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Yoga Teacher Ki chudai Class Me Aasan Ke Sath

हेलो दोस्तो, मैं करण आज आपको एक न्यू स्टोरी सुनता हूँ , ये कहानी मेरी ज़िंदगी की बहुत ही ख़ास कहानी है, आपको जरूर मजा आएगा, मुझे थोड़ा हिंदी लिखने में कठिनाई होती है अगर गलती हो तो समझ लेना थोड़ा, शब्द में क्या रखा है, मेरी वासना की भाव को फील करना, मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे नया नया हु, पर कुछ मेरे साथ योग बाली मैडम के साथ बिता की मुझे भी लगा की आपको मैं अपनी कहानी सुनउँ. अब मैं बिना देर किये सीधे कहानी पे आता हु, मुझे पता है नहीं तो आप गालियां दोगे.

अभी कुछ दीनो से हुमारे यहा योगा का बड़ा चर्चा चल रहा है तो मेरे घर के पास ही एक योगा सेंटर खुला बिल्कुल नया मैं एक दिन इन्क्वारी लेने गया तो देखा एक बहुत ही मस्त भाभी आगे करीब 24-25 की होगी सब कुछ उनका फिट आंड फाइन शारीर देख कर मुझे लगा की मैं भी ज्वाइन करुंग. देखने मैं बहुत सुंदर नही पर उनका साफ़ रंग था काली या सावली नही कहेंगे लेकिन बॉडी बिल्कुल शेप मैं योगा टीचर थी तो बॉडी शेप मैं होगा ही एक दम 36.24.36 रीबॉक का ट्रैक सूट पहने हुए थी तो मैने वह पर दाखिला करवा लिया ले लिया बोली की आप कल सुबह 5 बजे वाला बॅच ज्वाइन कर लो अभी 4लोग है उसमे. तो मैने सोचा कहा भीड़ मैं मज़ा नही आएगा तो मैने बोला नो मैडम मुझे ये टाइम सूट नही करेगा ७ बजे वाला अगर हो तो ….

मैडम ने कुछ सोचा फिर बोली ठीक है पर आपको अभी अकेले ही सीखना होगा क्यू की भी उस टाइम पे कोई और नही है तो मैने हां बोला मैं तो यही चाहता था मन की एक मुराद तो पूरी हो गयी मैं मान ही मान खुश था तब वो बोली अरी हाँ आपके पास टाइट ट्रॅक तो है ना वो ले आना जीन्स मैं योगा नही होगा तो मैने बोला कोई नई मैडम मैं आज ही ले लूँगा और अगले दिन टाइम से चला गया मैडम सामने ही थी मैने प्रणाम किया हाथ जोड़ कर उसने भी रिप्लाइ किया आज तो और भी हॉट लग रही थी डीप नेक वाली टी शर्ट ट्रॅक पैंट एक दम टाइट मैडम बोली के योगा रूम अंदर है मैं उनके पीछे पीछे चल दिया बोली की चेंज रूम साथ वेल कमरे मैं है चेंज कर लो मैं तुरंत गया और चेंगे करके आ गया योगा रूम मैं बड़ा ही अजीब लग रहा था टाइट पैंट मैं फिर मैडम मेरे सामने बैठ गया मैं भी बैठा था और पहले कुछ योग के बारे मैं बताने लगी

फिर ध्यान लगाने को बोला अब उसने एक छोटा सा योग आसान बताया और मैं जान बुझ कर नही करने का नाटक करने लगा अब वो मेरे पास आई बोली कभी किया नही तुमने इसलिए एसा हो रहा है और मुझे बताने लगी ट्रेन करने लगी जब वो नीचे झुकती उसकी चूचियाँ साफ़ दिखाई देते ब्रा के साथ मेरा खड़ा हो गया और टाइट पैंट होने के करण सफ़फ़ दिखने लगा मैडम ने भी नोटीस कर लिया लेकिन क्या कर सकते थे

फिर मैडम एक दो छोटे योगा करवा कर बोली आज ये घर मैं करना और तुम्हारा ध्यान भटकता है सो कृपया फोकस करो योग पर सिर्फ. मैने सॉरी बोला और कपड़े चेंज करके बाहर आ गया नेक्स्ट दिन सेम टाइम फिर गया मैडम आज सारी मैं थी हॉट बूम लग रही थी खुला पेट श कयामत लग रही थी मैं चेंगे करके ढयन लगा रहा था मैडम भी मेरे साथ ध्यान लगा रही थी फिर मैडम ने बोला की कल वाली करके बताऊँ.

तो मैने कर के बता दिया बोली गुड आज कुछ और करते है लेट जाओ रिलॅक्स हो कर मैं लेट गया हटो को दोनो तरफ करो इधर करो उधर करो बता रही थी फिर मैने कोई ग़लती कर दी और सयद मैडम चाह रही की मैं ग़लती करू वो मेरे पास आई और झुक बोली ध्यान से करो सर को सामने और कुछ कुछ बता रही थी तभी उनका सारी का पल्ला मेरे अप्पर गिर गया और बूब के दर्शन हो गये मैं तो बस चूचियाँ को ही देखे जा रहा था कुछ वो भी मुझे ही देखती रह गयी

फिर सॉरी बोल कर सारी ठीक कर ली मैं वैसे ही लेते मैडम को बोला एक बात बोलू बुरा तो नही मनोगी बोली क्या बोलो मैने बोला आप बहुत ही सुंदर हो और मैं आपसे योग नही शिखा पाओगे. बोली क्यू क्या हुवा मैने कहा आप जो भी बोलती बताती हो मुझे कुछ नही सुनाई देता मैं सिर्फ़ आपके बारे मैं ही सोचता रहता हो और कल भी आज आपने मेरी हालत तो देख ली है तो उसने कहा हाँ

वो तो है पता है मैं यहा अकेली रहती हूँ दो तीन महीने मैं मेरे पति आते है बाहर काम करते है कल तुम्हारा देख कर मुझे रात भर नींद नही आई क्या करू मैं अभी जवान हूँ मेरा भी मन करता है सेक्स का तुम एक काम करो मैं तुम्हारी फ़ीस माफ़ कर देती हूँ और तुम मुझे खुश रखो मैं उनका हाथ पकड़ कर खिच लिया आपने ऊपर वो मेरे ऊपर आ गयी मैं उन्हे चूमने लगा किस करने लगा वो भी साथ दे रही थी आभी स्लो स्लो चल रहा था फिर सूँछ होने लगा मूह घुमा घुमा कर हर तरफ से सूँछ कर रही थी पूरा खिलाड़ी थी भाई आब मैं उनके आइज़ पे बरी बरी चुंबन देने लगा सर पकड़ कर तब वो बोली की अंदर चलो बेडरूम मैं वो वही रहती भी थी आपना ऑफीस अंडर से लॉक करके आ गयी बैडरूम मैं आते ही हम

फिर से स्टार्ट हो गये एक दूसरे से लिपट कर चुंबन करने लगे जब जिसे मौका मिलता और जहा मिलता चूम लेते मेरा हाथ आब सारी ऊपर से ही उनकी नितंभो को सहला रही थी और कभी पीठ को भी वो पागलो की तरह से चूम रही थी और चुंबन ले दे रही थी गर्दन मैं उसके आस पास सभी जगह कानो को मैं चूम कर दाँतों से काट रहा था वो आहह ह आह करण बहुत बाड़िया करो मुझे पूरा जकड़ लो करण ज़रा भी कुछ ना रहे करण प्ल्ज़ और टाइट पाकड़ो एर भी पास ना हो आज आह ह ऑश ईीई बहुत बाड़िया कर रहे हो बहुत बाड़िया करण जल्दी करो और आपने एक लेग को उठा कर मेरे लेग्स मैं मसलने लगी

आब मैं उसे गोद मैं उठा कर किश कर रहा था और ब बेड मैं लिटा दिया और वो उल्टा होकर लेट गयी सर को नीचे कर ली छिपा लिया फेस आपना मैं आप पीठ जो मेरे सामने था पीठ को चूमने लगा और उसके दोनो हाथो को आपने हाथो के साथ उपर कर दिया और चूम रहा था आब मैं उसके हॅंड्ज़ चूमता क्या लगभग छत ता हुवा गले तक आ गया और पीछे से ब्लाउज की हुक खोल दिया पाँच हुक थी जैसे ही हुक खोला ब्रा की हुक सामने थी मैने ब्रा की हुक के आस पास किस करते हुए ब्रा भी खोल दिया पूरा सपाट सेक्सी पीठ मेरे सामने आब बताने ज़रूरत नही मैने क्या किया होगा

फिर मैं नीचे लेग को चूमते हुए सारी को उपर उठता गया चूमता गया आब मैडम को सीधा लिटा दिया और उपर के सारे कपड़े हटा दिया पूरी चूचियाँ की दरशन हो गयी दोनो चूचियाँ को प्यार करने लगा दबाने लेगा आब एक लेफ्ट वाली बूब को मूह मैं लेकर चूष्ने लगा और दूसरे को दबाने लगा जीभ से निपल को गोल गोल चाटने लगा और मैडम आह हह ह एस दो इट एस करण खा जाऊ कतो ना और ज़ोर से करो चूसो आहह आ अब करण दूसरे को करो प्ल्ज़ मैं आब दूसरे मैं आ गया एस करण कारूऊ अहह ह्म करो करण बहुत बाड़िया तुम सेक्स का डॉक्टर हो करो मैं भी तुम्हारा लंड कहा है दो न मुझे इधर आह प्लीज, मुझे खुश कर दो ना करण प्लीज,

वो पागलो की तरह कर रही थी मैं भी भूखा शेर की तरह चूचियाँ से खेल रहा था आब मैने नीचे आते हुए चूमते किस करते पेट से गुज़रता हुवा नाभि पे आपनी जीव घुसेड दी मीन्स डाल दिया और नाभि को सक करते लगा जीव से गहरी नाभि को छोड़ रहा था वो मेरे बाल खिच रही थी और छटपटा रही थी मूह से बकबक किए जा रही थी आअहह ह उईईइ प्लज़्ज़्ज़ करण आआब डाअल दो आपना लंड प्ल्ज़ करणऔर मत तडपाऊ आअहह उम्म्म ह एट्सेटरा आब मैं उनकी पेंटी सारी सब उतार दी आब वो बिल्कुल न्यूड थी मैने भी आपना उतार दिया सब कुछ आब मेरा लंड उसके सामने था वो उठ कर बैठ गयी और मेरे लंड को बड़े प्यार से चूमा और बोली बनाने बाले ने क्या खूबसूरत चीज़ बनाया एसके बिना सब कुछ बेकार है राज और मूह मैं ले लिया और कई तरह से लंड चूसा मयझे बताना भी नही पड़ा और वो खुद ही चूस रही थी चाट रही थी, किस सब कुछ कर रही थी

फिर वो बोली जान आब तुम मेरे मुंह को चूत समझ के चोदो जितनी ज़ोर से कर सकते वो करो मैं तुम्हारे लंड को गले तक महसूस करना चाहती हूँ ये बोल कर लंड को मूह मैं ले लिया और आगे पीछे करने लगी मैं भी अब उनका सर पकड़ कर मूह को चोदने लगा और वो मूह के जीव से लंड को कभी प्रेस कर कभी उपर उठती और कई तरीके कर रही थी मैं भी वाइल्ड हो गया था डीप थोरट फक कर रहा था थोड़ी देर बाद

जब उसी तकलीफ़ होने लगी तो उसने लंड बाहर कर दिया बोली जान आब बस आब चूत की बरी है देखो क्या हालत हो गयी है चूत की कुछ करो चूत का तो मैं उसी लेता कर उसके दोनो लेग्स के बीच लेट गया और पैरो को फैला कर जीभ से चूत के चारो तरफ चाटने लगा आब चूत को फैला कर जीव डाल दिया एक दम आग के जैसा गर्म चूत मैं जब जीव जाता है तो बहुत ही मज़ा आता है मैं चूत के दाने को उपर नीचे गोल गोल जीव से ह्युमेन लगा वो अब चूत को उपर उठा दी जैसे कोई योगा का आसान हो चूत खुल कर कर बिल्कुल मेरे मूह के सामने आ गयी मुझे बस जीव लगा कर चाटना था थोड़ी देर बाद मैने एक एक करके दो उंगलियो को चूत मैं डाल कर अंदर बाहर करने लगा और दाने को चाटने लगा वो आअहह आह ऑश राज हो गया करण आब डाल दो करण मैं दो बार झड़ चुकी हूँ करण प्ल्ज़ आअहह आह श श फक मे करण फक मे

मैने भी देखा ये सही टाइम है चूत मैं प्रवेश करने का अब वो एक और आशण की पोज़ मैं गयी एक बड़ी ही सेक्सी आशण ये उस पोज़ का नाम है इस्मै डॉगी स्टाइल के जैसा ही होता है लेकिन लेग्स थोड़ा फैला होता है और सर बिल्कुल नीचे इस्मै चूत पूरा खुल जाता है और बाहर की तरफ आ जाता है जिससे लंड पूरी गहराई मैं आसानी से चला जाई आब मैने देर ना करते हुए ढेरे से लंड पेल दिया और कमर पकड़ कर आग्गे पीछे करने लगा मेरे लंड बहुत ही आसानी से चूत की गलियो गुज़रता जा रहा था चूत की कोमल हड्डिया लंड को और बेताब कर रही थी मैं कभी ज़ोर से पेलने लगता कभी आराम से अंदर बाहर करता कभी पूरा लंड बाहर खींच खींच कर पेलता तो कभी तोड़ा बाहर करके पेलता थोड़ी देर बाद उसने पोज़ चेंगे कर लिया इस बार धनूर आशण मैं गयी इस्मै साइड होकर खड़ी हो गयी और एक पैर उठा कर मेरे कंधे मैं रखा और एक हाथ को सामने दीवार मैं और मेरा लंड ठीक चूत के सामने था मैने लंड डाल दिया और पेलने लगा लेकिनवो तोड़ा अनबॅलेन्स लग रही थी छोड़ी मैं तो मैने उसके चूचियाँ को हाथ बड़ा कर पकड़ लिया और पेलने लगा वो च्चिलाने लगी आहह करण फक मे फुक्कककक करण फाड़ दो चूत को करण आज से मैं तुम्हारी हूँ करण तुम्हारा सारा खर्चा आज से मैं दूँगी करण फुक्क मि बहुत बाड़िया करण आहह ह फिर काफ़ी देर बाद मैने उसे गोद मैं उठा कर बेड मैं लेता दिया और बहुत ही सेक्सी स्टाइल मैं चोदने लगा चूचियाँ को दोनो हाथों से दबाने लगा चूष्ने लगा और वो बोले जा रही थी करो और ज़ोर और ज़ोर से झटके मारो करण करीब दस मिनट के बाद मैं झड़ने वाला था बोला जान कहा निकालु बोली रूको मुझे निकलना है माल और मैं लेट गया

वो मेरे ऊपर आ गई और मूह मैं ले कर लंड को चूष्ने लगी उपर नीचे करने लगी काफ़ी सेक्सी लग रही थी और वो स्पीड से करने लगी मैं छूटने वाला था सरीर में अंगड़ाइयां आने लगे वो और फास्ट करने लगी और्र मेरा माल निकल गया उसने सारा माल पी लिया, दोस्तों यहाँ से शुरआत हुआ थे मेरे और योग बाली मैडम के साथ मेरा सेक्स सम्बन्ध अब तो मैं रोज रोज सेक्स करता हु, एक से एक पोज में.

Bhabhi Ne Kitchen Me Chodana Sikhaya – Sabse Sexy Stories

हैल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम हर्ष है और मेरी उम्र 24 साल है और में दिल्ली में रहता हूँ. में इस साईड की कहानियाँ रोजाना पड़ता रहता हूँ और मुझे इसकी सारी कहानियाँ पसंद है. ये कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी की है, जो कि बहुत ही हॉट है. में दिल्ली में किराये के रूम पर रहता हूँ, मेरे पड़ोस में एक बहुत ही हॉट भाभी रहती है और जिनका नाम शबाना है. अब में आपको शबाना के बारे में बता दूँ कि शबाना एक हाऊसवाईफ है और उसके दो बच्चे है, उनके पति के बिज़नेस था जिसकी वजह से वो ज्यादातर बाहर ही रहते थे.

शबाना भाभी दिखने में तो सावंली थी, लेकिन उनका फिगर बहुत ही मस्त था. में उन्हें जब भी देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता और उसे चोदने का दिल करता था. वो मेरे बिल्कुल पड़ोस के फ्लेट में रहती थी, जब में नया-नया उस रूम में शिफ्ट हुआ था तो उन्होंने मेरे बारे में पूछा था. फिर मैंने उन्हें अपने बारे में बता दिया था, लेकिन मैंने उनके बारे में उस टाईम नहीं पूछा था. मुझे उनके बारे में बाद में पता चला कि उनके पति बाहर रहते है. फिर धीरे-धीरे मैंने उनसे बात करना शुरू किया और ऐसे हमारी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई, वो कभी-कभी मेरे रूम पर आ जाती थी और हम काफ़ी देर तक बातें करते रहते थे.

फिर एक दिन मैंने देखा कि शबाना भाभी अपने पति से फोन पर बात कर रही थी और कह रही थी कि तुम्हें गये हुए कितने दिन हो गये है और अब तुम्हें आना ही होगा, मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है. ये सुनते ही मुझे पता लग गया कि शबाना भाभी लंड की प्यासी है तो में शबाना भाभी को चोदने की प्लानिंग करने लगा. फिर मैंने सोचते-सोचते एक प्लान बनाया और अगले दिन जब शबाना भाभी मेरे रूम पर आई तो मैंने उनसे कहा कि शबाना भाभी में होटल का खाना खाकर परेशान हो गया हूँ और आप प्लीज मुझे खाना बनाना सिखा दीजिए तो उन्होंने कहा कि ज़रूर में तुम्हें खाना बनाना सिखा दूंगी. फिर अगले दिन में खाना बनाने का सामान ले आया और भाभी से कहा कि मुझे खाना बनाना सिखा दीजिए. मेरे फ्लेट में एक छोटा सा किचन था तो उसमें एक ही आदमी खाना बना सकता था और उस टाईम उस किचन में हम दो लोग थे. अब आप समझ ही गये होंगे कि हम कितने करीब करीब होंगे. फिर खाना बनाते टाईम मेरा हाथ कभी-कभी शबाना भाभी की गांड से टच हो जाता था तो मैंने उन्हें सॉरी बोल दिया करता था और वो मुझे एक स्वीट सी स्माईल दे दिया करती थी.

फिर में अपने आपको शबाना भाभी के इतने करीब पाकर काफ़ी गर्म हो रहा था और इसी बीच शबाना भाभी का हाथ मेरे लंड से लग गया जो कि उनको अपने इतने पास सोचकर पहले से ही खड़ा था और उन्होंने मेरी तरफ देखा और एक सेक्सी स्माईल दी और कहा कि तू तो काफ़ी बड़ा हो गया है. ये सुनकर मैंने भी शबाना भाभी को स्माईल पास कर दी. फिर मैंने महसूस किया कि शबाना भाभी के हाथ मेरे लंड पर लगने से शबाना भाभी भी उत्तेजित हो गई है और फिर मैंने सोचा कि शबाना भाभी को फंसाने का ये ही सही मौका है.

शबाना भाभी खाना बना रही थी और मुझे बताती जा रही थी कि खाना ऐसे बनता है, वो मुझे खाना बनाते टाईम कूकर में कुछ दिखाने लगी तो में उनके पीछे से जाकर चिपक कर खड़ा हो गया, जिससे मेरा लंड उनकी गांड से महसूस होने लगा और में उनकी गांड पर अपना लंड का दबाव डालते हुए कुकर में देखने लगा, जिससे शबाना भाभी के मुँह से सिसकारी निकल गई ईईइसस्स. फिर मैंने सिसकारी सुनकर शबाना भाभी से पूछा कि भाभी क्या हुआ? फिर वो बोली कि कुछ नहीं. फिर ऐसे ही कुछ देर खड़ा रहने के बाद में हट गया.

फिर मैंने देखा कि मेरे हटने से शबाना भाभी थोड़ी दुखी हो गई. मेरा लंड मेरा पजामा फाड़कर बाहर आने को बेताब था, लेकिन अभी टाईम सही नहीं था तो इसलिए मैंने थोड़ा कंट्रोल किया और अपने हाथ से लंड को ठीक करने लगा तो ठीक करते हुए भाभी ने भी देखा और पूछा कि क्या हुआ? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं भाभी.

भाभी समझ गई कि में भी गर्म हो गया हूँ और में भी समझ गया था कि भाभी भी गर्म हो गई है. फिर थोड़े टाईम के बाद भाभी ने मुझे फिर से कूकर में कुछ दिखाया तो में भाभी से पहले से भी ज्यादा चिपक कर खड़ा हो गया तो भाभी के मुँह से फिर से सिसकारी निकली ईईइसस्स्सस्स और उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली और मज़े लेने लगी. फिर मैंने भी अपने लंड का सारा दबाव उनकी गांड पर डाल दिया और अब भाभी से कंट्रोल नहीं हुआ तो भाभी अपना एक हाथ पीछे ले गई और मेरे लंड को हाथ से पकड़कर दबाने लगी और इस बार मेरे मुँह से आआहह की सिसकारी निकली.

फिर मैंने अपने दोनों हाथ शबाना भाभी के बूब्स पर रख दिए और धीरे-धीरे दबाने लगा. ऐसे ही कुछ देर रहने के बाद में शबाना भाभी के लिप पर किस करने लगा और शबाना भाभी भी मेरा साथ देने लगी. फिर हम ऐसे ही एक दूसरे को किस करते रहे और में उनके बूब्स दबाता रहा और वो मेरा लंड सहलाती रही और फिर 10 मिनट के बाद में उनसे अलग हुआ और उन्हें गोद में उठाकर बेड पर ले गया और रूम का दरवाजा अन्दर से लॉक कर दिया.

फिर में शबाना भाभी के पास आया और उन्हें किस करने लगा और उनसे कहा कि आई लव यू शबाना भाभी तो उन्होंने भी आई लव यू टू कहा. फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी में तो जिस दिन से यहाँ पर आया था तो बस आपको चोदने के बारे में ही सोचता रहता था. फिर भाभी बोली कि में भी तुझसे कब से चुदवाना चाहती थी, लेकिन में कह नहीं पाई.

फिर मैंने कहा कि भाभी आप फ्रिक ना करो और आज में आपको चोदकर खुश कर दूँगा. फिर भाभी ने कहा कि हाँ हर्ष आज मुझे दिल खोलकर चोदना, आज मेरी सारी प्यास बुझा दो हर्ष, में बहुत दिन से प्यासी हूँ हर्ष. फिर मैंने भाभी के कपड़े उतार कर उन्हें पूरा नंगा कर दिया. फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी अब आप मुझे नंगा करो. फिर भाभी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी और कहा कि आज तो बहुत ही मज़ा आने वाला है हर्ष.

फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं भाभी. फिर भाभी मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे में सातवें आसमान पर हूँ, वो मेरा लंड लॉलीपोप की तरह चूस रही थी और में उनके दोनों बूब्स दबा रहा था और मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी, आआअहह आआहह उउउह्ह्ह्हह्हह्ह्ह और ज़ोर से भाभी आअहह आआअहह. फिर मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और उनके बालों को पीछे से पकड़ा और लंड को चूत पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड फच की आवाज़ करके एक ही बार में भाभी की चूत में चला गया तो भाभी के मुँह से उउउइईई की आवाज निकली और जिसे सुनकर मुझे बहुत मज़ा आया.

फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत से निकाला और फिर से उनकी चूत पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का दिया, इस बार भाभी को भी मज़ा आया और उनके मुँह से आआहह की आवाज़ निकली. फिर में ऐसे ही ज़ोरदार धक्के लगाता रहा और पूरे रूम में आअहह आआहह आआहह और पुउऊउचुकक पुउऊउचुकक की आवाज गूंजने लगी. फिर 15-20 ऐसे ही ज़ोरदार धक्के लगाने के बाद मैंने भाभी से कहा कि मेरा माल निकलने वाला है तो भाभी ने कहा कि माल मेरे मुँह में ही निकालना. फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत से निकाल कर भाभी के मुँह में दे दिया और अपना सारा माल उनके मुँह में निकाल दिया. फिर भाभी मेरा सारा माल पी गई. फिर मैंने ऐसे ही भाभी को 1 महीने तक चोदा और फिर मैंने अपना फ्लेट चेंज कर दिया.

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में मेरठ का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 23 है और में पिछले पांच सालों से लगातार कामुकता डॉट कॉम की सेक्सी कहानियाँ पढ़ रहा हूँ जो कि बहुत मजेदार होती है, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़ा आता है। मेरे लंड का साईज़ 6 इंच है, जो कि मोटा भी है और किसी को भी संतुष्ट करने के लिए बहुत है।

दोस्तों कुछ समय पहले मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती थी और उनका नाम अंजली था। जब उन्हें मैंने पहली बार देखा तो में तब से ही बस उनके सेक्सी जिस्म के बारे में ही सोचता था। पहली नज़र में ही वो मेरी आँखो में समा गई और तब से ही में मन ही मन उन्हें चोदने की बात सोचता था। फिर धीरे धीरे उनका परिवार हमारे परिवार के बहुत करीब आ गया और हमारे बीच बहुत सारी बातें होने लगी थी। वो भी हमारे घर आने जाने लगी थी और में भी कोई अच्छा बहाना बनाकर उनके घर पर चला जाता था और उनसे बहुत बातें किया करता था और इस तरह हम बहुत ही कम समय में एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये और फिर अपनी छुपी हुई बातें भी एक दूसरे से करने लगे थे। फिर उसके साथ में अब हम सेक्स की बातें भी करने लगे थे। फिर एक दिन उन्होंने मुझसे बातों ही बातों में अपनी सुहागरात के बारे में भी सब कुछ बताया, उन्होंने क्या क्या किया, कितनी बार चुदाई की।

दोस्तों वो चुदाई की बहुत प्यासी थी और वो बात उन्होंने मुझे कुछ दिनों बाद में खुद बताई, क्योंकि वो अपने पति के साथ हर दिन सेक्स किया करती थी। फिर कुछ दिनों बाद उसका पति कुछ दिन के लिए किसी जरूरी काम के सिलसिले में शहर से बाहर चला गया तो वो और ज्यादा मेरे करीब होने लगी। वो कभी मुझे अजीब से इशारे करती, जो मुझे भी अब थोड़े थोड़े समझ में आने लगे थे, लेकिन में अपनी तरफ से पूरा पक्का करना चाहता था, ताकि बाद में कोई आपत्ति ना हो जाए। अब मेरे मोबाईल पर उनके कुछ ज्यादा ही गंदे गंदे मैसेज आने लगे थे तो में भी उन्हें वैसे ही मैसेज करने लगा था और फिर हर रात को फोन पर हमारी बातें होने लगी और कुछ सेक्सी बातें भी हमारे बीच होती थी। फिर ऐसे ही दो दिन निकल गये, बस हमारी फोन पर बात होती और हम दोनों सेक्सी मैसेज भेजकर एक दूसरे को अपने मन की बात बताते थे, लेकिन पहले हम दोनों में से कोई भी शुरुआत नहीं करना चाहता ना तो में उनसे बोल सकता था कि में आपको प्यार देना चाहता हूँ और ना ही वो मुझसे सेक्स के लिए बोल सकती थी। हमारी बात दोनों तरफ से ही एकदम अधूरी थी और दोनों ही सेक्स के प्यासे थे, लेकिन एक दूसरे से कहने से बहुत डरते थे और में सोचता था कि वो कभी कुछ गलत ना मान ले और वो भी मेरे बारे में यही सोचती थी। एक दिन में उसके घर पर चला गया, तब वो घर पर एकदम अकेली थी और हम ऐसे ही बातें कर रहे तो हमारी यह बात सेक्स पर जा पहुंची और वो बातें करते करते थोड़ी उदास हो गई। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ भाभी? तब उसने मुझे सब कुछ बताया, क्योंकि तब तक हम सभी तरह की बातें एक दूसरे से करने लगे थे और तब मैंने उसे बताया कि में आपसे बहुत प्यार करता हूँ और आपको वो सब सुख दे सकता हूँ जो आपको चाहिए, हम दोनों एक दूसरे की ज़रूरत पूरी कर सकते है, लेकिन अगर आप चाहो तो? दोस्तों वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर तुरंत मान गई और फिर उसने मुझसे कहा कि तुम इस बात को बिल्कुल गुप्त रखना। फिर मैंने उनसे कहा कि आपके साथ साथ इस काम में भी शामिल हूँ और अगर बाहर किसी को पता चल गया तो हम दोनों की ही बहुत बदनामी होगी, इसलिए यह बात हमेशा हम दोनों के बीच में रहेगी और किसी तीसरे को कानो कान खबर नहीं होगी। फिर उन्होंने मुझे रात को अपने घर पर आने को कहा और मैंने भी ठीक है कहा और फिर मैंने उन्हें एक स्मूच किया और वहां से निकल गया और अब में अपने घर पर पहुंचकर बहुत बेसब्री से रात होने का इंतजार करने लगा था। मेरा एक एक मिनट एक दिन की तरह कट रहा था और रात को करीब 11 बजे उनका मेरे पास फोन आया। उसने मुझसे कहा कि तुम आ जाओ मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया है और में तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ।

फिर में बहुत खुश होकर तुरंत अपनी छत से उनकी छत पर चला गया। उसके बाद मैंने दरवाजे को हल्का सा धक्का दे दिया, उन्होंने अपना ऊपर का दरवाजा ऐसे ही अटकाया हुआ था, जिसकी वजह से मेरा हाथ लगते ही वो खुल गया और में अंदर चला गया। फिर में सीधा उनके बेडरूम में जा पहुंचा, जहाँ पर पहुंचकर मैंने देखा कि वो मेकअप करके बिल्कुल दुल्हन की तरह सजी हुई थी। फिर मैंने उससे पूछा कि यह सब क्यों? तब उन्होंने मुझसे कहा कि यह सब मैंने सिर्फ तुम्हारे लिए ही किया है। मैंने तुम्हें अपनी सुहागरात के बारे में पहले ही सब कुछ बता दिया था और उसी दिन मैंने मन ही मन सोच लिया था कि में अपनी दूसरी सुहागरात तुम्हारे साथ ही मनाउंगी और अपनी चूत को तुम्हारे लंड से चुदवाकर शांत करूंगी। दोस्तों में तो उनके मुहं से ऐसे शब्द सुनकर बहुत चकित हो गया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भाभी कभी मुझे यह सब शब्द भी कहेगी, लेकिन अब में वो सब सुनकर बहुत खुश हुआ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर हम एक दूसरे पर टूट पड़े। हम सबसे पहले किस करने लगे, जिसकी वजह से वो बहुत गरम होकर जोश में आ गई थी और थोड़ी देर किस करने के बाद मैंने उससे कहा कि आज तो हम इतने मज़े करेंगे कि तुम मुझे हमेशा याद रखोगी और में तुम्हें अपने बच्चे की माँ बनाऊंगा। फिर वो भी मुस्कुराते हुए मुझसे हाँ कहते हुए मेरे बच्चे की माँ बनने के लिए तैयार थी। उसके बाद मैंने उनके एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए और उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए, जिसकी वजह से हम दोनों ही बिल्कुल नंगे हो गये थे। अब में उनके सेक्सी जिस्म के हर एक हिस्से को चूसने लगा था और जब में धीरे धीरे चूमता हुआ उनकी चूत पर पहुंचा तो मैंने महसूस किया कि उनकी चूत पूरी गीली थी और अब मुझे बड़ा मज़ा आया और चूत को थोड़ी देर चाटने चूसने के बाद वो झड़ गई और में चूत रस को पीने लगा और फिर में दोबारा स्मूच करने लगा। करीब दस मिनट के बाद अब उनकी बारी थी तो उन्होंने तुरंत मेरा लंड पकड़ा और बड़े ही प्यार से अपने हाथ में लेकर आगे पीछे करने लगी और फिर उन्होंने लंड को अपने मुहं में ले लिया, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। में उस मज़े को शब्दों में नहीं बता सकता और कुछ देर बाद में उनके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरा सारा वीर्य पी गयी। मैंने फिर से उनके बूब्स चूसना शुरू कर दिया और धीरे धीरे काटने लगा और ऐसा करने से हम दोनों को ही बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन दोस्तों हमें भी पता नहीं था कि हम क्या कर रहे है? उतनी ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया तो उन्होंने मुझसे कहा कि अब ज्यादा देर मत करो प्लीज अब मेरी प्यास को बुझा दो जल्दी से अंदर डाल दो। फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर पर रख दिया और धीरे से धक्का देकर अंदर डालने लगा, तभी उनके मुहं से चीखने की आवाज़ निकल गई, अउउउहह आहहहहा उईईईईईई प्लीज थोड़ा और धीरे धीरे करो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है उफ्फ्फ्फफ् धीरे आहहहह, इसलिए मैंने धीरे धीरे धक्के दिए।

दोस्तों उनके कहने पर पहले तो मैंने अपनी स्पीड को बहुत कम रखा, लेकिन जब मुझे उनका दर्द कम होता हुआ महसूस हुआ तो में अपने धक्को को बढ़ाने लगा और अब में लगातार जोरदार धक्के देकर चुदाई करने लगा था और अब वो भी अपनी चूतड़ को उठाने लगी थी और मेरे साथ साथ अपनी चुदाई के पूरे पूरे मज़े लेने लगी थी। दोस्तों हमारी यह चुदाई करीब बीस मिनट तक चली और में उनके अंदर ही झड़ गया, लेकिन फिर भी में कुछ सेकिंड रुककर हल्के हल्के धक्के देता रहा और मैंने अपनी एक एक बूंद को उनकी चूत में डाल दिया, उनके चेहरे से मुझे उनकी संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी। दोस्तों उस रात को मैंने उन्हें चार बार चोदा और हर बार अपना पूरा वीर्य उनकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और ऐसे ही उन्हें तब तक उनका पति नहीं आया जब तक कभी रात को तो कभी दिन में चोदता रहा और उसके बाद भी मैंने उन्हें बहुत बार चोदा और उनकी चूत के बहुत मज़े लिए और अब वो मेरे बच्चे की माँ है, माँ बनने के बाद उनके बूब्स से दूध भी बहुत आने लगा है, इसलिए में अब जब भी मुझे कोई अच्छा मौका मिलता है तो उनके घर पर चला जाता हूँ और उनके बूब्स को अपने मुहं में लेकर उनका गरम गरम दूध पीता हूँ ।।

धन्यवाद …

Bhabhi Ne Jaberdasti Apni Chut Chatwaye

प्रेषक : सुरेश
हैलो, मैं सुरेश। मेरी उम्र २० वर्ष है। आपके लिये मै एक ऐसे स्टोरी लेकर आया हूँ जिसे पढकर आपका मन चोदने और चुदवाने का करने लगेगा। मेरे घर में चार भाई है और मेरे पिताजी है माँ का देहांत तब ही हो गया था जब मेरी उम्र ९ साल की थी। मेरे दो भाई मुंबई में सॉफ्टवेर इन्जिनेअर है जबकि सबसे बड़ा भाई हमारे
साथ ही जालंधर में रहता है। मेरे भाई की शादी हुई तो मैं बड़ा खुश हुआ कि जो माँ का प्यार माँ से नहीं मिला वह भाभी से मिल जायेगा। शादी के बाद भाभी हमारे साथ ही रहने लगी हम गाँव के सबसे बड़े परिवार से ह। पिताजी का धयान रखने के लिए नौकर तो था पर नौकर और घर के सदस्य में रात दिन का अंतर था। भाभी भी मुझसे मजाक किया करती।एक दिन की बात है मैं बाथरूम में नहाने जा रहा था तो मेने भाभी से मेरी अंडरवियर और बनियान मांगी। भाभी बोली कि देवर जी आप नहाना तो शुरू करो मैं ढूँढकर लाती हूँ मैंने कहा ठीक है जब मैं नहा लिया और मैं केवल एक पतला सा टॉवेल लपेटकर खडा था तभी भाभी आई और बोली कि लो अपने अंडरवियर लो यह कहकर वो दरवाजे के बहार खड़ी होकर दूर से अपना हाथ दिखा रही मेने भाभी से अंडरवियर लेने के लिए जैसे ही दरवाजा खोला भाभी ने दरवाजे में जोर से धक्का दिया और मेरे बाथरूम में घुस आई और मेरी कमर पर गुदगुदी करने लगी।

इस मजाक में वह हो ही गया जिसका मुझे डर था मेरा टॉवेल खुल गया और भाभी के हाथ में मेरा लिंग आ गया इसी बीच मैं शर्म के मारे बाथरूम से नंगा बाहर निकल कर भाग गया क्यूंकि उस समय घर पर मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं था इस बात पर मैं भाभी से इतना नाराज़ हुआ कि पूरा दिन बोला नहीं। पर शाम को वह मुझसे बोली कि सुरेश तुम मुझसे नाराज़ हो क्या तो मेने अपनी नाराजगी तोड़ते हुए न कहा दिया। अगले दिन जब मैं पढ़ाई कर रहा था तभी भाभी मुझसे बोली कि सुरेश मैं नहाने जा रही हूँ तुम कल की बात का बदला लेने की कोशिश मत करना, तो मैं बोला नहीं भाभी मैं तो उस बात को कबका भूल चूका हूँ।

तभी नहाते हुए भाभी बोली कि सुरेश मुझे एक साबुन लाकर दो मेरा साबुन खत्म हो गया है मैं बोला अभी तो मैं दुकान जाकर साबुन नहीं ला सकता। भाभी बोली कि दुकान से लाने को थोड़े ही कह रही हूँ, मेरे ड्रोर में रखा वहीं से ला दो। जैसे मैं साबुन लेकर आया तो भाभी दरवाजे में से मुह निकालकर झांक रही थी तो जैसे ही मैंने जैसे ही हाथ बढाया तो भाभी ने साबुन लेने के बहाने मेरा हाथ पकड़ कर खींच लिया और मैं बाथरूम में गिरने लगा तो भाभी ने हाथ पकड़कर मुझे संभाला तभी मेरा हाथ उनकी चूत पर पड़ गया। मैंने देखा कि भाभी बिलकुल नंगी खड़ी थी और उनके बूब्स बहुत बड़े थे और उनके निप्पल गुलाबी रंग के थे और उनकी चूत पर बहुत बड़े बाल थे और उन बालो के कारण चूत भी ठीक से नहीं दिख रही थी।

तभी मुझे अपन पेंट में कुछ रेंगने का अनुभव हुआ मैंने देखा जब तक तो भाभी मेरे पूरे कपडे (पेंट, अंडरवियर) दोनों उतार चुकी थी्। मैं भाभी के सामने बिलकुल निवस्त्र खडा था और भाभी मेरे लंड को बड़े मजे से चूस रही थी तभी भाभी ने नीचे लेट कर पोसिशन ६९ में आ गयी और अब वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनकी न चाह कर भी उनकी बालो वाली चूत चाट रहा था थोडी देर बाद वह उठी और मुझसे अपना ७’ लंबा लंड मेरी चूत में डालने को कहने लगी

मैंने जैसे ही अपना लंड भाभी की चूत पर रख कर जोर से धक्का दिया वह भाभी की चूत में न जाकर वहां से फिसलकर पीछे की और सरक गया फिर भाभी बोली जानू ऐसे नहीं और फिर वह साबुन उठाकर अपने हाथ पर लगाकर मेरे लंड पर रगड़ने लगी फिर उसके बाद उन्होंने उतना ही साबुन अपनी चूत पर लगा दिया और फिर बोलीं कि जान अब धक्का दो जैसे ही मैंने जोर से एक धक्का दिया वह चिल्ला पड़ी आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईईइह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फिर मैंने एक और झटका देकर पूरा लंड भाभी की चूत में समां दिया और अब उनका और मेरा शरीर आपस में रगड़ने लगे उस दिन भाभी ने मुझे जिन्दगी मैं पहली बार सेक्स करना सिखाया

लेकिन उस सेक्स के बाद मुझे उस गलती पर बड़ा पछतावा हुआ और मैंने भाभी के कितना भी उकसाने पर ये गलती न दोहराने का संकल्प लिया। एक दिन जब मैं बाज़ार सामान लेने गया तो मुझे रास्ते जाकर ध्यान आया कि मैं पैसे लाना तो भूल गया हूँ। जैसे ही मैं घर पैसे लेने वापस आया तो देखा कि भाभी एक नौकर के साथ चिपकी हुई थी मुझे देख कर वह दूर हट गयी और फिर नौकर मुझे देख कर चला गया तभी मैंने भाभी से पूंछा तो वह कहने लगी कि तुम्हारे भैया तो बस काम के कारण बाहर ही रहते है उन्हें तो मुझे संतुष्ट करने का तो उन्हें कोई ख्याल नहीं रहता और तुम भी मेरे साथ एक बार सेक्स करके ही रह गए अब तुम ही बताओ ऐसे में मैं क्या करूं

वह बोली तुम्हे तो मेरे साथ …….. ऐतराज़ है मै बोला ऐतराज नहीं है मैं इस काम को पाप समझता हूँ वह बोली कि तुम मुझे इस तरह खु्श करो कि तुमसे पाप भी न हो और मुझे मजा भी आ जाये। मैं बोला क्या सच में ऐसा हो सकता हैं वह बोली कि हाँ क्यूँ नहीं तो मैंने कह दिया ठीक है वो मुझे कमरे मैं ले गयी और मेरे होठ चूमने लगी तो मैंने मना किया तो वह बोली कि मैं तुमसे तुम्हारा लंड अपनी चूत में डालने को तो नहीं कह रही हूँ फ़िर उन्होंने मेरे पूरे कपडे उतार दिए फिर अपने कपडे भी उतार कर बैठ गयी और मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगी तभी मेरी नज़र उनकी चूत पर गयी आज वह बड़ी सुंदर और चिकनी दिख रही थी अब मुझसे नहीं रहा गया और मैं अपना संकल्प भूलकर पोसिशन ६९ में आकर भाभी की चूत चाटने लगा।

फिर भाभी ने मुझे उठाकर मेरा मुंह अपने बूब्स पर रख दिया फिर मैंने दोनों स्तनों से नीचोड़ नीचोड़ कर स्तनपान किया और कुछ देर बाद भाभी की दोनों टांगें विपरीत दिशा में करके उनकी चूत पर लंड फेरने लगा भाभी के मुह से आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊउह्ह्ह्ह्ह ईईईह्ह्ह्ह्ह्ह निकल पड़ा तभी मैंने भाभी की चूत पर एक जोर से झटका मारा तो भाभी और तेज़ और तेज़ कह कर मेरा साथ देने लगी मेरा जोश यह सुनकर दुगना हो गया फिर भाभी और मैं एक साथ स्खलित हो गए उस दिन मुझे पहली बार से भी ज्यादा आनंद आया अब भाभी और मैं जब भी हमें मौका मिलता है तब यह खेल खेलते है।

धन्यवाद

Sasurji Ka Mota Garam Lund Chut Ke Andar

मेरा नाम  अनुराधा है और मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ. मेरी उम्र 24 साल है. यह बात एक साल पहले की है मेरी शादी को 28  महीने हो चुके थे पर अभी तक कोई बच्चा नहीं है. मेरे पति एक कंपनी में काम करते हैं और वे काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाते रहते हैं. मेरी सास नहीं हैं केवल घर में मेरे ससुर हैं वो फ़ौज़ से रिटाइर हुए हैं. बच्चा ना होने से हमारे घर का माहोल सदा सूना ही रहता है हमने चेकअप भी कराया है. रिपोर्ट में मेरे पति में कमी आई है लेकिन मेरे पति यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि उनमें कोई कमी है. वो कहते हैं समय आने पर बच्चा हो जाएगा. लेकिन मैं और मेरे ससुर चिंतित रहते हैं. मेरे ससुर तो कई बार मुझसे पोते की ज़िद कर चुके हैं और कह चुके हैं की मुझे पोता हर हाल में चाहिए. इस समस्या का समाधान करने की मैने एक प्लॅनिंग की. मैने सोचा क्यों न मुझे अपने ससुर से ही बच्चा पैदा करवाना चाहिए. इसके लिए मैं मौके की तलाश में रहने लगी.
एक दिन मेरे पति काम के सिलसिले में दो दिन के लिए बाहर गये. मैं इसी मौके की तलाश में थी. जबसे मेरी शादी हुई है तबसे मैं देख रही हूँ की मेरे ससुर अक्सर मुझे गन्दी निगाहों से घूरते रहते हैं मैं शरमा कर सर नीचे कर लेती हूँ. मैने उनकी नज़रों में हवस देखी है. उस दिन मैं रसोई में रात का खाना बना रही थी ससुरजी अपने कमरे में थे. तभी मैं दर्द का बहाना बना कर चिल्लाने लगी. ससुरजी दौड़े- दौड़े आए और बोले क्या हुआ बहू. मैं बोली पिताजी कमर में मोच आ गयी है अब क्या होगा. वो बोले चिंता की कोई बात नहीं बहू मैं हूँ ना. मैं बोली पिताजी खड़ा नहीं हुआ जा रहा है. वो बोले मैं तुम्हे कमरे में ले चलता हूँ. ऐसा कहकर उन्होने मुझे कमर से पकड़ा और मुझे बेडरूम की तरफ ले कर चलने लगे. उनके हाथों के स्पर्श से मैं उतेज़ित होने लगी. चलते-चलते मेरा हाथ उनके पायजामे में लंड से छू गया मैंने हड़बड़ा कर हाथ हटा लिया. उनकी होठों पर हल्की सी मुस्कान आ गयी. मैं समझ गयी की उन्हे भी यह अच्छा लगा.
उन्होने मुझे बेड पर लिटा दिया और बोले मैं डॉक्टर को बुलाता हूँ. मैं बोली पिताजी मेरी अलमारी में तेल की शीशी रखी है यदि आपको कोई ऐतराज न हो तो आप मेरी कमर पे लगा दीजिए मुझे उससे आराम हो जाएगा. वो बोले क्यों नहीं मैं अभी लगता हूँ. ऐसा कहकर वो तेल की शीशी ले आए.
वो बोले बहू तुम पेट के बाल लेट जाओ मैं तेल लगा देता हूँ. मैं पेट के बाल लेट गयी. मैं बोली पिताजी मेरी साड़ी उतार दीजिए नहीं तो इसमे तेल लग जाएगा. वो ये सुनकर हड़बड़ा गये और बोले तुम ही उतार लो बहू. मैं बोली मुझसे हिला नहीं जा रहा है आप ही खोल दीजिए ना. वो अपना हाथ मेरी कमर पर लाए और साड़ी खोलने लगे मैं पेट के बल उचक गयी जिससे साडी आराम से निकल जाए. अब मैं केवल पेटिकोट और ब्लाउज़ में थी. मैने कहा पिताजी मेरे ब्लाउज़ के हुक खोल कर तेल लगाइए ना. उन्होने ब्लाऊज़ के हुक खोले और तेल लगाने लगे. उनके हाथों के स्पर्श से मैं उत्तेजित हो गयी तभी मेरी नज़र उनके पाइज़ामे पर पड़ी मैने देखा की उनका लंड खड़ा हो गया है वो किसी तरह उसे शांत कर रहे थे मैं यह देख कर मुस्कराने लगी. मैं बोली पिताजी पायज़ामा उतार दीजिए नहीं तो तेल लग जाएगा. वो बोले हाँ बहू तुम ठीक कहती हो ऐसा कहकर उन्होने पायज़ामा उतार दिया अब वो सिर्फ़ नेकर में थे.
वो मेरी कमर पर तेल लगाते हुए बोले बहू पूरी कमर पर नहीं लग रहा है मैं बोली मेरी ब्रा के हुक खोल दीजिए उन्होने काँपते हुए हाथो से मेरी ब्रा के हुक खोल दिए मैने ब्रा को अलग कर दिया. अब उनका हाथ मेरी चुचियों तक जाने लगा उनके स्पर्श से मैं उत्तेजित हो गयी और बोली पिताजी थोड़ा और नीचे तक लगाइए ना. वो बोले नीचे पेटिकोट है हाथ नही जा रहा है. ऐसा सुनकर मैने पेटिकोट कन नाडा खोल दिया और बोली की अब जितनी इच्छा हो पेटिकोट नीचे कर लीजिए. ऐसा सुनकर वो खुश हो गये और मेरा पेटिकोट घुटनों तक नीचे कर दिया. अब मैं उनके सामने पेंटी में थी. मुझे शर्म भी आ रही थी. अब वो मालिश करते-करते अपने हाथ को मेरी पेंटी के अंदर डाल देते और मेरे चूतड़ो को मलने लगते. मेरी चूत गीली हो गयी.
अब वो धीरे-धीरे मेरे पेटिकोट को नीचे करते गये और फिर उन्होने उसे निकल दिया मैने कुछ नहीं कहा. अब वो मेरी टांगो पर भी तेल लगाने लगे. अब उनके हाथ मेरी गांड तक जाने लगे. और पता नहीं कब उन्होने अपना नेकर उतार दिया उनका लंड मेरे चूतडो को छूने लगा. फिर उन्होने मेरी पेंटी भी उतार दी और मेरे उपर लेट कर बोले बस बहू अब और नहीं सहा जाता अब तो अपनी चूत दे दो. मैं बोली पिताजी चूत मरवाने के लिए ही तो ये सब नाटक किया है. वो बोले सच मैने कहा हां .ऐसा कहकर उन्होने मुझे पलट कर सीधा कर दिया. अब मेरी चूत उनके सामने और उनका लंड मेरे सामने था. वो मेरी चूत को देख कर बोले ऐसी मस्त चूत मैने पहले कभी नहीं देखी. क्या मस्त माल है फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे.  आप यह कहानी सेक्स समाचार डॉट कॉम पर पढ़ रहे है .  मेरी सिसकियाँ निकलने लगी. फिर मैं उठकर उनका लंड मुँह में भर कर चूसने लगी. वो मेरे चुचे दबाने लगे. मैं उत्तेजित हो कर बोली ससुर जी अब देर ना करो लोहा गरम है ठोक दो मेरी चूत अपने लंड से.
उन्होने मुझे सीधा लिटाया और मेरी टाँगे फैला दी अब अपने लंड को मेरी चूत के मुँह पर लाकर ज़ोर का धक्का मारा की लंड का सूपड़ा अंदर चूत को चीरता हुआ घुस गया. मैं दर्द से बिलबिला पड़ी मैं चीखने लगाई हाय मरी…..फट गयी मेरी उह……छोड़ो आह…… ससुर जी कहाँ रुकने वाले थे उन्होने धक्का मारना चालू रखा थोड़ी देर में सारा लंड अंदर घुस गया. मैं बोली आपने फाड़ डाली इतना मोटा लंड है जैसे किसी सांड़ का हो. वो बोले बहू तेरी चूत भी बड़ी टाईट है मेरा लंड फँसा हुआ है फिर उन्होने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए अब मुझे मज़ा आने लगा मैं बोली फाड़ डालो मेरे बलम मेरी चूत आह…. उई…. आईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आहह……………मारो मेरी चूत फाड़ डालो अपने लंड से मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनूँगी वो बोले क्या चूत है ओह……आह…..उह…….वो बोले ऐसी चूत तो तेरी सास की भी नहीं थी मुझे पता होता की मेरी बहू की ऐसी मस्त चूत होगी तो तुझे ब्याह के पहले ही न ले आता. मैं बोली मुझे पता होता की मेरे ससुर का सांड जैसा लंड है तो मैं आपसे ही शादी करती. कमरे मै  च….. खच….. पच…… फ़चफ़च……….. फ़चाफ़च…..की आवाज़ें गूंजने लगी. वो बोले अब तो तेरी ही चूत मारा करूँगा बहू बोल मरवाएगी ना. मैं बोली अब तो मैं आपकी हूँ जब चाहो मुझे चोद लिया करो बालम. थोड़ी देर बाद ससुर ने अपना वीर्य मेरी चूत में डाल दिया और मुझे पेट से कर दिया.
अब वो मेरी गाँड पर तेल लगाने लगे मेरी ना नुकर के बाद भी उन्होने अपना लंड मेरी गाँड में डाल कर मेरी गाँड भी मारी. मुझे भी गाँड मरवाने में बड़ा मज़ा आया. अब तो हर रोज़ चोदम-चुदाई का खेल खेलते है. अब मैं अपने ससुर ही चुद्ती हूँ. 9 महीने बाद मैने एक लड़के को जन्म दिया मेरे पति खुश है की वो बाप बन गये लेकिन मैं ही जानती हूँ कि यह बच्चा तो मेरे ससुर का है.
आशा है आपको मेरी सच्ची कहानी पसंद आएगी. रिप्लाई जरुर करे …
धन्यवाद …

Bhabhi Our Uski Sexy Chuddakad Saheli Seema – Hindi Sex

प्रेषक : आशीष …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आशीष है और में चंडीगढ़ में किराए से एक रूम लेकर रहता हूँ। में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तों वैसे तो में एक अच्छे लेखक की तरह लिख तो नहीं सकता, लेकिन में उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी यह कहानी जरुर पसंद आएगी। दोस्तों मेरी उम्र 41 साल और में शादीशुदा हूँ, लेकिन मेरी पत्नी हिमाचल के एक छोटे से गावं में रहती है और में यहाँ पर रहकर अपनी एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ। मेरे पड़ोस वाले रूम में एक बहुत सेक्सी भाभी रहती है, उनका नाम रिचा है और उनकी उम्र लगभग 32 साल के आसपास होगी, लेकिन वो फिर भी दिखने में बहुत हॉट, सेक्सी है और उनके चेहरे से उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगता और उसके फिगर का साईज़ 34-30-36 है, उनका वो भरा हुआ बदन, मोटी गांड और बड़े बड़े बूब्स में जब भी देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था, हालाँकि बिल्कुल पास वाले कमरे होते हुए भी में उनसे शुरू शुरू में ज्यादा बात नहीं करता था, लेकिन में कभी कभी उसकी मटकती हुई गांड, झूलते हुए बड़े बड़े बूब्स के मज़े जरुर लेता था। फिर जब वो कपड़े धोती या झाड़ू लगाती तो उसके बड़े बड़े बूब्स उछल उछलकर ब्रा से बाहर आने को तैयार हो जाते थे और उसका यह नज़ारा देखकर मैंने कई बार मुठ मारी, लेकिन डर की वजह से मेरी कभी उन्हें छूने की हिम्मत नहीं हुई, में बस उन्हें दूर से देखकर मज़े लेता था।

एक दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी तो में सुबह देर से उठा और सीधा ब्रश करने वॉशरूम की तरफ़ चला गया। मैंने देखा कि वो उस समय वहाँ पर बैठकर कपड़े धो रही थी और झुककर कपड़े धोने की वजह से उनके आधे आधे बूब्स बाहर आ रहे थे। फिर में भी वहाँ पर जाकर पास ही खड़ा होकर ब्रश करने लगा और उस नज़ारे के मज़े लेने लगा। कुछ देर खड़े रहकर मज़े लेने के बाद अब मुझे पानी चाहिए था, लेकिन नल के नीचे उनकी बाल्टी लगी हुई थी। फिर वो समझ गई और जैसे ही वो अपनी बाल्टी को उठाने के लिए झुकी तो मुझे उसके झूलते, लटकते हुए पूरे बूब्स के दर्शन हो गये और मेरा लंड वो सब देखकर एकदम तनकर खड़ा हो गया। मैंने उस समय लोवर पहन रखा था और उसमें मेरा लंड खड़ा होकर पूरा टेंट बन गया, उसको शायद उसने भी देख लिया था। फिर उसने मुझसे पूछा कि आपका घर कहाँ है? मैंने कहा कि हिमाचल और वो मुझसे कहने लगी कि हिमाचल से ही है। फिर हमारे बीच थोड़ी देर बहुत इधर उधर की बात हुई और उसके बाद में अपने कमरे में चला गया और फिर में खाना ख़ाकर और उसके नाम की मुठ मारकर सो गया। फिर उसके बाद से हमारे बीच धीरे धीरे थोड़ी बहुत बातें होने लगी। फिर एक बार उसने मुझसे पूछा कि क्यों तुम्हें कभी अपनी बीवी की याद नहीं आती क्या? तो मैंने भी हंसते हुए कहा कि भाभी क्या करूं आती तो बहुत है? और अब शादीशुदा होते हुए भी मुझे मजबूरी में इतनी सर्दियों में अकेला सोना पड़ता है तो भाभी हँसने लगी और बोली कि इसमें क्या है, तुम अपनी वाईफ को भी यहाँ पर ले आओ? फिर मैंने कहा कि जब तक में पूरी तरह से सेट नहीं हो जाता तब तक उसे यहाँ पर लाना बहुत मुश्किल है।

भाभी : तो क्या हुआ यहाँ कोई सहेली बना लो।

में : अब हमे लड़कियाँ पटाने का टाईम मिलता ही कहाँ है? और वैसे भी लड़कियाँ हम जैसे शादीशुदा लोगों में कम रूचि लेती है भला वो हम शादीशुदा से बात क्यों करने लगी?

भाभी : (शरारती मुस्कान के साथ मुझसे बोली) तो क्या हुआ तुम भी कोई अच्छी सी शादीशुदा सहेली देखकर पटा लो यहाँ कौन सी कमी है?

फिर मैंने कहा कि बात तो आप एकदम सही कह रही है, लेकिन मेरे पास इतना टाईम ही नहीं होता और आप ही अपने जैसी अपनी कोई एक सहेली से मेरी सेटिंग करवा दो। अब भाभी मुस्कुराने लगी और बोली कि मेरे जैसी ही क्यों? फिर मैंने कहा कि मेरी नई सहेली आपकी तरह सुंदर, अनुभवी भी तो होनी चाहिए तभी तो मज़ा आएगा। फिर भाभी मुझसे पूछने लगी कि कैसा मज़ा? तो मैंने कहा कि आप तो मुझसे ऐसे अंजान बनकर पूछ रही हो जैसे आपको कुछ पता ही नहीं। फिर भाभी ज़ोर से हँसने लगी और वो किसी काम से अपने रूम में चली गई और अब मुझे लगा कि मेरी लाईन साफ है और में भी अब उसके साथ थोड़ी बहुत डबल मतलब की बातें करने लगा और वो भी जानबूझ कर बिल्कुल अंजान बनकर पूरे मज़े लेती थी। एक दिन मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी क्या आपने मेरी बात कहीं चलाई? तो वो मुझसे बोली कि जो भी मेरी दोस्त मेरे पास आती है तो तुम देखकर बता देना कौन सी ठीक है, में सेट करा दूँगी। फिर मैंने कहा कि वो भाभी में कल ही आपको बता देता हूँ। दोस्तों वैसे तो मैंने उनकी दोस्त को देखा नहीं था और अगले दिन में बाथरूम में नहा रहा था तो भी भाभी वहाँ पर पास में आ गई और ज्यादातर समय में दरवाज़ा बंद नहीं करता, क्योंकि में अंडरवियर पहनकर ही नहाता हूँ।

अब भाभी बाथरूम के बाहर बाल्टी में कपड़े भिगोने लगी और चोरी चोरी तिरछी निगाहों से मुझे देखने लगी और उसको ऐसे घूरते हुए देख सर्दियों के दिनों में भी ठंडे पानी से नहाते हुए मेरा लंड खड़ा हो गया और में अपने लंड पर रगड़ रगड़कर साबुन लगाने लगा, लेकिन मेरा हाथ मेरी पीठ तक नहीं पहुँच रहा था और यह देखकर वो मुझसे बोली कि क्या हुआ आशु हाथ नहीं पहुँच रहा क्या? मैंने कहा कि नहीं भाभी वो बोली कि में लगा दूँ क्या और हँसने लगी? फिर मैंने कहा कि नेकी और पूछ पूछ, प्लीज लगा दो। फिर वो बोली कि में तो मज़ाक कर रही थी, नहीं कोई देख लेगा। फिर मैंने कहा कि हम दरवाजा बंद कर लेंगे, वो तुरंत अंदर आ गई और दरवाज़ा बंद कर दिया और साबुन लेकर मेरी पीठ पर लगाने लगी, वाह क्या मजा आ रहा था, मुझे लगा वो भी गरम हो गयी है इसलिए बड़े प्यार से सहला रही थी, लेकिन मुझे सीधा हाथ डालने में डर लग रहा था। फिर मैंने भाभी से पूछा कि आप कैसे नहाती हो आपके हाथ भी पीठ पर नहीं पहुंचते होंगे? तो वो बोली कि हाँ मैंने कहा कि आपने मेरी मदद की है और में आपकी मदद कर देता हूँ, आपकी पीठ पर साबुन लगा देता हूँ और बाकी आप खुद नहा लेना। फिर वो शरमाते हुए बोली कि नहीं। फिर मैंने बोला कि कोई बात नहीं भाभी में लगा देता हूँ और वो ज्यादा  मना करते हुए बोली कि ठीक है तुम अपना मुँह दूसरी साईड करो। फिर मैंने अपना मुहं दूसरी तरफ कर लिया। फिर उसने अपनी कमीज़ खोली और मेरी तरफ पीठ करके बैठ गयी और फिर मुझसे बोली कि लगाओ और में जैसे मुड़ा वाह क्या सीन था? में उसकी नंगी पीठ और सफेद ब्रा की डोरी देखकर पागल हो गया और में उसकी पीठ पर साबुन लगाने लगा। उसने आँखे बंद कर ली और में उसकी पीठ सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी आपकी ब्रा की डोरी दिक्कत कर रही है। फिर उसने तुरंत बोला कि खोल दो और मैंने जल्दी से उसकी ब्रा को खोल दिया और उसने अपने बूब्स पर हाथ रख लिए। अब उसकी सलवार पूरी तरह भीग गयी थी और पैरों से चिपक गयी थी और जिसकी वजह से उसकी काली कलर की पेंटी साफ साफ दिख रही थी और मेरा लंड बिल्कुल टाईट हो गया था और में साबुन लगते हुए उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और उसकी नाभि को सहलाते हुए में उसके बूब्स की तरफ अपना हाथ ले गया जो उसने अपने हाथों से ढक रखे थे। फिर मैंने पीछे से सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और में उसके गोल गोल चूतड़ को मसलने लगा और वो सिसकियाँ लेने लगी और मेरे हाथ पकड़कर बाहर निकालने लगी। जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ने के लिए अपने बूब्स से हाथ हटाया तो मैंने उसके बूब्स पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर उसकी पीठ पर रगड़ने लगा और वो मोनिंग करते हुए अभी भी हटाने लगी।

भाभी : आशु प्लीज यह सब मत करो, आहह।

में : ( में उसके बूब्स मसलते हुआ गर्दन पर किस करते हुए) भाभी इस दिन का तो मुझे कई दिनों से इंतज़ार था तो में ऐसे कैसे इस मौके को अपने हाथ से जाने दूंगा।

अब भाभी बिल्कुल गरम हो गई थी, उसने भी अपने हथियार डाल दिए और खड़ी होकर मुझसे चिपक गई और मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। दोस्तों भाभी क्या सेक्स की देवी लग रही थी, उसका वो भीगा बदन। वो अब सिर्फ़ काली कलर की पेंटी में खड़ी थी, उसके गीले बाल उभरे और कसे हुए बूब्स गोल गांड, हम दोनों बस मदहोश होकर एक दूसरे को अपनी गरमी दे रहे थे। अब मैंने उसकी पेंटी को भी खोल दिया और मैंने देखा कि उसकी काली झांटो से चूत पूरी तरह ढकी हुई थी। फिर मैंने उसकी झांटो को एक साईड किया और अपनी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया तो वो एकदम से तड़प उठी और मेरे लंड को पकड़कर दबाने लगी, जितनी स्पीड से में उसकी चूत में उंगली डाल रहा था उतनी स्पीड से वो मेरे लंड को हिला रही थी। फिर वो मेरे आगे झुक गयी और मेरे लंड को चाटने लगी। दोस्तों वो बिल्कुल ब्लूफिल्म की तरह मेरा लंड चाट रही थी और फिर वो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और इतनी देसी भाभी को लंड चूसते देख में बिल्कुल हैरान हो गया।

फिर मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी कभी अपने पति का चूसा है? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने कहा कि इतनी अच्छी तरह कैसे चूस लेती हो? फिर वो बोली कि मैंने अपने फोन पर चोरी से ब्लूफिल्म देखी है और मुझे बहुत दिल करता था किसी का लंड चूसने का, लेकिन में अपने पति के सामने इतनी खुलकर कह नहीं सकती और आज मुझे यह मौका मिला है। फिर मैंने कहा कि आआहह भाभी चूसो आज पूरी कर लो अपनी सब इच्छाए, वो पूरा मन लगाकर चूस रही थी, उसने मेरे लंड पर थूका और उसे अपनी जीभ से मेरे लंड पर गोल गोल घुमाने लगी और में सच में बिल्कुल हैरान था और में अब इतना उत्तेजित था जैसे कोई चुदाई का भूखा हो। अब वो मेरा लंड पूरा गले तक ले रही थी। दोस्तों वाह क्या नज़ारा था? फिर मेरी नज़र उसकी चूत पर पड़ी और मैंने कहा कि बस भाभी चोदने दो। अब वो मुझे शरारत भरी नज़र से देखती हुई मेरा लंड चूसती रही। फिर मैंने ज़बरदस्ती उसे वहाँ से हटाया और उसे वाशबेसिन पकड़कर घोड़ी बना दिया और वो अपनी गांड को हिलाते हुए मेरे लंड को अपनी चुदाई करने की दावत दे रही थी। फिर मैंने उसकी कमर को पकड़कर उसकी चूत पर लंड रखा और उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट करते हुए पीछे से धक्का मारा, आअहह क्या गरम चूत थी, मेरा आधा लंड अंदर घुस गया तो वो थोड़ी सी चीखी और उसने दूसरा धक्का मारा और मेरा पूरा लंड अपनी चूत के अंदर ले लिया और रुक गयी। दोस्तों अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी गांड को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और भाभी आहह आईईईइ उह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा चोद मुझे फाड़ दे आज अपनी भाभी की चूत को और ज़ोर से धक्का मार आह्ह्ह्हह हाँ और थोड़ा अंदर डाल उह्ह्ह्ह।

अब में दनादन लंड उसकी चूत में डाल रहा था और उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे और वो भी पूरे मज़े लेकर मुझसे चुदवा रही थी और सिसकियाँ लेते हुए बड़बड़ा रही थी, ऊह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह आशु डाल अपना पूरा लंड मेरी चूत में आह्ह्ह चोद और फिर वो गालियाँ बकने लगी साले चोद भाभीचोद। में करीब दस मिनट तक लगातार उसे चोदता रहा और अब भाभी की चीखने, चिल्लाने की आवाज़ तेज होने लगी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी आअहह और उसके पैर अकड़ गए और वो मेरे लंड को अपनी चूत से भींचने लगी तो में समझ गया कि भाभी झड़ रही है। फिर मैंने और तेज धक्के मारने शुरू कर दिए और फिर भाभी झड़ गयी और मेरा लंड पूरा गीला हो चुका था। फिर मैंने कहा कि भाभी क्या में अंदर ही निकाल दूँ? तभी वो एकदम से हटी और उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी और बोली कि मुझे तेरा माल पीना है और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी। मुझसे अब रहा नहीं गया और में उसके मुँह में झड़ गया, उसने चूस चूसकर मेरा सारा वीर्य पी लिया, आअहह मेरी तो जैसे जन्नत की सैर हो गयी। फिर उसने अपना चेहरा साफ किया और बाहर जाने लगी, लेकिन मेरा मन अभी भी भरा नहीं था तो मैंने कहा कि भाभी अब मेरे रूम में चलो तो वो भी तुरंत समझ गई कि अभी भी उसकी और चूत घिसाई होनी है और उसने अपनी कमीज़ पहनी सलवार तो गीली थी तो कमीज़ पहनकर ही मेरे रूम में भागती हुई पहुंच गई। मैंने भी टावल लपेटा और उसके पीछे रूम में पहुँच गया।

फिर मैंने अंदर जाते ही दरवाज़ा बंद कर दिया और भाभी से बाथरूम में मज़ा लेने के बाद अब में उसे बेड पर चोदना चाहता था, लेकिन हम दोनों इतने गर्म हो चुके थे कि मैंने उसे वही दीवार से चिपका दिया। अब में उसके हाथ पकड़कर उसे स्मूच करने लगा और अब भाभी भी पूरी तरह से गर्म थी, अब वो भी पूरा मज़ा ले रही थी। अब हम एक दूसरे के मुहं में अपनी जीभ डाल रहे थे, वो अपनी गीली सलवार बाथरूम में ही छोड़ आई थी और में भी सिर्फ़ टावल में था।

अब मैंने उसे दीवार से चिपका कर अपना पूरा वजन उस पर डाल दिया और अब मेरे टावल में टेंट बन गया था जो कि मेरे लंड के हार्ड होने की वज़ह से था। अब भाभी पागलों की तरह तड़पती मछली की तरह हो गयी थी और मौन कर रही थी। फिर उसने टावल के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से भींचने लगी। फिर में भी उसकी कमीज़ ऊपर उठाकर उसकी चूत में उंगली करने लगा। अब में भाभी को और तड़पाना चाहता था, लेकिन वो इतनी गर्म थी कि वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और खड़े-खड़े ही अंदर घुसाने लगी। दोस्तों अब में सातवें आसमान पर था, अब में अपनी तरफ़ से लंड घुसाने की कोई हरकत नहीं कर रहा था बस उसकी तड़प का मज़ा ले रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो कभी अपनी टाँगे चौड़ी करके मेरे लंड को पकड़कर चूत में डालती तो कभी अपनी टाँगे उठाकर खुद ही खड़े-खड़े धक्के मारती, लेकिन एक दो धक्को के बाद मेरा लंड बाहर निकला जा रहा था। अब वो कुछ नहीं बोल रही थी, बस मौन कर रही थी। अब उसकी चूत से रस टपक कर फर्श पर गिर रहा था, अब काफ़ी तड़पने के बाद उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और बोली कि आशु बहुत हो गया अब चोदेगा या में खुद चूत में उंगली कर लूँ। अब यह बात सुनकर मुझे मज़ा भी आया और मेरा लंड भी और तन गया।  फिर मैंने उसे वहीं किचन पट्टी पकड़कर घोड़ी बना दिया और उसकी कमर पकड़कर सीधा अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अब उसकी चूत के पानी से उसकी चूत एकदम चिकनी हो चुकी थी और मेरा लंड सीधा उसकी चूत को चीरता हुआ जड़ तक जा घुसा और मैंने ताबड़तोड़ धक्के मारने शुरू कर दिए आआहह, अब वो ज़ोर-जोर से मौन करने लगी थी।

फिर मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा ताकि पड़ोसी सुन ना ले और उसे चोदने लगा। अब वो भी अपनी गांड हिला-हिलाकर मेरे लंड को अंदर ले रही थी, अब पूरे रूम में फ़च-फच की आवाज़ आने लगी थी। अब मेरी टाँगे उसकी जांघो पर हर धक्के के साथ तपाक से टकरा रही थी और वो ज़ोर-जोर से बड़बड़ाये जा रही थी। अब में अपनी पूरी स्पीड से उसे चोद रहा था। फिर वो वहाँ से हटी और मेरे बेड पर टांगे चौड़ी करके लेट गयी और बोली कि आशु आज फाड़ दे मेरी चूत को, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे। फिर मैंने उसकी टाँगे अपने कंधे पर उठाई और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया। अब वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी, आआआआआअ आशु फाड़ और घुसा दे। अब उसकी टांगे अकड़ने लगी थी और वो उसके नाख़ून मेरी पीठ पर चुभा रही थी तो अब में समझ गया कि उसका होने वाला है, शायद उसका पहले भी हुआ हो, लेकिन इस बार तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे इतना पानी निकलेगा कि मेरा लंड पूरा भीग जायेगा।

अब उसकी आँखें बंद हो गयी और वो नीचे से धक्के मारने लगी। तभी मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी जो कि आधी खुली थी, अब उसमें से हमें कोई देख रहा था। अब मेरा भी होने वाला था तो में रुक नहीं पाया और उसे चोदता ही रहा। अब वो ज़ोर-ज़ोर से साँस लेती हुई और मौन करते हुए झड़ गयी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भी अपना सारा पानी उसके मुँह पर छोड़ दिया। अब हम हांफते हुए बेड पर लेट गये। फिर उसने अपनी कमीज़ के साथ मेरा पजामा पहना और अपने रूम में जाने लगी। हमारा रूम पास-पास में ही था तो जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला तो उसकी सहेली रीना बाहर खड़ी थी। रीना भी शादीशुदा थी, गोरी और सुडोल शरीर, बड़े-बड़े बूब्स और उसकी गांड पीछे से बाहर निकली हुई थी, क्योंकि वो ज्यादातर स्किन टाईट कपड़े पहनती है तो इसलिए उसकी गांड बाहर निकली हुई लगती थी, लेकिन कमाल की गांड है उसकी, फिगर 34-30-36 है। अब में समझ गया था कि ये वही है जो हमें खिड़की से देख रही थी, लेकिन मैंने सब अनसुना कर दिया। अब रिचा उसे देखकर डर गयी और उससे नज़रे मिलाए बिना ही वहाँ से जाने लगी। अब रीना उसे देखकर हंस रही थी और उसके पीछे-पीछे उसके रूम में चली गयी। फिर मैंने भी अपने कपड़े पहने और यह जानने के लिए कि रीना अब क्या करेंगी? उनकी खिड़की के पास छुप गया।

रीना : अरे वाह, रिचा तू तो बहुत बड़ी खिलाड़ी निकली अकेले-अकेले मज़े ले रही है तो रिचा डरते हुए बोली किसी को मत बताना। फिर रीना ने उसकी गांड पर एक शरारती थप्पड़ मारा और अपनी चूत पर  हाथ फैरते हुए बोली कि यार तुम दोनों की चुदाई देखने का मज़ा आ गया। अब मुझे रिचा की सहेली की आँखो में हवस नज़र आ रही थी और मुझे लगा कि अब तो किस्मत खुल गयी और दूसरी भी तैयार है। फिर रिचा अपने बेड पर लेट गयी और उसकी सहेली उसकी सलवार में उसकी चूत के पास अपना मुँह करके लेट गयी।

रिचा बोली क्या कर रही है? तो वो बोली कि तेरी चूत से तेरे यार के लंड की खुशबू ले रही हूँ, अब मुझे तो ये सब सपना सा लग रहा था। फिर उसकी सहेली ने उसका नाडा खोला और उसकी चूत सूंघने लगी। अब में यह सब देखकर हैरान हो गया और अब में समझ नहीं पा रहा था कि यह कहीं लेस्बियन तो नहीं है। फिर वो उसकी चूत का रस अपने हाथ से लगाकर अपनी सलवार के अंदर डालकर अपनी चूत पर मलने लगी और सिसकारी लेती हुई बड़बडाई कि उसका लंड ना सही, लेकिन उसका पानी तो मेरी चूत तक पहुँच गया और वो दोनों हंसने लगी। अब रिचा जो काफ़ी देर से उसे देख रही थी, अब हंसते हुए नॉर्मल लग रही थी। फिर रिचा कपड़े बदलने लगी और उसकी सहेली वहीं लेटी हुई थोड़ी-थोड़ी देर में सलवार के ऊपर से ही अपनी चूत पर हाथ घुमा रही थी। अब उसकी आँखे हवस से भरी हुई थी और अब मेरा दिल तो किया कि वहीं जाकर उसे चोद दूँ, लेकिन मुझे लगा कि रिस्क क्यों लेना?

फिर उसने रिचा से कहा कि यार तेरा तो पति से भी सुंदर है। फिर इसके चक्कर में कैसे पड़ी? तो रिचा बोली कि एक बार इससे चुदकर देख सब पता चल जायेगा। फिर उसकी सहेली ने आह भरते हुए कहा कि हाय वो दिन कब आयेगा? तुम दोनों की पलंगतोड़ चुदाई देखकर मेरा मन भी चुदने का हो रहा है, यह कहकर वो अपनी चूत को ज़ोर-जोर से रग़ड रही थी। अब में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया और कमरे में चला गया तो उसने हड़बड़ा कर चादर अपने ऊपर खींच ली। फिर मैंने कहा कि यार मैंने सब कुछ सुन लिया है और देख लिया है, अब छुपाने का क्या फायदा है? फिर में उसके ऊपर चढ़ गया। अब रिचा हमें आश्चर्य से देखे जा रही थी। फिर रीना कुछ नहीं बोली और चुपचाप मेरी आँखो में देख रही थी, जैसे उसे वो मिल गया हो जो वो चाहती थी। फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और उसके गुलाबी होंठो को जी भरकर चूसने लगा। अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी। अब में अपने पूरे शरीर को उसके शरीर पर रग़ड रहा था। मुझे सबसे ज्यादा प्यारी उसकी गांड लगती है। फिर मैंने उसे उल्टा करके लेटा दिया और उसकी गांड की दरार में अपना लंड घुसाने लगा, अयाया क्या मज़ा आ रहा था? और उसके बूब्स दबा रहा था।

फिर मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, अया क्या गर्म चूत थी उसकी? बिल्कुल गीली हो चुकी थी।  फिर मैंने उसकी कमीज़ उतारी और उसकी पीठ चाटने लगा, अब वो भी अपनी आँखे बंद करके मज़े ले रही थी। फिर मैंने उसकी सलवार भी उतार दी, अब वो मेरे सामने वाईट ब्रा और ब्लू पेंटी में उल्टी लेटी हुई थी। फिर मैंने उसकी पेंटी को थोड़ा साईड में करके उसकी गांड पर थूक लगाया और अपना लंड टिका दिया, उसकी चूत पर थोड़ी-थोड़ी झांटे थी। फिर मैंने उसकी गांड पर धक्का मारा तो वो बहुत ज्यादा टाईट थी तो मेरा लंड अंदर नहीं गया और वो ज़ोर से चिल्लाई और वो मेरे नीचे से फिसल कर साईड में हो गयी और बोली कि गांड में नहीं सीधा चूत में डाल नहीं तो में चली जाउंगी।

फिर मैंने उसे ओके बोला और उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो बन गयी और बोली कि कहा ना गांड में मत डालना तो मैंने कहा कि ओके। फिर मैंने पीछे से उसकी चूत पर अपना लंड रखा, उसकी चूत बहुत गीली थी और ज़ोर से धक्का मारा तो वो थोड़ी चिल्लाई और मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया। वो शादीशुदा होते हुए भी उसकी चूत टाईट थी। फिर में उसकी कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। अब वो मौन करने लगी, हाईईई उउउईईई माँ, चोद मुझे, पूरा डाल जड़ तक, डाल आआआआ। अब में उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था, उधर रिचा भी हमारी चुदाई देखकर गर्म हो गयी थी और कुर्सी पर बैठकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी। फिर मैंने उसे पास में बुलाया और अब वो मेरे पास में आकर बैठ गयी। अब मेरा लंड रीना की चूत में था और रिचा के बूब्स मेरे मुँह में थे, आअहह दोस्तों क्या मज़ा था? एक साईड में रीना की चुदाई कर रहा था तो दूसरी साईड में रिचा के बूब्स चूस रहा था और उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

अब वो दोनों बहुत गर्म हो चुकी थी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी, अब मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था। तब रीना अपनी गांड आगे पीछे करके मेरा लंड अपने आप ले रही थी, तभी मुझे शरारत सूझी तो मैंने रिचा के कान में कहा कि रीना की टांगे पकड़ो और उसे हिलने मत देना। फिर रिचा ने मेरी तरफ शरारत भरी नज़र से देखा और उसकी टाँगे पकड़ ली। अब मैंने रीना की चूत से लंड बाहर निकाला जो पूरा गीला था और उसकी गांड पर रख दिया। फिर वो बोली कि कहा था ना गांड में मत डालना, लेकिन तब तक मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी गांड में जाकर फँस गया। फिर वो ज़ोर से चिल्लाई उूउउइईई माँ माररर डाला निकाल इसे, अब वो भागने लगी थी, लेकिन रिचा ने उसे कसकर पकड़ा हुआ था, अब वो छटपटाने के अलावा कुछ नहीं कर सकती थी।

रीना : रिचा छोड़ मुझे मादरचोद, यह मेरी गांड फाड़ देगा, आआअहह बहुत दर्द हो रहा है।

फिर रिचा हँसने लगी और मैंने अपना पूरा दवाब उसकी गांड पर डाल दिया। अब मेरा लंड पूरे से थोड़ा कम उसकी गांड में था। अब वो चिल्ला रही थी, मुझे नहीं चुदवाना, छोड़ो मुझे। फिर मैंने बुरी तरह से उसकी गांड मारनी शुरू कर दी। अब उसकी चीखे निकल रही थी। फिर धीरे-धीरे उसका दर्द कम हुआ और उसकी चीखे सिसकियों में बदलने लगी। अब वो मजे लेने लगी थी और बोलने लगी कि आशु फाड़ मेरी गांड, मेरे राजा मुझे ज़ोर से चोद। अब रिचा बहुत गर्म हो गयी थी। फिर उसने अपनी चूत रीना के मुँह पर लगा दी, आआहह क्या नज़ारा था? अब में रीना की गांड मार रहा था और रिचा अपनी चूत रीना से चटवा रही थी। अब मेरा होने वाला था फिर मैंने कहा कि कहाँ निकालूं? तो रीना बोली कि मेरी चूत में निकाल दो।

फिर मैंने उसे सीधा किया और अब मैंने उसकी एक टाँग उठाकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और रिचा रीना के मुँह पर बैठ गयी। अब रीना बड़े मज़े से अपनी जीभ उसकी चूत में डाल रही थी और में रीना को चोदने लगा, आआहह आआआ आज़ा मेरे राजा आज तूने मेरी चूत और गांड फाड़कर रख दी और फाड़ आआआहह। अब में लगातार उसे चोदता रहा और रीना झड़ गयी और में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और साईड में होकर लेट गया। अब सब बेड पर पड़े थे, तभी मेरा माल रीना की चूत से थोड़ा-थोड़ा टपकने लगा था। अब रिचा यह देखकर रीना की चूत चाटने लगी और पूरा रस अपने मुँह में भरकर रीना को किस करते हुए उसके मुँह में छोड़ दिया। फिर उन दोनों ने मेरा माल पिया और फिर मेरे लंड को चाटकर साफ किया ।।

धन्यवाद …

Sex Stories – फ़ोन से दोस्ती आवर लंड से चूत चुदाई

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम विकी है, आज आपको मैं अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ।

बात दो साल पहले की है.. जब मैं अपने दोस्त की दुकान पर गया तो मेरा दोस्त अन्दर फोन पर बात कर रहा था.. मेरे को बैठा कर वो फिर फोन पर बात करने लगा।

जब वो बात करके वापस मेरे पास आया तो मैंने पूछा- किसके साथ लगा था तू?

मेरे दोस्त ने बताया- एक लड़की है लखनऊ की.. उससे मज़े ले रहा था। तेरे को भी अगर मज़े लेना है.. तो फोन नम्बर ले ले.. बहुत सेक्सी बातें करती है।
पहले तो मैंने बोला- यार कौन फोन में पैसे बर्बाद करे।
मेरे दोस्त ने बोला- जैसी तेरी मरजी।

फिर भी उसने मेरे को नंबर दे दिया और मैंने मोबाइल में स्टोर कर लिया।
उस लड़की का नाम अंजलि था।

उस रात को अकेले बैठा था.. तो मेरे दिमाग में बस उस लड़की के नंबर की बात याद कर मैंने उस नंबर में मिस कॉल किया।

कुछ देर बाद उस नंबर से मेरे को फोन आया।
मैंने फोन पर ‘हैलो’ बोला.. दूसरी तरफ से एक लड़की की आवाज़ आई और बोली- आपके नंबर से मेरे को मिस कॉल आई है.. आप कौन बोल रहे हैं?

मैंने बोला- ग़लती से फोन लग गया था।
उसने फोन कट कर दिया।

फिर मैंने नाइट में एक मैसेज किया- आपकी आवाज़ बहुत स्वीट है।
उसका रिप्लाइ आया- थैंक्यू।

इस तरह उससे बातों का सिलसिला शुरू हो गया। अब हम दोनों फोन पर खूब बातें करने लगे।
एक दिन मैंने पूछा- तुम्हारा कोई ब्वॉयफ्रेंड है?

तो कुछ देर तक वो चुप रही.. फिर बोली- अगर मैं आपको सच बोलूँगी.. तो आप मेरे से बात करना बंद नहीं करोगे.. प्रॉमिस करो.. तब मैं सब कुछ बताऊँगी।
मैंने बोला- डरो नहीं मैं तुम्हारा सच्चा दोस्त हूँ।

उसने बोला- हाँ मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड है.. पर अब उसकी शादी हो रही है।
इतना बोल कर वो रोने लगी।

मैंने उसको चुप कराया और बोला- रो क्यों रही हो.. क्या मैं तुम्हारा नहीं हूँ।

फिर वो मुझको ‘आई लव यू’ बोली और मेरे को फोन में एक किस किया।

मैंने बोला- मेरे रहते हुए तुम कभी भी रोना नहीं.. और एक बात बोलो कि क्या तुम अभी भी उस लड़के से प्यार करती हो?

तो उसने बोला- हाँ.. पर वो लड़का अब मुझसे बात नहीं करता है और बहुत उल्टा बोलता है।

मैंने अंजलि से पूछा- क्या तुम दोनों के बीच सेक्स भी हुआ था?
तो वो चुप हो गई।

मैंने फिर बोला- मेरे को बताओ और डरो नहीं.. मैं तुमको छोड़ कर नहीं जाऊँगा।
वो बोली- हाँ उसने मेरे साथ सेक्स किया है।

अंजलि की बातों को सुन कर मेरा लण्ड टाइट हो गया था.. और मेरे दिल में बस उसको चोदने का प्लान बनने लगा।
उस दिन से उससे सेक्स की बातें भी शुरू कर दीं।

एक दिन मैंने उसको बोला- तुमसे बात करके मेरा लण्ड टाइट हो गया है।
तो वो बोली- तुम हिला कर गिरा लो।

यह बात सुन कर मैं जान गया कि ये बहुत बड़ी रंडी है और इसको भी लण्ड की ज़रूरत है।
फिर हम दोनों डेली सेक्स की बातें करते और उससे बात करते-करते मैं लण्ड हिलाता और वो चूत में उंगली करके और मेरे को उंगली करते हुए आवाज़ सुनाती और फिर मैं अपना माल गिराता और वो भी मज़े लेती।

इस तरह पूरा एक महीना गुजर गया था, अब मैं उसको चोदना चाहता था।
वो दूसरे शहर में थी और मैं दूसरे शहर में था, कोई जगह भी नहीं थी कि हम मिल सकें।

एक दिन मैंने उससे बोला- मैं तुम्हारे शहर आ रहा हूँ… कल तुम बस स्टैंड में आ जाना।
पहले तो उसने मना किया- नहीं आ सकती.. मेरे घर वाले बहुत ही सख्त हैं.. किसी को पता चल गया.. तो दिक्कत हो जाएगी।

मैंने गुस्से से बोला- तुमको मेरे से मिलना ही नहीं।
उसने मुझको बोला- सही वक्त आने दो.. मैं तुमको खुद मिलने के लिए बोलूँगी।

इस तरह कुछ दिन और बीत गए और फिर फाइनली वो दिन आ ही गया, वो मुझसे मिलने के लिए बोली।
मैंने बस पकड़ी और लखनऊ पहुँच गया।

मैंने उसको कॉल किया और पूछा- अंजलि कहा हो.. मैं स्टैंड के पास हूँ?
वो बोली- वहीं रहो.. बस 5 मिनट में पहुँच रही हूँ।
और फोन कट कर दिया।

आज तक ना तो उसने मेरे को देखा था और ना मैंने उसको.. सो मैं उसके बारे में सोच रहा था कि वो देखने में कैसे होगी।
तभी अंजलि का फोन आया- कहाँ हो.. क्या पहना है?

तो मैंने बोला- मैं स्टैंड के पास हूँ और टी-शर्ट पहनी हुई है। तुमने क्या पहना है?
तो उसने बोला- काले रंग का सूट पहना है।

मैंने देखा एक लड़की जिसका फेस ढका हुआ था.. मैं उसके पास जा कर बोला- अंजलि?
वो बोली- हाँ..
मैं बोला- मैंने तुमको दूर से देख लिया था।

वो बोली- यहाँ से जल्दी चलो.. यहाँ बहुत से लोग मुझको जानते हैं।
मैंने पूछा- कहाँ चलें?
तो उसने बोला- कहीं भी चलते हैं.. मगर यहाँ से चलो।

मैं लखनऊ बहुत आता-जाता रहता हूँ और 3 साल रहा भी हूँ.. तो मैं सब कुछ जानता था।

मैंने बोला- चलो होटल चलते हैं.. रूम ले लेते हैं और फिर आराम से बात करते हैं.. उधर कोई प्राब्लम भी नहीं होगी।
इस पर पहले तो वो मानी नहीं.. मगर मेरे कहने पर वो कुछ देर में मान गई।

मैं उसे एक होटल में ले गया और उसके साथ कमरे में गया।
जैसे कि मैं पहले से ही उसको चोदने का प्लान करके आया था, होटल के कमरे में जा कर मैंने दरवाजा बंद किया और फिर अंजलि को मैंने बाँहों में लेकर कहा- अंजलि मैं तुमसे मिलने के लिए बहुत बेचैन था।

दोस्तो.. अंजलि सवा पांच फुट की थी और बहुत गोरी तो नहीं थी.. और ना बहुत सुंदर थी.. फिर भी चोदने लायक तो थी।

उसको बाँहों में लेने के बाद मैंने उसके होंठों पर किस कर दिया।

वो अपने पुराने ब्वॉयफ्रेंड से पहले भी करवा चुकी थी.. तो मेरे साथ किस करने में उसको कोई प्राब्लम नहीं थी, वो मेरा पूरा साथ दे रही थी।

इस तरह हम एक-दूसरे को कुछ देर तक किस करते रहे, फिर मैंने उसको उठा कर बिस्तर पर पटक दिया, उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर चुम्बन करने लगा।

मेरे हाथ धीरे से उसके चूची पर चले गए और मैं उसको धीरे से दबाने लगा।
अब उसकी साँसें तेज़ होने लगीं.. और फिर अंजलि ने मेरे कान में बोला- अब रहा नहीं जाता विकी.. मुझको प्यार करो।

मैंने उसके सूट को खोलने लगा.. वो मेरे सामने रेड रंग की ब्रा और पैन्टी में थी। उसको नंगी देख कर मेरा लण्ड नब्बे डिग्री पर खड़ा हो गया था।

Sex Stories – आंटी की छोटी बेटी की चुदाई

प्रेषक : गणेश …

हैल्लो दोस्तों, कैसे हो आप सब? में इस साईट का रेग्युलर रीडर हूँ, मेरा नाम गणेश है और में थाने मुंबई का रहने वाला हूँ, हाईट 5 फुट 10 इंच, स्लिम फिट बॉडी, लंड साईज 6 इंच और मेरी उम्र 23 साल है, में स्टॉक ब्रोकर एजेंट हूँ। दोस्तों यह स्टोरी एक साल पुरानी होगी, जब मेरे 12वीं क्लास के एग्जॉम को 1 महिना बाकी था।  हमारे घर के बगल में एक फेमिली रहती थी, लेकिन उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपना रूम शिफ्ट किया था। उनके एक बेटी श्वेता और लड़का अमोल था। अमोल 9वीं क्लास में था और श्वेता 12वीं क्लास में थी। अब 12वी के एग्जॉम के 2 महीने पहले अंकल ने मुझे श्वेता को अकाउंट पढ़ाने के लिए कहा तो मैंने उस काम के लिए उन्हें हाँ कर थी, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं थी और श्वेता को भी कोई प्रोब्लम नहीं थी, क्योंकि हम एक दूसरे को काफ़ी अच्छी तरह से पहचानते थे।

अब में श्वेता को रोजाना अकाउंट पढ़ाने जाता था, उसकी एक फ्रेंड थी अश्विनी और वो भी वहाँ पर पढ़ने  आती थी। वो दोनों काफ़ी अच्छी लड़कियां थी, लेकिन मेरे मन में उन दोनों के लिए कोई गलत सोच नहीं थी। अब वो दोनों खूब जी लगाकर पढ़ रही थी, जो में उनको पढ़ाता था वो लोग झट से याद कर लेते थे, उन दोनों ने काफ़ी हद तक अपनी कवर कर लिया था। अब एग्जॉम को सिर्फ़ एक महीना बाकी और बाद में अश्विनी का आना बंद हो गया, उसके घरवालों ने उस पर रोक डाल दी थी, लेकिन मैंने श्वेता को पढ़ाना जारी रखा। अब एग्जॉम के 1 महीने पहले श्वेता की नानी का स्वर्गवास हो गया और वो सब लोग अपने गावं चले गये। मुझे यह बात श्वेता ने कॉल करके बता दी थी अब हमारी पढाई बंद हो चुकी थी।

फिर कुछ 2 दिन के बाद मुझे श्वेता का कॉल आया और कहा कि में घर आ चुकी हूँ तुम मुझे पढ़ाने शाम को मेरे घर आ जाना, तो मैंने हाँ कहा और फोन रख दिया। फिर में उस दिन उसके घर गया और डोर बेल बजाई तो  सामने श्वेता थी और घर में कोई नहीं था। फिर  मैंने उससे पूछा कि अंकल और आंटी कहाँ है?  तब उसने कहा कि मम्मी पापा 10 से 12 दिनों के लिए गावं में ही है और मुझसे कहा कि पापा ने कॉल करने को कहा है। फिर मैंने अपने मोबाईल से अंकल को कॉल किया, तो अंकल बोले कि हम लोग 12 दिन तक नहीं आ सकते तो तुम श्वेता को पढ़ा कर अपने घर ले जाना और खाना खिला देना, वैसे उनकी और हमारी फेमिली के बहुत अच्छे रिलेशन थे, तो मैंने हाँ कहकर कॉल काट दिया।

अब में उनके हॉल में बैठा था, तभी मुझे श्वेता ने अपने बेडरूम में बुलाया और अब हम लोग रोजाना बेडरूम में ही पढाई करते थे। अब 2 दिन हो गये थे। फिर में तीसरे दिन जब श्वेता के घर गया और डोर बेल बजाई और श्वेता ने डोर ओपन किया तो ओह माई गॉड वो क्या लग रही थी? अब में अंदर गया और उससे कहा कि श्वेता तुम आज बहुत कमाल की लग रही हो। उसने पर्पल कलर का टॉप और ब्लेक कलर की टाईट शॉर्ट पहनी थी। दोस्तों मैंने अभी तक श्वेता का पूरी तरह से आपके सामने परिचय नहीं किया है। दोस्तों श्वेता दिखने में एकदम हरी भरी थी, रंग गोरा, साईज़ 38-30-38 की होगी। दोस्तों मेरे मन में आज तक श्वेता के लिए कुछ नहीं था, लेकिन आज जो उसने अपना रूप दिखाया तो में उसका दीवाना हो गया था।

अब उस दिन हम पढ़ रहे थे, लेकिन मेरा ध्यान अक्सर उसके बूब्स पर जा रहा था, कितनी भी कोशिश करके में अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। फिर मैंने तुरंत पढ़ाई बंद कर दी और श्वेता से बातचीत करने लगा। तभी मैंने उससे कहा कि तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है? तो पहले तो उसने ना कहा, लेकिन मैंने उससे सच निकाल लिया, तो वो बोली हाँ एक लड़का है। तभी मैंने उसे सेक्स की तरफ खींच लिया, मगर अभी तक उनमें कुछ नहीं हुआ था सिर्फ़ किसिंग हुई थी और वो भी सिर्फ़ सिनेमा हॉल में ही। फिर मुझे हँसी आ गयी, लेकिन मेरा पूरा ध्यान उसके बूब्स पर ही था। अब पढ़ाई करते वक़्त मैंने उसकी क्लेवेज भी देख ली थी, क्या क्लेवेज थी उसकी? बाप रे बूब्स तो कमाल के थे। अब में सोच रहा था कि इसका बॉयफ्रेंड तो बहुत ही लकी होगा, अब इतने में मेरा लंड टाईट हो गया था और जो उसने भी नोटीस कर लिया था, अब उस दिन तो ज़्यादा कुछ नहीं हुआ।

फिर अगले दिन में उसके घर गया और अब श्वेता ने कल के जैसे ही कपड़े पहने हुए थे। अब में थोड़ा समझ गया था कि मुझे ग्रीन सिग्नल मिल रहा है, लेकिन डर भी लग रहा था कि कहीं कुछ ग़लत ना हो जाए। फिर कुछ 20 मिनट के बाद में लगातार श्वेता के बूब्स को देख रहा था और मुझे अपना ध्यान भी नहीं था। तभी अचानक श्वेता हंस पड़ी और में ऐसे बर्ताव करने लगा कि जैसे मैंने कुछ किया ही नहीं। अब श्वेता उठकर किचन में गयी और हमारे लिए जूस लेकर आई, लेकिन आते समय उसका पैर उसके पैर में अटक गया और पूरा जूस मेरे ऊपर गिर गया। फिर मैंने जाकर उसे उठा लिया और सोफे पर बैठा दिया। अब वो मुझे सॉरी कहने लगी और बार-बार सॉरी कहने लगी। फिर उसने अपने ही रुमाल से मेरा मुँह साफ करना चालू किया, उूउउफफफफफफ्फ़ यारो उसकी बॉडी की क्या स्मेल थी? आज तक श्वेता मेरे इतने करीब कभी नहीं आई थी, अब हम दोनों सोफे पर बैठे थे और वो मेरा मुँह साफ़ कर रही थी।

अब उसकी गर्म-गर्म साँसे मेरे चेहरे पर आ रही थी, तो अब मुझसे रहा नहीं गया और फिर मैंने झट से मेरा हाथ उसकी कमर पर रख दिया और उसे अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया। अब उसके बूब्स मेरी छाती को टच कर रहे थे, लेकिन श्वेता मुझसे दूर होना चाहती थी। फिर मैंने झट से उसके गालों पर किस कर लिया और उसने कहा कि ये तुम क्या कर रहे हो? तो मैंने कुछ नहीं कहा और उसे जाने दिया। अब में साफ़ होकर वापस उसको पढ़ाने लगा और बीच में उससे कहा कि जो तुम्हारे बॉयफ्रेंड ने अभी तक नहीं दिया है वो में दे सकता हूँ। फिर उसने मुझे इग्नोर किया और मैंने झट से उसका हाथ पकड़ लिया, अब वो मना कर रही थी और प्लीज प्लीज बोल रही थी। फिर मैंने कहा ठीक है। फिर उस दिन रात को श्वेता का मैसेज आया कि..

श्वेता –  गणेश अब तक मुझे किसी ने किस नहीं किया था, तुम पहले लड़के हो जिसने मुझे किस किया है, अब मुझे नींद नहीं आ रही है में क्या करूँ?

तो तब मैंने उसे रिप्लाई किया।

में –  तुम झूठ कह रही हो,  तुमने ही तो मुझे कहा था कि तुम्हारा बॉयफ्रेंड सिनेमा हॉल में किस करता है।

श्वेता –  वो मैंने तुमसे झूठ कहा था कि तुम मुझ पर हंस ना पड़ो इसलिए।

में – हाँ ठीक है, में अभी सो रहा हूँ, हम कल बात करते है और में तेरे घर जल्दी आ जाऊंगा, बाय, गुड नाईट।

फिर अगले दिन में उसके घर शाम के 4 बजे ही गया तो  वो सो रही थी और नींद में थी। फिर जब उसने अपना डोर ओपन किया तो उसने मुझे अपने बेडरूम में बुलाया तो में अंदर चला गया। अब वो बेड पर बैठी थी और मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया और उसके और नज़दीक आ गया। अब शायद दोनों तरफ आग लगी हुई थी। फिर मैंने उसे गालों पर किस किया, लेकिन इस बार श्वेता ने कुछ भी नहीं कहा। अब में उसे गालों पर किस करते करते उसके कोमल होंठो तक पहुँच गया, क्या सॉफ्ट होंठ थे उसके? फिर मैंने एक लम्बी किस ली। अब श्वेता भी गर्म हो चुकी थी और अब वो भी मुझे रेस्पोन्स दे रही थी। अब  हमने करीब 10 मिनट तक किसिंग की, जब श्वेता ने सिल्क पिंक कलर की गाऊन पहनी थी और उस पर उसके बूब्स क्या गजब ढा रहे थे?

अब में अपना एक हाथ उसके बूब्स रखकर बूब्स मसाज देने लगा, अब में ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स दबा  रहा था, तो उसने कहा कि जरा आराम से करो, मुझे दर्द हो रहा है। अब यह सुनकर मेरा लंड 6 इंच फुल तन गया था। अब में बेड पर सो गया और मैंने अपनी टी-शर्ट निकाल दी। अब वो मेरी छाती पर किस कर रही थी, अब वो मेरे ऊपर थी। अब में अपने दोनों हाथों से उसकी सिल्क गाऊन धीरे-धीरे ऊपर खींच रहा था। तो अब उसकी गाऊन उसके पैर पर से सरकती-सरकती ऊपर आ रही थी। अब उसके टच ने उसे और भी मदहोश बना दिया था। फिर मैंने उसकी गाऊन कूल्हों तक ऊपर की, तो उसने ऊपर तक अपनी गाऊन ओढ़ ली और अब में उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसके स्पंची कूल्हों पर हाथ घुमाने लगा, क्या टच था? अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसकी पेंटी के कट से अपने दोनों हाथों को अंदर डाल दिया और पेंटी को नीचे खींच दिया तो उससे श्वेता और भी गर्म हो गयी और वो मुझे काटने लगी। अब उसके मुँह से सिसकारियां चालू हुई आआआअ आाईईईईईई ईईईईईईईईया आआआआआअ आआअहह आआहह। फिर मैंने उसे उठा लिया और बेड पर बैठने को कहा। फिर मैंने उसकी गाउन निकाल दी उूउउफफफफफ्फ़ क्या कमाल की लग रही थी यारो?  उसकी ब्रा तो बहुत ही सेक्सी थी वाईट कलर की और पेंटी भी कमाल की थी। अब मैंने भी अपनी जीन्स निकाल दी और उसके सामने अपनी अंडरवेयर में ही बैठ गया। अब उसमें से मेरा लंड सलाम कर रहा था और बाहर आने को मचल रहा था, अब में अभी बेड पर दीवार के सहारे बैठ गया और उसे मेरे ऊपर बैठा लिया। अब मेरी छाती पर श्वेता की पीठ थी तो में उसे उसके कंधे पर किस करने लगा। फिर मैंने उसकी गर्दन पर 3 से 4 किस दे दिए।

अब मैंने मेरे दोनों हाथ उसकी ब्रा में डाल दिए और उसको बूब्स मसाज देने लगा। उसके बूब्स थोड़े बड़े थे तो वो मेरे एक हाथ में पूरे नहीं समा रहे थे, लेकिन एकदम फ्रेश थे। अब बूब्स दबाते समय उसके मुँह से सिसकारी निकलनी चालू थी, आआहह आआअहह आआआअ। अब मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया, तो जैसे ही मैंने उसकी ब्रा को निकाला तो उसके बूब्स बाहर उछल पड़े, क्या लग रहे थे? फिर मैंने उसे थोड़ा टेड़ा करके राईट वाला बूब्स अपने मुँह में ले लिया और अब में लेफ्ट वाला बूब्स हाथ से दबा रहा था। अब उसकी मौन चालू थी, अब उसकी मौन मुझे उत्तेजित कर रही थी और अब श्वेता की साँसे भी तेज़ होती जा रही थी। इस दौरान मैंने मेरा हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया उउउफ़फ्फ़ क्या मजा आया? उसकी चूत पूरी गीली थी। अब में समझ गया कि वो झड़ चुकी थी, अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था, अब में उसकी चूत में अपनी उंगली डालकर उंगली अन्दर बाहर करने लगा और बाद में उसके पानी का स्वाद चाटा तो उसका स्वाद मस्त था।

अब में आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा था तो मैंने झट से उसकी पेंटी भी निकाल दी, उसकी चूत मस्त थी और एकदम गुलाबी थी। फिर में अपनी उंगली से उसकी चूत के दाने से खेलने लगा, एकदम मस्त चूत थी वो। फिर मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली डालकर खुजलाना चालू किया और उससे वो पूरी तरह पागल हो गयी और कह रही थी गणेश प्लीज जल्दी करना, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है। इस दौरान उसने मेरी पीठ पर अपने नाख़ून चुभा दिए थे और अब में झट से उसकी चूत चाटने लगा तो जैसे ही मैंने उसकी चूत को अपने मुँह से टच किया तो वो उछल पड़ी। फिर मैंने अपनी जुबान को उसकी चूत में और अन्दर डालने की कोशिश की, लेकिन मुझे जल्दी नहीं थी। इसी समय श्वेता ने पानी छोड़ दिया। फिर मैंने उसकी चूत का पूरा पानी पी लिया, मस्त स्वाद था उसका।

अब मैंने उसको अपना लंड चूसने को कहा तो उसने मेरी अंडरवियर नीचे की और मेरे फुल कड़क लंड को अपने कोमल हाथों में पकड़ लिया। फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया तो अब श्वेता ठीक तरह से नहीं चूस पा रही थी। फिर मैंने उसे बताया कि वो सिर्फ़ अपने होंठो के सहारे सक करे ना कि दांतों से। फिर वो समझ गयी और बराबर सक करने लगी। अब 10 मिनट के बाद में झड़ने वाला था, लेकिन मैंने जानबूझ कर मेरा पानी उसके मुँह में ही छोड़ दिया। फिर उसने मेरा थोड़ा सा पानी पी लिया, शायद उसे ये सब पसंद नहीं था, लेकिन मैंने उसे समझाया कि शुरू में ऐसे ही होता है, तुम एक दो बार और करोगी तो तुम्हें बहुत पसंद आ जायेगा। फिर हम 69 पोजिशन में आ गये। अब में नीचे था और वो मेरे ऊपर थी, अब में उसकी चूत को फुल स्पीड से चूस रहा था और वो भी अब अच्छी तरह से सक कर रही थी।

अब उसकी चूत चूसते वक्त उसके बूब्स नीचे लटक रहे थे तो में उनको अपने हाथों में लेकर सॉफ्ट मसाज देने लगा। अब में धीरे-धीरे उसके निप्पल को अपनी उँगलियों से खींचने लगा और अब में ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स दबाने लगा था। फिर  कुछ देर के बाद में झड़ गया और उसने मेरा पूरा पानी चूस-चूसकर पी लिया। इस दौरान श्वेता भी दो बार झड़ चुकी थी तो मैंने भी उसका पानी पी लिया था, उसका नया- नया पानी था और वो पहली बार इस दुनिया में आया था तो उसका पानी जैसे ही बाहर आया तो वो मैंने पी लिया था। अब हम बेड पर ऐसे ही 69 पोजिशन में पड़े थे और अब हम दोनों थक गये थे। फिर मैंने श्वेता से चूसने को कहा तो  5 मिनट के बाद उसने सक करना चालू किया और मेरा लंड फिर से सलाम करने लगा। अब श्वेता भी मेरा लंड चूसती जा रही थी। फिर मैंने सोचा कि श्वेता को चोदने का यही सही टाईम है। फिर मैंने श्वेता को उठाया और बेड पर मेरे नीचे सुला दिया। अब में उसके ऊपर चढ़ गया था, अब श्वेता अपने हाथ फैलाकर लेटी हुई थी।

अब मैंने उसके दोनों हाथों को कसकर पकड़कर किस करना चालू किया, कभी उसके गालों पर तो कभी उसके होंठो पर तो कभी उसकी गर्दन पर बहुत सारे किस किए। अब मैंने कई सारे लव बाईट भी दे दिए। अब में उसके बूब्स चूस रहा था और अब मैंने उसके दोनों बूब्स पर निप्पल के बाजू में एक लव बाईट का सर्कल बना दिया था। अब श्वेता से सहा नहीं जा रहा था और अब वो पागल हो रही थी, तो उसने मुझे टाईट हग किया और कहने लगी कि फक मी डार्लिंग। अब में उसे चोदने के लिए बिल्कुल तैयार था, अब मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया और धक्का दिया, लेकिन वो वहाँ से फिसल गया। श्वेता ने फिर से मेरा लंड पकड़ लिया तो उसी टाईम मुझे फिर एक बार करंट लग गया। दोस्तों उसके हाथो का टच कुछ अलग ही था। अब उसने मेरा लंड पकड़कर चूत के ऊपर रख दिया और आँख मार कर सर हिला दिया।

अब मैंने धीरे-धीरे धक्का देना शुरू किया तो अब मेरे लंड का टोपा अंदर जा चुका था। अब श्वेता को दर्द हो रहा था, लेकिन अब तक मेरा पूरा लंड अंदर नहीं गया था। मैंने कंडोम नहीं लिया था, इसलिए मैंने अपना लंड श्वेता के मुँह में डालकर चूसने को कहा तो उसने चूसते समय मेरा लंड गीला कर दिया।  अब मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रख दिया और फिर एक बार धक्का दे दिया। अब मेरा आधा लंड अंदर जा चुका था, लेकिन यहाँ श्वेता का बहुत बुरा हाल था, क्योंकि उसकी चूत बहुत ही टाईट थी, उसकी चूत अभी तक सील पैक थी। फिर मैंने एक बार और धक्का दे दिया और अब इस बार मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। फिर श्वेता ज़ोर से चिल्लाई तो मैंने झट से उसके मुँह पर हाथ रख दिया और अब वो रो पड़ी थी। फिर में थोड़ी देर रुक गया और अब उसका दर्द कम हुआ और में वापस चल पड़ा।

अब में आगे पीछे होने लगा था और मैंने धीरे-धीरे अपनी स्पीड तेज कर ली थी। इस बार श्वेता मेरे लंड को अंदर लेकर बहुत मजे लेने लगी थी। अब मैंने उसे बेड पर करीब 10 मिनट तक चोदा और इस दौरान उसकी सिसकारियां मुझे पागल कर रही थी, आआआआ आआईयईईईई। अब मैंने उसे डॉगी स्टाईल में आने को कहा। फिर मैंने उसके बूब्स पकड़ लिए और में उसे डॉगी स्टाईल में चोदने लगा, करीब 15 मिनट तक चोदने के बाद में अंदर ही झड़ गया और हम दोनों टाईट हग करके करीब 20 मिनट तक नंगे ही बेड पर लेट गये। फिर मैंने श्वेता को बता दिया कि मैंने अपना पानी अंदर ही छोड़ दिया है तो वो डर गयी। फिर मैंने उससे कहा कि कल सुबह आई-पिल ले लेना, तो वो मान गयी। अब हम दोनों वापस बेड पर बैठ गये और शॉवर लेकर फ्रेश होकर खाना खाने मेरे घर चले गये। अब खाना ख़ाकर फिर मैंने श्वेता को रोज की तरह उसके घर छोड़ दिया और फिर मैंने वहाँ से मेरे घर कॉल किया और कहा कि में मेरे दोस्त के पास सोने जा रहा हूँ, लेकिन मैंने घरवालों से झूठ कहकर उस रात श्वेता की जमकर चुदाई की और पूरी रात हमने 6 बार चुदाई की ।।

धन्यवाद …

Sex Stories – दोस्त की वर्जिन बहन की चूत चुदाई फ्लैट में

मेरे दोस्त विपिन की बहन तानी मेरी फेसबुक फ्रेंड थी और मेरी कविताओं से बड़ी ही प्रभावित थी, होने को तो तानी मुझसे पांच बरस छोटी थी लेकिन वो अब कॉलेज की क्वीन थी और दिखने में इतनी क्यूट की कोई भी तानी पर मर मिटे. लेकिन तानी तो मुझ पर मर मिटी थी, दरअसल वो स्कूल टाइम से ही मेरी फेसबुक फ्रेंड बन गयी थी और मेरे लिखे शेर और कवितायेँ उसको काफी पसंद आते थे और जाने कब तानी के दिल में मैं घर कर गया. मुझे भी इसका बी=पता तब चला जब तानी के घर में मेरी बात हो रही थी और विपिन नए बताया की मेरे लिए एक लड़की का रिश्ता आया है जो एक्स मिस चंडीगढ़ रह चुकी है. तानी नए मुझे फेस बुक पर मेसेज कर के कहा “आप शादी कर रहे हो” तो मैंने भी मज़ाक में कह दिया “तुम कहो तो ना करू” उसका जवाब आया “मैं कह रही हूँ प्लीज़ मत करो ना”. हालाँकि मुझे ये सब विपिन को बता देना चाहिए था लेकिन जितनी उनकी फैमिली नामचीन और रईस थी उतनी ही पुराने ख्यालों की भी थी सो कहीं तानी को कोई शर्मिंदगी ना उठानी पड़े इसलिए मैं चुप रहा.

अगले ही दिन तानी का कॉल आया और वो बोली “डिम्पी मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ” मैं हैरान क्यूंकि जिस लड़की नए मुझे आप से नीचे नहीं पुकारा वो आज मेरा नाम ले रही थी और तू तडाके से बात कर रही थी, मैंने कहा “तानी तू भूल रही है तू किस से बात कर रही है” तो तानी नए कहा “मैं जानती हूँ तुम मेरी जान हो और मेरे ही रहोगे और हाँ चुपचाप मिलने आजाना और मेरे घर वालों या किसी को भी कुछ मत बताना”. मैं थोड़ी देर सोचता रहा और मैंने तानी को फ़ोन कर के कहा तेरे कॉलेज के बाहर हूँ आजा” तानी आई और उसने मुझे अपनी बाइक वहीँ पार्क करने को कहा और मुझे पानी कार में बिठा कर ले गयी. वो हाईवे पर जा रही थी और मेरी गांड फट के गुडगाँव हुई जा रही थी, मैं कहा “तानी कहाँ जा रहे हैं” तो बोली “बैठे रहो आज हम अकेले हैं और खुश हैं” फिर उसने जगजीत सिंह की ग़ज़लें लगा दी जो मेरी भी फेवरेट थीं.

तानी नए गाड़ी को कच्चे में उतार दिया जहाँ उसके पापा नए फ्लैट्स बना रहे थे, वहां पहुँच कर उसने चोव्किदर को गाड़ी की चाबी दी और कहा “सैंपल वाला फ्लैट रेडी है साहब को दिखाना है” चोकीदार ने मुस्कुरा कर दरवाज़ा खोल दिया और तानी मुझे सैंपल फ्लैट में ले गयी. ये फ्लैट पूरी तरह साफ़ सुथरा सजा धजा था और हर सामान ऐसे करीने से लगा हुआ था जैसे यहाँ आ कर बस रहना शुरू कर दो. तानी नए मुझे ड्राइंग रूम में बिठाया और बात शुरू की “देखो डिम्पी मैं बचपन से सिर्फ तुम्ही से प्यार करती हूँ और तुम्हारे बिना मर जाउंगी” मैंने  समझाया पर उसने मेरी एक ना सुनी और मुझ पर कूद पड़ी मैंने उसे हटाने की कोशिश भी की लेकिन तानी की खुशबु और उसके जिस्म की छुं से मैं पगला गया था और उसका साथ देने लगा.

तानी मुझे ड्राइंग रूम से बेडरूम में ले गयी और बोली “आज मैं तुम्हे अपना बना कर ही मानूंगी और तुम उस मिस एक्स चंडीगढ़ को भूल जाओगे”. बेडरूम में जा कर तानी और वाइल्ड हो गयी और उसने मेरे शरीर को ऐसे चूमना शुरू किया जैसे मैंने कोई स्वर्ग से उतरा हूँ, मैं भी तानी की रौ में बह गया और उसके कपडे उतारने लगा. उसका वो दुधिया जिस्म वो कमाल की मुस्कान और वो सेक्सी आवाज़जो तभी निकलती थी जब वो मूड में होती थी सब कितना मदहोश कर देने वाला था. तानी के कपडे उरने के बाद उसका चाँद जैसा बदन मेरे आगोश में था और वो हुस्न की मलिका मेरे जिस्म से खेलने को आतुर थी, मैंने तानी के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होठों को चूमा और खूब चूसा और तानी भी मेरे होठों और जीभ को चूस रही थी. उसका ये सेक्सी रूप देखने लायक था.

हम दोनों बेड पर पड़े एक दुसरे के जिस्म से ऐसे खेल रहे थे जैसे ये सेक्स ना हो कर बचपन का कोई खेल हो, तानी नए मेरे लंड को सहला सहला कर इतना तो होश में ला ही दिया था कि मैं उसकी चूत को धन्य कर सकूँ लेकिन वो नहीं मानी और उसने अपने मुंह में मेरा लंड ले कर उसकी वो चुसाई की जो आज तक किसी ने भी नहीं की थी. मैंने तानी को सीधा लिटाया और उसकी टांगों को चौड़ी कर के उसकी चूत जिस पर एक भी बाल नहीं था घुसा दिया तो तानी की चीख निकल गई और वो बोली “देखो डिम्पी मैं कहा था ना मैं तुम्हारे लिए ही सब कुछ संभाल रखा है, अब आज इस चमन को तुम्ही गुलज़ार  करोगे” वो बिलकुल मेरी कविताओं वाली भाषा में बात कर रही थी. मैंने तानी को वो जमकर चोदा की उसकी चूत में से खून निकल आया लेकिन उसने कहा “डरो नहीं मैं सब चेंज करवा दूंगी और किसी को कुछ नहीं पता लगेगा” तानी खून निकलने के बावजूद बस चुदे जा रही थी और अंततः झड़ भी गयी हालाँकि मैं उसे फिर भी चोदना जारी रखा क्यूंकि ऐसी कमाल की चूत मिले और आप उसे अधूरे में छोड़ दो ये कहाँ का इन्साफ है.

तानी ने जमकर मेरा लंड लिया और फिर मेरे झड़ने तक एक और बार झड़ी और फिर मुझसे लिपट कर सो गयी, शाम होने पर उसने मुझसे फिर प्रणय निवेदन किया जिसे मैंने स्वीकार भी किया और उस से वादा किया की मैं उसी से शादी करूँगा और फिर से हमने चुदाई मचाई. इस घटना के लगभग छह महीनों तक तानी को मैंने अलग अलग जगहों पर अलग अलग तरीकों से चोदा और एक दिन जब उसके पिता नए उसकी सगाई उस से बिना पूछे कहीं और कर दी तो तानी ने अपननी नसें भी काट लीं लेकिन उसके पिता नहीं माने. उन्होंने मुझे सम्जहय और तानी की शादी कहीं और कर दी, शादी के बाद तानी ने मेरा मुंह देखना भी बंद कर दिया था लेकिन कुछेक महीनों बाद वो वापस चुदने आई और इस बार तो पहले से भी ज्यादा हॉर्नी तरीके से चुदी  और बोली “जब तक ममेरी जान में जान है मैं तुम्हारी ही रहूंगी फिर भले किसी की भी बीवी रहूँ और तुम भी मेरे ही रहना भले तुम्हारी भी शादी हो जाए”.

Sex Stories – मॉल में पाटकर घर पे चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कृष्णा है और में हल्द्वानी का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 27 साल है और में दिखने में थोड़ा अच्छा हूँ, लेकिन मेरे शरीर की बनावट में कोई कमी नहीं है में अच्छा ख़ासा लंबा चौड़ा हूँ और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ. दोस्तों आज में आप सभी चाहने वालों को जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है और जो मेरे साथ कुछ समय पहले घटी है. में बहुत लंबे समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, जिन्हें पढ़कर मैंने बहुत मज़े किए और आज में अपनी पहली घटना बताने जा रहा हूँ और अब ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. (more…)