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Hindi Sex Stories – Desi Kamwali Ki Masti Chudai Hall Me

हेलो फ्रेंड, मेरा नाम अभिनव है और मैं बीएससी ३ इयर का स्टूडेंट हु. ये कहानी उस टाइम की है, जब मैं सिविल की प्रिप्रेशन कर रहा था. तब मेरी उम्र २१ साल की थी. मैं और मेरा दोस्त शेलेन्द्र जो अभी बीटेक फाइनल इयर में है. हम दोनों एक फ्लैट में साथ में रहते थे और घर के लिए हम लोगो ने एक नौकरानी को रखा हुआ था. उसका नाम लीला था. वो लगभग २७ – २८ साल की होगी और थोड़ी सी सांवली थी; लेकिन उसका फिगर लाजवाब था. मैं और शालू तो उसको काम करते वक्त कभी बूब्स, तो कभी उसकी गांड देखा करते थे. उसका एक ७-८ साल का बच्चा भी था. मैं तो उसके नाम की और उसको देख – देख कर कई बार मुठ भी लगा लिया करता था. हम दोनों ने शर्त लगायी थी, कि जो भी इसे पहले चोदेगा; वो पार्टी देगा. उस दिन के बाद तो, हम दोनों ही उसको चोदने का मौका ढूंढने लगे थे. शालू जब भी कॉलेज जाता था, तो मैं लीला को चोदने के प्लान बनाने लगता.

एक दिन, जब शालू फ्लैट पर नहीं था, तब मैंने अपने चड्डी- बनियान कहीं छुपा दिए. ताकि वो लीला को ना मिले और मैं बाथरूम में नहाने गया. मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए. मैं नहा लिया और फिर लीला को आवाज लगायी, कि मेरे कपड़े लेके आ और उसने काफी देर बाद जवाब दिया, साहब मुझे मिल नहीं रहे है. आप ले लेना. ये तो सिर्फ मुझे पता था, कि वो मैंने कहीं छुपा दिए है. मैंने टॉवल लपेटा और वेट करने लगा, कि लीला किचन से कब बाहर आये, पौछा लगाने के लिए. जैसे ही वो बाहर आई, तो मैं बाहर आ गया और जैसे ही मैं उसके पास पंहुचा, मैंने जान- बुझकर अपना टॉवल नीचे गिरा दिया. मैं उसके सामने पूरा नंगा खड़ा था और मेरा लंड लटका हुआ बाहर आ गया था और उसने मेरी तरफ देखा और झट वापस गर्दन नीचे झुका ली. मैं नौटंकी करता हुआ, अन्दर चले गया और चलो तरकीब काम तो आई. उसने अब मुझे नंगा तो देख लिया था.

अब मुझे दूसरा प्लान बनाना था और आज ही उसे चोदना था. मैं अपने बेड पर बैठ गया और पेपर पढने लगा. थोड़ी देर बाद, लीला आई और मुझसे बोली – साहब, आपने अभी तक कपडे नहीं पहने. मैंने कहा – मिले नहीं है, तो पहनुगा क्या? अब जो अभी- अभी धोये है, वो जब सुख जायेंगे. तब पहन लूँगा. फिर मैं अपनी टाँगे और घुटने इस तरह से मोड़कर बैठ गया, कि मेरा टॉवल थोडा सा खुला रहे और मेरा लंड उसको दिखने लगे. किया तो मैंने ये जानबुझकर था. लेकिन, मैं इस बात से अनजान बन रहा था. मैं उसको बराबर देख रहा था, वो थोड़ी- थोड़ी देर में नज़र बचाकर मेरे लौड़े को देख रही थी. शायद उसको भी मज़ा आने लगा था. देखने में तो मैं ठीक ही था. मैंने उसको कहा, जाओ खाना बना लो. मुझे भूख लग रही है. वो किचन में चली गयी और मैं बेड पर लेट गया और सोने की एक्टिंग करने लगा. मैंने अपने टॉवल को अब अपने ऊपर से हटा दिया और मैं अब बिस्तर पर नंगा लेटा हुआ था. १० मिनट बाद, लीला खाना लेकर आई, तो मैं उसको अपनी आधी खुली आँखों से देख रहा था.

उसने मुझे बेड पर नंगा लेटे हुए देखा. तो उसकी आँखे बड़ी हो गयी और उसने चुपचाप थाली टेबल पर रखी, ताकि शोर ना हो और वहीँ खड़े होकर काफी देर तक मेरे लंड को घूरती रही. फिर वो वहीँ कमरे में खड़े- खड़े मेरे लंड को देखते हुए, अपने बूब्स दबाने लगी और साड़ी के ऊपर से ही अपनी चूत की खुजली मिटाने लगी. मेरा लंड अब पूरा तन्न कर खड़ा हो चूका था. उसने मुझे जगाया नहीं. पर उसने गेट बजाया. मैं आँख नहीं खोली. उसने ये मेरी नीद को चेक करने के लिए किया था. अब उसे यकीं हो गया, कि मैं बहुत गहरी नीद में हु. फिर, वो मेरे पास आई और उसने मेरे पुरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और एक दो बार हिलाकर छोड़ दिया. ऐसा करके वो अपनी हवस को शांत कर रही थी. मैं ये सब आधी खुली हुई आँखों से देख रहा था. पर वो फिर किचन में चली गयी और जोर से चिल्लाकर बोली – साहब, आपके कपड़े सुख गये है पहन लो. मैं बेड से उठा और अब मुझे पता लग ही गया था, कि लीला को चोदने में अब कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.

मैंनेटॉवल को साइड में रखा और नंगा ही किचन में चले गया और उसके पीछे से बोला – क्या बनाया है आज खाने में? उसने पीछे मुड़कर मुझे देखा, तो मैं नंगा ही खड़ा था. उसने अपने दोनों हाथो से अपनी आँखे बंद कर ली. तो मैंने उसे पकड़ के अपने दोनों हाथो से उसके चुतड दबा दिए. वो बोली – साहब, आप ये क्या कर रहे हो? तो मैंने कुछ नहीं कहा और चुपचाप अपना काम करता रहा. वो ये सब चुपचाप देखती रही. मैंने स्टोव बंद कर दिया और कहा – तुझे कुछ करना है, तो कर ले. अभी टाइम है. पर वो चुपचाप ही खड़ी रही. मैं किचन से बाहर आकर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा, अभी तक मैं नंगा ही था. मैंने लीला को कहा – खाना यहीं ले आ. वो खाना लेकर आ गयी. मैं नंगा ही बैठकर खाने लगा.

अब मैंने सोच लिया था, कि जब तक लीला को चोद नहीं लूँगा. तब तक कपड़े नहीं पहनुगा. मैंने लीला को बुलाया और कहा – आज टीवी देख ले, अगर काम ख़तम हो गया हो तो. वो आ गयी और मैंने उसे अपने पास ही सोफे पर बैठा लिया. मैंने उससे कहा – अब हिला दो मेरा और वो हस्ते हुए बोली – साहब, आप मानोगे नहीं और फिर उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी. मैंने उससे कहा – आज तू मेरा दूसरी बार हिला रही है, तो वो बोली साहब कैसे? मैंने कहा – जब मैं सो रहा था, तब भी तूने ही हिलाया था. उसने कोई सवाल नहीं किया और बस मुस्कुरा दी और मैंने कहा कुछ और भी तो कर ना. वो समझ गयी और उसने मेरा लंड उसके मुह में ले लिया और बढ़िया तरीके से चूसने लग गयी. जब वो घोड़ी बनी हुई थी, तब मैंने उसके घाघरे को ऊपर कर दिया और उसकी चूत और गांड में ऊँगली डालने लगा. अब उसकी चूत गीली हो चुकी थी और टपक रही थी. मैंने उसको जमीन पर लिटा दिया और साड़ी को साइड में करके उसके ब्लाउज को खोलने लगा. उसके बूब्स बहुत बड़े थे और उसके निप्पल भूरे रंग के थे.

बूब्स मोटे, चिकने गोरे भरे हुए, एकदम शेप में थे. फिर मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया. अब हम दोनों जमीन पर नंगे लेटे हुए थे और मैंने अपने लंड को देर ना करते हुए, उसकी फूली चूत में घुसा दिया. उसकी चूत अभी भी थोड़ी टाइट थी. शायद उसका पति उसे चोदता नहीं था. मैंने उसको चोद- चोदकर अपना वीर्य उसकी चूत के अन्दर ही छोड़ दिया. मैंने उस से कहा – चल अब घोड़ी बन जा. अब तेरी गांड मारनी है. पर उसने कहा – साहब नहीं. मैंने आज तक ऐसा नहीं किया. मैंने कहा – तो आज कर ले. उसने कहा – ठीक है. मैं अन्दर जाकर बॉडी लोशन लेकर आया और डाल दिया, उसकी गांड के अन्दर. फिर मैं अपने लंड को उसकी गांड में जबरदस्ती घुसेड़ने लगा. वैसे तो मेरा लंड एक ही झटके ने जाता नहीं था, लेकिन उसकी गांड में मेरा लंड एक ही बार में चले गया. वो जोर से चिल्लाई, आआहहहह … मार डाला आज तो.

मैंने कहा – गांड ऐसे ही मरती है लीला जानू और उसकी गांड का गोरेगांव बना दिया और वीर्य उसकी मुह में डाल दिया. लीला की चुदाई करके मैं नहाने चले गया. उसने भी स्नान किया और १/२ घंटे बाद शालू भी रूम पर आ गया. उसे शाम को पार्टी देनी थी. उसी शाम को शालू ने भी लीला को चोद लिया. उसके बाद हम दोनों ने लीला को बहुत चोदा, लेकिन जब लीला की मर्ज़ी होती थी तब ही.

Hindi Sex Kahani – Rekha Ki Gili Chut Chatkar Chudai

प्रेषक : रेयांश …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रेयांश है और में भी आप सभी लोगो की तरह कामुकता डॉट कॉम का बहुत समय से पाठक हूँ और एक दिन मैंने सोचा कि क्यों ना में भी अपनी एक सच्ची घटना आप सभी को बताऊँ, क्योंकि मुझे इस साईट से अच्छी जगह कोई नहीं मिली अपनी बात आप तक पहुँचने के लिए और दोस्तों यह बात तब की है जब में 12th क्लास में पढ़ता था और उस समय मेरे साथ एक लड़की पड़ती थी। उसका नाम रेखा था, उसको में मन ही मन बहुत पसंद किया करता था। दोस्तों वो दिखने में बहुत सुंदर, उसका वो गोरा, गदराया हुआ बदन मुझे क्या हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करता था। तो एक दिन जब हम अपनी क्लास से बाहर निकल रहे थे तभी बहुत ज़ोर से बारिश होने लगी और में अपनी बाईक से अपने घर पर जा रहा था। तो मैंने रेखा से कहा कि चलो में तुम्हे तुम्हारे घर पर छोड़ देता हूँ और अब थोड़ा ना नकुर करने के बाद वो मान गई और रास्ते में हम अपनी क्लास की बातें करते रहे।

फिर उस रात मैंने उसको एक मैसेज किया कि मुझे तुमसे कुछ बात करनी है, तो उसने मुझे कॉल करने को कहा और फिर मैंने उसे फोन करके अपनी दोस्ती के बारे में कहा तो उसके कुछ दिन बाद हमारी दोस्ती कब प्यार में बदल गई हमें पता ही नहीं चला और अब हम एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे थे। धीरे धीरे हमने सेक्स चेट भी चालू कर दिया, लेकिन मैंने उसे किस से ज्यादा कुछ नहीं किया। एक दिन हम फिल्म देखने चले गये तो तभी फिल्म में एक सेक्सी सीन आ गया और उसे देखकर में बहुत हॉट हो गया। मैंने उससे कहा कि मुझे किस करना है। तो उसने मेरे होंठो पर अपने होंठो लेकर समूच करना शुरू कर दिया और फिर मैंने उसकी जीभ को चूसना चालू किया और वहां पर मैंने पहली बार उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से दबाया। अब वो भी बहुत गर्म हो गई थी। उसने मुझसे कहा कि प्लीज अब इन्हे कैसे भी करके चूसो दबाओ। अब मैंने उसके कहने पर इधर उधर देखकर उसके सूट को थोड़ा ऊपर कर दिया क्योंकि वो फिल्म थोड़ी सेक्सी थी तो वहां पर ज्यादा लोग भी नहीं थे।

फिर मैंने उसके बूब्स को दबाना चूसना शुरू किया, वाह क्या मस्त मुलायम थे उफ़फ्फ़ वो उसके छोटे छोटे बूब्स, उसके ऊपर छोटी सी किशमिश जैसी निप्पल। में अब उन्हे ज़ोर से चूस रहा था और उसके मुहं से अब मोन की आवाज़ आ रही थी आअहह उह्ह्ह्हह्ह हाँ रेयांश और ज़ोर से चूसो खा जाओ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी जान आईईईईईई खा जाओ और ज़ोर चूसो, दबाकर पी जाओ मेरे दोनों बूब्स को अह्ह्ह्ह आईईईई। फिर कुछ देर के बाद मैंने उससे कहा कि तुम भी अब मेरा लंड चूसो। उसने पहले तो मुझसे साफ मना कर दिया, लेकिन फिर मेरे कहने पर वो मान गई। उसने मेरा 6.5 इंच का लंड मेरी पेंट से बाहर निकाला जो अब तक पेंट में तम्बू बनकर खड़ा था और फिर वो नीचे बैठकर चूसने लगी। में तो जन्नत में था दोस्तों उसने मुझे सातवें आसमान पर पहुंचा दिया था। मेरे लंड का सुपड़ा वो अपने मुहं में पूरा अंदर तक ले गई थी और उसे लोलीपोप की तरह चूस रही थी। तभी कुछ देर के बाद मेरा वीर्य उसके मुहं में ही निकल गया और उसने वहीं पर उल्टी कर दी। फिर मैंने थोड़ी देर उसके बूब्स दबाए और फिर कपड़े ठीक करके हम अपने घर पर चल दिए। दोस्तों वो मेरा पहला सेक्स अनुभव था, लेकिन उस दिन मैंने उसकी चूत को नहीं देखा था, लेकिन फिर कुछ दिन बाद मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने उसे अपने स्कूल से बिना बताए मेरे घर पर बुला लिया। वो उस समय स्कर्ट और शर्ट में थी और फिर मैंने उसे किस करते करते उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए और फिर उसकी ब्रा को भी खोल दिया और फिर मैंने 15 मिनट तक उसके छोटे छोटे रसीले बूब्स को दबाया। दोस्तों मुझे तो उस दिन मज़ा ही आ गया। फिर मैंने हाथ को नीचे बढ़ाते हुए उसकी स्कर्ट को उतार दिया और फिर पेंटी को भी। उसने मुझसे कहा कि प्लीज पहले कंडोम लगा लेना, तभी आगे कुछ करना।

फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है और फिर में उसे अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया और उसे बिल्कुल सीधा लेटा दिया और फिर मैंने उसके माथे पर किस किया और उसके बाद उसके गुलाबी गुलाबी होंठो को चूसा। फिर गर्दन को चूमा और फिर ऐसे ही बूब्स और फिर मैंने उसकी चूत के पास आकर उसकी जाघों पर किस किया, लेकिन अब उसकी चूत की खुशबू मुझे बिल्कुल पागल बना रही थी। मैंने जल्दी से उसकी जाघों को एक दूसरे से अलग करके देखा तो उसकी वो छोटी सी गुलाबी चूत मेरी आखों के सामने थी। मैंने अब बिल्कुल भी देर ना करते हुए उसकी चूत में अपनी जीभ को लगा दिया और फिर चूसने लगा। दोस्तों मुझे इसमें बहुत मज़ा आ रहा है और वो अब सिसकियाँ ले रही थी आहहहा उम्म्महाअ उम्म्म्ममम उम्म्म आह्ह्ह्ह रेयांश प्लीज आईईईईइ थोड़ा और ज़ोर से चूसो। हाँ तुम आज खा जाओ आह्ह्ह्हह्ह रेयांश। दोस्तों उसके मुहं से निकलती हुई सिसकियों की आवाज अब मुझे एकदम दिवाना बना रही थी। मैंने उसकी बहुत देर तक अपनी जीभ से चुदाई की और फिर कुछ देर बाद हम दोनों ने 69 में आकर दोनों की प्यास बुझाई। उसने कुछ देर बाद अपनी चूत का पानी मेरे मुहं में डाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसके कुछ देर बाद मैंने अपना 6.5 इंच का लंड उसकी चूत के छेद पर लगा दिया। में अब धीरे धीरे लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा, लेकिन वो अब गरम होने के साथ साथ बहुत डर भी रही थी क्योंकि मैंने उसके कहने के बाद भी अपने लंड पर कंडोम नहीं लगाया था। उसने मुझसे कहा कि प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करना मुझे बहुत दर्द होगा क्योंकि तुम्हारा यह बहुत लम्बा और बहुत मोटा भी है। तो मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। में बहुत धीरे करूंगा जिससे तुम्हे ज्यादा दर्द नहीं होगा, लेकिन थोड़ा जरुर होगा। उसे तुम्हे सहन करना होगा, तुम्हारा वो दर्द ही आगे जाकर तुम्हारा मज़ा बन जाएगा। अब मैंने उठकर तेल लाकर थोड़ा सा तेल उसकी चूत पर डाला और अपने लंड पर भी लगाया। फिर लंड को चूत पर रखकर धीरे से धक्का दिया। तभी अह्ह्ह्हह आईईईईईई उसके मुहं से एक ज़ोर की चीख निकल गई। मेरा सुपाड़ा चूत के अंदर था। अब हम दोनों एक हो गये थे और उसकी चूत की सील टूट गई थी। वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी थी और वो अपने दर्द से करहा रही थी। फिर मैंने कुछ देर रुककर एक और ज़ोर का धक्का दिया और साथ ही साथ उसको किस करता रहा और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेती रही और चीखती चिल्लाती रही आह्ह्ह्ह्ह्ह् आईईईइईई, लेकिन मैंने लगातार धक्के मारने चालू किए। मैंने उसको करीब 15 मिनट तक चोदा और उसकी चूत में अपना गरम गरम लावा छोड़ दिया। दोस्तों यह चुदाई मेरा पहला सेक्स अनुभव था और कुछ समय बाद हम एक दूसरे के शरीर से खेलते रहे और फिर कुछ देर बाद मेरा लंड दोबारा से खड़ा होने लगा। मैंने रेखा को कहा कि फ्रिज से चॉकलेट निकालकर लाओ। वो उठकर चली गई और चॉकलेट लेकर आ गई। फिर मैंने रेखा की चूत पर चॉकलेट लगाई और थोड़ी मेरे लंड पर फिर हम एक दूसरे को चाटते गये। उसने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा और में उसकी चूत के दाने को बस खाए जा रहा था और वो कह रही थी वाह आह्ह्ह्हह उम्म्म उईईईई माँ मर गई रेयांश उफफ्फ्फ्फ़।

फिर मैंने उसे उठाया और कुतिया बनाया। उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और फिर एक ज़ोर से धक्का दिया और फिर मैंने उसे बीस मिनट तक लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदा। रेखा मेरी चुदाई करने की स्पीड से बहुत मस्त हो गई थी और उस चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत को बहुत चाटा और उसने मेरे लंड की प्यास बुझाई। हम एक दूसरे के लिए पागल हो गये थे और में उसके बूब्स बस खा जाना चाहता था। मैंने उसके बूब्स पर दोबारा चॉकलेट लगाई और उसके बूब्स को चूसने लगा। वाह दोस्तों मज़ा आ गया और वो मेरे सर को अपने बूब्स पर दबा रही थी और आवाजें कर रही थी उम्म्म्म उम्मम्म उह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से दबाव उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह। में अब उसके सीधे बूब्स को दबाने लगा और दूसरे बूब्स को चूसने लगा अह्ह्ह्हह उम्म्म रेयांश हाँ खा जाओ इनको आहहह मेरी जान। फिर मैंने दोबारा उसकी चूत चाटी और उसकी गांड भी चाटी। फिर मैंने उसको अपने ऊपर आने को कहा और फिर दोबारा मैंने उसकी चूत को चोदा। पूरे आधे घंटे तक हमने मज़ा किया। फिर मैंने उस दिन उसकी गांड भी मारी और चूत को भी चोदा ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Kahani – Dost Ki Nri Gori Bhabhi Ki Chudai Story

दोस्तों मुझे मेरी पिछली कहानी के लिए आप सभी के ढेर सारे मैल मिले जिसके लिए आप सभी लोगों को बहुत बहुत धन्यवाद और अब में आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपने 6 इंच के लंड से मेरी अमेरिका वाली भाभी की चुदाई करके उनकी प्यास बुझाई? और अब में आप लोगों का ज्यादा समय खराब ना करते हुए सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह तब की बात है जब मेरे घर में शादी का माहौल था क्योंकि उस समय मेरी दीदी की शादी थी और हम लोग उसकी तैयारियां कर रहे थे। हमने हमारे सभी मिलने वाले रिश्तेदारों को शादी में बुलाया था। में घर में अकेला हूँ तो इसलिए मुझसे ही सारी तैयारियां करनी थी और उस समय तक घर का सभी काम करीब करीब खत्म हो चुका था और अब एक के बाद एक हमारे रिश्तेदार आ रहे थे और घर में उस समय बहुत ख़ुशी का माहौल था। तभी एक फोन आया जिससे मेरी माँ ने बात की। उधर से मेरे भैया की आवाज थी और वो मेरी माँ से बोल रहे थे कि वो वहां से हमारे घर के लिए निकल रहे है।

फिर माँ ने भैया से बात करने के बाद मुझसे बोला कि कल भाई फ्लाइट से आ जायेंगे और तुझे उन्हे सुबह जल्दी उठकर एयरपोर्ट लेने जाना है तो मैंने भी कहा कि हाँ ठीक है और दूसरे दिन सुबह में उठकर एयरपोर्ट चला गया और वहां पर पहुंचकर मैंने देखा कि तब तक भाई और भाभी आ गये थे। हम लोग मिले और गाड़ी की तरफ चल दिए। मैंने देखा कि मेरी भाभी तो उस समय जीन्स और टॉप में थी और वो क्या मस्त माल लग रही थी? उनकी हाइट करीब 5.6 थी और फिगर का आकार करीब 30-32-36 था और उनका रंग दूध जैसा सफेद था वो दिखने में एकदम अँग्रेज़ लग रही थी और में तो उनको देखकर पागल ही हो गया जिसकी वजह से मेरा 6 इंच का पप्पू पेंट में तनकर खड़ा हो गया।

फिर हम लोग घर पर पहुंचे। वहां पर भैया भाभी की खूब खातिरदारी हुई और भाभी को मैंने उनका रूम दिखा दिया और वो मुझे सेक्सी नजर से देख रही थी। मेरा लंड पेंट में अब तम्बू बना खड़ा हुआ था जिसको शायद उन्होंने भी देख लिया और फिर एक सेक्सी आअहह भरी और फिर वो रूम में पहुंचकर अपने कपड़े बदलने लगी और में वापस चला आया। दोस्तों भाभी जब नीचे उतरकर आई तो वो एक मस्त हॉट मेक्सी टाइप कपड़े पहने हुई थी, वाह क्या मस्त माल लग रही थी, एकदम गहरे गले की मेक्सी में उनके बूब्स आधे से ज्यादा बाहर दिख रहे थे और में लगातार घूर घूरकर उनकी उभरी हुई गोरी गोरी छाती को देखे जा रहा था। तभी उन्होंने मुझे एक शरारती स्माइल दी और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बहुत अच्छे दिखते हो। फिर मैंने भी उनसे कह दिया कि तुम भी बहुत मस्त माल हो भाभी और हम दोनों हंस पड़े। फिर भाभी मुझसे बोली कि मुझे अपना घर तो दिखाओ क्या क्या कहाँ है? तो में उनको पूरा घर दिखाने लगा और वो मुझसे बार बार जानबूझ कर चिपक रही थी और बहुत हंस हंसकर मुझसे बातें कर रही थी, लेकिन दोस्तों अब मुझे उसके बाद शॉपिंग के लिए शहर जाना था और यह बात मैंने उनसे कही तो भाभी मुझसे बोली कि चलो में भी तुम्हारे साथ चलती हूँ और मुझे भी कुछ सामान लेना है और फिर हम दोनों गाड़ी से बाजार की तरफ चल दिए और कुछ देर चलने के बाद रास्ते में भाभी ने मुझसे पूछा कि आपकी क्या कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने कहा कि नहीं तो भाभी ने कहा कि फिर तुम इसको कैसे अपने काबू में करते हो? और वो मुझसे यह बात कहकर हंस पड़ी। फिर मैंने उससे बोला कि जब से मैंने आपको देखा है इसके ऊपर मेरा कंट्रोल ही नहीं होता, वो थोड़ा मुस्कुराते हुए मुझसे बोली कि अच्छा तो यह बात है, यह मुझे बड़ा भूखा लगता है लाओ इसे में आज शांत ही किए देती हूँ और उन्होंने अपना एक हाथ मेरी पेंट पर रख दिया और पेंट की चैन खोलकर मेरे लंड को पकड़ लिया और बोली कि वाह तुम्हारा बेबी कितना बड़ा है। दोस्तों वो बहुत खुश लग रही और वो अब मेरे लंड को सहलाने लगी जिसकी वजह से उनके मुलायम गोरे हाथों का स्पर्श पाकर मेरा लंड बहुत ही कम समय में तनकर खड़ा हो गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसके बाद वो नीचे झुककर मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी। कसम से दोस्तों में तो एकदम पागल हो गया था और मेरी गाड़ी अपना रास्ता भटकने लगी थी कि तभी मैंने उनको रोक दिया और अपने एक बहुत अच्छे दोस्त को तुरंत फोन कर दिया, वो थोड़ी ही दूरी पर रहता था और वो उस समय अपनी नौकरी पर गया हुआ था और मैंने उससे उसके रूम की चाबी ली और उसके रूम पर चला गया और अब भाभी झट से सब कुछ समझ चुकी थी कि अब उनके साथ क्या क्या होने वाला है? फिर मैंने देर ना करते हुए अंदर से दरवाजा बंद किया और भाभी को अपनी बाँहो में भर लिया और वो मुझे किस करने लगी, वो एकदम फ्रेंच तरीके से मुझे किस कर रही थी और में तो एकदम पागल हुआ जा रहा था और मन ही मन भगवान को बहुत बहुत धन्यवाद दे रहा था, क्योंकि अमेरिका का माल वो भी आज मेरे हाथ में जो आ गया था। फिर बीस मिनट तक लगातार किस करने के बाद वो एकदम गरम हो चुकी थी और फिर वो ज्यादा देर ना करते हुए मेरे सारे कपड़े खोलने लगी और में अब बस अंडरवियर में रह गया था। वो मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगी और जीभ से चाटने लगी। फिर उन्होंने मेरी अंडरवियर को नीचे करके लंड देखा तो वो एकदम से डर गई और उनके मुहं से निकला वाह कहाँ से लाए हो तुम इतना बड़ा लंड? तुम्हारे भाई का तो इससे आधा भी नहीं है और वो अब बहुत खुश होकर मेरे लंड को हिलाने लगी और फिर मुहं में लेकर चूसने लगी जिसकी वजह से मेरे मुहं से सिसकियाँ निकल गई आआहह उफफ्फ्फ्फ़  भाभी हाँ थोड़ा और ज़ोर से चूसो हाँ आप इसे पूरा मुहं में लो और अब वो लंड को अपने गले तक ले जाने लगी और ज़ोर ज़ोर से लोलीपोप की तरह चूसने लगी। वो बिल्कुल एक पॉर्न फिल्म की रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी और करीब 15 मिनट लंड को चूसने के बाद मुझे लगा कि में अब झड़ ना जाऊँ इसलिए मैंने जल्दी से उन्हे बेड पर लेटा लिया और उनके सारे कपड़े खोल दिए। दोस्तों उनका क्या मस्त फिगर था? पूरा गोरा बदन और नशीली आँखे। में किसी भूखे शेर की तरह उनके बूब्स और होंठो चूसने लगा और हमने जोश में आकर सक करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ ले रही थी और लगातार कुछ बड़बड़ा रही थी हाँ और ज़ोर से अभी सक करो मुझे ऊऊहह्ह्ह्ह वाह मज़ा आ गयाउफ्फ्फ्फ़ अभी आह्ह्ह्ह। फिर हम दोनों 69 पोज़िशन में हो गये और अब में उनकी चूत में एक उंगली करने लगा और अपनी जीभ को डालने लगा। जिसकी वजह से वो पागल हुई जा रही थी और मेरे 15 मिनट चूसने के बीच वो दो बार झड़ चुकी थी। फिर बोली कि अभी प्लीज अब तुम मुझे जमकर चोद दो और मेरी आग को शांत कर दो, मेरी चूत बहुत प्यासी है प्लीज और उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया और मैंने एक जोरदार धक्का दे दिया। मेरा आधा लंड अब उनकी चूत में जा चुका था और वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई ऊऊईईईई माँ मर  गई आह्ह्ह्ह। दोस्तों अब तक हम दोनों पूरे गरम हो चुके थे और वो कमरा भी पूरा गरम था। फिर मैंने एक धक्का और दे दिया तो उनकी चूत में मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया वो ज़ोर से चिल्लाने लगी उफफ्फ्फ्फ़ आऐईईईइ प्लीज बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है और अब उनकी आँखों से आंसू बाहर निकलने लगे थे।

फिर में पांच मिनट रुका और फिर मैंने दोबारा चुदाई शुरू की तो वो अब भी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी हाँ चोदो मुझे और ज़ोर से ऊईईईई मेरी जान ऊओफ़्फ़्फ़्फ़ तुम मेरे पति हो, प्लीज ज़ोर से चोदो मुझे और में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदाई करने लगा और वो मुझे अपनी और खींच रही थी और किस कर रही थी। फिर मैंने उसको उठाया और घोड़ी बनने को कहा। वो उस समय कांप रही थी और एक बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने उसके पीछे से चूत में अपना लंड डाल दिया और वो चिल्लाने लगी और में उसे लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा मैंने उसे करीब 30 मिनट तक लगातार चोदा और वो तब तक 4 बार झड़ चुकी थी और फिर मेरा भी झड़ने का समय आ गया था। फिर मैंने उनसे पूछा कि में अपना वीर्य कहाँ निकालूं? तो वो मुझसे बोली कि तुम मेरे मुहं में ही झड़ जाओ और फिर मैंने अपना लंड तुरंत चूत से बाहर निकालकर उसके मुहं में डाल दिया और में उसके मुहं में ही झड़ गया। फिर उसने मेरा लंड चाट चाटकर साफ कर दिया और उसके कुछ देर तक हम दोनों लेटे रहे और फिर हम लोग उठकर शॉपिंग करने बाजार चले गये तो वो मुझसे बोली कि तुम बहुत अच्छे हो और में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ ।।

धन्यवाद …

Papa Ne Maussi Ko Jaberdasti Choda – Hindi Sex Stories

प्रेषक : अदिति ..

हेल्लो दोस्तों.. मेरा नाम अदिति है और मेरी उम्र 26 साल है और अब कहानी की शुरुआत करती हूँ। बात अब से 6 साल पहले की है.. जब मेरी मम्मी हॉस्पिटल में भर्ती थी.. उनको बेबी होने वाला था तो घर में काम करने के लिए मौसी को बुलवा लिया था और उनकी उम्र तब 34 साल के करीब थी.. वो मोटी और गोरी थी और वो घर का काम आते ही निपटाने लगी। एक दिन यूँ ही बीत गया और अगले दिन वो काम निपटाकर रात में सोने के लिए मेरे बगल आकर लेट गई। मेरे पीछे पापा और आगे मौसी लेटी थी.. में हमेशा से किनारे की तरफ़ सोती थी। मैंने मौसी से कहा कि आप बीच में आ जाओ.. में किनारे मे सोती हूँ वरना में सो नहीं पाऊँगी। मौसी मान गई.. मौसी थोड़ी मोटी है तो उन्हे सोने के लिए ज़्यादा जगह चाहिये होती है.. शायद इस कारण वो पापा के करीब तक पहुँच गई थी।

फिर मौसी कुछ देर तो लेटी रही । फिर वो उठकर गई और 5 मिनिट बाद वापस आई तो उन्होनें मम्मी की मेक्सी पहन रखी थी.. वो साड़ी बदल कर आई थी और वो अपनी जगह में लेट गई तो में लगभग सोने वाली थी.. तभी मुझे मौसी की हल्की सी आवाज़ सुनाई दी.. वो कह रही थी कि हटिये थोड़ा हाथ हटाइये। मैंने चुपके से देखा तो पापा का हाथ उनकी कमर में रखा तो पापा ने हाथ हटा लिया। थोड़ी देर बाद वो फिर बोली ये सब क्या है जीजाजी.. आप क्या कर रहे हो। बार बार की आवाजों से मेरी नींद गायब हो गई थी.. में भी ध्यान से देखने लगी कि क्या हो रहा है।

कुछ ही देर मे पापा ने अपनी टांग आगे करके मौसी को फंसा लिया और मौसी कसमसाने लगी.. वो कुछ बोलने के लिए पापा की तरफ मुड़ी तो पापा जैसे इसी के इंतजार में थे। उनके मुड़ते ही पापा ने उनको चूम लिया.. मौसी उनको खुद से दूर हटाने लगी लेकिन पापा ने मजबूती से पकड़ रखा था। पापा ने मेक्सी को ऊपर किया तो मौसी ने उनके हाथ को पकड़ लिया। पापा बोले रेणु तुम जानती हो 2 महीने हो गये.. तुम्हारी दीदी ने करने नहीं दिया तो तुम थोड़ा सा कर लेने दो। फिर तुम्हे भी तो उनकी कमी लग रही होगी.. मौसी बोली नहीं जीजाजी ये ग़लत है तो पापा बोले कुछ ग़लत नहीं है.. हमें अपनी ज़रूरत पूरी करना है.. हम लोगों को फिर कौन सा रोज रोज करना है। मौसी बोली नहीं, आप समझो.. तो पापा बोले में समझ रहा हूँ.. तभी तो कह रहा हूँ और इतना कहकर वो मौसी के उपर चड़ गये और उनको चूमने लगे तो मौसी अपना मुँह यहाँ वहां करने लगी और वो चुप हो गई और पापा ने उनको चूमना जारी रखा।

अचानक से मौसी पापा के साथ किस करने लगी। पापा ने मेक्सी को पूरा पलट दिया और उनकी पेंटी को उतार दिया.. मौसी नीचे से नंगी हो चुकी थी। पापा ने उनकी चूत को हाथ से सहलाया तो वो उनका हाथ पकड़ने लगी। पापा बोले हाथ हटा, हाथ हटा रेणु.. तुम्हारी चूत कितनी मोटी है तो मौसी बोली कि आपका लंड भी तो कितना बड़ा है तो पापा ने पूछा कि तुम्हे किसने बताया तो मौसी बोली.. दीदी ने बहुत पहले बताया था कि उनका काफ़ी बड़ा है। में तो झेल नहीं पाती.. ऊपर से काफ़ी देर तक करते है। पापा हँसे और बोले कि ओह तो ये बात है.. वैसे रेणु तूने पीछे से किया है तो मौसी बोली मतलब.. तो पापा ने कहा कि तुमने गांड मरवाई है। मौसी बोली हाँ वो अक्सर गांड चोदते है। तो पापा बोले तब तो मजा आ जायेगा.. में भी गांड मारूंगा। मौसी कुछ नहीं बोली और पापा ने उनकी चूत मे मुँह लगाकर चाटना चालू किया तो मौसी ने उनको अपनी जाँघो मे लपेट लिया और कुछ देर तक चूमने के बाद पापा ने उनकी चूत मे उँगलियाँ डाल दी और हिलाने लगे.. मौसी आ आ आ करने लगी। पापा उठे और उनको पलट दिया। कूल्हो को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे और बोले कि रेणु तुम्हारे कूल्हे कितने जबरदस्त है और उनके कूल्हो को बीच से खोलकर पापा उनकी गांड को चाटने लगे। दोस्तों ये कहानी आप Indiansex.host पर पड़ रहे है।

मौसी बोली ये क्या कर रहे हो आप? उन्होंने कभी यहाँ ऐसे नहीं चूमा.. बस सीधे डाला है। पापा हा उ हा उ स स स कहते रहे और उपर से हटे और उनके मुँह के पास आकर अपना लंड निकाल कर बोले.. चूसो इसे। मौसी बोली कि अरे ये इतना बड़ा है तो दीदी कैसे लेती होगी.. पापा बोले सब ले लेती है.. तुम ज़रा मुँह में तो लो.. फिर वो बोली नहीं.. मुझे ये पसंद नहीं। पापा ने कहा प्लीज थोड़ा सा लो ना.. ऊपर से किस ही कर लो तो मौसी किस करने लगी.. बीच मे एक बार तो वो चूसने ही लगी थी। फिर पापा ने गद्दे के नीचे से कन्डोम निकाला और पहनने लगे और मौसी की टांगो के बीच मे जाकर उनकी चूत मे लंड रगड़ने लगे.. मौसी कुछ नहीं बोल रही थी।

अचानक पापा ने लंड डाला तो वो आईईईई करने लगी। पापा ने कहा इतना ठीक है या और अंदर करूँ और मौसी बोली थोड़ा और अंदर कर लो.. पूरा नहीं ले पाऊँगी.. उनकी तो आखे बंद थी। लाईट जलने के कारण सब साफ दिख रहा था। उन लोगों को यह अहसास ही नहीं था कि में वहां लेटी हूँ और उनको देख रही हूँ। कुछ देर बाद पापा ने पूछा थोड़ा और डालूं तो वो बोली हाँ डाल दो तो पापा ने कहा कि अब नहीं क्योंकि तुम तो पूरा ले गई। मौसी चौंक गई और नीचे की तरफ देखने लगी.. पूरा लंड अंदर देखकर वो शरमा गई और मुँह मोड़ लिया तो पापा ने चोदना चालू कर दिया। तप तप तप च्प च्प च्प की आवाज़ आने लगी। मस्त चुदाई हो रही थी.. मौसी को मज़ा आने लगा तो वो हा हा हा हा हा और करो कहने लगी। पापा दनादन चोद रहे थे.. मौसी भी उपर उठ उठकर चुदवा रही थी। पापा ने अपना लंड निकाला और मौसी को पलट दिया। उनके मोटे मोटे कूल्हो को खोलकर बीच में थूक दिया.. तभी मौसी बोली कि बहुत बड़ा है आराम से करना तो पापा बोले लंड कितना भी बड़ा हो रानी.. गांड में उसकी जगह बन जाती है।

पापा ने गांड मे लंड सटाया.. फिर हटा लिया फिर सटाया और दबाते चले गये। मौसी के कूल्हे बड़े बड़े थे तो पूरा लंड अंदर नहीं जा पा रहा था.. पापा ने उनको पकड़ा और थोड़ा ऊपर किया तो मौसी बिल्कुल खरगोश जैसी बन गई। फिर पापा ने इस बार ढंग से लंड लगाया और धक्का मारा। मौसी ने अपना सर उपर की तरफ किया और ज़ोर से आईई बोली.. अगले ही पल एक और जोरदार झटका दिया और पापा ने पूरा लंड उनकी गांड मे पेल दिया। पापा ने उनको चोदना जारी रखा.. वो आह आह आह आह सी उंह मुहमहूमहूँ कहने लगी.. अब बस पापा कहाँ सुनने वाले थे और वो उनकी साली जो ठहरी। पापा बोले.. चोदने दो मज़ा आ रहा है साली और जल्दी जल्दी गांड चोदने लगे। मौसी उूउउ उउउ नहीं नहीं नहीं नहीं.. अब नहीं कहती रही लेकिन पापा ने उनकी हालत खराब कर दी.. फिर पापा ने अचानक से गांड से लंड निकाला और चूत में डालकर बहुत तेज़ी से चोदने लगे।

कुछ ही देर में वो मौसी से ज़ोर से लिपट गये और ये देखकर लग रहा था कि मानो वो कोई पति पत्नी हो। थोड़ी देर यूँ ही लिपटे रहने के बाद वो अलग हो गये। मौसी ने टावल से अपने शरीर को पोछा और मेक्सी ढंग से पहन ली और पापा ने भी अपने कपड़े पहन लिए और लेट गये। मौसी से चिपक कर बोले कि रेणु मज़ा आ गया। तो मौसी बोली कि मज़ा तो मुझे भी आ गया। दोनों फिर लिपट गये और फिर पापा ने लाइट ऑफ कर दी। कुछ देर शांति रही और में सो गई ।।

धन्यवाद …

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प्रेषक : आशीष …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आशीष है और में चंडीगढ़ में किराए से एक रूम लेकर रहता हूँ। में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तों वैसे तो में एक अच्छे लेखक की तरह लिख तो नहीं सकता, लेकिन में उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी यह कहानी जरुर पसंद आएगी। दोस्तों मेरी उम्र 41 साल और में शादीशुदा हूँ, लेकिन मेरी पत्नी हिमाचल के एक छोटे से गावं में रहती है और में यहाँ पर रहकर अपनी एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ। मेरे पड़ोस वाले रूम में एक बहुत सेक्सी भाभी रहती है, उनका नाम रिचा है और उनकी उम्र लगभग 32 साल के आसपास होगी, लेकिन वो फिर भी दिखने में बहुत हॉट, सेक्सी है और उनके चेहरे से उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगता और उसके फिगर का साईज़ 34-30-36 है, उनका वो भरा हुआ बदन, मोटी गांड और बड़े बड़े बूब्स में जब भी देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था, हालाँकि बिल्कुल पास वाले कमरे होते हुए भी में उनसे शुरू शुरू में ज्यादा बात नहीं करता था, लेकिन में कभी कभी उसकी मटकती हुई गांड, झूलते हुए बड़े बड़े बूब्स के मज़े जरुर लेता था। फिर जब वो कपड़े धोती या झाड़ू लगाती तो उसके बड़े बड़े बूब्स उछल उछलकर ब्रा से बाहर आने को तैयार हो जाते थे और उसका यह नज़ारा देखकर मैंने कई बार मुठ मारी, लेकिन डर की वजह से मेरी कभी उन्हें छूने की हिम्मत नहीं हुई, में बस उन्हें दूर से देखकर मज़े लेता था।

एक दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी तो में सुबह देर से उठा और सीधा ब्रश करने वॉशरूम की तरफ़ चला गया। मैंने देखा कि वो उस समय वहाँ पर बैठकर कपड़े धो रही थी और झुककर कपड़े धोने की वजह से उनके आधे आधे बूब्स बाहर आ रहे थे। फिर में भी वहाँ पर जाकर पास ही खड़ा होकर ब्रश करने लगा और उस नज़ारे के मज़े लेने लगा। कुछ देर खड़े रहकर मज़े लेने के बाद अब मुझे पानी चाहिए था, लेकिन नल के नीचे उनकी बाल्टी लगी हुई थी। फिर वो समझ गई और जैसे ही वो अपनी बाल्टी को उठाने के लिए झुकी तो मुझे उसके झूलते, लटकते हुए पूरे बूब्स के दर्शन हो गये और मेरा लंड वो सब देखकर एकदम तनकर खड़ा हो गया। मैंने उस समय लोवर पहन रखा था और उसमें मेरा लंड खड़ा होकर पूरा टेंट बन गया, उसको शायद उसने भी देख लिया था। फिर उसने मुझसे पूछा कि आपका घर कहाँ है? मैंने कहा कि हिमाचल और वो मुझसे कहने लगी कि हिमाचल से ही है। फिर हमारे बीच थोड़ी देर बहुत इधर उधर की बात हुई और उसके बाद में अपने कमरे में चला गया और फिर में खाना ख़ाकर और उसके नाम की मुठ मारकर सो गया। फिर उसके बाद से हमारे बीच धीरे धीरे थोड़ी बहुत बातें होने लगी। फिर एक बार उसने मुझसे पूछा कि क्यों तुम्हें कभी अपनी बीवी की याद नहीं आती क्या? तो मैंने भी हंसते हुए कहा कि भाभी क्या करूं आती तो बहुत है? और अब शादीशुदा होते हुए भी मुझे मजबूरी में इतनी सर्दियों में अकेला सोना पड़ता है तो भाभी हँसने लगी और बोली कि इसमें क्या है, तुम अपनी वाईफ को भी यहाँ पर ले आओ? फिर मैंने कहा कि जब तक में पूरी तरह से सेट नहीं हो जाता तब तक उसे यहाँ पर लाना बहुत मुश्किल है।

भाभी : तो क्या हुआ यहाँ कोई सहेली बना लो।

में : अब हमे लड़कियाँ पटाने का टाईम मिलता ही कहाँ है? और वैसे भी लड़कियाँ हम जैसे शादीशुदा लोगों में कम रूचि लेती है भला वो हम शादीशुदा से बात क्यों करने लगी?

भाभी : (शरारती मुस्कान के साथ मुझसे बोली) तो क्या हुआ तुम भी कोई अच्छी सी शादीशुदा सहेली देखकर पटा लो यहाँ कौन सी कमी है?

फिर मैंने कहा कि बात तो आप एकदम सही कह रही है, लेकिन मेरे पास इतना टाईम ही नहीं होता और आप ही अपने जैसी अपनी कोई एक सहेली से मेरी सेटिंग करवा दो। अब भाभी मुस्कुराने लगी और बोली कि मेरे जैसी ही क्यों? फिर मैंने कहा कि मेरी नई सहेली आपकी तरह सुंदर, अनुभवी भी तो होनी चाहिए तभी तो मज़ा आएगा। फिर भाभी मुझसे पूछने लगी कि कैसा मज़ा? तो मैंने कहा कि आप तो मुझसे ऐसे अंजान बनकर पूछ रही हो जैसे आपको कुछ पता ही नहीं। फिर भाभी ज़ोर से हँसने लगी और वो किसी काम से अपने रूम में चली गई और अब मुझे लगा कि मेरी लाईन साफ है और में भी अब उसके साथ थोड़ी बहुत डबल मतलब की बातें करने लगा और वो भी जानबूझ कर बिल्कुल अंजान बनकर पूरे मज़े लेती थी। एक दिन मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी क्या आपने मेरी बात कहीं चलाई? तो वो मुझसे बोली कि जो भी मेरी दोस्त मेरे पास आती है तो तुम देखकर बता देना कौन सी ठीक है, में सेट करा दूँगी। फिर मैंने कहा कि वो भाभी में कल ही आपको बता देता हूँ। दोस्तों वैसे तो मैंने उनकी दोस्त को देखा नहीं था और अगले दिन में बाथरूम में नहा रहा था तो भी भाभी वहाँ पर पास में आ गई और ज्यादातर समय में दरवाज़ा बंद नहीं करता, क्योंकि में अंडरवियर पहनकर ही नहाता हूँ।

अब भाभी बाथरूम के बाहर बाल्टी में कपड़े भिगोने लगी और चोरी चोरी तिरछी निगाहों से मुझे देखने लगी और उसको ऐसे घूरते हुए देख सर्दियों के दिनों में भी ठंडे पानी से नहाते हुए मेरा लंड खड़ा हो गया और में अपने लंड पर रगड़ रगड़कर साबुन लगाने लगा, लेकिन मेरा हाथ मेरी पीठ तक नहीं पहुँच रहा था और यह देखकर वो मुझसे बोली कि क्या हुआ आशु हाथ नहीं पहुँच रहा क्या? मैंने कहा कि नहीं भाभी वो बोली कि में लगा दूँ क्या और हँसने लगी? फिर मैंने कहा कि नेकी और पूछ पूछ, प्लीज लगा दो। फिर वो बोली कि में तो मज़ाक कर रही थी, नहीं कोई देख लेगा। फिर मैंने कहा कि हम दरवाजा बंद कर लेंगे, वो तुरंत अंदर आ गई और दरवाज़ा बंद कर दिया और साबुन लेकर मेरी पीठ पर लगाने लगी, वाह क्या मजा आ रहा था, मुझे लगा वो भी गरम हो गयी है इसलिए बड़े प्यार से सहला रही थी, लेकिन मुझे सीधा हाथ डालने में डर लग रहा था। फिर मैंने भाभी से पूछा कि आप कैसे नहाती हो आपके हाथ भी पीठ पर नहीं पहुंचते होंगे? तो वो बोली कि हाँ मैंने कहा कि आपने मेरी मदद की है और में आपकी मदद कर देता हूँ, आपकी पीठ पर साबुन लगा देता हूँ और बाकी आप खुद नहा लेना। फिर वो शरमाते हुए बोली कि नहीं। फिर मैंने बोला कि कोई बात नहीं भाभी में लगा देता हूँ और वो ज्यादा  मना करते हुए बोली कि ठीक है तुम अपना मुँह दूसरी साईड करो। फिर मैंने अपना मुहं दूसरी तरफ कर लिया। फिर उसने अपनी कमीज़ खोली और मेरी तरफ पीठ करके बैठ गयी और फिर मुझसे बोली कि लगाओ और में जैसे मुड़ा वाह क्या सीन था? में उसकी नंगी पीठ और सफेद ब्रा की डोरी देखकर पागल हो गया और में उसकी पीठ पर साबुन लगाने लगा। उसने आँखे बंद कर ली और में उसकी पीठ सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी आपकी ब्रा की डोरी दिक्कत कर रही है। फिर उसने तुरंत बोला कि खोल दो और मैंने जल्दी से उसकी ब्रा को खोल दिया और उसने अपने बूब्स पर हाथ रख लिए। अब उसकी सलवार पूरी तरह भीग गयी थी और पैरों से चिपक गयी थी और जिसकी वजह से उसकी काली कलर की पेंटी साफ साफ दिख रही थी और मेरा लंड बिल्कुल टाईट हो गया था और में साबुन लगते हुए उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और उसकी नाभि को सहलाते हुए में उसके बूब्स की तरफ अपना हाथ ले गया जो उसने अपने हाथों से ढक रखे थे। फिर मैंने पीछे से सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और में उसके गोल गोल चूतड़ को मसलने लगा और वो सिसकियाँ लेने लगी और मेरे हाथ पकड़कर बाहर निकालने लगी। जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ने के लिए अपने बूब्स से हाथ हटाया तो मैंने उसके बूब्स पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर उसकी पीठ पर रगड़ने लगा और वो मोनिंग करते हुए अभी भी हटाने लगी।

भाभी : आशु प्लीज यह सब मत करो, आहह।

में : ( में उसके बूब्स मसलते हुआ गर्दन पर किस करते हुए) भाभी इस दिन का तो मुझे कई दिनों से इंतज़ार था तो में ऐसे कैसे इस मौके को अपने हाथ से जाने दूंगा।

अब भाभी बिल्कुल गरम हो गई थी, उसने भी अपने हथियार डाल दिए और खड़ी होकर मुझसे चिपक गई और मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। दोस्तों भाभी क्या सेक्स की देवी लग रही थी, उसका वो भीगा बदन। वो अब सिर्फ़ काली कलर की पेंटी में खड़ी थी, उसके गीले बाल उभरे और कसे हुए बूब्स गोल गांड, हम दोनों बस मदहोश होकर एक दूसरे को अपनी गरमी दे रहे थे। अब मैंने उसकी पेंटी को भी खोल दिया और मैंने देखा कि उसकी काली झांटो से चूत पूरी तरह ढकी हुई थी। फिर मैंने उसकी झांटो को एक साईड किया और अपनी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया तो वो एकदम से तड़प उठी और मेरे लंड को पकड़कर दबाने लगी, जितनी स्पीड से में उसकी चूत में उंगली डाल रहा था उतनी स्पीड से वो मेरे लंड को हिला रही थी। फिर वो मेरे आगे झुक गयी और मेरे लंड को चाटने लगी। दोस्तों वो बिल्कुल ब्लूफिल्म की तरह मेरा लंड चाट रही थी और फिर वो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और इतनी देसी भाभी को लंड चूसते देख में बिल्कुल हैरान हो गया।

फिर मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी कभी अपने पति का चूसा है? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने कहा कि इतनी अच्छी तरह कैसे चूस लेती हो? फिर वो बोली कि मैंने अपने फोन पर चोरी से ब्लूफिल्म देखी है और मुझे बहुत दिल करता था किसी का लंड चूसने का, लेकिन में अपने पति के सामने इतनी खुलकर कह नहीं सकती और आज मुझे यह मौका मिला है। फिर मैंने कहा कि आआहह भाभी चूसो आज पूरी कर लो अपनी सब इच्छाए, वो पूरा मन लगाकर चूस रही थी, उसने मेरे लंड पर थूका और उसे अपनी जीभ से मेरे लंड पर गोल गोल घुमाने लगी और में सच में बिल्कुल हैरान था और में अब इतना उत्तेजित था जैसे कोई चुदाई का भूखा हो। अब वो मेरा लंड पूरा गले तक ले रही थी। दोस्तों वाह क्या नज़ारा था? फिर मेरी नज़र उसकी चूत पर पड़ी और मैंने कहा कि बस भाभी चोदने दो। अब वो मुझे शरारत भरी नज़र से देखती हुई मेरा लंड चूसती रही। फिर मैंने ज़बरदस्ती उसे वहाँ से हटाया और उसे वाशबेसिन पकड़कर घोड़ी बना दिया और वो अपनी गांड को हिलाते हुए मेरे लंड को अपनी चुदाई करने की दावत दे रही थी। फिर मैंने उसकी कमर को पकड़कर उसकी चूत पर लंड रखा और उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट करते हुए पीछे से धक्का मारा, आअहह क्या गरम चूत थी, मेरा आधा लंड अंदर घुस गया तो वो थोड़ी सी चीखी और उसने दूसरा धक्का मारा और मेरा पूरा लंड अपनी चूत के अंदर ले लिया और रुक गयी। दोस्तों अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी गांड को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और भाभी आहह आईईईइ उह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा चोद मुझे फाड़ दे आज अपनी भाभी की चूत को और ज़ोर से धक्का मार आह्ह्ह्हह हाँ और थोड़ा अंदर डाल उह्ह्ह्ह।

अब में दनादन लंड उसकी चूत में डाल रहा था और उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे और वो भी पूरे मज़े लेकर मुझसे चुदवा रही थी और सिसकियाँ लेते हुए बड़बड़ा रही थी, ऊह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह आशु डाल अपना पूरा लंड मेरी चूत में आह्ह्ह चोद और फिर वो गालियाँ बकने लगी साले चोद भाभीचोद। में करीब दस मिनट तक लगातार उसे चोदता रहा और अब भाभी की चीखने, चिल्लाने की आवाज़ तेज होने लगी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी आअहह और उसके पैर अकड़ गए और वो मेरे लंड को अपनी चूत से भींचने लगी तो में समझ गया कि भाभी झड़ रही है। फिर मैंने और तेज धक्के मारने शुरू कर दिए और फिर भाभी झड़ गयी और मेरा लंड पूरा गीला हो चुका था। फिर मैंने कहा कि भाभी क्या में अंदर ही निकाल दूँ? तभी वो एकदम से हटी और उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी और बोली कि मुझे तेरा माल पीना है और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी। मुझसे अब रहा नहीं गया और में उसके मुँह में झड़ गया, उसने चूस चूसकर मेरा सारा वीर्य पी लिया, आअहह मेरी तो जैसे जन्नत की सैर हो गयी। फिर उसने अपना चेहरा साफ किया और बाहर जाने लगी, लेकिन मेरा मन अभी भी भरा नहीं था तो मैंने कहा कि भाभी अब मेरे रूम में चलो तो वो भी तुरंत समझ गई कि अभी भी उसकी और चूत घिसाई होनी है और उसने अपनी कमीज़ पहनी सलवार तो गीली थी तो कमीज़ पहनकर ही मेरे रूम में भागती हुई पहुंच गई। मैंने भी टावल लपेटा और उसके पीछे रूम में पहुँच गया।

फिर मैंने अंदर जाते ही दरवाज़ा बंद कर दिया और भाभी से बाथरूम में मज़ा लेने के बाद अब में उसे बेड पर चोदना चाहता था, लेकिन हम दोनों इतने गर्म हो चुके थे कि मैंने उसे वही दीवार से चिपका दिया। अब में उसके हाथ पकड़कर उसे स्मूच करने लगा और अब भाभी भी पूरी तरह से गर्म थी, अब वो भी पूरा मज़ा ले रही थी। अब हम एक दूसरे के मुहं में अपनी जीभ डाल रहे थे, वो अपनी गीली सलवार बाथरूम में ही छोड़ आई थी और में भी सिर्फ़ टावल में था।

अब मैंने उसे दीवार से चिपका कर अपना पूरा वजन उस पर डाल दिया और अब मेरे टावल में टेंट बन गया था जो कि मेरे लंड के हार्ड होने की वज़ह से था। अब भाभी पागलों की तरह तड़पती मछली की तरह हो गयी थी और मौन कर रही थी। फिर उसने टावल के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से भींचने लगी। फिर में भी उसकी कमीज़ ऊपर उठाकर उसकी चूत में उंगली करने लगा। अब में भाभी को और तड़पाना चाहता था, लेकिन वो इतनी गर्म थी कि वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और खड़े-खड़े ही अंदर घुसाने लगी। दोस्तों अब में सातवें आसमान पर था, अब में अपनी तरफ़ से लंड घुसाने की कोई हरकत नहीं कर रहा था बस उसकी तड़प का मज़ा ले रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो कभी अपनी टाँगे चौड़ी करके मेरे लंड को पकड़कर चूत में डालती तो कभी अपनी टाँगे उठाकर खुद ही खड़े-खड़े धक्के मारती, लेकिन एक दो धक्को के बाद मेरा लंड बाहर निकला जा रहा था। अब वो कुछ नहीं बोल रही थी, बस मौन कर रही थी। अब उसकी चूत से रस टपक कर फर्श पर गिर रहा था, अब काफ़ी तड़पने के बाद उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और बोली कि आशु बहुत हो गया अब चोदेगा या में खुद चूत में उंगली कर लूँ। अब यह बात सुनकर मुझे मज़ा भी आया और मेरा लंड भी और तन गया।  फिर मैंने उसे वहीं किचन पट्टी पकड़कर घोड़ी बना दिया और उसकी कमर पकड़कर सीधा अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अब उसकी चूत के पानी से उसकी चूत एकदम चिकनी हो चुकी थी और मेरा लंड सीधा उसकी चूत को चीरता हुआ जड़ तक जा घुसा और मैंने ताबड़तोड़ धक्के मारने शुरू कर दिए आआहह, अब वो ज़ोर-जोर से मौन करने लगी थी।

फिर मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा ताकि पड़ोसी सुन ना ले और उसे चोदने लगा। अब वो भी अपनी गांड हिला-हिलाकर मेरे लंड को अंदर ले रही थी, अब पूरे रूम में फ़च-फच की आवाज़ आने लगी थी। अब मेरी टाँगे उसकी जांघो पर हर धक्के के साथ तपाक से टकरा रही थी और वो ज़ोर-जोर से बड़बड़ाये जा रही थी। अब में अपनी पूरी स्पीड से उसे चोद रहा था। फिर वो वहाँ से हटी और मेरे बेड पर टांगे चौड़ी करके लेट गयी और बोली कि आशु आज फाड़ दे मेरी चूत को, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे। फिर मैंने उसकी टाँगे अपने कंधे पर उठाई और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया। अब वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी, आआआआआअ आशु फाड़ और घुसा दे। अब उसकी टांगे अकड़ने लगी थी और वो उसके नाख़ून मेरी पीठ पर चुभा रही थी तो अब में समझ गया कि उसका होने वाला है, शायद उसका पहले भी हुआ हो, लेकिन इस बार तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे इतना पानी निकलेगा कि मेरा लंड पूरा भीग जायेगा।

अब उसकी आँखें बंद हो गयी और वो नीचे से धक्के मारने लगी। तभी मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी जो कि आधी खुली थी, अब उसमें से हमें कोई देख रहा था। अब मेरा भी होने वाला था तो में रुक नहीं पाया और उसे चोदता ही रहा। अब वो ज़ोर-ज़ोर से साँस लेती हुई और मौन करते हुए झड़ गयी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भी अपना सारा पानी उसके मुँह पर छोड़ दिया। अब हम हांफते हुए बेड पर लेट गये। फिर उसने अपनी कमीज़ के साथ मेरा पजामा पहना और अपने रूम में जाने लगी। हमारा रूम पास-पास में ही था तो जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला तो उसकी सहेली रीना बाहर खड़ी थी। रीना भी शादीशुदा थी, गोरी और सुडोल शरीर, बड़े-बड़े बूब्स और उसकी गांड पीछे से बाहर निकली हुई थी, क्योंकि वो ज्यादातर स्किन टाईट कपड़े पहनती है तो इसलिए उसकी गांड बाहर निकली हुई लगती थी, लेकिन कमाल की गांड है उसकी, फिगर 34-30-36 है। अब में समझ गया था कि ये वही है जो हमें खिड़की से देख रही थी, लेकिन मैंने सब अनसुना कर दिया। अब रिचा उसे देखकर डर गयी और उससे नज़रे मिलाए बिना ही वहाँ से जाने लगी। अब रीना उसे देखकर हंस रही थी और उसके पीछे-पीछे उसके रूम में चली गयी। फिर मैंने भी अपने कपड़े पहने और यह जानने के लिए कि रीना अब क्या करेंगी? उनकी खिड़की के पास छुप गया।

रीना : अरे वाह, रिचा तू तो बहुत बड़ी खिलाड़ी निकली अकेले-अकेले मज़े ले रही है तो रिचा डरते हुए बोली किसी को मत बताना। फिर रीना ने उसकी गांड पर एक शरारती थप्पड़ मारा और अपनी चूत पर  हाथ फैरते हुए बोली कि यार तुम दोनों की चुदाई देखने का मज़ा आ गया। अब मुझे रिचा की सहेली की आँखो में हवस नज़र आ रही थी और मुझे लगा कि अब तो किस्मत खुल गयी और दूसरी भी तैयार है। फिर रिचा अपने बेड पर लेट गयी और उसकी सहेली उसकी सलवार में उसकी चूत के पास अपना मुँह करके लेट गयी।

रिचा बोली क्या कर रही है? तो वो बोली कि तेरी चूत से तेरे यार के लंड की खुशबू ले रही हूँ, अब मुझे तो ये सब सपना सा लग रहा था। फिर उसकी सहेली ने उसका नाडा खोला और उसकी चूत सूंघने लगी। अब में यह सब देखकर हैरान हो गया और अब में समझ नहीं पा रहा था कि यह कहीं लेस्बियन तो नहीं है। फिर वो उसकी चूत का रस अपने हाथ से लगाकर अपनी सलवार के अंदर डालकर अपनी चूत पर मलने लगी और सिसकारी लेती हुई बड़बडाई कि उसका लंड ना सही, लेकिन उसका पानी तो मेरी चूत तक पहुँच गया और वो दोनों हंसने लगी। अब रिचा जो काफ़ी देर से उसे देख रही थी, अब हंसते हुए नॉर्मल लग रही थी। फिर रिचा कपड़े बदलने लगी और उसकी सहेली वहीं लेटी हुई थोड़ी-थोड़ी देर में सलवार के ऊपर से ही अपनी चूत पर हाथ घुमा रही थी। अब उसकी आँखे हवस से भरी हुई थी और अब मेरा दिल तो किया कि वहीं जाकर उसे चोद दूँ, लेकिन मुझे लगा कि रिस्क क्यों लेना?

फिर उसने रिचा से कहा कि यार तेरा तो पति से भी सुंदर है। फिर इसके चक्कर में कैसे पड़ी? तो रिचा बोली कि एक बार इससे चुदकर देख सब पता चल जायेगा। फिर उसकी सहेली ने आह भरते हुए कहा कि हाय वो दिन कब आयेगा? तुम दोनों की पलंगतोड़ चुदाई देखकर मेरा मन भी चुदने का हो रहा है, यह कहकर वो अपनी चूत को ज़ोर-जोर से रग़ड रही थी। अब में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया और कमरे में चला गया तो उसने हड़बड़ा कर चादर अपने ऊपर खींच ली। फिर मैंने कहा कि यार मैंने सब कुछ सुन लिया है और देख लिया है, अब छुपाने का क्या फायदा है? फिर में उसके ऊपर चढ़ गया। अब रिचा हमें आश्चर्य से देखे जा रही थी। फिर रीना कुछ नहीं बोली और चुपचाप मेरी आँखो में देख रही थी, जैसे उसे वो मिल गया हो जो वो चाहती थी। फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और उसके गुलाबी होंठो को जी भरकर चूसने लगा। अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी। अब में अपने पूरे शरीर को उसके शरीर पर रग़ड रहा था। मुझे सबसे ज्यादा प्यारी उसकी गांड लगती है। फिर मैंने उसे उल्टा करके लेटा दिया और उसकी गांड की दरार में अपना लंड घुसाने लगा, अयाया क्या मज़ा आ रहा था? और उसके बूब्स दबा रहा था।

फिर मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, अया क्या गर्म चूत थी उसकी? बिल्कुल गीली हो चुकी थी।  फिर मैंने उसकी कमीज़ उतारी और उसकी पीठ चाटने लगा, अब वो भी अपनी आँखे बंद करके मज़े ले रही थी। फिर मैंने उसकी सलवार भी उतार दी, अब वो मेरे सामने वाईट ब्रा और ब्लू पेंटी में उल्टी लेटी हुई थी। फिर मैंने उसकी पेंटी को थोड़ा साईड में करके उसकी गांड पर थूक लगाया और अपना लंड टिका दिया, उसकी चूत पर थोड़ी-थोड़ी झांटे थी। फिर मैंने उसकी गांड पर धक्का मारा तो वो बहुत ज्यादा टाईट थी तो मेरा लंड अंदर नहीं गया और वो ज़ोर से चिल्लाई और वो मेरे नीचे से फिसल कर साईड में हो गयी और बोली कि गांड में नहीं सीधा चूत में डाल नहीं तो में चली जाउंगी।

फिर मैंने उसे ओके बोला और उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो बन गयी और बोली कि कहा ना गांड में मत डालना तो मैंने कहा कि ओके। फिर मैंने पीछे से उसकी चूत पर अपना लंड रखा, उसकी चूत बहुत गीली थी और ज़ोर से धक्का मारा तो वो थोड़ी चिल्लाई और मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया। वो शादीशुदा होते हुए भी उसकी चूत टाईट थी। फिर में उसकी कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। अब वो मौन करने लगी, हाईईई उउउईईई माँ, चोद मुझे, पूरा डाल जड़ तक, डाल आआआआ। अब में उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था, उधर रिचा भी हमारी चुदाई देखकर गर्म हो गयी थी और कुर्सी पर बैठकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी। फिर मैंने उसे पास में बुलाया और अब वो मेरे पास में आकर बैठ गयी। अब मेरा लंड रीना की चूत में था और रिचा के बूब्स मेरे मुँह में थे, आअहह दोस्तों क्या मज़ा था? एक साईड में रीना की चुदाई कर रहा था तो दूसरी साईड में रिचा के बूब्स चूस रहा था और उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

अब वो दोनों बहुत गर्म हो चुकी थी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी, अब मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था। तब रीना अपनी गांड आगे पीछे करके मेरा लंड अपने आप ले रही थी, तभी मुझे शरारत सूझी तो मैंने रिचा के कान में कहा कि रीना की टांगे पकड़ो और उसे हिलने मत देना। फिर रिचा ने मेरी तरफ शरारत भरी नज़र से देखा और उसकी टाँगे पकड़ ली। अब मैंने रीना की चूत से लंड बाहर निकाला जो पूरा गीला था और उसकी गांड पर रख दिया। फिर वो बोली कि कहा था ना गांड में मत डालना, लेकिन तब तक मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी गांड में जाकर फँस गया। फिर वो ज़ोर से चिल्लाई उूउउइईई माँ माररर डाला निकाल इसे, अब वो भागने लगी थी, लेकिन रिचा ने उसे कसकर पकड़ा हुआ था, अब वो छटपटाने के अलावा कुछ नहीं कर सकती थी।

रीना : रिचा छोड़ मुझे मादरचोद, यह मेरी गांड फाड़ देगा, आआअहह बहुत दर्द हो रहा है।

फिर रिचा हँसने लगी और मैंने अपना पूरा दवाब उसकी गांड पर डाल दिया। अब मेरा लंड पूरे से थोड़ा कम उसकी गांड में था। अब वो चिल्ला रही थी, मुझे नहीं चुदवाना, छोड़ो मुझे। फिर मैंने बुरी तरह से उसकी गांड मारनी शुरू कर दी। अब उसकी चीखे निकल रही थी। फिर धीरे-धीरे उसका दर्द कम हुआ और उसकी चीखे सिसकियों में बदलने लगी। अब वो मजे लेने लगी थी और बोलने लगी कि आशु फाड़ मेरी गांड, मेरे राजा मुझे ज़ोर से चोद। अब रिचा बहुत गर्म हो गयी थी। फिर उसने अपनी चूत रीना के मुँह पर लगा दी, आआहह क्या नज़ारा था? अब में रीना की गांड मार रहा था और रिचा अपनी चूत रीना से चटवा रही थी। अब मेरा होने वाला था फिर मैंने कहा कि कहाँ निकालूं? तो रीना बोली कि मेरी चूत में निकाल दो।

फिर मैंने उसे सीधा किया और अब मैंने उसकी एक टाँग उठाकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और रिचा रीना के मुँह पर बैठ गयी। अब रीना बड़े मज़े से अपनी जीभ उसकी चूत में डाल रही थी और में रीना को चोदने लगा, आआहह आआआ आज़ा मेरे राजा आज तूने मेरी चूत और गांड फाड़कर रख दी और फाड़ आआआहह। अब में लगातार उसे चोदता रहा और रीना झड़ गयी और में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और साईड में होकर लेट गया। अब सब बेड पर पड़े थे, तभी मेरा माल रीना की चूत से थोड़ा-थोड़ा टपकने लगा था। अब रिचा यह देखकर रीना की चूत चाटने लगी और पूरा रस अपने मुँह में भरकर रीना को किस करते हुए उसके मुँह में छोड़ दिया। फिर उन दोनों ने मेरा माल पिया और फिर मेरे लंड को चाटकर साफ किया ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Stories – Aunty Banaya Chudai Ka Majbut Plan

प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राहुल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 24 साल है.. में दिखने में बहुत अच्छा लगता हूँ और यहीं दिल्ली में रहकर एक बहुत बड़ी कम्पनी में नौकरी करता हूँ। दोस्तों अब आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह कहानी आज से तीन महीने पहले की है और यह एक सच्ची घटना है जो कि मेरे साथ हुई है। दोस्तों आज में इसे कामुकता डॉट कॉम पर आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ और में जब भी टाईम मिलता है.. इसकी सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ क्योंकि मुझे बहुत अच्छा लगता है और मेरे मन को बहुत सन्तुष्टि मिलती है.. क्योंकि में एक दो दिन में इसकी स्टोरी को पढकर मुठ जरुर मार लेता हूँ और में इसका बहुत बड़ा फेन हूँ।

दोस्तों एक दिन में अपने दोस्त के यहाँ से कटरा की बस में से वापस आ रहा था और रविवार का दिन होने के कारण बस में कुछ ज़्यादा भीड़ नहीं थी। में लेडीस सीट के बिल्कुल पीछे वाली सीट पर बैठ गया और कुछ देर के बाद मेरे पास वाली सीट पर एक आंटी आकर बैठ गई जो कि उम्र में करीब 32 या 34 की होगी.. वो बहुत ही सुंदर और हॉट दिख रही थी। में उसे पीछे मुड़कर देख रहा था और वो समझ गयी कि में उसे देख रहा हूँ। तो थोड़ी देर के बाद वो भी मुझे देखकर स्माईल देने लगी और में बहुत खुश हुआ.. लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि में उससे बात करूं। तो उसने मुझसे पूछा कि आपको कहाँ जाना है? और मैंने उसे बता दिया.. धीरे धीरे वो मुझसे और बातें करने लगी और कुछ देर बाद वो मेरे पास वाली सीट पर आकर बैठ गई। फिर जब भी बस के ब्रेक लगते तो वो एकदम मुझसे और भी चिपक जाती और में भी मौके का फायदा उठाकर उसके बड़े बड़े बूब्स को छू लेता.. लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं कहती.. वो सिर्फ मुस्कुरा देती और में उस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाता गया। तो कुछ देर के बाद उसने मुझे बताया कि उसके पति की दिल्ली में सॉफ्टवेयर की दुकान है और उसका एक 7 साल का लड़का भी है और मुझे उसकी बातों से लग रहा था कि वो मुझमें रूचि ले रही है।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरा स्टॉप आने वाला था तो मैंने हिम्मत करके अपने बेग से एक पेपर निकाला और उसमे अपना मोबाईल नंबर लिखकर वहीं अपनी सीट पर गिरा दिया और उतर गया। तो अगले दिन में जब ऑफिस से आ रहा था तो मुझे उस आंटी का कॉल आया और उसने बताया कि वो पेपर उसने उठा लिए था जो मैंने वहाँ पर फेंक दिया था और उस दिन से हर रोज मेरी उससे बात होने लगी और जब भी मेरी उससे बात होती थी.. तो में केवल उसे चोदने के बारे में सोचता था और फोन पर बात करते करते में उससे धीरे धीरे पूरी तरह खुल गया और हम लोग अब सेक्स की बातें करते थे। तो एक दिन उसने मुझे अपने घर पर बुलाया.. में बहुत खुश हुआ और उस दिन में ऑफिस से छुट्टी लेकर सीधा उसके घर पर चला गया। वो कानपुर की रहने वाली थी और उसने किराए पर एक कमरा ले रखा था और में जब उसके घर गया तो उसने एकदम सेक्सी कपड़े पहने हुए थे जिसमे से उसके बूब्स बाहर आने को बैचेन थे और में उसके जिस्म को देखकर पागल होने लगा और मेरा लंड धीरे धीरे अपने आकार को बदलने लगा था। तभी उसने मेरी लंड की इस हरकत को समझ लिया और वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर कुछ देर बाद उसने मुझे बताया कि उसका पति दुकान पर गया हुआ है और उसका लड़का स्कूल गया हुआ है। तो में समझ गया कि वो मुझे अपनी चुदाई का न्योता दे रही है और शायद वो आज मुझसे अपनी चूत की खुजली मिटाना चाहती है क्योंकि वो मुझे अपनी और आकर्षित करने के लिए बहुत कुछ कर रही थी। फिर उसने मुझे पानी लाकर दिया और में सोफे पर बैठकर पानी पीने लगा.. लेकिन अब भी मेरी तिरछी नजर उसके बूब्स पर ही टिकी हुई थी और उसकी नजर मेरे ऊपर थी। हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे। तो कुछ देर बैठकर बात करने के बाद उसने बोला कि तुम बैठो में अभी दो मिनट में नहाकर आती हूँ और वो बाथरूम में चली गयी और जब वो वापस आई तो उसने एक काली कलर की मेक्सी पहन रखी थी। दोस्तों में क्या बताऊँ वो उस मेक्सी में क्या लग रही थी? वो एकदम सेक्स की देवी लग रही थी और उसके बहुत बड़े बड़े बूब्स, उभरी हुई गांड, पतली कमर, गदराया हुआ बदन, सुराही जैसी पतली गर्दन, एकदम नशीली आखें और पानी में भीगा हुआ बदन जो कि उसके कपड़ो के अंदर से भी उसके गुप्तअंगो को दिखा रहा था.. जिससे उसका पूरा साईज मालूम हो रहा था। में तो उसे देखकर एकदम पागल हो गया और फिर वो कुछ लेने के लिए पीछे की तरफ मुड़ी और मैंने झट से सोफे से उठकर सीधा उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया और किस करने लगा और मुझसे छुटने का नाटक करने लगी.. लेकिन कुछ देर बाद उसने मेरा विरोध करना बंद किया और साथ भी वो मुझे किस करने लगी।

फिर थोड़ी देर किस करने के बाद में उसे अपनी गोद में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया और मैंने उसे बेड पर लेटाकर उसके जिस्म को सहलाना शुरू कर दिया और फिर कुछ देर के बाद मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े खोल दिए और मैंने अपने भी सारे कपड़े खोलकर उस पर टूट पड़ा.. हम दोनों उस समय पूरे नंगे थे और एक दूसरे को किस कर रहे थे और थोड़ी देर किस करने के बाद में उसके बूब्स को चूसने लगा और वो आहे भरने लगी और सिसकियाँ लेने लगी। में आधे घंटे तक उसके बूब्स को चूसता रहा.. उसके बाद हम लोग 69 की पोज़िशन में आ गये.. वो मेरा लंड चूस रही थी और में उसकी चूत चाट रहा था और इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी और में उसका सारा पानी पी गया और फिर कुछ देर बाद मैंने बोला कि में भी झड़ने वाला हूँ तो उसने बोला कि कोई बात नहीं मेरे मुहं में ही झाड़ दो और उसने भी मेरा सारा माल पी लिया और में सीधा होकर लेट गया। फिर 5 मिनट के बाद फिर से उसने मेरा लंड चूसकर खड़ा कर दिया और बोली कि मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है प्लीज़ मुझे चोदो। तो मैंने उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगाया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा।

वो बिन पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी और बोली कि प्लीज इसे पूरा अंदर डालो और मैंने एक ज़ोर का झटका लगाया.. तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.. वो चिल्ला उठी और बोली कि प्लीज़ थोड़ी देर रुक कर पूरा डालना। दोस्तों उसकी चूत बहुत टाईट थी और चुदाई के बीच में उसने मुझे बताया था कि उसके पति का लंड बहुत छोटा है और वो उसे संतुष्ट नहीं कर पता है और थोड़ी देर के बाद फिर से मैंने एक और ज़ोर का धक्का लगाया और मेरा लंड पूरा का पूरा अंदर तक चला गया और उस समय मुझे लगा कि में किसी दूसरी दुनिया में हूँ और में उसे ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदने लगा। तो वो भी अपनी गांड उठाकर मेरे साथ अपनी चुदाई में मज़े ले रही थी और मुझसे चुदवा रही थी.. वो मुझे किस भी किए जा रही थी और फिर कुछ देर बाद वो बोली कि मुझे इतनी ख़ुशी आज तक नहीं मिली थी। थोड़ी के बाद में झड़ गया और उसके ऊपर ही लेटा रहा और करीब 12 बजने वाले थे। तो उसने मुझसे बोला कि एक घंटे के बाद उसे अपने लड़के को लेने स्कूल जाना है.. तो मैंने बोला कि में एक बार तुम्हारी गांड भी मारना चाहता हूँ तो उसने बोला कि आज तक उसके पति ने कभी उसकी गांड नहीं मारी है और वो साफ मना करने लगी और मेरे बहुत मनाने के बाद वो तैयार हुई.. लेकिन वो बोली कि अगर ज़्यादा दर्द हुआ तो वो नहीं करवाएगी। तो मैंने उससे तेल लाने को बोला और वो उठकर चली गई और तेल लेकर आई.. पहले तो मैंने 10 मिनट तक उसकी गांड को चाटा और उसके बाद में अपनी एक उंगली में तेल लगाकर उसकी गांड में डालने लगा। उसकी गांड में मेरी एक उंगली भी नहीं जा रही थी क्योंकि वो बहुत टाईट थी.. लेकिन मैंने किसी भी तरह अपनी पूरी कोशिश करके अपनी एक उंगली उसकी गांड डाली। तो वो दर्द से तड़पने लगी और बाहर निकालने को बोलने लगी.. लेकिन मैंने उसे बाहर नहीं निकाला और थोड़ी देर उंगली को अंदर बाहर करने के बाद उसकी गांड का छेद थोड़ा खुला हुआ था। फिर में कंडोम पर थोड़ा तेल लगाकर अपने लंड को उसकी गांड में डालने की कोशिश करने लगा.. लेकिन वो जा नहीं रहा था। वो हर बार फिसलकर बाहर निकल रहा था। तो मैंने उससे बोला कि अपने मुहं पर एक कपड़ा डालो और मैंने उसकी गांड पर अपने लंड को रखकर एक ज़ोर का झटका दिया.. जिससे मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी गांड में चला गया.. लेकिन वो ज़ोर से चिल्लाने लगी और दर्द से छटपटाने लगी और उसकी आँख से आंसू निकल रहे थे और वो लंड को बाहर निकालने को बोल रही थी.. लेकिन में थोड़ी देर तक वैसे ही रहा और उसके शांत होने का इंतजार करने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर जब वो थोड़ा शांत हुई तो मैंने फिर से एक झटका लगाया और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया और वो बोलने लगी कि प्लीज इसे बाहर निकालो नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी.. लेकिन में बिना कुछ सुनते हुए उसे चोदने लगा और पहले तो वो मना करती रही.. लेकिन थोड़ी देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो वो मज़े से चुदवाने लगी। तो करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद में उसकी गांड में झड़ गया और थोड़ी देर के बाद हम लोग उठे और फ्रेश होने एक साथ बाथरूम में चले गये और फ्रेश होने के बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और वो अपने लड़के को लेने चली गयी और में भी उसे किस करके अपने रूम के लिए निकल पड़ा ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Stories – Chachi ko Taiyar Kiya Chudai Ke Liye

प्रेषक : जावेद खान

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम जावेद खान है और मेरी उम्र 24 साल है। दोस्तों मेरी पूरी लाईफ सेक्स से भरी हुई है और जब मैंने पहली बार कामुकता डॉट कॉम को देखा तो मुझे इसकी सभी कहानियाँ बहुत अच्छी लगी और मैंने सोचा कि अपनी कहानी भी आप सब दोस्तों के साथ शेयर करूँ। यह कहानी मेरी चाची और मेरी है.. मेरी चाची का नाम साईमा है और उनकी उम्र 33 साल, उनका रंग बिल्कुल गोरा है, उनकी हाईट 5.3 होगी, मोटे मोटे होंठ, घने काले बाल, मस्त चाल.. लेकिन सबसे ज़बरदस्त उनके बूब्स और चूतड़ बहुत बड़े बड़े है। उनके 3 बच्चे है और उनके पति मलेशिया में रहते है। दोस्तों मैंने जवानी में क़दम रखते ही उनके बारे में सोचना शुरू कर दिया कि किस तरह में उनके साथ सेक्स कर सकूँ.. लेकिन मुझे कोई भी तरीक़ा समझ में नहीं आया। वो जब भी हमारे घर आती या हम उनसे मिलने जाते तो में जानबूझ कर उनसे गले मिलता और उनकी कमर पर हाथ फेरता.. लेकिन वो मुस्कुराकर इस बारे में ज्यादा नहीं सोचती.. क्योंकि शायद वो मुझे बच्चा समझती थी।

पिछले साल मेरे मम्मी और पापा को गावं में किसी रिश्तेदार की म्रत्यु की वजह से गावं जाना पड़ा तो उन्होंने चाची को जो कि अपने घर पर रहती है हमारे घर बुला लिया ताकि वो यहाँ पर रहकर मुझे खाना तैयार करके दे सके। फिर में जब उन्हे घर ला रहा था तो पूरे रास्ते में यही सोच रहा था कि यह बहुत अच्छा मौका है और इसका फ़ायदा उठाया जाए। फिर में बाजार जाकर कुछ ज़रूरी सामान खरीदकर घर लाया और फिर अपने एक दोस्त को फोन किया और अपनी समस्या उसे बता दी। तो उसने मुझसे कहा कि किसी भी तरह अपनी चाची को अपना तना हुआ लंड दिखा दो.. यह एक आज़माया हुआ तरीक़ा है इससे 90% औरतें आकर्षित हो जाती है और अब मैंने सोचना शुरू किया कि कैसे उन्हे अपना लंड दिखा सकूँ?

फिर उस रात को कोई एसी बात नहीं हुई और मैंने, चाची और उनके 3 बच्चो ने खाना खाया और में अपने रूम में आकर सो गया और चाची से कहा कि मुझे सुबह 10 बजे जगा देना और फिर उस रात को मैंने प्लान बना लिया था कि उन्हे कैसे चोदना है। फिर अगली सुबह उनके तीनो बच्चे स्कूल गए हुए थे.. वो अपने स्कूल बेग अपने साथ में लाए थे और पेपर की वजह से मेरी छुट्टी थी इसलिए में बड़े आराम से सोता रहा और 9:45 पर में उठ गया और मैंने रात को सोते वक़्त अपनी शर्ट तो वैसे उतार ही दी थी और अब अपना ट्राउज़र भी उतार दिया और अपनी आखें बंद करके चाची के आने का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करने लगा। फिर मैंने अपने लंड को हल्का हल्का हिलाया जिससे वो खड़ा हो जाए.. इस दौरान में अपनी प्यारी चाची के ख्याल दिमाग में लाता रहा कुछ वक़्त बाद मेरा लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा हो गया।

तो इतने में 10 बज गए और 2 मिनट बाद मुझे मेरे रूम की तरफ आते हुए चाची की चप्पल की आवाज़ आई और मैंने तुरंत अपनी आखें ठीक से बंद की और ठीक से तैयार हो गया और मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था और में सोच रहा था कि पता नहीं अब क्या होने वाला है। फिर चाची ने जैसे ही दरवाज़ा खोला तो उनके मुहं से निकला जावेद बेटा 10 बज गए है उठ जा और उन्होंने मेरे ऊपर से चादर को हटा दिया। अब में सिर्फ उनकी आवाज सुन सकता था और में उनको देख नहीं सका.. लेकिन उनका मुहं खुला का खुला रह गया होगा.. इसके बाद उन्होंने कुछ नहीं कहा और 2-3 मिनट तक एकदम चुपचाप खड़ी रही.. शायद वो मेरे तने हुए लंड को घूर घूरकर देख रही थी। उनकी नजरें मेरे तने हुए लंड से हटने को तैयार नहीं थी। उनके पति पिछले 3 साल से बाहर कहीं पर नौकरी कर रहे थे और उनको यहाँ पर आए हुए भी बहुत समय हो चुका था। अब उन्होंने मेरे पास में बैठकर मेरे हाथ को पकड़कर हिलाया और कहा कि बेटा उठ जाओ 10 बज गए है। तो मैंने धीरे धीरे अपनी आखें खोली और ऐसा नाटक किया कि जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं है कि मेरे शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं है। तभी अचानक मैंने नीचे अपने खड़े हुए लंड की तरफ देखा और उनसे कहा कि सॉरी चाची मेरी पेंट कहाँ गई? और वो मैंने जानबूझ कर बाथरूम में लटका दी थी। फिर चाची मेरे लंड की तरफ देखकर मंद मंद मुस्कुरा रही थी और वो थोड़ी थोड़ी शरमा भी रही थी।

तो मैंने उठकर बाथरूम में जाने की कोशिश की तो उन्होंने मुझे रोक लिया और अपने पास बैठा लिया और मुझसे पूछा कि तुम्हारे कपड़े कहाँ पर है? तो मैंने कहा कि चाची रात को मुझे बहुत गर्मी लग रही थी और फिर में रात को नहाने के बाद ऐसे ही सो गया। तो चाची ने कहा कि ड्रामा मत करो मुझे पता है इस उम्र में सभी लड़कों को औरत की जरूरत होती है और हाँ उन्हे गर्मी तो बहुत लगती ही है.. लेकिन तुम्हारा यह लंड बहुत बड़ा है तुम्हारी तो जल्दी से शादी करा देनी चाहिए। फिर में गर्दन झुकाकर एकदम चुपचाप हो कर बैठा रहा और उनकी बातें सुनने लगा। तो उन्होंने कहा कि मेरी तरफ देखो और मुझसे पूछा कि क्या तुम्हे अब तक किसी लड़की के साथ सेक्स करने का मौका नहीं मिला?

तो मैंने अपना सर हिलाकर कहा कि नहीं.. मुझे आज तक कोई भी मौका नहीं मिला और आज सुबह भी मेरा दिल और दिमाग सेक्स के लिए बहुत ज़ोर से तडप रहा था और शायद इसलिए मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया। तो उन्होंने बड़े प्यार से मेरी तरफ देखते हुए कहा कि अच्छा ठीक है.. में तुम्हे एक बार यह सुंदर मौका दे सकती हूँ.. लेकिन तुम्हे मुझसे वादा करना होगा कि कभी भी किसी को इस बारे में कुछ भी नहीं बताओगे? तो मैंने कहा कि ठीक है में आपसे पक्का वादा करता हूँ कि कभी किसी को नहीं बताऊंगा। तभी मैंने देखा कि यह बात सुनकर उनकी आखों में एक अजीब सी चमक आ गई और मेरा दिल भी खुशी से ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उन्होंने धीरे धीरे अपना एक हाथ आगे बडाते हुए मेरा तना हुआ लंड मज़बूती से पकड़ लिया और धीरे से उसे सहलाने लगी और दूसरे हाथ से मेरे लंड के नीचे की गोलियों को उठाकर देखा और उनसे खेलने लगी। तो मैंने उनसे कहा कि प्लीज चाची इसे अपने मुहं में लेकर चूसो.. लेकिन वो कहने लगी कि नहीं में यह गंदा काम नहीं करूंगी। फिर मेरे बहुत देर समझाने के बाद उन्होंने मेरे लंड को पहले धीरे धीरे डरते हुए अपनी जीभ से चाटा और फिर उसका टोपा अपने मुहं में ले लिया.. शायद अब उनका डर जोश में बदल चुका था और फिर वो लंड बहुत मज़े से चूसने लगी। फिर 5 मिनट के बाद मैंने उनसे कहा कि आप भी अपने कपड़े उतार दें.. तो उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरी नंगी हो गई। में तो उनके बड़े बड़े बूब्स, गदराया हुआ बदन, पतली कमर, बड़ी सुंदर कामुक चूत और गांड को देखकर चकित हो गया। उनकी चूत एकदम गोरी बिना बालों वाली थी और वो बहुत दिनों से बिना चुदी हुई दिख रही थी और फिर मैंने उन्हे जल्दी से बेड पर लेटा दिया और उनके पूरे जिस्म को चूमने चाटने लगा.. उनके बूब्स को चाटने और उन्हे चूसने लगा। बूब्स को चूमते चूमते में उनकी चूत तक आ गया और उसको सूंघने लगा। उसके कुछ देर बाद मैंने उनके दोनों पैरों को फैलाकर उसमे अपनी जीभ को अंदर तक डालकर चाटना शुरू किया। तो चाची में मुहं से चीख निकल गई और वो सिसकियाँ लेने लगी और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाकर.. अपने चूतड़ को उठा उठाकर चूत चटवा रही थी.. लेकिन मुझे लगा कि शायद यह सब उनके साथ पहली बार हो रहा था। फिर 10 मिनट चूत चाटने के बाद मैंने उनसे कहा कि अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता। तो उन्होंने अपने दोनों पैरों को पूरी तरह से खोल दिया और अपने चूतड़ को थोड़ा सा जमीन से ऊपर उठा दिया और अब लंड को चूत में लेने के लिए एकदम तैयार हो गई। तो मैंने अपने लंड को एक हाथ से पकड़ा और उनकी चूत पर रखा और धीरे से एक धक्का दिया.. लेकिन लंड तो पहले से ही गीली चूत में फिसलकर अंदर घुस गया.. तो लंड के अंदर जाते ही मुझे एक अजीब सा अहसास होने लगा और मैंने धीरे धीरे झटके मारने शुरू किए और चाची भी मज़े की वजह से सिसकियाँ लेती रही और कहती रही कि हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे हाँ और चोदो मुझे.. आज मेरी चूत की प्यास बुझा दो और ज़ोर से।

तो मैंने भी जोश में आकर झटके और तेज़ कर दिए और क़रीब 10-15 मिनट के बाद में उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया.. लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और में 3-4 मिनट तक उनके ऊपर ही लेटा रहा और वो मेरी कमर पर, मेरे पूरे शरीर पर हाथ घुमाती रही। फिर उसके बाद मैंने उन्हे होंठो पर किस किया और उठ गया और फिर हम दोनों एक साथ बाथरूम में जाकर नहाए और नहाने के बाद में फिर से गरम हो गया था और मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया.. लेकिन इस बार मैंने उन्हे उल्टा लेटाया और उनके कूल्हों को बहुत जी भरकर प्यार किया और चूमा। फिर मैंने उनकी गांड को थोड़ा सा खोला तो उनकी गांड का छेद देखकर मेरी नियत खराब हो गई.. मैंने अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया और थोड़ा सा उनकी गांड पर भी। फिर पहले तो वो गांड में लंड लेने से मना करती रही और कहती रही कि नहीं मैंने आज तक कभी भी गांड में लंड नहीं लिया और मुझे बहुत दर्द होगा.. लेकिन मैंने बहुत कहकर उसे तैयार कर ही लिया और अपना पूरा लंड उनकी गांड में उनको घोड़ी बना कर घुसा दिया। तो वो बहुत ज़ोर से चिल्लती रही.. लेकिन में मज़े से पागल हो गया था और जब तक उनकी गांड के अंदर झड़ ना गया तब तक उनकी गांड में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारता रहा।

फिर कुछ देर बाद उन्हे भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी.. उन्होंने खुश होकर मेरी चुदाई के तरीके की बहुत तारीफ की और अब मुझे भी बहुत खुशी थी और मुझे अब झड़ने का एहसास हो रहा था और में उनकी गांड में ही झड़ गया और अगले दो दिन तक हम अलग अलग तरह से लगातार सेक्स करते रहे। उसके बाद भी में अब तक जब भी मौका मिलता है उनके साथ सेक्स करता हूँ और वो मेरी चुदाई से बहुत खुश है ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Stories – Mami Ki Chudai Nana Ke Ghar Pe

प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और मेरी उम्र 20 साल है। में बहुत सीधा हूँ, लेकिन ये तो आप भी जानते है कि सीधे लोगो को ही सेक्स की ज़्यादा भूख होती है, क्योंकि उन्हें आसानी से ये सब कुछ नहीं मिलता है, तो अब में सीधे कहानी पर आता हूँ। ये बात 2014 जून की है और में हर छुट्टियों में अपने नाना के घर जाता था, क्योंकि वहाँ मामी माधुरी, उम्र 34 साल और छोटी मौसी श्रुति, उम्र 30 साल रहती थी। में वहाँ इसलिए जाता था कि कम से कम उनकी चूची और गांड तो दिनभर देखने को मिलेगी। उनकी ब्रा और पेंटी में मुठ मारने में बड़ा मज़ा आता था, लेकिन अब श्रुति मौसी की 2 साल पहले शादी हो गई थी, लेकिन इस बार वो भी आने वाली थी तो जिस दिन वो सुबह पहुँची तो शाम को में भी पहुँच गया, उनके एक साल की लड़की भी थी, उसका नाम ऋतु था।

अब में मौसी को 2 साल के बाद देख रहा था और अब उनके बूब्स एकदम बड़े-बड़े और तने हुए रहते थे और गांड भी चौड़ी हो गई थी। मेरे मामा पतले दुबले से है तो मामी अभी भी वैसी थी जैसी शादी के वक़्त लगती थी। मेरे मामा उन्हें ठीक से चोदते नहीं थे, लेकिन उनके भी 2 लड़के थे। अब में गया तो सबने खाना खाया, फिर सोने का इंतजाम हुआ तो वहाँ 3 कमरे थे, एक में नाना नानी रहते थे और बीच वाले रूम में डबल बेड पर में, मौसी और फिर उनकी लड़की और लास्ट वाले रूम में मामा मामी और उनके बच्चे रहते थे। फिर कुछ देर मैंने और मौसी ने बात की और फिर वो सो गई, लेकिन अब मुझे कहाँ नींद आने वाली थी, उन्होंने लाल कलर की साड़ी पहनी थी और मेरी तरफ अपनी गांड करके सो रही थी। फिर में धीरे से उनके पास गया और उनकी कमर को पकड़ा और ऐसे ही सोया रहा। में बचपन से ही ऐसा करता हूँ तो अगर मौसी जाग भी जाती तो कुछ नहीं कहती है।

अब में ऐसे ही कुछ देर पड़ा रहा और तब मौसी पलटी तो उनके बूब्स एकदम से मेरे मुँह के ऊपर आ गये। अब मुझे कुछ समझ में नहीं आया कि क्या हुआ? लेकिन ये में जानता था कि मौसी बेफ़िक्र होकर सोती है, अब मुझे बहुत ही सॉफ्ट-सॉफ्ट महसूस हो रहा था और ये पहली बार था। फिर मैंने हल्की सी अपनी जीभ बाहर निकाली और ब्लाउज के ऊपर से ही चाटने लगा, लेकिन मुझे डर भी बहुत लग रहा था कि अब मेरी आगे कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई। मौसी घर में सबसे पहले 5 बजे उठती है तो मैंने फोन में 4:30 बजे का अलार्म लगाया और हेडफोन लगाकर सो गया ताकि अलार्म सिर्फ़ मुझे सुनाई दे। फिर में 4:30 बजे उठा तो मौसी पीठ के बल सो रही थी। फिर में उनके पास आया और उनके हाथ को मेरी पेंट के अंदर डाल दिया और उनके सीधे हाथ को उनके बूब्स पर रख दिया, ताकि उन्हें लगे कि वो नींद में उत्तेजित हो गई थी और अपने बूब्स दबा रही थी और उनके एक हाथ में मेरा लंड पकड़ लिया था।

अब में मौसी के उठने का इंतजार करने लगा और फिर 5 बजे उनकी नींद खुली और उनका अपने हाथ की तरफ जैसे ही ध्यान गया तो उन्होंने तुरंत अपना हाथ बाहर खींचा और उसके साथ में मेरा लंड भी बाहर आ गया। अब में चोरी से मौसी के चेहरे को देख रहा था, अब वो एकदम डरी हुई थी कि क्या हो गया? फिर उन्होंने मेरे लंड को अंदर नहीं किया, शायद उन्हें डर था कि में जाग जाऊंगा और बस वो चादर डालकर चली गई और मैंने भी अपना लंड अंदर नहीं किया और में भी वैसे ही लेटा रहा। फिर कुछ देर के बाद मामी मुझे उठाने आई तो उन्होंने मुझे 2 बार आवाज़ दी, लेकिन में नहीं उठा तो उन्होंने मेरी चादर खींच दी तो उनकी नज़र मेरे लंड पर पड़ी। फिर उन्होंने कुछ देर तक मेरे लंड को देखा और फिर मेरे लंड को पकड़ा और मेरे लंड के सुपाड़े को अपने अंगूठे से सहलाया और पेंट के अंदर डालकर चली गई। अब में उनके जाते ही उठा और उनके पीछे आने लगा, ताकि उन्हें लगे कि उन्होंने जो किया है, वो मुझे पता है।

फिर उनकी नज़र मुझ पर पड़ी तो उन्होंने कहा कि आप कब उठे? तो मैंने कहा कि जब आप जा रही थी तो आपकी पायल की आवाज़ से उठ गया। फिर वो मुस्कुरा कर चली गई। अब मौसी भी मुझसे नॉर्मल बात कर रही थी और अब में नज़र बचाकर दोनों की चूचीयों को देख रहा था। फिर मौसी नहाकर आई तो में तुरंत बाथरूम में घुस गया ताकि में उनकी पेंटी में मुठ मार सकूँ। फिर जब में अंदर गया तो उनकी काली ब्रा और पेंटी धुलकर बाल्टी में रखी थी। फिर मैंने दोनों को बाहर निकाला और बाथरूम में ऐसे बिछाया, जैसे मौसी ने पहनी हो और अपने सारे कपड़े उतार कर लेट गया और उनकी ब्रा को मसलने लगा और पेंटी पर लंड रगड़ने लगा। अब मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था कि तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया, अब बाहर मौसी थी और उनकी लड़की ने पेशाब कर दिया था तो वो उसके पैर धुलाने के लिए आई थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने अपनी चड्डी पहनी और उनकी ब्रा पेंटी को बाल्टी में डाल दिया, लेकिन ये भूल गया कि मौसी ने उन्हें सारे कपड़ो के नीचे रखा था, लेकिन मैंने उनकी ब्रा पेंटी एकदम ऊपर रख दी थी और ऊपर से मेरी पेंट में भी टेंट बना था। अब में वैसे ही खड़ा था। मैंने छुपाया नहीं तो मौसी ने उसे देखा, लेकिन कुछ नहीं कहा और फिर उनकी नज़र बाल्टी पर पड़ी, शायद वो समझ गई थी कि में क्या कर रहा था? अब वो जाते वक़्त बाल्टी साथ में लेकर चली गई। अब मुझे बड़ा गुस्सा आया, लेकिन मैंने मुठ नहीं मारी और वैसे ही बाहर आ गया और मामी के सामने पंखे के नीचे सिर्फ़ टावल पहन कर पैर ऊपर करके बैठ गया। अब उन्हें मेरा लंड दिख रहा था, अब वो बार-बार मेरे लंड को देख रही थी। फिर दोपहर में मामा, नाना ऑफिस गये थे और मामी के बच्चे स्कूल गये थे और नानी, मौसी पड़ोस में गई थी, तो घर पर सिर्फ़ में और मौसी थे और एक ही बेड पर सोकर बात कर रहे थे। अब में बात करते वक़्त पेंट के ऊपर से लंड सहला रहा था, लेकिन मामी कुछ कह नहीं रही थी और वो बात करते-करते सो गई थी।

फिर जब मैंने देखा कि वो सो गई है तो में तुरंत उठा और उनके बूब्स पर से साड़ी के पल्लू को हटा दिया। अब मेरे सामने उनके ब्लाउज में क़ैद उनके बूब्स थे, फिर मैंने डरते-डरते उनके ब्लाउज के सारे हुक खोल दिए और अब मामी सिर्फ़ सफ़ेद ब्रा में थी। अब मुझे बहुत डर लग रहा था, लेकिन कंट्रोल भी नहीं हो रहा था। फिर मैंने उनके दोनों बूब्स पर हाथ रख दिया और धीरे से दबाया तो अब मुझे बड़ा मज़ा आया और मेरी कुछ हिम्मत भी बढ़ गई। फिर मैंने मामी की ब्रा के अंदर हाथ डालकर उनकी एक चूची को बाहर निकाला और उसे चूमा कि तभी बेल बजी, अब मामा आवाज़ लगा रहे थे। दोस्तों इसके आगे में कुछ नहीं कर पाया ।।

धन्यवाद …

Hindi Sex Stories – Gujrati Bhabhi Ki Chudai Kahani

वैसे तो मेरा नाम ही काफ़ी है गुजरात की औरतों की चूत में हलचल पैदा करने के लिये वैसे आप सभी दोस्त मुझे जानते ही हो.

एक दिन एक मेल आया और मुझसे कहा कि कोन्टक्ट मी तो मैने जवाब दिया और ऑनलाइन टाइम दिया दोस्तो आप यकीन नहीं करोगे उसने मेरे रिप्लाई के लिये ६ घंटे ऑनलाइन वेट किया था (उसने बाद में बताया) और मैं उसे मेल करके अपना पीसी बंद ही कर रहा था कि उसका रिप्लाई मेल ओन थिस स्पॉट आया और उसी वक्त हम ओन-लाइन मिले, मैं ने उससे पूछा तुम कोन हो?

उसने बताया कि मैं २४ साल की विवाहित औरत हूं और आपकी स्टोरी मुझे बहुत पसंद आई मैने पूछा मैने तो बहुत स्टोरी लिखी हैं आपको कौन सी पसंद आई उसने कहा कि वो सुहागरात वाली मैने उसे कहा बोलिये मै आप के लिये क्या कर सकता हूं? उसने कहा कि आप जानते ही हो मैने कहा सॉरी मुझे नही पता तुम क्या कहना चाहती हो ? उसने कहा मुझे बताने में शर्म आती है मैने कहा आप के और मेरे बीच जो बात होगी वो किसी तीसरे को पता नही चलेगी. उसने कहा आइ वांट टो मीट यु एंड एन्जॉय विथ यु मैने कहा आपका मतलब क्या है? उसने कहा तुम बड़े फ़ास्ट हो ओ के मै तुम्हारे साथ सेक्स एन्जोय करना चाहती हूं। मैने कहा -ठीक है,बताओ कब कहां मिलना है?उसने कहा मुझे नहीं पता, तुम ही बताओ। मैने कहा -बतओओ तुम्हारा नाम क्या है और कहां रहती हो? उसने कहा -मेरा नाम पायल है और मै गुजरात में रहती हूं। (आप समझ ही गये होंगे कि ये नाम बदला हुआ है) मैने कहा आपके घर में कौन कौन है उसने कहा -मैं और मेरे पति। मैने कहा तो क्या प्रोब्लम है तुम्हारे घर पर ही मिलते है उसने कहा नहीं, मुझे बहुत डर लगता है, किसी होटल में मिलें?

मैने कहा देखो होटल से घर ज्यादा सेफ़ रहता है कुछ देर बाद उसने कहा ओ के ! मेरे पति अगले मंगलवार को मेरे हबी बिजनेस के काम से बाहर जाने वाले हैं। तुम मुझे अपना फ़ोन नम्बर दे दो, मैं तुम्हे काल करुंगी।

मैने कहा ठीक है। मंगलवार को उसने मुझे फोन किया उसकी आवाज़ बहुत ही सेक्सी थी उसके बात करने का अंदाज भी काफ़ी सेक्सी था उसने कहा कि मेरे हबी १२ बजे बाहर जाने वाले हैं तुम १ बजे आ जाओ और अपना पता दिया मैं ठीक उसके दिये हुये टाइम पर उसके घर पर पहुंचा और डोरबेल बजाई तो उसने दरवाजा खोला मैं तो उसे देखता ही रह गया क्या लुक था उसका ५.१० हाईट, गोरा रंग और सेक्स बम दिख रही थी। मैं तो उसे देखता ही रह गया उसने पूछा क्या है?

पायल?

उसने हां में सर हिलाया मैं ने कहा मैं सुनील हूं।तो उसने मुझे वेलकम किया और हम अंदर गये और उसने दरवाजा बंद कर दिया उसका फ़्लैट काफ़ी शानदार था उसने मुझे बैठने को कहा और वो पानी लेने किचन में चली गई।

उसने साड़ी नाभि के नीचे से बांध रखी थी और जब वो चल रही थी तो उसकी बैक साइड बैकलेस ब्लाउज़ होने की वजह से क्या कयामत ढा रही थी वो पानी लेके आई और पूछा घर ढूंढने में कोई परेशानी तो नहीं हुई मैं ने कहा डियर मैं इसी शहर में रहता हूं क्या परेशानी होती फिर उसने कहा वेल क्या पियोगे चाय, कोफ़ी या कुछ कोल्डड्रिंक्स मैं ने कहा डियर आज मैं तुमको पीने के मूड में हूं तो वो एक मीठी सी मुस्कान के साथ अपनी आंखें बंद की और अपने होंठ आगे किये और कहा लो डियर पी लो काफ़ी गर्म हैं। मैं ने कहा श्योर ! और हम फ़्रेंच किस करने लगे मैं एक हाथ से उसके बालो, गर्दन और बैक को सहलाने लगा और दूसरे हाथ से उसकी जांघे सहलाने लगा और हमारे लिप्स और जीभ एक दूसरे में समा गये १५ किस करने के बाद उसने कहा रवि यहां नहीं बेडरूम में चलो मैं ने कहा चलो जान ! फिर वो मुझे बेडरूम में ले गई और वो आगे चल रही थी और मैं उसके पीछे बेडरूम में जाके मैं ने उसे पीछे से पकड़ कर अपने से जकड़ लिया और उसके बूब्स दबाने लगा और उसकी गर्दन और कंधे पर किस करने लगा धीरे से उसके कान पर लव बाइट किया तो तिलमिला उठी और घूम कर मेरे सीने से लिपट गई, मैं उसकी पीठ और हिप्स को सहलाता रहा और वो मुझे कसके पकड़े खड़ी रही।

फिर मैने उसका चेहरा जो मेरे सीने में उसने छुपा लिये थे वो ऊपर किया और हम किस करने लगे मैं ने उसके बूब्स सहलाते सहलाते उसकी साड़ी उतार दी और ब्लाउज़ के ऊपर से उसके बूब्स दबाने लगा वो आआआआअह्हह्ह आआआआआअह्ह करने लगी फिर मैं ने एक हाथ उसके पेटीकोट के ऊपर से उसकी चूत पर रखा तो वो पहले से ही गीली हो गई थी मैं ने चूत को थोड़ा सहलाया फिर उसके ब्लाउज़ और पेटीकोट को उतार दिया और वो मेरे सामने केवल ब्रा और पैंटी में खड़ी खुले रेशमी बाल ऐसा लगता था कि कोई मार्बल का स्टेच्यु हो वो किसी फिल्म में। पायल को मैं ने उसे सर से लेकर पांव तक बोडी हर एक पार्ट को चूमा वो मेरे हर एक किस पर सिसकती जाती थी फिर वो बोली के मुझे और मत तड़पाओ डियर अब मुझसे सब्र नहीं होता उसने मेरे सारे कपड़े फ़टाफ़ट निकाल दिये और मेरी बोडी को अपने हाथों से सहला के मेरे डिक को पकड़ के सहलाने लगी और नीचे घुटनो के बल बैठ के मेरे लौड़े को मुंह में लेके लोलीपोप की तरह चूसने लगी मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था दोस्तो पूरी बोतल का नशा छा रहा था मैं मदहोश हुआ जा रहा था क्या बताऊं क्या हालत हुई थी मेरी उसके लंड चूसने से।

फिर मैं ने उसे उठाया और हम बेड पे गये मैं ने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी और उसको लिटा कर उसे किस किया फिर उसके बूब्स क्या कयामत थे उसे दबाया और उसकी निप्पल को चूसा जब मैं उसकी निप्पल पे अपनी जीभ घुमाता था तब वो आअह्हह्हह्हह स्सस्सस्सस्सहुसूऊऊऊऊओ और दबवूऊऊऊओ आआआआआआअ मज़ा आआआआआअ रह्हह्हह आआआआअहे दियर सच कहूं दोस्तो वो इतनी फ़ेयर थी कि जब मैं ने उसके बूब्स दबाये तो वो एकदम लाल हो गये फिर थोड़ा नीचे होकर मैं ने उसकी नाभि में जीभ घुमाई तो वो मेरे बालों को पकड़ कर मुझे हटाने लगी फिर मैं थोड़ा और नीचे हुआ और उसके दोनो पैरों को खोल कर उसकी चूत पर मैं ने अपने होंठ रहे और किस किया वो बोली कितना तड़पा रहे हो

कल्प प्लीज़ जल्दी से खा जाओ इसे मैं उसकी क्लीन शेव चूत को बड़े मज़े लेकर चाटने लगा मेरी जीभ से ही वो दो बार झड़ गयी उसकी आवाजें सुन कर तो मुझे ऐसा लगा कि वो जिंदगी मैं पहली बार चुदवा रही हो ऐसा रियेक्ट कर रही थी उसने कहा कि तुमने तो मुझे चाट कर के ही ढीला कर दिया मैं ने कहा मेरी जान तुमने एंजोय ही तो करना था न बोलो हुआ कि नहीं एंजोय, उसने कहा हां बहुत फिर मैं साइड में लेट गया और वो मेरे लंड को थोड़ी देर चूस ने के बाद मेरे लंड के उपर सवार हो गई क्या स्ट्रोक लगा रही थी वो।

दोस्तो जब वो मेरा लंड अपनी चूत में लिये आगे पीछे हो रही थी और आह्ह्हाअह कम ओन आह्ह्हाअह आआ अह आह कर रही थी उसके बूब्स जो उछल रहे थे उसे देख कर मेरा सेक्स पावर और बढ़ गया वो मेरे सीने को सहलाते हुए स्ट्रोक कर रही थी और साथ साथ में किस भी कर रही थी और में उसके गोरे गोरे बूब्स भी दबा रहा था वो तो आह्ह्हाअह आह्ह्हाअह आआ अह आह कम ओन मी चोदो चोदो मुझे फ़क मी ! कर रही थी समझ में नहीं आ रहा था कि वो मुझे चोद रही है या मैं उसे चोद रहा हूं वो ऐसे ही दो बार झड़ गई और बोली बस अब और नहीं तो मैं ने कहा डियर अभी तो तुम्हारा ही हुआ है मेरा तो कुछ एंजोयमेंट करो तो वो साइड में सो गई और मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी लाल लाल चूत में लंड डालकर उसे चोदने लगा थोड़ी देर में मेरा भी निकलने वाला था तो मैं ने कहा कि आइ एम कमिन्ग्। उसने कहा डोंट वरी, अंदर ही डाल दो मैं गोली ले चुकी हूं और मैं उसे चोदते चोदते उसकी चूत में ही झड़ गया मेरे कम से उसकी चूत चिकनी हो गई फिर हम रिलेक्स होकर बेड पे लेट गये एक दूसरे को चिपक कर।
फिर मैं ने उससे पूछा कि डियर तुम क्या अपने पति से संतुष्ट नहीं हो क्या तो उसने कहा कि मैं अपने पति से बहुत संतुष्ट हूं तो मैं ने पूछा तो तुम मेरे साथ एंजोय करना क्यों चाहती थी तो उसने कहा कि रोज एक ही तरीके के सेक्स से बोर हो गई थी तो सोचा कुछ अलग करुं तो मैं ने कहा तो कैसा रहा तो बोली आइ एम वैरी हैपी! तो मैने कहा जिसको जो चाहिये वो मिल ही जाता है तो बोली लेकिन हम ये सब दोबारा नहीं करेंगे। तो मैने उसे कहा कि डियेर जो तुम्हारी मर्जी फिर हम बाथरूम में जाकर फ़्रेश हुए और फिर मैं कपड़े पहन अपनी फ़ी लेकर वापस चला आया और फिर हम एक दूसरे को भूल गये नहीं कभी उसने मुझे सम्पर्क किया न ही मैने कभी्।

समाप्त

महिला ओर पुरुष के लिए सेक्स सफल बनने के नुस्खे

औरतों के लिए-

1. सेक्स करने से पहले आपने आंतरिक अंगों को साफ़ करें..

2. सेक्स से पहले नहा लें।

3. नहा कर धुले और हल्के पारदर्शी कपड़े पहन लें.. जिसमें आपके जिस्म के अन्तरंग हिस्से साफ़-साफ़ झलकें।

4. इसका कारण ये है.. अगर आप नहा कर सेक्स करेंगे तो इन्फेक्शन होने का ख़तरा कम रहता है और पारदर्शी कपड़े पहनने से साथी को सेक्स करने का निमंत्रण होता है.. आपके पार्ट्नर को आकर्षित करने का एक आवश्यक कार्य होता है।

5. कोई हल्की खुश्बू वाला इत्र अपने बदन पर जरूर लगाएं।

6. नहा कर आने के बाद बाल बिखरे और गीले हों.. जिसमें से पानी की हल्की-हल्की बूंदें टपक रही हों।

7. ब्रा और पैन्टी मॉडर्न और आकर्षित करने वाली पहनें.. जिससे आपका पार्ट्नर आपकी तरफ अधिक आकर्षित हो और आपको कहे ‘सो सेक्सी डार्लिंग..’

8. और हाँ.. नहाने से पहले अपनी जाँघ और चूत के बालों को पूरी तरह से क्लीन कर लें.. उसे चिकना और रपटदार बनाएं।

9. कमरे में और बिस्तर पर आते टाइम अपने पार्ट्नर को कुछ मादक और सेक्सी सिंगनल्स दें.. जैसे- फ्लाइयिंग किस.. आँख मारना, सेक्सी अंगड़ाई लेना।

10. अगर संभव हो तो दोनों मिलकर ब्लू फिल्म इंडियन वाली देखें..

11. थोड़ी देर बाद आप और आपका पार्ट्नर उत्तेजित हो जाएगा.. जिससे आप उसका लंड सहलाने लगें और उसकी छाती पर हाथ फेरने लगें..

12. ये औरत की ज़िम्मेदारी होती है कि वो कमरे को सेक्स करने से पहले साफ़ और खुश्बूदार बना ले.. ताकि वो आपके पार्ट्नर को आकर्षित कर सके और कमरे में सेक्स करने की जगह शांत होनी चाहिए.. कोई ऐसा शोर-शराबा ना हो जो चुदाई में विघ्न पैदा करे.. वहाँ पर आपकी कामुक सिसकियों की आवाज़ साफ़-साफ़ आपके पार्ट्नर के कानों में पड़ना चाहिए।

13. अब आप पूरी तरह से उसको अपने आपको सौंप दें।

14. उसको हर काम में सहयोग दें.. कपड़े उतारने में.. और सेक्स पोज़िशन लेने में..।

15. अपना जिस्म ढीला छोड़ दें और उसकी बाँहों में आ जाएं।

16. जब आपका पार्ट्नर धक्के मारे तो हल्की मादक आवाज़ निकालें और उसको सहयोग दें.. ना कि कोई रुकावट उत्पन्न करें।

17. यदि आप अपने पार्ट्नर से पहले डिसचार्ज हो जाती हैं.. तो उसको धक्के मारने दें और डिसचार्ज होने दें.. नहीं तो इससे आपका पार्ट्नर झुंझला जाएगा।

18. हर बार डिसचार्ज होने के बाद और अगले दौर से पहले अपना सफ़ेद पानी को.. जो आपकी योनि से आ रहा है उसको साफ़ कर लें.. इसके लिए एक साफ़ कपड़ा या टिश्यू पेपर अपने पास रखें।

19. प्रयास करें कि आपका पार्ट्नर आपसे वाइल्ड सेक्स ना करे.. क्योंकि इससे फीमेल की योनि घायल हो सकती है.. और कई आंतरिक चोटें भी आ सकती हैं।

20. पीरियड्स या महीनों के दिनों में कभी भी सेक्स ना करें.. क्योंकि इससे आपके पार्ट्नर को इन्फेक्शन हो सकता है!

21. कोई भी कामोत्तेजक दवा आदि ना इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे सेक्स तो बहुत आता है.. पर सुबह होने पर टायलेट में बहुत जलन.. एलर्जी.. और सरदर्द.. उल्टी और बदन टूटना जैसी प्रॉब्लम्स हो जाती हैं.. क्योंकि आप अपनी क्षमता से ज़्यादा सेक्स कर लेती हैं.. जो नुकसानदायक है।

22. प्रयास करें कि कभी भी गुदामैथुन ना करें.. क्योंकि ये बहुत ही कष्टकारी होता है और बवासीर जैसी बीमारी होना का डर रहता है।

23. गर्भवस्था में सेक्स ना करें क्योंकि ये बच्चे को नुकसान पहुँचाता है।

24. कभी भी मर्दों का सफ़ेद पानी (स्पर्म) ना पिएं.. क्योंकि इससे इन्फेक्शन हो सकता है।

 

25. सेक्स के बाद सुबह अपनी योनि किसी अच्छे साबुन से दो बार साफ़ करें।

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पुरुषों (मर्दों) के लिए-

1. अपनी पार्ट्नर या बीवी को अपनी गुलाम या कोई वेश्या ना समझें।

2. उसकी इच्छा को भांपें.. वो आपसे क्या चाहती है.. अगर वो आज रात सेक्स नहीं चाहती.. तो उससे जबरदस्ती ना करें.. अगर आप करेंगे.. तो वो प्यार नहीं.. रेप होगा.. जिससे वो आपको जीवन भर अपना तन और मन नहीं दे पाएगी। वो आपको जानती भी नहीं थी.. तब भी पहली ही रात आपको अपना दिल और जिस्म दोनों सौंप देती है।

3. आप सेक्स करने से पहले अपना लंड अच्छी तरह से क्लीन करें उसके बालों को शेव करें और उसे साबुन से साफ़ करें।

4. आप भी सेक्स से पहले नहा लें और कोई महकता हुआ पाउडर अपने जिस्म पर लगाएं।

5. कुछ मर्दों की बॉडी बहुत सॉलिड होती है जिससे देखकर लड़कियां अपना सब कुछ उन्हें सोंप देती हैं.. तो कोशिश करें कि आपकी बॉडी इस तरह से मेनटेन रहे।

6. लड़कियों को ये ना दिखे कि मर्द लोग पावरफुल होते हैं.. आपके मन में भी उसके प्रति समर्पण की भावना होनी चाहिए। ऐसे मर्दों से लड़की ज़्यादा इंप्रेस होती है।

7. आप का उत्तरदायित्व है कि आप लोग सेक्स से पहले लड़की को अच्छे से गरम करें.. याद रखें.. एक लड़की योनि को और अपने स्तनों को चूसने मात्र से ही गरम हो जाती है।

8. आप पहले उससे मीठी-मीठी बातें करें। उसके कानों की लौ को प्यार से चुभलाएँ और उसके पूरे बदन पर किस करें.. जिससे उसके रोंगटे खड़े हो जाएं।

9. धीरे-धीरे उसके बदन के कपड़े उतार दें.. फिलहाल ब्रा और पैन्टी छोड़ दें।

10. उसको किस करें और उसके मम्मों को दबाएं.. पहले हल्का फिर थोड़ा से जोरदार.. ऐसे ना भींचें जिससे उसको दर्द हो।

11. साथ ही उकी चूत में हल्की सी उंगली करते रहें।

12. यदि लड़की के निप्पल टाइट और चूत पानी देने लगे.. तो समझ जाना चाहिए कि लोहा पूरी तरह से गरम है यही टाइम है चोट करने का.. मतलब उसके साथ समागम करने का।

13. अब उसकी ब्रा-पैन्टी उतार दें.. उसके दोनों दूध पिएं.. एक-एक कर.. साथ में चूत में उंगली करते रहें।

14. इसके बाद चूत पर आ जाएं.. पहले किस करें.. बाद में उसकी चूत के होंठ खोल कर जीभ से उसका अमृत पिएं.. जिससे वो सिसकियां लेने लगे।

15. कोशिश करें आपकी जीभ उसके लाल दाने तक पहुँच जाए.. क्योंकि लाल दाना जो चूत के अन्दर होता है उसके छूने मात्र से ही लड़की उत्तेज़ित हो जाती है..

16. अब वो तैयार है सेक्स के लिए।

17. ध्यान रहे.. अपना लंड तीन धक्के में उसकी बुर में डालें।

18. सेक्स करते टाइम उसको गाली ना दें जैसे रंडी.. साली.. कुतिया.. हरामजादी.. क्योंकि ये इंसान की घटिया मानसिकता को दर्शाता है।

19. उसके प्यार भरे शब्द इस्तेमाल करें, जैसे- जानम.. प्रिये.. डार्लिंग.. आदि..

20. अब आप धक्के मारें.. शुरू में हल्के-हल्के मारें.. थोड़ी देर बाद उसकी स्पीड बढ़ा दें और ऐसा प्रतीत हो कि आप उसे प्यारे दे रहे हैं.. उसका बदन कुचल नहीं रहे हैं।

21. कई बार ऐसा होता है कि मर्द को चार बार में संतुष्टि मिलती है और औरत 2 या 3 बार में ही संतुष्ट हो जाती है। इस केस में आप उससे ज़बरदस्ती ना करें.. बल्कि अपना लिंग उसके मुँह में देकर या हस्तमैथुन से अपनी उत्तेजना शांत करें।

22. महीनों के दिनों में.. या गर्भवस्था के दौरान उससे सेक्स ना करें.. क्योंकि वो आप और उसके दोनों के लिए विनाशकारी होगा।.

23. यदि आप ये जानना चाहते हैं कि आपकी पार्ट्नर आपसे सेक्स करते टाइम संतुष्ट हुई या नहीं.. इसका सबसे अच्छा तरीका ये है कि जब वो ‘बस-बस’ कहने लगे और वो आपको कसकर पकड़ ले.. उसकी सांस फूलने लगे और उसे पसीना आने लगे.. तो समझ लीजिएगा कि वो अब चरम पर आ चुकी है।

24. सबसे बड़ी बात उसको अपना समझो, जो उसे पसंद हो, वो करो !

Hindi Sex Stories – भाभी के संग पहली बार सेक्स

मेरा नाम सुनील( बदला हुआ नाम) है. मेरा घर छत्तीसगढ़ के कोरीया जिले में एक छोटे से गाँव में है। मैं निरंतर आप सबकी प्यारी अन्तर्वासना.कॉम का पाठक हूँ।
मैं अपनी पहली कहानी आप लोगों के पास भेज रहा हूँ।

उस समय मैं 12वीं क्लास में था, मेरे भैया की शादी होने वाली थी। उस समय मेरे घर में केवल एक ही मोबाइल था.. जो मेरे पास रहता था।

जब भैया की शादी तय हुई.. तो जब कभी भी मेरी भाभी ममता को कोई चीज़ पूछनी होती थी.. और वो फोन करती थीं.. तो फोन मैं ही उठाता था।
इस तरह से शादी से पहले ही भाभी से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी।

फिर भैया की शादी हो गई.. जब भाभी पहली बार घर आईं.. तब मैंने भाभी का कोमल बदन देखा.. वो बहुत प्यारी लगती थीं.. और सेक्सी भी बहुत थीं। उनकी आयु उस समय 18 साल की थी.. और वो 11वीं क्लास में थीं। वो थीं तो मुझसे भी छोटी.. मगर उनके मम्मे एकदम कड़क दिखते थे.. एकदम बड़े-बड़े.. जबकि वो स्लिम थीं..

मैं उनको देखते ही उन पर फिदा हो गया और उनको चोदने का ख़याल मेरे मन में आने लगा।
वो मेरे साथ दिन बिताती थीं.. मेरे बगैर खाना नहीं खाती थीं। जब मैं देर से घर आता.. तो मेरा इन्तज़ार करती थीं, तब जाकर हम खाना खाते थे.. क्योंकि शादी से पहले ही हम खूब बात किया करते थे.. तो एक-दूसरे के प्रति उस समय से ही रुझान बढ़ गया था..
मगर मैंने अपने मन से भाभी को चोदने का ख़याल हटा दिया.. क्योंकि वो मेरी भाभी थीं और हमारे परिवार वाले सभी एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और विश्वास करते हैं।
जिस कारण मेरे और मेरे भाभी को साथ खाने से बहुत रात तक साथ रहने से कोई नहीं रोकता था।

मैंने पूरी तरह से यह बात दिमाग़ में डाल ली थी कि मैं भाभी को ग़लत नज़रिए से कभी नहीं देखूँगा।
मगर एक दिन मैं अपनी फोटो लेकर कॉलेज में फर्स्ट इयर के एड्मिशन के लिए जा रहा था.. तो भाभी ने मेरी फोटो छीन लीं.. और वो मेरे बहुत मांगने पर भी नहीं दे रही थीं।

मैंने फोटो लेने की बहुत कोशिश की लेकिन उनसे नहीं ले पाया। मैं निराश होकर जाने लगा.. तो भाभी ने फोटो अपने ब्लाउज के अन्दर डाल लीं और बोलीं- निकालने की हिम्मत है तो निकाल लो..

आज एडमिशन की लास्ट डेट भी थी.. और मुझे देर भी हो रही थी। मेरे पास दूसरे फोटो भी नहीं थे.. तो मेरे पास हाथ डाल कर निकालने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था, मैंने भाभी के ब्लाउज के अन्दर हाथ डाल दिया।

भाभी एकदम से सिहर उठीं। हाथ अन्दर डालते ही मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.. तो मैंने भाभी के मम्मों को दबा दिया और फोटो ढूँढने का बहाना करके थोड़ी देर तक हाथ उनके अन्दर ही रहने दिया।
भाभी को भी मज़ा आ रहा था.. वो बस हँस रही थीं।

तभी मेरी बहन मोबाइल माँगने के लिए आ गई.. उसे देख कर मैं डर गया। मैंने तुरंत हाथ खींच लिया.. शायद मेरी बहन ने ये सब देख लिया था.. मगर वो कुछ नहीं बोली और मोबाइल लेकर चली गई।

अब मैं कॉलेज चला गया.. और दिन भर भाभी को चोदने के बारे में सोचता रहा। घर आते वक़्त मैंने भाभी के नाम की तीन-चार बार मुठ भी मारी। मैंने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था..

अब मैं मौके की तलाश करने लगा। मेरे पापा और एक भाई बड़े शॉप में नाइट ड्यूटी करते हैं। उस दिन मेरे पापा और मेरी माँ कहीं रिश्तेदार के यहाँ गई थीं और मेरे भैया ड्यूटी गए थे। मुझे मौका मिल गया.. मेरे घर में 3-4 कमरे ही हैं। उस रात घर पर में मेरी बहन और भाभी ही थीं।

मेरी बहन मेरी भाभी की उम्र की ही है.. मगर वो एक बार सो जाती है.. तो उसे जगाना बहुत मुश्किल हो जाता है।
जब मैं रात को घर आया.. तो मेरी बहन सो गई थी.. भाभी ने दरवाजा खोला।
मेरे अन्दर आते ही उन्होंने बता दिया कि भैया घर में नहीं हैं और मम्मी-पापा भी बाहर गए हैं।

मैं तो था ही मौके की तलाश में..

जब भाभी मुझको खाना देने लगीं.. तो मैंने पीछे से उनको कस कर जकड़ लिया। भाभी एकदम से कसमसाईं.. मैं उनके पीछे से ही उनके मम्मों को दबाने लगा।
भाभी थोड़ा मना करने लगीं और अपने आप को मुझसे छुड़ाने लगीं। फिर मुझे धक्का देकर अलग कर दिया.. मैं डर गया और भाभी को सॉरी बोला- आप भैया को ना बताएं.. मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगा।
वो मान गईं।

मेरा लंड एकदम से तन गया था.. इस कारण में अभी भी जोश में था। मैंने खाना खाया और सोने चला गया। भाभी और बहन मेरे ही कमरे में सोई हुई थीं।
उनका बिस्तर नीचे ज़मीन पर लगा था.. क्योंकि अकेले उनको थोड़ा डर लगता था।
मैं फिर से भाभी को चोदने के लिए सोचने लगा और प्लान बनाने लगा।

जब भाभी सो गईं.. तब मैं धीरे से उठा और भाभी के साइड में जाकर सो गया मुझे डर लग रहा था कि भाभी ने अभी थोड़ी देर पहले ही मना किया था.. लेकिन मैं हवस की आग में जल रहा था.. मैं धीरे-धीरे भाभी के मम्मों को सहलाने लगा.. और भाभी से चिपक गया।

थोड़ी ही देर में भाभी जाग चुकी थीं और गर्म भी हो चुकी थीं.. जिस कारण उन्होंने धीरे से मेरे कान में कहा- तुम क्या कर रहे हो.. अभी मैंने मना किया था और बहन जाग गई तो?
इस बात से मेरी समझ में आ गया कि भाभी चुदने को तैयार हैं.. मगर बहन की वजह से डर रही हैं।
मैंने कहा- वो नहीं जागेगी.. उसको उठाना मुश्किल काम होता है।

उन्होंने मुझे अपने बिस्तर में जाने को कहा.. पर मैं नहीं माना और भाभी के मम्मों को दबाता रहा.. धीरे-धीरे भाभी और गरम हो गईं.. तो मैंने उनके ब्लाउज के बटन खोलने लगा.. वो मना करने लगीं मगर थोड़ी देर बाद मान गईं।
भाभी ने कहा- तुम्हारे बिस्तर पर चलते हैं।

मैं मान गया और हम दोनों मेरे बिस्तर में आ गए, मैंने उनके ब्लाउज को खोल दिया, अब वो मेरे सामने आधे कपड़ों में थीं, उनके एकदम गोल-गोल.. दूध से सफेद मम्मे दिख रहे थे।
मैं तो यह देखकर एकदम से उन पर झपट पड़ा.. और उनको चूसने लगा।

भाभी के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं और वो मेरे सर को पकड़ कर अपने मम्मों में दबाने लगीं।
वो धीरे से मेरे कान में बोलीं- मैं तुमसे कब से चुदवाना चाहती थी.. मगर तुमने कभी शुरूआत ही नहीं की।
मैं यह सुन कर दंग रह गया और उनके मम्मों को यूँ ही चूसे जा रहा था, भाभी सिसकारियाँ ले रही थीं।

फिर मैंने भाभी की साड़ी और पेटीकोट को भी उतार दिया। भाभी काले रंग की पैन्टी में थीं.. एकदम गोरी-चिट्टी दिख रही थीं। मैं ऊपर से ही भाभी की चूत को मसलने लगा, भाभी एकदम मस्त हुए जा रही थीं.. मैंने उनकी पैन्टी को भी उतार दिया।
भाभी की चूत भी गोरी थी.. उस पर एक भी बाल नहीं था.. शायद उन्होंने आज ही शेविंग की थी।

मैं उनकी चूत को ऊपर से रगड़ने लगा भाभी के मुँह से ‘श्श्हह..’ की आवाज़ निकल रही थी।
मैंने दो उंगलियां उनकी चूत में घुसा दीं और उंगली से ही भाभी को चोदने लगा.. भाभी मज़े ले रही थीं।
मेरा एक हाथ उनके मम्मों में और एक हाथ उनकी चूत में था और उनके होंठों को चूसे जा रहा था।

भाभी मुझे कस कर पकड़ रखे थीं। थोड़ी देर में भाभी अकड़ने लगीं और मुझे कस कर दबाया और झड़ गईं। मेरे हाथ में भाभी का सारा रस आ गया।

फिर मैं भाभी को फिर से गरम करने लगा। करीब 5 मिनट बाद भाभी फिर गरम हो गईं और मेरा साथ देने लगीं।
इस बार मैंने देरी ना करते हुए उनकी टाँगों को अलग करते हुए फैलाया। अपने लंड के टोपे में थोड़ा थूक लगाया और भाभी की चूत की दरार में डाल दिया।

भाभी सिहर उठीं.. उनको थोड़ा दर्द हुआ। यह मेरा फर्स्ट टाइम था जब मैं किसी के साथ सेक्स कर रहा था.. तो शायद मेरे लंड की चमड़ी कट गई थी.. मुझे भी थोड़ा दर्द हो रहा था।
मैंने देखा- भाभी की चूत से खून बह रहा था.. मगर मैं समझ गया कि यह भाभी का खून नहीं.. बल्कि मेरा है।

थोड़ी देर तक लौड़ा डालकर यूँ ही भाभी को किस किए जा रहा था.. पर भाभी अपनी चूत उठा-उठा कर मुझे चोदना चाह रही थीं.. शायद उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
मैंने भाभी की कमर पकड़ी और लंड को अन्दर-बाहर करने लगा।

भाभी ‘आहह.. आहह..’ करने लगीं। मैं उनके होंठों को दबा कर रखे हुए था.. ताकि उनकी आवाज़ ज्यादा ना हो सके।

लेकिन मेरी चुदाई की स्पीड बढ़ने से मेरी बहन जाग चुकी थी.. मैंने ध्यान दिया कि वो हमारी तरफ चादर हटाकर चुपके से देख रही थी.. पर हवस की वजह से मैं नहीं रुका और भाभी को चोदे जा रहा था।

थोड़ी ही देर में भाभी ने अपना पानी छोड़ दिया.. पर मेरा अभी बाकी था।
भाभी मुझे कस कर पकड़ रखे थीं.. शायद अब उन्हें दर्द हो रहा था.. पर मैं कहाँ रुकने वाला था।

भाभी के झड़ने के दो मिनट बाद मैं भी झड़ गया और भाभी के ऊपर लेट गया, लगभग 15 मिनट तक मैं यूँ ही पड़ा रहा।
थोड़ी देर में भाभी ने मुझे उठने को कहा और कहा- तुम्हारी बहन जाग जाएगी।
मैंने भाभी को बताया- वो जाग चुकी है.. और हमें देख रही थी।

यह सुन कर भाभी डर गईं कि कहीं वो भैया को ना बता दे.. पर मैं जानता था कि मेरी बहन मेरे भैया से ज़्यादा मुझसे प्यार करती है.. वो कभी ऐसा नहीं करेगी।

जब भाभी उठने की कहने लगीं.. तब मैंने अपना लंड निकाला तो देखा कि लण्ड खून से लथपथ था और मुझे दर्द भी होने लगा था।
भाभी ने कहा- एक दो दिन में ठीक हो जाएगा..
मैं कपड़े पहन कर सो गया।
भाभी भी बहन के बिस्तर में चली गईं.. वो सोने का नाटक कर रही थी।

Sex Stories – फ़ोन से दोस्ती आवर लंड से चूत चुदाई

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम विकी है, आज आपको मैं अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ।

बात दो साल पहले की है.. जब मैं अपने दोस्त की दुकान पर गया तो मेरा दोस्त अन्दर फोन पर बात कर रहा था.. मेरे को बैठा कर वो फिर फोन पर बात करने लगा।

जब वो बात करके वापस मेरे पास आया तो मैंने पूछा- किसके साथ लगा था तू?

मेरे दोस्त ने बताया- एक लड़की है लखनऊ की.. उससे मज़े ले रहा था। तेरे को भी अगर मज़े लेना है.. तो फोन नम्बर ले ले.. बहुत सेक्सी बातें करती है।
पहले तो मैंने बोला- यार कौन फोन में पैसे बर्बाद करे।
मेरे दोस्त ने बोला- जैसी तेरी मरजी।

फिर भी उसने मेरे को नंबर दे दिया और मैंने मोबाइल में स्टोर कर लिया।
उस लड़की का नाम अंजलि था।

उस रात को अकेले बैठा था.. तो मेरे दिमाग में बस उस लड़की के नंबर की बात याद कर मैंने उस नंबर में मिस कॉल किया।

कुछ देर बाद उस नंबर से मेरे को फोन आया।
मैंने फोन पर ‘हैलो’ बोला.. दूसरी तरफ से एक लड़की की आवाज़ आई और बोली- आपके नंबर से मेरे को मिस कॉल आई है.. आप कौन बोल रहे हैं?

मैंने बोला- ग़लती से फोन लग गया था।
उसने फोन कट कर दिया।

फिर मैंने नाइट में एक मैसेज किया- आपकी आवाज़ बहुत स्वीट है।
उसका रिप्लाइ आया- थैंक्यू।

इस तरह उससे बातों का सिलसिला शुरू हो गया। अब हम दोनों फोन पर खूब बातें करने लगे।
एक दिन मैंने पूछा- तुम्हारा कोई ब्वॉयफ्रेंड है?

तो कुछ देर तक वो चुप रही.. फिर बोली- अगर मैं आपको सच बोलूँगी.. तो आप मेरे से बात करना बंद नहीं करोगे.. प्रॉमिस करो.. तब मैं सब कुछ बताऊँगी।
मैंने बोला- डरो नहीं मैं तुम्हारा सच्चा दोस्त हूँ।

उसने बोला- हाँ मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड है.. पर अब उसकी शादी हो रही है।
इतना बोल कर वो रोने लगी।

मैंने उसको चुप कराया और बोला- रो क्यों रही हो.. क्या मैं तुम्हारा नहीं हूँ।

फिर वो मुझको ‘आई लव यू’ बोली और मेरे को फोन में एक किस किया।

मैंने बोला- मेरे रहते हुए तुम कभी भी रोना नहीं.. और एक बात बोलो कि क्या तुम अभी भी उस लड़के से प्यार करती हो?

तो उसने बोला- हाँ.. पर वो लड़का अब मुझसे बात नहीं करता है और बहुत उल्टा बोलता है।

मैंने अंजलि से पूछा- क्या तुम दोनों के बीच सेक्स भी हुआ था?
तो वो चुप हो गई।

मैंने फिर बोला- मेरे को बताओ और डरो नहीं.. मैं तुमको छोड़ कर नहीं जाऊँगा।
वो बोली- हाँ उसने मेरे साथ सेक्स किया है।

अंजलि की बातों को सुन कर मेरा लण्ड टाइट हो गया था.. और मेरे दिल में बस उसको चोदने का प्लान बनने लगा।
उस दिन से उससे सेक्स की बातें भी शुरू कर दीं।

एक दिन मैंने उसको बोला- तुमसे बात करके मेरा लण्ड टाइट हो गया है।
तो वो बोली- तुम हिला कर गिरा लो।

यह बात सुन कर मैं जान गया कि ये बहुत बड़ी रंडी है और इसको भी लण्ड की ज़रूरत है।
फिर हम दोनों डेली सेक्स की बातें करते और उससे बात करते-करते मैं लण्ड हिलाता और वो चूत में उंगली करके और मेरे को उंगली करते हुए आवाज़ सुनाती और फिर मैं अपना माल गिराता और वो भी मज़े लेती।

इस तरह पूरा एक महीना गुजर गया था, अब मैं उसको चोदना चाहता था।
वो दूसरे शहर में थी और मैं दूसरे शहर में था, कोई जगह भी नहीं थी कि हम मिल सकें।

एक दिन मैंने उससे बोला- मैं तुम्हारे शहर आ रहा हूँ… कल तुम बस स्टैंड में आ जाना।
पहले तो उसने मना किया- नहीं आ सकती.. मेरे घर वाले बहुत ही सख्त हैं.. किसी को पता चल गया.. तो दिक्कत हो जाएगी।

मैंने गुस्से से बोला- तुमको मेरे से मिलना ही नहीं।
उसने मुझको बोला- सही वक्त आने दो.. मैं तुमको खुद मिलने के लिए बोलूँगी।

इस तरह कुछ दिन और बीत गए और फिर फाइनली वो दिन आ ही गया, वो मुझसे मिलने के लिए बोली।
मैंने बस पकड़ी और लखनऊ पहुँच गया।

मैंने उसको कॉल किया और पूछा- अंजलि कहा हो.. मैं स्टैंड के पास हूँ?
वो बोली- वहीं रहो.. बस 5 मिनट में पहुँच रही हूँ।
और फोन कट कर दिया।

आज तक ना तो उसने मेरे को देखा था और ना मैंने उसको.. सो मैं उसके बारे में सोच रहा था कि वो देखने में कैसे होगी।
तभी अंजलि का फोन आया- कहाँ हो.. क्या पहना है?

तो मैंने बोला- मैं स्टैंड के पास हूँ और टी-शर्ट पहनी हुई है। तुमने क्या पहना है?
तो उसने बोला- काले रंग का सूट पहना है।

मैंने देखा एक लड़की जिसका फेस ढका हुआ था.. मैं उसके पास जा कर बोला- अंजलि?
वो बोली- हाँ..
मैं बोला- मैंने तुमको दूर से देख लिया था।

वो बोली- यहाँ से जल्दी चलो.. यहाँ बहुत से लोग मुझको जानते हैं।
मैंने पूछा- कहाँ चलें?
तो उसने बोला- कहीं भी चलते हैं.. मगर यहाँ से चलो।

मैं लखनऊ बहुत आता-जाता रहता हूँ और 3 साल रहा भी हूँ.. तो मैं सब कुछ जानता था।

मैंने बोला- चलो होटल चलते हैं.. रूम ले लेते हैं और फिर आराम से बात करते हैं.. उधर कोई प्राब्लम भी नहीं होगी।
इस पर पहले तो वो मानी नहीं.. मगर मेरे कहने पर वो कुछ देर में मान गई।

मैं उसे एक होटल में ले गया और उसके साथ कमरे में गया।
जैसे कि मैं पहले से ही उसको चोदने का प्लान करके आया था, होटल के कमरे में जा कर मैंने दरवाजा बंद किया और फिर अंजलि को मैंने बाँहों में लेकर कहा- अंजलि मैं तुमसे मिलने के लिए बहुत बेचैन था।

दोस्तो.. अंजलि सवा पांच फुट की थी और बहुत गोरी तो नहीं थी.. और ना बहुत सुंदर थी.. फिर भी चोदने लायक तो थी।

उसको बाँहों में लेने के बाद मैंने उसके होंठों पर किस कर दिया।

वो अपने पुराने ब्वॉयफ्रेंड से पहले भी करवा चुकी थी.. तो मेरे साथ किस करने में उसको कोई प्राब्लम नहीं थी, वो मेरा पूरा साथ दे रही थी।

इस तरह हम एक-दूसरे को कुछ देर तक किस करते रहे, फिर मैंने उसको उठा कर बिस्तर पर पटक दिया, उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर चुम्बन करने लगा।

मेरे हाथ धीरे से उसके चूची पर चले गए और मैं उसको धीरे से दबाने लगा।
अब उसकी साँसें तेज़ होने लगीं.. और फिर अंजलि ने मेरे कान में बोला- अब रहा नहीं जाता विकी.. मुझको प्यार करो।

मैंने उसके सूट को खोलने लगा.. वो मेरे सामने रेड रंग की ब्रा और पैन्टी में थी। उसको नंगी देख कर मेरा लण्ड नब्बे डिग्री पर खड़ा हो गया था।