करीब 30 मिनट तक लगातार चोदा और वो तब तक 4 बार झड़ चुकी थी और फिर मेरा भी झड़ने का समय आ गया था। फिर मैंने उनसे पूछा कि में अपना वीर्य कहाँ निकालूं? तो वो मुझसे बोली कि तुम मेरे मुहं में ही झड़ जाओ और फिर मैंने अपना लंड तुरंत चूत से बाहर निकालकर उसके मुहं में डाल दिया और में उसके मुहं में ही झड़ गया। फिर उसने मेरा लंड चाट चाटकर साफ कर दिया और उसके कुछ देर तक हम दोनों लेटे रहे और फिर हम लोग उठकर शॉपिंग करने बाजार चले गये तो वो मुझसे बोली कि तुम बहुत अच्छे हो और में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ ।।

धन्यवाद …

Papa Ne Maussi Ko Jaberdasti Choda – Hindi Sex Stories

प्रेषक : अदिति ..

हेल्लो दोस्तों.. मेरा नाम अदिति है और मेरी उम्र 26 साल है और अब कहानी की शुरुआत करती हूँ। बात अब से 6 साल पहले की है.. जब मेरी मम्मी हॉस्पिटल में भर्ती थी.. उनको बेबी होने वाला था तो घर में काम करने के लिए मौसी को बुलवा लिया था और उनकी उम्र तब 34 साल के करीब थी.. वो मोटी और गोरी थी और वो घर का काम आते ही निपटाने लगी। एक दिन यूँ ही बीत गया और अगले दिन वो काम निपटाकर रात में सोने के लिए मेरे बगल आकर लेट गई। मेरे पीछे पापा और आगे मौसी लेटी थी.. में हमेशा से किनारे की तरफ़ सोती थी। मैंने मौसी से कहा कि आप बीच में आ जाओ.. में किनारे मे सोती हूँ वरना में सो नहीं पाऊँगी। मौसी मान गई.. मौसी थोड़ी मोटी है तो उन्हे सोने के लिए ज़्यादा जगह चाहिये होती है.. शायद इस कारण वो पापा के करीब तक पहुँच गई थी।

फिर मौसी कुछ देर तो लेटी रही । फिर वो उठकर गई और 5 मिनिट बाद वापस आई तो उन्होनें मम्मी की मेक्सी पहन रखी थी.. वो साड़ी बदल कर आई थी और वो अपनी जगह में लेट गई तो में लगभग सोने वाली थी.. तभी मुझे मौसी की हल्की सी आवाज़ सुनाई दी.. वो कह रही थी कि हटिये थोड़ा हाथ हटाइये। मैंने चुपके से देखा तो पापा का हाथ उनकी कमर में रखा तो पापा ने हाथ हटा लिया। थोड़ी देर बाद वो फिर बोली ये सब क्या है जीजाजी.. आप क्या कर रहे हो। बार बार की आवाजों से मेरी नींद गायब हो गई थी.. में भी ध्यान से देखने लगी कि क्या हो रहा है।

कुछ ही देर मे पापा ने अपनी टांग आगे करके मौसी को फंसा लिया और मौसी कसमसाने लगी.. वो कुछ बोलने के लिए पापा की तरफ मुड़ी तो पापा जैसे इसी के इंतजार में थे। उनके मुड़ते ही पापा ने उनको चूम लिया.. मौसी उनको खुद से दूर हटाने लगी लेकिन पापा ने मजबूती से पकड़ रखा था। पापा ने मेक्सी को ऊपर किया तो मौसी ने उनके हाथ को पकड़ लिया। पापा बोले रेणु तुम जानती हो 2 महीने हो गये.. तुम्हारी दीदी ने करने नहीं दिया तो तुम थोड़ा सा कर लेने दो। फिर तुम्हे भी तो उनकी कमी लग रही होगी.. मौसी बोली नहीं जीजाजी ये ग़लत है तो पापा बोले कुछ ग़लत नहीं है.. हमें अपनी ज़रूरत पूरी करना है.. हम लोगों को फिर कौन सा रोज रोज करना है। मौसी बोली नहीं, आप समझो.. तो पापा बोले में समझ रहा हूँ.. तभी तो कह रहा हूँ और इतना कहकर वो मौसी के उपर चड़ गये और उनको चूमने लगे तो मौसी अपना मुँह यहाँ वहां करने लगी और वो चुप हो गई और पापा ने उनको चूमना जारी रखा।

अचानक से मौसी पापा के साथ किस करने लगी। पापा ने मेक्सी को पूरा पलट दिया और उनकी पेंटी को उतार दिया.. मौसी नीचे से नंगी हो चुकी थी। पापा ने उनकी चूत को हाथ से सहलाया तो वो उनका हाथ पकड़ने लगी। पापा बोले हाथ हटा, हाथ हटा रेणु.. तुम्हारी चूत कितनी मोटी है तो मौसी बोली कि आपका लंड भी तो कितना बड़ा है तो पापा ने पूछा कि तुम्हे किसने बताया तो मौसी बोली.. दीदी ने बहुत पहले बताया था कि उनका काफ़ी बड़ा है। में तो झेल नहीं पाती.. ऊपर से काफ़ी देर तक करते है। पापा हँसे और बोले कि ओह तो ये बात है.. वैसे रेणु तूने पीछे से किया है तो मौसी बोली मतलब.. तो पापा ने कहा कि तुमने गांड मरवाई है। मौसी बोली हाँ वो अक्सर गांड चोदते है। तो पापा बोले तब तो मजा आ जायेगा.. में भी गांड मारूंगा। मौसी कुछ नहीं बोली और पापा ने उनकी चूत मे मुँह लगाकर चाटना चालू किया तो मौसी ने उनको अपनी जाँघो मे लपेट लिया और कुछ देर तक चूमने के बाद पापा ने उनकी चूत मे उँगलियाँ डाल दी और हिलाने लगे.. मौसी आ आ आ करने लगी। पापा उठे और उनको पलट दिया। कूल्हो को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे और बोले कि रेणु तुम्हारे कूल्हे कितने जबरदस्त है और उनके कूल्हो को बीच से खोलकर पापा उनकी गांड को चाटने लगे। दोस्तों ये कहानी आप Indiansex.host पर पड़ रहे है।

मौसी बोली ये क्या कर रहे हो आप? उन्होंने कभी यहाँ ऐसे नहीं चूमा.. बस सीधे डाला है। पापा हा उ हा उ स स स कहते रहे और उपर से हटे और उनके मुँह के पास आकर अपना लंड निकाल कर बोले.. चूसो इसे। मौसी बोली कि अरे ये इतना बड़ा है तो दीदी कैसे लेती होगी.. पापा बोले सब ले लेती है.. तुम ज़रा मुँह में तो लो.. फिर वो बोली नहीं.. मुझे ये पसंद नहीं। पापा ने कहा प्लीज थोड़ा सा लो ना.. ऊपर से किस ही कर लो तो मौसी किस करने लगी.. बीच मे एक बार तो वो चूसने ही लगी थी। फिर पापा ने गद्दे के नीचे से कन्डोम निकाला और पहनने लगे और मौसी की टांगो के बीच मे जाकर उनकी चूत मे लंड रगड़ने लगे.. मौसी कुछ नहीं बोल रही थी।

अचानक पापा ने लंड डाला तो वो आईईईई करने लगी। पापा ने कहा इतना ठीक है या और अंदर करूँ और मौसी बोली थोड़ा और अंदर कर लो.. पूरा नहीं ले पाऊँगी.. उनकी तो आखे बंद थी। लाईट जलने के कारण सब साफ दिख रहा था। उन लोगों को यह अहसास ही नहीं था कि में वहां लेटी हूँ और उनको देख रही हूँ। कुछ देर बाद पापा ने पूछा थोड़ा और डालूं तो वो बोली हाँ डाल दो तो पापा ने कहा कि अब नहीं क्योंकि तुम तो पूरा ले गई। मौसी चौंक गई और नीचे की तरफ देखने लगी.. पूरा लंड अंदर देखकर वो शरमा गई और मुँह मोड़ लिया तो पापा ने चोदना चालू कर दिया। तप तप तप च्प च्प च्प की आवाज़ आने लगी। मस्त चुदाई हो रही थी.. मौसी को मज़ा आने लगा तो वो हा हा हा हा हा और करो कहने लगी। पापा दनादन चोद रहे थे.. मौसी भी उपर उठ उठकर चुदवा रही थी। पापा ने अपना लंड निकाला और मौसी को पलट दिया। उनके मोटे मोटे कूल्हो को खोलकर बीच में थूक दिया.. तभी मौसी बोली कि बहुत बड़ा है आराम से करना तो पापा बोले लंड कितना भी बड़ा हो रानी.. गांड में उसकी जगह बन जाती है।

पापा ने गांड मे लंड सटाया.. फिर हटा लिया फिर सटाया और दबाते चले गये। मौसी के कूल्हे बड़े बड़े थे तो पूरा लंड अंदर नहीं जा पा रहा था.. पापा ने उनको पकड़ा और थोड़ा ऊपर किया तो मौसी बिल्कुल खरगोश जैसी बन गई। फिर पापा ने इस बार ढंग से लंड लगाया और धक्का मारा। मौसी ने अपना सर उपर की तरफ किया और ज़ोर से आईई बोली.. अगले ही पल एक और जोरदार झटका दिया और पापा ने पूरा लंड उनकी गांड मे पेल दिया। पापा ने उनको चोदना जारी रखा.. वो आह आह आह आह सी उंह मुहमहूमहूँ कहने लगी.. अब बस पापा कहाँ सुनने वाले थे और वो उनकी साली जो ठहरी। पापा बोले.. चोदने दो मज़ा आ रहा है साली और जल्दी जल्दी गांड चोदने लगे। मौसी उूउउ उउउ नहीं नहीं नहीं नहीं.. अब नहीं कहती रही लेकिन पापा ने उनकी हालत खराब कर दी.. फिर पापा ने अचानक से गांड से लंड निकाला और चूत में डालकर बहुत तेज़ी से चोदने लगे।

कुछ ही देर में वो मौसी से ज़ोर से लिपट गये और ये देखकर लग रहा था कि मानो वो कोई पति पत्नी हो। थोड़ी देर यूँ ही लिपटे रहने के बाद वो अलग हो गये। मौसी ने टावल से अपने शरीर को पोछा और मेक्सी ढंग से पहन ली और पापा ने भी अपने कपड़े पहन लिए और लेट गये। मौसी से चिपक कर बोले कि रेणु मज़ा आ गया। तो मौसी बोली कि मज़ा तो मुझे भी आ गया। दोनों फिर लिपट गये और फिर पापा ने लाइट ऑफ कर दी। कुछ देर शांति रही और में सो गई ।।

धन्यवाद …

Bhabhi Our Uski Sexy Chuddakad Saheli Seema – Hindi Sex

प्रेषक : आशीष …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आशीष है और में चंडीगढ़ में किराए से एक रूम लेकर रहता हूँ। में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तों वैसे तो में एक अच्छे लेखक की तरह लिख तो नहीं सकता, लेकिन में उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी यह कहानी जरुर पसंद आएगी। दोस्तों मेरी उम्र 41 साल और में शादीशुदा हूँ, लेकिन मेरी पत्नी हिमाचल के एक छोटे से गावं में रहती है और में यहाँ पर रहकर अपनी एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ। मेरे पड़ोस वाले रूम में एक बहुत सेक्सी भाभी रहती है, उनका नाम रिचा है और उनकी उम्र लगभग 32 साल के आसपास होगी, लेकिन वो फिर भी दिखने में बहुत हॉट, सेक्सी है और उनके चेहरे से उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगता और उसके फिगर का साईज़ 34-30-36 है, उनका वो भरा हुआ बदन, मोटी गांड और बड़े बड़े बूब्स में जब भी देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था, हालाँकि बिल्कुल पास वाले कमरे होते हुए भी में उनसे शुरू शुरू में ज्यादा बात नहीं करता था, लेकिन में कभी कभी उसकी मटकती हुई गांड, झूलते हुए बड़े बड़े बूब्स के मज़े जरुर लेता था। फिर जब वो कपड़े धोती या झाड़ू लगाती तो उसके बड़े बड़े बूब्स उछल उछलकर ब्रा से बाहर आने को तैयार हो जाते थे और उसका यह नज़ारा देखकर मैंने कई बार मुठ मारी, लेकिन डर की वजह से मेरी कभी उन्हें छूने की हिम्मत नहीं हुई, में बस उन्हें दूर से देखकर मज़े लेता था।

एक दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी तो में सुबह देर से उठा और सीधा ब्रश करने वॉशरूम की तरफ़ चला गया। मैंने देखा कि वो उस समय वहाँ पर बैठकर कपड़े धो रही थी और झुककर कपड़े धोने की वजह से उनके आधे आधे बूब्स बाहर आ रहे थे। फिर में भी वहाँ पर जाकर पास ही खड़ा होकर ब्रश करने लगा और उस नज़ारे के मज़े लेने लगा। कुछ देर खड़े रहकर मज़े लेने के बाद अब मुझे पानी चाहिए था, लेकिन नल के नीचे उनकी बाल्टी लगी हुई थी। फिर वो समझ गई और जैसे ही वो अपनी बाल्टी को उठाने के लिए झुकी तो मुझे उसके झूलते, लटकते हुए पूरे बूब्स के दर्शन हो गये और मेरा लंड वो सब देखकर एकदम तनकर खड़ा हो गया। मैंने उस समय लोवर पहन रखा था और उसमें मेरा लंड खड़ा होकर पूरा टेंट बन गया, उसको शायद उसने भी देख लिया था। फिर उसने मुझसे पूछा कि आपका घर कहाँ है? मैंने कहा कि हिमाचल और वो मुझसे कहने लगी कि हिमाचल से ही है। फिर हमारे बीच थोड़ी देर बहुत इधर उधर की बात हुई और उसके बाद में अपने कमरे में चला गया और फिर में खाना ख़ाकर और उसके नाम की मुठ मारकर सो गया। फिर उसके बाद से हमारे बीच धीरे धीरे थोड़ी बहुत बातें होने लगी। फिर एक बार उसने मुझसे पूछा कि क्यों तुम्हें कभी अपनी बीवी की याद नहीं आती क्या? तो मैंने भी हंसते हुए कहा कि भाभी क्या करूं आती तो बहुत है? और अब शादीशुदा होते हुए भी मुझे मजबूरी में इतनी सर्दियों में अकेला सोना पड़ता है तो भाभी हँसने लगी और बोली कि इसमें क्या है, तुम अपनी वाईफ को भी यहाँ पर ले आओ? फिर मैंने कहा कि जब तक में पूरी तरह से सेट नहीं हो जाता तब तक उसे यहाँ पर लाना बहुत मुश्किल है।

भाभी : तो क्या हुआ यहाँ कोई सहेली बना लो।

में : अब हमे लड़कियाँ पटाने का टाईम मिलता ही कहाँ है? और वैसे भी लड़कियाँ हम जैसे शादीशुदा लोगों में कम रूचि लेती है भला वो हम शादीशुदा से बात क्यों करने लगी?

भाभी : (शरारती मुस्कान के साथ मुझसे बोली) तो क्या हुआ तुम भी कोई अच्छी सी शादीशुदा सहेली देखकर पटा लो यहाँ कौन सी कमी है?

फिर मैंने कहा कि बात तो आप एकदम सही कह रही है, लेकिन मेरे पास इतना टाईम ही नहीं होता और आप ही अपने जैसी अपनी कोई एक सहेली से मेरी सेटिंग करवा दो। अब भाभी मुस्कुराने लगी और बोली कि मेरे जैसी ही क्यों? फिर मैंने कहा कि मेरी नई सहेली आपकी तरह सुंदर, अनुभवी भी तो होनी चाहिए तभी तो मज़ा आएगा। फिर भाभी मुझसे पूछने लगी कि कैसा मज़ा? तो मैंने कहा कि आप तो मुझसे ऐसे अंजान बनकर पूछ रही हो जैसे आपको कुछ पता ही नहीं। फिर भाभी ज़ोर से हँसने लगी और वो किसी काम से अपने रूम में चली गई और अब मुझे लगा कि मेरी लाईन साफ है और में भी अब उसके साथ थोड़ी बहुत डबल मतलब की बातें करने लगा और वो भी जानबूझ कर बिल्कुल अंजान बनकर पूरे मज़े लेती थी। एक दिन मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी क्या आपने मेरी बात कहीं चलाई? तो वो मुझसे बोली कि जो भी मेरी दोस्त मेरे पास आती है तो तुम देखकर बता देना कौन सी ठीक है, में सेट करा दूँगी। फिर मैंने कहा कि वो भाभी में कल ही आपको बता देता हूँ। दोस्तों वैसे तो मैंने उनकी दोस्त को देखा नहीं था और अगले दिन में बाथरूम में नहा रहा था तो भी भाभी वहाँ पर पास में आ गई और ज्यादातर समय में दरवाज़ा बंद नहीं करता, क्योंकि में अंडरवियर पहनकर ही नहाता हूँ।

अब भाभी बाथरूम के बाहर बाल्टी में कपड़े भिगोने लगी और चोरी चोरी तिरछी निगाहों से मुझे देखने लगी और उसको ऐसे घूरते हुए देख सर्दियों के दिनों में भी ठंडे पानी से नहाते हुए मेरा लंड खड़ा हो गया और में अपने लंड पर रगड़ रगड़कर साबुन लगाने लगा, लेकिन मेरा हाथ मेरी पीठ तक नहीं पहुँच रहा था और यह देखकर वो मुझसे बोली कि क्या हुआ आशु हाथ नहीं पहुँच रहा क्या? मैंने कहा कि नहीं भाभी वो बोली कि में लगा दूँ क्या और हँसने लगी? फिर मैंने कहा कि नेकी और पूछ पूछ, प्लीज लगा दो। फिर वो बोली कि में तो मज़ाक कर रही थी, नहीं कोई देख लेगा। फिर मैंने कहा कि हम दरवाजा बंद कर लेंगे, वो तुरंत अंदर आ गई और दरवाज़ा बंद कर दिया और साबुन लेकर मेरी पीठ पर लगाने लगी, वाह क्या मजा आ रहा था, मुझे लगा वो भी गरम हो गयी है इसलिए बड़े प्यार से सहला रही थी, लेकिन मुझे सीधा हाथ डालने में डर लग रहा था। फिर मैंने भाभी से पूछा कि आप कैसे नहाती हो आपके हाथ भी पीठ पर नहीं पहुंचते होंगे? तो वो बोली कि हाँ मैंने कहा कि आपने मेरी मदद की है और में आपकी मदद कर देता हूँ, आपकी पीठ पर साबुन लगा देता हूँ और बाकी आप खुद नहा लेना। फिर वो शरमाते हुए बोली कि नहीं। फिर मैंने बोला कि कोई बात नहीं भाभी में लगा देता हूँ और वो ज्यादा  मना करते हुए बोली कि ठीक है तुम अपना मुँह दूसरी साईड करो। फिर मैंने अपना मुहं दूसरी तरफ कर लिया। फिर उसने अपनी कमीज़ खोली और मेरी तरफ पीठ करके बैठ गयी और फिर मुझसे बोली कि लगाओ और में जैसे मुड़ा वाह क्या सीन था? में उसकी नंगी पीठ और सफेद ब्रा की डोरी देखकर पागल हो गया और में उसकी पीठ पर साबुन लगाने लगा। उसने आँखे बंद कर ली और में उसकी पीठ सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी आपकी ब्रा की डोरी दिक्कत कर रही है। फिर उसने तुरंत बोला कि खोल दो और मैंने जल्दी से उसकी ब्रा को खोल दिया और उसने अपने बूब्स पर हाथ रख लिए। अब उसकी सलवार पूरी तरह भीग गयी थी और पैरों से चिपक गयी थी और जिसकी वजह से उसकी काली कलर की पेंटी साफ साफ दिख रही थी और मेरा लंड बिल्कुल टाईट हो गया था और में साबुन लगते हुए उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और उसकी नाभि को सहलाते हुए में उसके बूब्स की तरफ अपना हाथ ले गया जो उसने अपने हाथों से ढक रखे थे। फिर मैंने पीछे से सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और में उसके गोल गोल चूतड़ को मसलने लगा और वो सिसकियाँ लेने लगी और मेरे हाथ पकड़कर बाहर निकालने लगी। जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ने के लिए अपने बूब्स से हाथ हटाया तो मैंने उसके बूब्स पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर उसकी पीठ पर रगड़ने लगा और वो मोनिंग करते हुए अभी भी हटाने लगी।

भाभी : आशु प्लीज यह सब मत करो, आहह।

में : ( में उसके बूब्स मसलते हुआ गर्दन पर किस करते हुए) भाभी इस दिन का तो मुझे कई दिनों से इंतज़ार था तो में ऐसे कैसे इस मौके को अपने हाथ से जाने दूंगा।

अब भाभी बिल्कुल गरम हो गई थी, उसने भी अपने हथियार डाल दिए और खड़ी होकर मुझसे चिपक गई और मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। दोस्तों भाभी क्या सेक्स की देवी लग रही थी, उसका वो भीगा बदन। वो अब सिर्फ़ काली कलर की पेंटी में खड़ी थी, उसके गीले बाल उभरे और कसे हुए बूब्स गोल गांड, हम दोनों बस मदहोश होकर एक दूसरे को अपनी गरमी दे रहे थे। अब मैंने उसकी पेंटी को भी खोल दिया और मैंने देखा कि उसकी काली झांटो से चूत पूरी तरह ढकी हुई थी। फिर मैंने उसकी झांटो को एक साईड किया और अपनी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया तो वो एकदम से तड़प उठी और मेरे लंड को पकड़कर दबाने लगी, जितनी स्पीड से में उसकी चूत में उंगली डाल रहा था उतनी स्पीड से वो मेरे लंड को हिला रही थी। फिर वो मेरे आगे झुक गयी और मेरे लंड को चाटने लगी। दोस्तों वो बिल्कुल ब्लूफिल्म की तरह मेरा लंड चाट रही थी और फिर वो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और इतनी देसी भाभी को लंड चूसते देख में बिल्कुल हैरान हो गया।

फिर मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी कभी अपने पति का चूसा है? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने कहा कि इतनी अच्छी तरह कैसे चूस लेती हो? फिर वो बोली कि मैंने अपने फोन पर चोरी से ब्लूफिल्म देखी है और मुझे बहुत दिल करता था किसी का लंड चूसने का, लेकिन में अपने पति के सामने इतनी खुलकर कह नहीं सकती और आज मुझे यह मौका मिला है। फिर मैंने कहा कि आआहह भाभी चूसो आज पूरी कर लो अपनी सब इच्छाए, वो पूरा मन लगाकर चूस रही थी, उसने मेरे लंड पर थूका और उसे अपनी जीभ से मेरे लंड पर गोल गोल घुमाने लगी और में सच में बिल्कुल हैरान था और में अब इतना उत्तेजित था जैसे कोई चुदाई का भूखा हो। अब वो मेरा लंड पूरा गले तक ले रही थी। दोस्तों वाह क्या नज़ारा था? फिर मेरी नज़र उसकी चूत पर पड़ी और मैंने कहा कि बस भाभी चोदने दो। अब वो मुझे शरारत भरी नज़र से देखती हुई मेरा लंड चूसती रही। फिर मैंने ज़बरदस्ती उसे वहाँ से हटाया और उसे वाशबेसिन पकड़कर घोड़ी बना दिया और वो अपनी गांड को हिलाते हुए मेरे लंड को अपनी चुदाई करने की दावत दे रही थी। फिर मैंने उसकी कमर को पकड़कर उसकी चूत पर लंड रखा और उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट करते हुए पीछे से धक्का मारा, आअहह क्या गरम चूत थी, मेरा आधा लंड अंदर घुस गया तो वो थोड़ी सी चीखी और उसने दूसरा धक्का मारा और मेरा पूरा लंड अपनी चूत के अंदर ले लिया और रुक गयी। दोस्तों अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी गांड को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और भाभी आहह आईईईइ उह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा चोद मुझे फाड़ दे आज अपनी भाभी की चूत को और ज़ोर से धक्का मार आह्ह्ह्हह हाँ और थोड़ा अंदर डाल उह्ह्ह्ह।

अब में दनादन लंड उसकी चूत में डाल रहा था और उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे और वो भी पूरे मज़े लेकर मुझसे चुदवा रही थी और सिसकियाँ लेते हुए बड़बड़ा रही थी, ऊह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह आशु डाल अपना पूरा लंड मेरी चूत में आह्ह्ह चोद और फिर वो गालियाँ बकने लगी साले चोद भाभीचोद। में करीब दस मिनट तक लगातार उसे चोदता रहा और अब भाभी की चीखने, चिल्लाने की आवाज़ तेज होने लगी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी आअहह और उसके पैर अकड़ गए और वो मेरे लंड को अपनी चूत से भींचने लगी तो में समझ गया कि भाभी झड़ रही है। फिर मैंने और तेज धक्के मारने शुरू कर दिए और फिर भाभी झड़ गयी और मेरा लंड पूरा गीला हो चुका था। फिर मैंने कहा कि भाभी क्या में अंदर ही निकाल दूँ? तभी वो एकदम से हटी और उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी और बोली कि मुझे तेरा माल पीना है और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी। मुझसे अब रहा नहीं गया और में उसके मुँह में झड़ गया, उसने चूस चूसकर मेरा सारा वीर्य पी लिया, आअहह मेरी तो जैसे जन्नत की सैर हो गयी। फिर उसने अपना चेहरा साफ किया और बाहर जाने लगी, लेकिन मेरा मन अभी भी भरा नहीं था तो मैंने कहा कि भाभी अब मेरे रूम में चलो तो वो भी तुरंत समझ गई कि अभी भी उसकी और चूत घिसाई होनी है और उसने अपनी कमीज़ पहनी सलवार तो गीली थी तो कमीज़ पहनकर ही मेरे रूम में भागती हुई पहुंच गई। मैंने भी टावल लपेटा और उसके पीछे रूम में पहुँच गया।

फिर मैंने अंदर जाते ही दरवाज़ा बंद कर दिया और भाभी से बाथरूम में मज़ा लेने के बाद अब में उसे बेड पर चोदना चाहता था, लेकिन हम दोनों इतने गर्म हो चुके थे कि मैंने उसे वही दीवार से चिपका दिया। अब में उसके हाथ पकड़कर उसे स्मूच करने लगा और अब भाभी भी पूरी तरह से गर्म थी, अब वो भी पूरा मज़ा ले रही थी। अब हम एक दूसरे के मुहं में अपनी जीभ डाल रहे थे, वो अपनी गीली सलवार बाथरूम में ही छोड़ आई थी और में भी सिर्फ़ टावल में था।

अब मैंने उसे दीवार से चिपका कर अपना पूरा वजन उस पर डाल दिया और अब मेरे टावल में टेंट बन गया था जो कि मेरे लंड के हार्ड होने की वज़ह से था। अब भाभी पागलों की तरह तड़पती मछली की तरह हो गयी थी और मौन कर रही थी। फिर उसने टावल के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से भींचने लगी। फिर में भी उसकी कमीज़ ऊपर उठाकर उसकी चूत में उंगली करने लगा। अब में भाभी को और तड़पाना चाहता था, लेकिन वो इतनी गर्म थी कि वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और खड़े-खड़े ही अंदर घुसाने लगी। दोस्तों अब में सातवें आसमान पर था, अब में अपनी तरफ़ से लंड घुसाने की कोई हरकत नहीं कर रहा था बस उसकी तड़प का मज़ा ले रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो कभी अपनी टाँगे चौड़ी करके मेरे लंड को पकड़कर चूत में डालती तो कभी अपनी टाँगे उठाकर खुद ही खड़े-खड़े धक्के मारती, लेकिन एक दो धक्को के बाद मेरा लंड बाहर निकला जा रहा था। अब वो कुछ नहीं बोल रही थी, बस मौन कर रही थी। अब उसकी चूत से रस टपक कर फर्श पर गिर रहा था, अब काफ़ी तड़पने के बाद उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और बोली कि आशु बहुत हो गया अब चोदेगा या में खुद चूत में उंगली कर लूँ। अब यह बात सुनकर मुझे मज़ा भी आया और मेरा लंड भी और तन गया।  फिर मैंने उसे वहीं किचन पट्टी पकड़कर घोड़ी बना दिया और उसकी कमर पकड़कर सीधा अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अब उसकी चूत के पानी से उसकी चूत एकदम चिकनी हो चुकी थी और मेरा लंड सीधा उसकी चूत को चीरता हुआ जड़ तक जा घुसा और मैंने ताबड़तोड़ धक्के मारने शुरू कर दिए आआहह, अब वो ज़ोर-जोर से मौन करने लगी थी।

फिर मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा ताकि पड़ोसी सुन ना ले और उसे चोदने लगा। अब वो भी अपनी गांड हिला-हिलाकर मेरे लंड को अंदर ले रही थी, अब पूरे रूम में फ़च-फच की आवाज़ आने लगी थी। अब मेरी टाँगे उसकी जांघो पर हर धक्के के साथ तपाक से टकरा रही थी और वो ज़ोर-जोर से बड़बड़ाये जा रही थी। अब में अपनी पूरी स्पीड से उसे चोद रहा था। फिर वो वहाँ से हटी और मेरे बेड पर टांगे चौड़ी करके लेट गयी और बोली कि आशु आज फाड़ दे मेरी चूत को, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे। फिर मैंने उसकी टाँगे अपने कंधे पर उठाई और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया। अब वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी, आआआआआअ आशु फाड़ और घुसा दे। अब उसकी टांगे अकड़ने लगी थी और वो उसके नाख़ून मेरी पीठ पर चुभा रही थी तो अब में समझ गया कि उसका होने वाला है, शायद उसका पहले भी हुआ हो, लेकिन इस बार तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे इतना पानी निकलेगा कि मेरा लंड पूरा भीग जायेगा।

अब उसकी आँखें बंद हो गयी और वो नीचे से धक्के मारने लगी। तभी मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी जो कि आधी खुली थी, अब उसमें से हमें कोई देख रहा था। अब मेरा भी होने वाला था तो में रुक नहीं पाया और उसे चोदता ही रहा। अब वो ज़ोर-ज़ोर से साँस लेती हुई और मौन करते हुए झड़ गयी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भी अपना सारा पानी उसके मुँह पर छोड़ दिया। अब हम हांफते हुए बेड पर लेट गये। फिर उसने अपनी कमीज़ के साथ मेरा पजामा पहना और अपने रूम में जाने लगी। हमारा रूम पास-पास में ही था तो जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला तो उसकी सहेली रीना बाहर खड़ी थी। रीना भी शादीशुदा थी, गोरी और सुडोल शरीर, बड़े-बड़े बूब्स और उसकी गांड पीछे से बाहर निकली हुई थी, क्योंकि वो ज्यादातर स्किन टाईट कपड़े पहनती है तो इसलिए उसकी गांड बाहर निकली हुई लगती थी, लेकिन कमाल की गांड है उसकी, फिगर 34-30-36 है। अब में समझ गया था कि ये वही है जो हमें खिड़की से देख रही थी, लेकिन मैंने सब अनसुना कर दिया। अब रिचा उसे देखकर डर गयी और उससे नज़रे मिलाए बिना ही वहाँ से जाने लगी। अब रीना उसे देखकर हंस रही थी और उसके पीछे-पीछे उसके रूम में चली गयी। फिर मैंने भी अपने कपड़े पहने और यह जानने के लिए कि रीना अब क्या करेंगी? उनकी खिड़की के पास छुप गया।

रीना : अरे वाह, रिचा तू तो बहुत बड़ी खिलाड़ी निकली अकेले-अकेले मज़े ले रही है तो रिचा डरते हुए बोली किसी को मत बताना। फिर रीना ने उसकी गांड पर एक शरारती थप्पड़ मारा और अपनी चूत पर  हाथ फैरते हुए बोली कि यार तुम दोनों की चुदाई देखने का मज़ा आ गया। अब मुझे रिचा की सहेली की आँखो में हवस नज़र आ रही थी और मुझे लगा कि अब तो किस्मत खुल गयी और दूसरी भी तैयार है। फिर रिचा अपने बेड पर लेट गयी और उसकी सहेली उसकी सलवार में उसकी चूत के पास अपना मुँह करके लेट गयी।

रिचा बोली क्या कर रही है? तो वो बोली कि तेरी चूत से तेरे यार के लंड की खुशबू ले रही हूँ, अब मुझे तो ये सब सपना सा लग रहा था। फिर उसकी सहेली ने उसका नाडा खोला और उसकी चूत सूंघने लगी। अब में यह सब देखकर हैरान हो गया और अब में समझ नहीं पा रहा था कि यह कहीं लेस्बियन तो नहीं है। फिर वो उसकी चूत का रस अपने हाथ से लगाकर अपनी सलवार के अंदर डालकर अपनी चूत पर मलने लगी और सिसकारी लेती हुई बड़बडाई कि उसका लंड ना सही, लेकिन उसका पानी तो मेरी चूत तक पहुँच गया और वो दोनों हंसने लगी। अब रिचा जो काफ़ी देर से उसे देख रही थी, अब हंसते हुए नॉर्मल लग रही थी। फिर रिचा कपड़े बदलने लगी और उसकी सहेली वहीं लेटी हुई थोड़ी-थोड़ी देर में सलवार के ऊपर से ही अपनी चूत पर हाथ घुमा रही थी। अब उसकी आँखे हवस से भरी हुई थी और अब मेरा दिल तो किया कि वहीं जाकर उसे चोद दूँ, लेकिन मुझे लगा कि रिस्क क्यों लेना?

फिर उसने रिचा से कहा कि यार तेरा तो पति से भी सुंदर है। फिर इसके चक्कर में कैसे पड़ी? तो रिचा बोली कि एक बार इससे चुदकर देख सब पता चल जायेगा। फिर उसकी सहेली ने आह भरते हुए कहा कि हाय वो दिन कब आयेगा? तुम दोनों की पलंगतोड़ चुदाई देखकर मेरा मन भी चुदने का हो रहा है, यह कहकर वो अपनी चूत को ज़ोर-जोर से रग़ड रही थी। अब में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया और कमरे में चला गया तो उसने हड़बड़ा कर चादर अपने ऊपर खींच ली। फिर मैंने कहा कि यार मैंने सब कुछ सुन लिया है और देख लिया है, अब छुपाने का क्या फायदा है? फिर में उसके ऊपर चढ़ गया। अब रिचा हमें आश्चर्य से देखे जा रही थी। फिर रीना कुछ नहीं बोली और चुपचाप मेरी आँखो में देख रही थी, जैसे उसे वो मिल गया हो जो वो चाहती थी। फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और उसके गुलाबी होंठो को जी भरकर चूसने लगा। अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी। अब में अपने पूरे शरीर को उसके शरीर पर रग़ड रहा था। मुझे सबसे ज्यादा प्यारी उसकी गांड लगती है। फिर मैंने उसे उल्टा करके लेटा दिया और उसकी गांड की दरार में अपना लंड घुसाने लगा, अयाया क्या मज़ा आ रहा था? और उसके बूब्स दबा रहा था।

फिर मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, अया क्या गर्म चूत थी उसकी? बिल्कुल गीली हो चुकी थी।  फिर मैंने उसकी कमीज़ उतारी और उसकी पीठ चाटने लगा, अब वो भी अपनी आँखे बंद करके मज़े ले रही थी। फिर मैंने उसकी सलवार भी उतार दी, अब वो मेरे सामने वाईट ब्रा और ब्लू पेंटी में उल्टी लेटी हुई थी। फिर मैंने उसकी पेंटी को थोड़ा साईड में करके उसकी गांड पर थूक लगाया और अपना लंड टिका दिया, उसकी चूत पर थोड़ी-थोड़ी झांटे थी। फिर मैंने उसकी गांड पर धक्का मारा तो वो बहुत ज्यादा टाईट थी तो मेरा लंड अंदर नहीं गया और वो ज़ोर से चिल्लाई और वो मेरे नीचे से फिसल कर साईड में हो गयी और बोली कि गांड में नहीं सीधा चूत में डाल नहीं तो में चली जाउंगी।

फिर मैंने उसे ओके बोला और उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो बन गयी और बोली कि कहा ना गांड में मत डालना तो मैंने कहा कि ओके। फिर मैंने पीछे से उसकी चूत पर अपना लंड रखा, उसकी चूत बहुत गीली थी और ज़ोर से धक्का मारा तो वो थोड़ी चिल्लाई और मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया। वो शादीशुदा होते हुए भी उसकी चूत टाईट थी। फिर में उसकी कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। अब वो मौन करने लगी, हाईईई उउउईईई माँ, चोद मुझे, पूरा डाल जड़ तक, डाल आआआआ। अब में उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था, उधर रिचा भी हमारी चुदाई देखकर गर्म हो गयी थी और कुर्सी पर बैठकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी। फिर मैंने उसे पास में बुलाया और अब वो मेरे पास में आकर बैठ गयी। अब मेरा लंड रीना की चूत में था और रिचा के बूब्स मेरे मुँह में थे, आअहह दोस्तों क्या मज़ा था? एक साईड में रीना की चुदाई कर रहा था तो दूसरी साईड में रिचा के बूब्स चूस रहा था और उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

अब वो दोनों बहुत गर्म हो चुकी थी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी, अब मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था। तब रीना अपनी गांड आगे पीछे करके मेरा लंड अपने आप ले रही थी, तभी मुझे शरारत सूझी तो मैंने रिचा के कान में कहा कि रीना की टांगे पकड़ो और उसे हिलने मत देना। फिर रिचा ने मेरी तरफ शरारत भरी नज़र से देखा और उसकी टाँगे पकड़ ली। अब मैंने रीना की चूत से लंड बाहर निकाला जो पूरा गीला था और उसकी गांड पर रख दिया। फिर वो बोली कि कहा था ना गांड में मत डालना, लेकिन तब तक मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी गांड में जाकर फँस गया। फिर वो ज़ोर से चिल्लाई उूउउइईई माँ माररर डाला निकाल इसे, अब वो भागने लगी थी, लेकिन रिचा ने उसे कसकर पकड़ा हुआ था, अब वो छटपटाने के अलावा कुछ नहीं कर सकती थी।

रीना : रिचा छोड़ मुझे मादरचोद, यह मेरी गांड फाड़ देगा, आआअहह बहुत दर्द हो रहा है।

फिर रिचा हँसने लगी और मैंने अपना पूरा दवाब उसकी गांड पर डाल दिया। अब मेरा लंड पूरे से थोड़ा कम उसकी गांड में था। अब वो चिल्ला रही थी, मुझे नहीं चुदवाना, छोड़ो मुझे। फिर मैंने बुरी तरह से उसकी गांड मारनी शुरू कर दी। अब उसकी चीखे निकल रही थी। फिर धीरे-धीरे उसका दर्द कम हुआ और उसकी चीखे सिसकियों में बदलने लगी। अब वो मजे लेने लगी थी और बोलने लगी कि आशु फाड़ मेरी गांड, मेरे राजा मुझे ज़ोर से चोद। अब रिचा बहुत गर्म हो गयी थी। फिर उसने अपनी चूत रीना के मुँह पर लगा दी, आआहह क्या नज़ारा था? अब में रीना की गांड मार रहा था और रिचा अपनी चूत रीना से चटवा रही थी। अब मेरा होने वाला था फिर मैंने कहा कि कहाँ निकालूं? तो रीना बोली कि मेरी चूत में निकाल दो।

फिर मैंने उसे सीधा किया और अब मैंने उसकी एक टाँग उठाकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और रिचा रीना के मुँह पर बैठ गयी। अब रीना बड़े मज़े से अपनी जीभ उसकी चूत में डाल रही थी और में रीना को चोदने लगा, आआहह आआआ आज़ा मेरे राजा आज तूने मेरी चूत और गांड फाड़कर रख दी और फाड़ आआआहह। अब में लगातार उसे चोदता रहा और रीना झड़ गयी और में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और साईड में होकर लेट गया। अब सब बेड पर पड़े थे, तभी मेरा माल रीना की चूत से थोड़ा-थोड़ा टपकने लगा था। अब रिचा यह देखकर रीना की चूत चाटने लगी और पूरा रस अपने मुँह में भरकर रीना को किस करते हुए उसके मुँह में छोड़ दिया। फिर उन दोनों ने मेरा माल पिया और फिर मेरे लंड को चाटकर साफ किया ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Stories – Aunty Banaya Chudai Ka Majbut Plan

प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राहुल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 24 साल है.. में दिखने में बहुत अच्छा लगता हूँ और यहीं दिल्ली में रहकर एक बहुत बड़ी कम्पनी में नौकरी करता हूँ। दोस्तों अब आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह कहानी आज से तीन महीने पहले की है और यह एक सच्ची घटना है जो कि मेरे साथ हुई है। दोस्तों आज में इसे कामुकता डॉट कॉम पर आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ और में जब भी टाईम मिलता है.. इसकी सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ क्योंकि मुझे बहुत अच्छा लगता है और मेरे मन को बहुत सन्तुष्टि मिलती है.. क्योंकि में एक दो दिन में इसकी स्टोरी को पढकर मुठ जरुर मार लेता हूँ और में इसका बहुत बड़ा फेन हूँ।

दोस्तों एक दिन में अपने दोस्त के यहाँ से कटरा की बस में से वापस आ रहा था और रविवार का दिन होने के कारण बस में कुछ ज़्यादा भीड़ नहीं थी। में लेडीस सीट के बिल्कुल पीछे वाली सीट पर बैठ गया और कुछ देर के बाद मेरे पास वाली सीट पर एक आंटी आकर बैठ गई जो कि उम्र में करीब 32 या 34 की होगी.. वो बहुत ही सुंदर और हॉट दिख रही थी। में उसे पीछे मुड़कर देख रहा था और वो समझ गयी कि में उसे देख रहा हूँ। तो थोड़ी देर के बाद वो भी मुझे देखकर स्माईल देने लगी और में बहुत खुश हुआ.. लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि में उससे बात करूं। तो उसने मुझसे पूछा कि आपको कहाँ जाना है? और मैंने उसे बता दिया.. धीरे धीरे वो मुझसे और बातें करने लगी और कुछ देर बाद वो मेरे पास वाली सीट पर आकर बैठ गई। फिर जब भी बस के ब्रेक लगते तो वो एकदम मुझसे और भी चिपक जाती और में भी मौके का फायदा उठाकर उसके बड़े बड़े बूब्स को छू लेता.. लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं कहती.. वो सिर्फ मुस्कुरा देती और में उस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाता गया। तो कुछ देर के बाद उसने मुझे बताया कि उसके पति की दिल्ली में सॉफ्टवेयर की दुकान है और उसका एक 7 साल का लड़का भी है और मुझे उसकी बातों से लग रहा था कि वो मुझमें रूचि ले रही है।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरा स्टॉप आने वाला था तो मैंने हिम्मत करके अपने बेग से एक पेपर निकाला और उसमे अपना मोबाईल नंबर लिखकर वहीं अपनी सीट पर गिरा दिया और उतर गया। तो अगले दिन में जब ऑफिस से आ रहा था तो मुझे उस आंटी का कॉल आया और उसने बताया कि वो पेपर उसने उठा लिए था जो मैंने वहाँ पर फेंक दिया था और उस दिन से हर रोज मेरी उससे बात होने लगी और जब भी मेरी उससे बात होती थी.. तो में केवल उसे चोदने के बारे में सोचता था और फोन पर बात करते करते में उससे धीरे धीरे पूरी तरह खुल गया और हम लोग अब सेक्स की बातें करते थे। तो एक दिन उसने मुझे अपने घर पर बुलाया.. में बहुत खुश हुआ और उस दिन में ऑफिस से छुट्टी लेकर सीधा उसके घर पर चला गया। वो कानपुर की रहने वाली थी और उसने किराए पर एक कमरा ले रखा था और में जब उसके घर गया तो उसने एकदम सेक्सी कपड़े पहने हुए थे जिसमे से उसके बूब्स बाहर आने को बैचेन थे और में उसके जिस्म को देखकर पागल होने लगा और मेरा लंड धीरे धीरे अपने आकार को बदलने लगा था। तभी उसने मेरी लंड की इस हरकत को समझ लिया और वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर कुछ देर बाद उसने मुझे बताया कि उसका पति दुकान पर गया हुआ है और उसका लड़का स्कूल गया हुआ है। तो में समझ गया कि वो मुझे अपनी चुदाई का न्योता दे रही है और शायद वो आज मुझसे अपनी चूत की खुजली मिटाना चाहती है क्योंकि वो मुझे अपनी और आकर्षित करने के लिए बहुत कुछ कर रही थी। फिर उसने मुझे पानी लाकर दिया और में सोफे पर बैठकर पानी पीने लगा.. लेकिन अब भी मेरी तिरछी नजर उसके बूब्स पर ही टिकी हुई थी और उसकी नजर मेरे ऊपर थी। हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे। तो कुछ देर बैठकर बात करने के बाद उसने बोला कि तुम बैठो में अभी दो मिनट में नहाकर आती हूँ और वो बाथरूम में चली गयी और जब वो वापस आई तो उसने एक काली कलर की मेक्सी पहन रखी थी। दोस्तों में क्या बताऊँ वो उस मेक्सी में क्या लग रही थी? वो एकदम सेक्स की देवी लग रही थी और उसके बहुत बड़े बड़े बूब्स, उभरी हुई गांड, पतली कमर, गदराया हुआ बदन, सुराही जैसी पतली गर्दन, एकदम नशीली आखें और पानी में भीगा हुआ बदन जो कि उसके कपड़ो के अंदर से भी उसके गुप्तअंगो को दिखा रहा था.. जिससे उसका पूरा साईज मालूम हो रहा था। में तो उसे देखकर एकदम पागल हो गया और फिर वो कुछ लेने के लिए पीछे की तरफ मुड़ी और मैंने झट से सोफे से उठकर सीधा उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया और किस करने लगा और मुझसे छुटने का नाटक करने लगी.. लेकिन कुछ देर बाद उसने मेरा विरोध करना बंद किया और साथ भी वो मुझे किस करने लगी।

फिर थोड़ी देर किस करने के बाद में उसे अपनी गोद में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया और मैंने उसे बेड पर लेटाकर उसके जिस्म को सहलाना शुरू कर दिया और फिर कुछ देर के बाद मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े खोल दिए और मैंने अपने भी सारे कपड़े खोलकर उस पर टूट पड़ा.. हम दोनों उस समय पूरे नंगे थे और एक दूसरे को किस कर रहे थे और थोड़ी देर किस करने के बाद में उसके बूब्स को चूसने लगा और वो आहे भरने लगी और सिसकियाँ लेने लगी। में आधे घंटे तक उसके बूब्स को चूसता रहा.. उसके बाद हम लोग 69 की पोज़िशन में आ गये.. वो मेरा लंड चूस रही थी और में उसकी चूत चाट रहा था और इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी और में उसका सारा पानी पी गया और फिर कुछ देर बाद मैंने बोला कि में भी झड़ने वाला हूँ तो उसने बोला कि कोई बात नहीं मेरे मुहं में ही झाड़ दो और उसने भी मेरा सारा माल पी लिया और में सीधा होकर लेट गया। फिर 5 मिनट के बाद फिर से उसने मेरा लंड चूसकर खड़ा कर दिया और बोली कि मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है प्लीज़ मुझे चोदो। तो मैंने उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगाया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा।

वो बिन पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी और बोली कि प्लीज इसे पूरा अंदर डालो और मैंने एक ज़ोर का झटका लगाया.. तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.. वो चिल्ला उठी और बोली कि प्लीज़ थोड़ी देर रुक कर पूरा डालना। दोस्तों उसकी चूत बहुत टाईट थी और चुदाई के बीच में उसने मुझे बताया था कि उसके पति का लंड बहुत छोटा है और वो उसे संतुष्ट नहीं कर पता है और थोड़ी देर के बाद फिर से मैंने एक और ज़ोर का धक्का लगाया और मेरा लंड पूरा का पूरा अंदर तक चला गया और उस समय मुझे लगा कि में किसी दूसरी दुनिया में हूँ और में उसे ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदने लगा। तो वो भी अपनी गांड उठाकर मेरे साथ अपनी चुदाई में मज़े ले रही थी और मुझसे चुदवा रही थी.. वो मुझे किस भी किए जा रही थी और फिर कुछ देर बाद वो बोली कि मुझे इतनी ख़ुशी आज तक नहीं मिली थी। थोड़ी के बाद में झड़ गया और उसके ऊपर ही लेटा रहा और करीब 12 बजने वाले थे। तो उसने मुझसे बोला कि एक घंटे के बाद उसे अपने लड़के को लेने स्कूल जाना है.. तो मैंने बोला कि में एक बार तुम्हारी गांड भी मारना चाहता हूँ तो उसने बोला कि आज तक उसके पति ने कभी उसकी गांड नहीं मारी है और वो साफ मना करने लगी और मेरे बहुत मनाने के बाद वो तैयार हुई.. लेकिन वो बोली कि अगर ज़्यादा दर्द हुआ तो वो नहीं करवाएगी। तो मैंने उससे तेल लाने को बोला और वो उठकर चली गई और तेल लेकर आई.. पहले तो मैंने 10 मिनट तक उसकी गांड को चाटा और उसके बाद में अपनी एक उंगली में तेल लगाकर उसकी गांड में डालने लगा। उसकी गांड में मेरी एक उंगली भी नहीं जा रही थी क्योंकि वो बहुत टाईट थी.. लेकिन मैंने किसी भी तरह अपनी पूरी कोशिश करके अपनी एक उंगली उसकी गांड डाली। तो वो दर्द से तड़पने लगी और बाहर निकालने को बोलने लगी.. लेकिन मैंने उसे बाहर नहीं निकाला और थोड़ी देर उंगली को अंदर बाहर करने के बाद उसकी गांड का छेद थोड़ा खुला हुआ था। फिर में कंडोम पर थोड़ा तेल लगाकर अपने लंड को उसकी गांड में डालने की कोशिश करने लगा.. लेकिन वो जा नहीं रहा था। वो हर बार फिसलकर बाहर निकल रहा था। तो मैंने उससे बोला कि अपने मुहं पर एक कपड़ा डालो और मैंने उसकी गांड पर अपने लंड को रखकर एक ज़ोर का झटका दिया.. जिससे मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी गांड में चला गया.. लेकिन वो ज़ोर से चिल्लाने लगी और दर्द से छटपटाने लगी और उसकी आँख से आंसू निकल रहे थे और वो लंड को बाहर निकालने को बोल रही थी.. लेकिन में थोड़ी देर तक वैसे ही रहा और उसके शांत होने का इंतजार करने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर जब वो थोड़ा शांत हुई तो मैंने फिर से एक झटका लगाया और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया और वो बोलने लगी कि प्लीज इसे बाहर निकालो नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी.. लेकिन में बिना कुछ सुनते हुए उसे चोदने लगा और पहले तो वो मना करती रही.. लेकिन थोड़ी देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो वो मज़े से चुदवाने लगी। तो करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद में उसकी गांड में झड़ गया और थोड़ी देर के बाद हम लोग उठे और फ्रेश होने एक साथ बाथरूम में चले गये और फ्रेश होने के बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और वो अपने लड़के को लेने चली गयी और में भी उसे किस करके अपने रूम के लिए निकल पड़ा ।।

धन्यवाद …